प्रवासी भारतीय विभाग प्रवासी भारतीय विभाग

पीबीडी कन्वेंशन 2017

विदेशों में भारतीय समुदाय के साथ तादात्‍मय बनाने और भारत के विकास में उनके योगदान को मान्‍यता प्रदान करने के प्रयोजन से 2003 से प्रत्‍येक वर्ष 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस आयोजित किया जाता है। प्रवासी भारतीय दिवस 9 जनवरी को इसलिए मनाया जाता है क्‍योंकि इसी दिन महात्‍मा गांधी, महानतम प्रवासी, दक्षिण अफ्रीका से भारत वापस आए, उन्‍होंने भारत के स्‍वाधीनता संग्राम का नेतृत्व किया और भारतीयों के जीवन को सदैव के लिए बदल दिया।

वर्ष 2015 में, प्रवासी भारतीय दिवस के प्रारूप को अधिक सारभूत बनाने और विदेशी भारतीय समुदाय के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने के लिए संशोधन किया गया। अत: वर्ष 2016 से प्रवासी भारतीय दिवस अधिवेशन प्रत्‍येक दूसरे वर्ष आयोजित किया जा रहा है। ये अधिवेशन विदेशी भारतीय समुदाय को भारत सरकार और राज्‍य सरकारों के साथ सीधे जुड़ने; विदेशी भारतीय समुदाय के लिए सरकार की प्राथमिकताओं, कार्यक्रमों और नीतियों के बारे में अधिक जानने और सरकार के साथ अपनी समस्‍याओं पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करते हैं। ये अधिवेशन विश्‍व के विभिन्‍न हिस्‍सों में रह रहे विदेशी भारतीय समुदाय के बीच नेटवर्किंग सुकर करते हैं।

प्रवासी भारतीय दिवस अधिवेशन की विशेषता प्रधानमंत्री का अध्‍यक्षीय संबोधन है। प्रवासी भारतीय दिवस अधिवेशन में राज्‍य सरकारें भी अपने संबंधित राज्‍यों के बारे में बताने और अपने राज्‍यों के विदेशी भारतीयों से जुडने के लिए मुख्‍यमंत्री अथवा वरिष्‍ठ स्‍तर के मंत्री भाग लेते है। प्रवासी भारतीय दिवस सम्‍मेलनों के दौरान, विदेशी भारतीयों को भारत और उनके निवास के देश, दोनों में योगदान और उपलब्धियों को रेखांकित करने के लिए महामहिम राष्‍ट्रपति प्रतिष्ठित प्रवासी भारतीय सम्‍मान पुरस्‍कार प्रदान करते हैं। मंत्रालय ने 14वें प्रवासी भारतीय दिवस अधिवेशन का आयोजन बंगलूरू में 7 से 9 जनवरी, 2017 कर्नाटक सरकार की साझेदारी में किया।

14 वें प्रवासी भारतीय दिवस अधिवेशन में 72 देशों के 7200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया जो अभी तक की सर्वाधिक संख्‍या थी। कतार, संयुक्‍त अरब अमीरात, ओमान, अमेरिका और मलेशिया से बड़ी संख्‍या में प्रवासी भारतीयों ने ‘’भारतीय प्रवासियों के साथ संबंधों को पुन: परिभाषित करने’’ विषय पर भाग लिया। 14वें प्रवासी भारतीय दिवस अधिवेशन में 10 संवादमूलक पूर्ण सत्र हुए जिनमें 2016 में आयोजित 10 प्रवासी भारतीय सम्‍मेलनों की सिफारिशें प्रस्‍तुत की गई। प्रतिनिधियों ने सिफारिशों पर अपनी टिप्‍पणियां और प्रतिक्रियाएं दीं और प्रवासी भारतीय दिवस सत्रों के संशोधित और संवादमूलक सत्रों का स्‍वागत किया।

14वें प्रवासी भारतीय दिवस के मुख्‍य अतिथि पुर्तगाल के प्रधानमंत्री डॉ. एंटोनियों कोस्‍टा थे जिनका अतीत गोवा से जुड़ा है। उन्‍हें प्रवासी भारतीय सम्‍मान पुरस्‍कार भी प्रदान किया गया। युवा प्रवासी भारतीय दिवस में विशेष अतिथि सुरीनाम के उप-राष्‍ट्रपति माइकल अश्विन आदीन थे जो पूरे विश्‍व में सबसे युवा भारतीय-मूल के नेताओं में से एक हैं।

युवा मामले मंत्रालय की साझेदारी में आयोजित युवा प्रवासी भारतीय दिवस में श्री विजय गोयल, युवा मामले और खेल राज्‍यमंत्री, सूरीनाम के उप-राष्‍ट्रपति और अन्‍य गणमान्‍य व्‍यक्तियों ने युवा प्रतिनिधियों को संबोधित किया। युवा प्रवसी भारतीय दिवस में भारत जानों कार्यक्रम में भाग लेने वाले 160 युवा प्रवासियों सहित समूचे भारत और बंगलूरू श्रेत्र से 400 से अधिक छात्रों ने भाग लिया।

प्रवासी भारतीय दिवस में 130 प्रदर्शकों की पांच विषयों पर एक प्रदर्शनी आयोजित की गई: सरकार के प्रमुख कार्यक्रम; राज्‍यों में अवसर; प्रवासी भारतीयों के लिए कार्यक्रम; भारतीय हस्‍तशिल्‍प और सांस्‍कृतिक बाजार और कार्पोरेट क्षेत्र। मंत्रालय ने प्रवासी भारतीय दिवस में भारत में सामाज को प्रभावित करने वाले 20 नवोन्‍मेषकों के चयन के लिए एक प्रतियोगिता का आयोजन किया। चयनित 20 नवोन्‍मेषकों ने प्रवासी भारतीय दिवस प्रदर्शन में अपने उत्‍पादों और प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और 20 सर्वोच्‍च सामाजिक नवोन्‍मेषकों के बारे में कॉफी टेबल पुस्तिका जारी की।

प्रवासी भारतीय दिवस में कर्नाटक सहित17 राज्‍यों ने भाग लिया। मुख्‍यमंत्री सत्र में पांच मुख्‍यमंत्रियों (असम, छतीसगढ़,पुदुच्‍चेरी, कर्नाटक और माहराष्‍ट्र) ने प्रतिनिधियों को संबोधित किया और व्‍यापार तथा निवेशक के लिए अनुकूल स्‍थल के रूप में अपने संबंधित राज्‍यों के बारे में बताया।

14 वें प्रवासी भारतीय दिवस की विशेषता 8 जनवरी को प्रधानमंत्री का उद्घाटन सत्र था। प्रधानमंत्री ने विदेशी भारतीय समुदाय के कल्‍याण भारतीय दूतावासों की अग्रसक्रिया अवधारणा; पर किए गए कार्यों और प्रवासी भारतीयों के लिए सरकार की स्‍कीमों और पहलों को उजागर करना था।

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि सरकार मारिशस से शुरूआत करके मारिशस के गिरमिटियों के वंशजों को ओसीआई कार्ड के पात्र बनाने के लिए नई प्रक्रियाएं और प्रलेखीकरण आवश्‍यकताएं निर्धारित करेगी। उन्‍होंने ‘वज्र’ नामक नई स्‍कीम की घोषणा की जोकि आगंतुक सहायक संयुक्‍त अनुसंधान संकाय है जो अप्रवासी भारतीयों और प्रवासी वैज्ञानिक समुदाय को भारत में अनुसंधान और विकास में भाग लेने और सहयोग करने में सुकर करती हैं।

राष्‍ट्रपति ने 9 जनवरी को भारतीय सामुदायिक संगठनों सहित ऐसे 30 प्रवासी नागरिकों को सम्‍मानित किया जिन्‍हें भारत और विदेशों में विभिन्‍न क्षेत्रों में अपने योगदान के लिए मान्‍यता प्राप्‍त हुई है। भारतीय मिशनों और राजनायिकों ने भारतीय समुदाय के सदस्‍यों के साथ 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस आयोजित किया।