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ने पी टो, म्यांमार में 12वीं आसियान- भारत विदेश मंत्रियों की बैठक में विदेश मंत्री द्वारा भाषण (अगस्त 9, 2014)

अगस्त 09, 2014

महामहिम,

  1. मैंने आसियान भारत सहयोग के भविष्य की दिशा में इंगित आप सभी की प्राथमिकताओं को ध्यानपूर्वक सुना है। हमारे पास सात क्षेत्रों में मंत्रिस्तरीय बैठकों सहित 26 संवाद तंत्र के रूप में कार्रवाई करने के लिए साधन हैं।
  2. मैं सुझाव देना चाहूंगी कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग पर हमारी बातचीत 2014 में सोम के स्तर तक और 2015 तक मंत्री स्तर तक ऊपर उठना चाहिए। हो ची मिन्ह शहर में ट्रैकिंग और डेटा रिसेप्शन स्टेशन और डेटा प्रोसेसिंग सुविधा पर परियोजना तथा इंडोनेशिया में बी आई ए के II के उन्नयन को ध्‍यान में रखते हुए, हमें अपने अंतरिक्ष एजेंसियों से अंतरिक्ष सहयोग पर एक वार्षिक सोम और मंत्रिस्तरीय बैठक आरंभ करने के लिए भी कहना चाहिए। जे डब्ल्यू जी स्तर पर एस एम ई बातचीत को सोम के स्तर तक आगे बढ़ना चाहिए ताकि यह एक अधिक महत्वाकांक्षी गति और एजेंडे को अपना सके। हमें अपनी क्षेत्रीय बैठकों में वार्षिक नियमितता लाने के लिए विशेष प्रयास करने की जरूरत है, विशेष रूप से 2012 में शुरू हुई अक्षय ऊर्जा और पर्यावरण बैठकों में।
  3. महामहिम, हम नवंबर 2014 में हमारे शिखर सम्मेलन से पहले आसियान में हमारे नए मिशन को खोलने की उम्मीद कर रहे हैं और हम आसियान सचिवालय में एक अधिकारी को नियुक्‍त करने की संभावना तलाश रहे हैं।
  4. मेरी समझ से, संपर्क और व्यापार तथा निवेश हमारे आर्थिक स्‍थान में एक सहज एकीकरण ला सकता है और हमारे मानव और संसाधन क्षमता को इष्‍टतम करने के लिए हमें सक्षम कर सकता है। मुझे उम्‍मीद है कि हमारे आर्थिक और व्यापार मंत्री सेवा और निवेश में एफ टी ए पर हस्ताक्षर करने में सक्षम होंगे ज‍ब वे इस महीने बाद में मिलेंगे और एक समर्पित आसियान भारत व्यापार और निवेश केंद्र की स्थापना के लिए तौर तरीकों पर भी सहमत होंगे।
  5. हमने सुझाव दिया है कि भारत, म्यांमार और थाईलैंड को जितनी जल्‍दी संभव हो सके एक पारगमन परिवहन समझौते पर बातचीत शुरू करनी चाहिए ताकि 2016 में त्रिपक्षीय राजमार्ग पूरा होने तक इसका निष्कर्ष निकल सके।
  6. ए सी सी सी- भारत की बैठक और इसके द्वारा सुझाए गए कार्य समूहों को ए आई एस ओ एम को यह सूचित करना चाहिए कि कैसे आसियान और भारत सड़क, रेल और समुद्र के उनके संपर्क गलियारों साथ एस ई जेड या आर्थिक नोड्स की पहचान कर सकते हैं और प्रतिभागी व्‍यवसायी के रूप में उद्योग को लाने के लिए एक बहुविध दृष्टिकोण अपना सकते हैं। इसके लिए समुद्री संपर्क पर कार्य बल और आई एम टी पारगमन परिवहन करार कार्य बल महत्वपूर्ण होंगे।
  7. हमारे नागरिक उड्डयन विशेषज्ञों को भारत में टियर II और टियर III शहरों को आसियान में पर्यटन और व्यापार स्थलों तक जोड़ने के लिए अप्रयुक्त 18 क्षेत्रों को पूरा करने के लिए तरीके खोजने चाहिए। यह व्यावहारिक होगा और नवीन वित्तीय समाधान के लिए हमारी खोज में सहायता करेगा। हमें सड़कों/ रेल/ शिपिंग लाइनों के बुनियादी ढांचे के बीच सहजीवी संबंध, जिसे सृजित करने के लिए आसियान भारत से सहायता चाहती है, और इस प्रकार के ''संपर्क'' की वहनीयता के लिए नियमित रूप से आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। मैं आपके सुझावों की उम्‍मीद कर रही हूँ कि कैसे हम, सरकारों के रूप में, इस प्रक्रिया में तेजी ला सकते हैं।
  8. डी जी और पी आर के स्‍तर पर आसियान, ए आई जे सी सी और स्‍थायी सचिवों के स्‍तर पर ए आई एस ओ एम में हमारे मिशन द्वारा बनाया गया ए आई डब्‍ल्‍यू जी इनकी निगरानी में मदद कर सकता है और आसियान भारत सहयोग निधि, आसियान भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकास निधि तथा हरित निधि के उपयोग की भी निगरानी कर सकता है।
  9. मैं आप सभी महामहिमों से अनुरोध करती हूँ कि दिल्ली वार्ता VII हेतु मार्च 11-12, 2015 के लिए अपनी तारीखों को निश्चित कर लें। इस बार, मुझे उम्‍मीद है कि आप डी डी VII के उद्घाटन सत्र में एक पैनल चर्चा में मेरे साथ रहेंगे। हमने दिल्‍ली वार्ता VII में साझेदार के रूप में आई एस आई एस, मलेशिया (सामरिक और अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन संस्थान) और आसियान भारत केंद्र को निमंत्रित किया है, जबकि सी आई आई, एसोचैम, भारतीय वाणिज्य परिसंघ, कोलकाता, अखिल भारतीय उद्योग संघ, मुंबई और ई सी आर आई ई आर सहयोगी के रूप में भाग लेंगे। साझेदारों और सहयोगियों में से प्रत्येक डी डी VII के दौरान विशिष्ट कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे।
  10. मैं विदेश मंत्री फाम बिन्ह मिन्ह के साथ मेरे विचार विमर्श को जारी रखने और उनके साथ 25 अगस्त, 2014 को विचार मंच के आसियान भारत नेटवर्क के तीसरे गोलमेज सम्मेलन का उद्घाटन करने के लिए वियतनाम की यात्रा करुंगी।
  11. 2016-2021 के लिए अगली कार्य योजना पर विचार करते हुए, हम युवाओं को प्रभावित करने वाले शिक्षा और व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों और हमारे देशों में बुजुर्गों को प्रभावित करने वाले स्वास्थ्य सेवा, औषधि और चिकित्सा प्रशिक्षण पर अधिक फोकस देखना चाहते हैं।
  12. महामहिम, 2015 के लिए आसियान राजनीतिक सुरक्षा रूपरेखा के समर्थन में भारत को एक बड़ी भूमिका निभाते हुए देखने की आसियान इच्छा की पूर्ति में, हमने वर्तमान में ई ए एस से संबंधित कार्यशालाओं में चर्चा के अंतर्गत सुरक्षा रूपरेखा के लिए संतुलन और संचालक प्रदान करने का प्रयास किया है। हमने इन चर्चाओं के लिए एक दस्‍तावेज का योगदान दिया है और हम पूर्व एशिया में अंतर- राष्‍ट्रीय संबंधों के लिए संभव सिद्धांतों का पता लगाने के लिए तैयार होंगे।
  13. एस ओ एम टी सी+भारत बैठक के द्वारा तैयार की जा रही कार्य योजना अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद, अंतर्राष्ट्रीय अपराध के खिलाफ ठोस कार्रवाई, नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने और साइबर सुरक्षा को सुनिश्चित करने की अनुमति देगा। आसियान- भारत केंद्र अगले वर्ष की शुरुआत में साइबर सुरक्षा के मुद्दों पर विचार विमर्श के लिए एक कार्यशाला का आयोजन करेगा।
  14. 2016 में आसियान के लाओ पी डी आर की अध्यक्षता के दौरान भारत ने लाओ पी डी आर के प्रस्ताव पर विश्वास निर्माण उपाय और निवारक कूटनीति पर ए आर एफ अंतर- सत्रात्‍मक सहायता समूह, ए आर एफ रक्षा अधिकारियों की वार्ता और ए आर एफ सुरक्षा नीति सम्मेलन बैठकों की सह- अध्यक्षता करने की सहमति दे दी है।
  15. हम आसियान के साथ हमारे लोगों से लोगों के बीच कार्यक्रमों को और मजबूत बनाना चाहते हैं। मैं और तीन वर्षों के लिए मीडिया विनिमय कार्यक्रम के विस्तार का सुझाव देती हूँ। नई दिल्ली में विदेश सेवा संस्थान में आसियान राजनयिकों और आसियान सचिवालय के अधिकारियों के लिए पाठ्यक्रम जारी रहेंगे। मुझे लगता है कि हमारे कृषि मंत्री किसानों के विनिमय कार्यक्रम के विस्तार पर चर्चा करेंगे जब वे इस वर्ष अक्टूबर में मिलेंगे। हम 250 आसियान छात्रों के लिए कार्यक्रमों में नया आयाम जोड़ रहे हैं जब वे सितंबर और दिसंबर 2014 में भारत का दौरा करेंगे। मैंने अपने मिशनों को इन छात्रों के साथ- साथ भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम (आई टी ई सी) और मेकांग गंगा सहयोग के अंतर्गत छात्रवृत्ति का लाभ उठाने वाले उन छात्रों के लिए भी भूतपूर्व छात्र संघों की स्थापना करने के लिए कहा है। हम नालंदा विश्वविद्यालय, जो इस वर्ष शुरू हो जाएगा, में ऐतिहासिक अध्ययन और पारिस्थितिकी तथा पर्यावरण अध्ययन के विद्यालय में दाखिला लेने वाले छात्रों के पहले समूह का हिस्सा बनने के लिए सी एल एम वी देशों के छात्रों को आसियान भारत सहयोग निधि से छात्रवृत्ति दिए जाने के लिए भी आसियान से सहमति का अनुरोध करेंगे।
  16. हम भारत में छह एम्स से नर्सिंग पर बी एस सी ऑनर्स की डिग्री की मान्यता पर सी एल एम वी देशों से सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त करने की उम्‍मीद कर रहे हैं, ताकि हम सी एल एम वी छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करना शुरू कर सकें।
  17. हम कंबोडिया से दूसरे ई डी सी, सी ई एल टी और ताकेओ में एक व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र (वी टी सी) के लिए भी एक प्रस्ताव की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हम सवन्नाखेत में एक स्थान में एक सी ई एल टी और वी टी सी स्थापित करने के लिए लाओ पी डी आर से भी एक प्रस्ताव की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वियतनाम में, हम डा नांग में मौजूदा सी ई एल टी में एक अंग्रेजी भाषा शिक्षक नियुक्त कर रहे हैं और न्हा ट्रांग में नौसेना अकादमी में एक नए सी ई एल टी की स्थापना के लिए एक प्रस्ताव की प्रतीक्षा है। सी एल एम वी देशों में सीडैक द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी केन्‍द्रों की स्‍थापना की जानी है और भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग इस पर कार्य कर रहा है। अप्रैल 2014 में म्यांमार की सरकार को यांगून और ने पी टो में भाषा प्रयोगशाला और सम्मेलन सुविधाओं को सौंपने से हमें बहुत संतोष हुआ। हम आसियान से उनके संबंधित देशों में मौजूद सी ई एल टी में सी एल एम वी से कानून प्रवर्तन अधिकारियों के लिए एक गहन अंग्रेजी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने के लिए एक प्रस्ताव की जांच कर रहे हैं। हमें सी एल एम वी देशों में पूंजी बाजार में काम कर रहे 32 पेशेवरों के लिए राष्ट्रीय प्रतिभूति बाजार संस्थान (एन आई एस एम), मुंबई में एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए हमारे वित्त मंत्रालय के प्रस्ताव के लिए ए एस ई सी के माध्यम से सहमति की प्रतीक्षा है।
  18. हम अपने aseanindia.com वेबसाइट को फिर सक्रिय कर रहे हैं, जिसे वर्तमान में एक समुदाय के रूप में आसियान और भारत के लोगों के बीच संवाद को मजबूत करने के लिए फिर से निर्मित किया जा रहा है। यह हमारे नागरिकों को एक वेबसाइट और सात सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म के आपस में जुड़े तंत्र के माध्यम से आसियान भारत रणनीतिक साझेदारी की उपलब्धियों और प्रासंगिकता पर चर्चा करने की अनुमति देगा। हमारे संबंधित अधिकारियों को इस सार्वजनिक बातचीत में गतिशीलता का उपयोग करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
  19. हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि 17 जुलाई को एम एच 17 की दुर्घटना की त्रासदी की कभी भी पुनरावृत्ति न हो। यह आवश्यक है कि नागरिक उड्डयन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और संघर्ष की स्थितियों में पक्षों को तत्काल हिंसा छोड़ना चाहिए और राजनयिक समाधान के लिए कार्य करना चाहिए। हम इस घटना के सभी पहलुओं को शामिल करने के लिए एक व्यापक आधार वाली अंतरराष्ट्रीय जांच जल्दी शुरू करने का समर्थन करते हैं।
  20. हमें दक्षिण चीन सागर में पक्षों के आचरण पर 2002 घोषणा के दिशानिर्देश के कार्यान्वयन और आम सहमति के आधार पर आचार संहिता को अपनाने के संबंध में प्रगति देखने की उम्मीद है। हम बल प्रयोग या बल प्रयोग की धमकी के लिए हमारे विरोध पर अडिग हैं। हम समुद्री कानून पर 1982 संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन सहित अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों के अनुसार नेविगेशन की स्वतंत्रता और संसाधनों तक पहुंच का समर्थन करते हैं।
  21. 2015 में संयुक्त राष्ट्र की 70वीं वर्षगांठ शिखर सम्मेलन को ध्‍यान में रखते हुए, मैं इस बात के लिए भी आग्रह करुंगी कि संयुक्त राष्ट्र में शीघ्र सुधार और समकालीन भू- राजनीतिक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करने के लिए आग्र‍ह करने हेतु आसियान और भारत को ई ए एस में एक होना चाहिए।
  22. महामहिम, आसियान और भारत के संबंध अब अहम बिन्‍दु पर पहुँच गए हैं। हम एक साथ मिलकर रुकावट को हटा सकते हैं।
  23. हमारे संबंध के भविष्य की स्थिरता के लिए, यह महत्वपूर्ण है कि आसियान एकीकृत हो और 2015 तक एक आसियान समुदाय की ओर कार्य करे, आसियान- भारत का एकीकरण गति जारी रखे। यह विशेष रूप से पर्यटन और व्यापार के लिए लोगों से लोगों के बीच संपर्क के लिए आवश्यक है। हमें पेशेवरों और उनके परिवारों के लिए लंबी अवधि (5-10 वर्ष) के एकाधिक प्रवेश व्‍यवसाय वीजा और रहने के परमिट प्रदान करने सहित व्यावसायिक प्रयोजनों के लिए वीजा सुविधा को और बढ़ाने की जरूरत है। इसे भविष्‍य में कार्यसूची में तत्काल प्राथमिकता दिए जाने की आवश्‍यकता है।
  24. महामहिम, हमारा ऐतिहासिक और वर्तमान सहयोग का असर इस क्षेत्र और विश्व स्तर के लिए भी भविष्य के दृष्टिकोण पर होगा क्‍योंकि हम चुनौतियों के एक विस्तारशील चित्रफलक को बदलने जा रहे हैं। आसियान और भारत मिलकर खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और सुस्थिर विकास पर वैश्विक समाधान की शक्ति ला सकते हैं।
  25. आसियान और भारत रणनीतिक साझेदारी की खासियत हमारे लोगों के भविष्य के विकास के लिए हमारा समान दृष्टिकोण है। हम आसियान के लिए एक महत्‍वपूर्ण वर्ष के रूप में 2015 में पहुंच रहे हैं और 2017 आसियान भारत रणनीतिक भागीदारी की 25वीं वर्षगांठ होगी। इस संदर्भ में, भारत हमारे समान दृष्टिकोण को हमारे क्षेत्र में और भी अधिक मजबूती से आगे ले जाने हेतु आप सभी के साथ कार्य करने के लिए तत्‍पर है।
धन्यवाद।

 

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