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लिथुआनिया यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति का प्रेस वक्तव्य (17 अगस्त, 2019)

अगस्त 17, 2019

बाल्टिक देशों की अपनी पहली यात्रा के दौरान इस खूबसूरत देश में आकर मैंअति प्रसन्न हूँ।

मेरा और मेरे प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का गर्मजोशी से स्वागत करने तथा मेहमाननवाजी के लिए मैं राष्ट्रपति गितानस नौसेदा तथा लिथुआनिया की जनता का शुक्रिया अदा करता हूँ।

हमारा संबंध आपसी विश्वास, पारस्परिक समझ और मौलिक हितों से जुड़े मुद्दों पर एक-दूसरे के सहयोग पर आधारित है।भारत और लिथुआनिया के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत जुड़ाव हैं।लिथुआनियाई सबसे पुरानी इंडो-यूरोपीय भाषा है और संस्कृत के साथ इसके मजबूत संबंध हैं।

राष्ट्रपति गितानस नौसेदा के लिथुआनिया के राष्ट्रपति चुने जाने पर मैं भारत के राष्ट्रपति तथा वहां की जनता की ओर से शुभकामनाएं एवं बधाई लेकर आया हूँ।मुझे पूर्ण विश्वास है कि आने वाले वर्षों में उनके नेतृत्व में हमारे संबंध और विकसित तथा प्रगाढ़ बनेंगे।

साझा हितों के क्षेत्रीय मुद्दों के साथ-साथ वैश्विक मुद्दों एवं हमारे द्विपक्षीय संबंधों के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर आज शाम राष्ट्रपति नौसेदा के साथ मैंने गहन विचार-विमर्श किया।

अपने लोगों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भारत और लिथुआनिया आर्थिक सुधार के पथ पर हैं।हम अन्य कई क्षेत्रों के अलावा कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, सूचना प्रौद्योगिकी तथा वित्तीय प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए सहमत हुए।विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था होने के नाते, भारत लिथुआनियाई तथा भारतीय उद्यमियों के लिए विविध क्षेत्रों में फायदे की साझीदारी का अवसर प्रदान करता है।

हम लिथुआनिया को अपनी आज़ादी पुनः प्राप्त करने के बाद तीस वर्षों की अवधि में इसकी कई उपलब्धियों के लिए बधाई देते हैं।

हमारी आज की चर्चा में, हमने संयुक्त राष्ट्र एवं अन्य बहुपक्षीय मंचों पर हमारे मौजूदा सहयोग तथा अन्य बहुपक्षीय मुद्दों पर भी अपनी राय व्यक्त की। हम इस बात पर सहमत हुए कि आज की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करने तथा वर्तमान वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में सुधार किये जाने की जरूरत है।

आतंकवाद उन प्रमुख चुनौतियों में से एक है जिनका सामना दुनिया आज कर रही है। सभी राष्ट्रों को अपने सामूहिक प्रयासों को और तीव्र बनाने तथा आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए संघर्ष करना होगा, साथ ही उन देशों को अलग-थलग करना होगा जो आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं और उनकी सहायता करते हैं।

हमने दोनों देशों के बीच बढ़ते सांस्कृतिक एवं अकादमिक संबंधों पर संतोष व्यक्त किया।गतिशीलता में आसानी के लिए भारत ने लिथुआनिया के लोगों के लिए ई-वीसा सुविधा का विस्तार किया है।

मैं प्रधानमन्त्री सौलिउस स्क्वेर्नेलिस तथा सिमस के अध्यक्ष विक्तोरस प्रन्क्किएतिस से मिलूंगा।मैं भारत-लिथुआनिया व्यापार मंच को भी संबोधित करूंगा जहाँ दोनों देशों के व्यापारिक प्रतिनिधियों को मिलने का अवसर मिलेगा।

हमारे प्रवास के दौरान जो गर्मजोशी और स्नेह हमें मिला है उसके लिए मैं माननीय राष्ट्रपति एवं उनकी टीम तथा लिथुआनिया की जनता का आभारी हूँ।

मुझे पूर्ण विश्वास है कि लिथुआनिया की मेरी यात्रा दोनों देशों के बीच सहयोग को और बढ़ाएगी तथा समझ कोप्रगाढ़ करेगी।

धन्यवाद।
नमस्कार।

जय हिन्द।
विलिनस
17 अगस्त, 2019

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