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प्रधानमंत्री का बहरीन में भारतीय समुदाय को संबोधन (अगस्त 24, 2019)

अगस्त 25, 2019

नमस्कार !

आपने जिस तरह से मेरा स्वागत किया मुझे तो एक बार लगा कि मैं भारत के ही किसी भाग में हूं।
इतना उत्साह, इतना प्यार पाकर मैं गदगद हूं, उत्साहित हूं।

मैं His Highness King हमाद बिन ईसा अल खलीफा का,
His Highness प्रधान मंत्री जी का,
बहरीन की सरकार का,
यहां के लोगों का भी इतना आदर-सत्कार देने के लिए बहुत आभार व्यक्त करता हूं।


मुझे अहसास है कि भारत के प्रधानमंत्रियों को बहरीन पहुंचने में थोड़ा ज्यादा समय लगा है। लेकिन बहरीन में आने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होने का सौभाग्य भी मुझे मिला है, इसका मुझे संतोष है, आनंद है।

साथियों,

यहां मंच पर आते-आते मैं देख रहा था कि, भारत की Cultural Heritage की शानदार प्रस्तुति की जा रही थी। मलयालम हो, तमिल हो, तेलुगु हो, कन्नड़ हो, पंजाबी हो, भारत की हर भाषा, हर सुर की गूंज थी।

भारतीयता के यही रंग हमारी शक्ति है। भारत की यही इंद्रधनुषी छवि पूरी दुनिया को चकित करती है, आकर्षित करती है।

साथियों,


बहरीन की मेरी ये यात्रा भले ही सरकार के मुखिया के नाते, प्रधानमंत्री के तौर पर है, लेकिन मेरा मकसद यहां बसे भारतीयों से मिलना और बहरीन के लाखों दोस्तों से संवाद करने का भी है।

मेरा प्रयास 5 हज़ार साल पुराने रिश्तों को 21वीं सदी की ताजगी और आधुनिकता देने का है। वो रिश्ते जो सुमेर के, दिलमुन के सिंधु घाटी से थे, वो 21वीं सदी के भारत और बहरीन के बीच नई ऊंचाइयों पर पहुंचें, इस काम के लिए मैं यहां आया हूं।

मैं बहरीन के लाखों साथियों को 130 करोड़ सपनों के New India में नई Opportunity, नए हराइज़न की तरफ आमंत्रित करने आया हूं।

भाइयों और बहनों,

बहरीन से हमारे संबंध व्यापार और कारोबार के तो रहे ही हैं, इससे भी बढ़कर मानवीयता के रहे हैं, संवेदनाओं के रहे हैं, संस्कृति के रहे हैं, मूल्यों के रहे हैं।

हज़ारों वर्षों से एक दूसरे के यहां जो हमारा आना-जाना है, उसने अपनी छाप दोनों देशों में छोड़ी है। His Highness प्रधान मंत्री जी से मेरी बहुत उपयोगी बातचीत हुई है।

हमारे बीच मज़बूत सहयोग को और मज़बूत बनाने के अलावा हमने अपने रिश्तों को नए areas जैसे स्पेस में भी बढाने का फैसला किया है।

His Majesty The King से मुलाकात के लिए मैं उत्सुक हूँ। उन्होंने मुझे निमंत्रण भेजा, इसके लिए मैं उनका बहुत शुक्रगुजार हूँ।

दोनों देशों के समाज ने लंबे समय से एक दूसरे से बहुत कुछ पाया है। विशेषतौर पर हमारी Family Values को दोनों देशों के समाज ने बहुत प्राथमिकता दी है। एक मजबूत और सशक्त Family System को हमने समाज के सशक्तिकरण का आधार माना है।

Friends,

आज जन्माष्टमी का पवित्र पर्व है। मुझे बताया गया है कि गल्फ क्षेत्र में जन्माष्टमी पर कृष्ण कथा सुनाने की परम्परा आज भी है। भारतियों का, खासकर गुजरात और गुजरातियों का कृष्ण भगवान् के प्रति विशेष प्रेम है, विशेष श्रद्धा है।

क्यों, है ना? गुजरात से बहरीन का पुराना संपर्क है। तो यह स्वाभाविक है कि यहाँ भी कृष्ण भगवान की मुरली आपके ह्रदय में गूंजती हो। यहाँ भी द्वारकाधीश के प्रति श्रद्धाभाव हो। कल मैं श्रीनाथ जी के मंदिर जा कर आप सबकी, और आपके मेज़बान देश की समृद्धि और शान्ति के लिए प्रार्थना करूंगा। यह इस क्षेत्र में सबसे पुराना मंदिर है। हाल ही में इसके दो सौ साल हुए हैं।

मुझे जानकारी है कि किस प्रकार श्रद्धा और उल्लास के साथ आपने और भारत से आये भक्तों ने यह अवसर मनाया। यह भी ख़ुशी की बात है कि कल इस मंदिर के पुनर्विकास का काम भी औपचारिक रूप से शुरू किया जाएगा। यह मंदिर आपके अन्दर बसी आस्था का जीवंत निशान है। और साथ ही बहरीन की विविधता और सामंजस्य की परंपरा का भी प्रतीक है। वहां अनेक लोगों से मेरी बातचीत हुई है।

जो मैंने देखा, जो मैंने सुना, उसके आधार पर मैं कह सकता हूं कि बहरीन के समाज ने भारतीय आस्था, परंपरा को बहुत सहेज कर रखा है।

साथियों,

ये इसलिए संभव हुआ है क्योंकि हमारा रिश्ता सिर्फ सरकारों का नहीं, समाज का रहा है। बहरीन की Growth Story में आपका बड़ा रोल है। यहां की मिट्टी ने आपके सपनों को, आपके अपनों के सपनों को उड़ान दी है। जब भी मैं यहां की सरकार के भारतीय साथियों, यहां के बिजनेस से जुड़े साथियों से, यहां पर बसे, यहां काम करने वाले साथियों की प्रशंसा सुनता हूं तो हृदय प्रसन्नता से भर जाता है। भारतीयों की ईमानदारी, निष्ठा, कर्मशीलता और यहां के सामाजिक आर्थिक जीवन में आपके योगदान को लेकर यहां अपार सद्भावना है। आपने अपनी मेहनत से यहां अपने लिए जगह बनाई है। इस Goodwill को हमें और मजबूत करना है।

साथियों,

भारत के विकास में भी आपका योगदान प्रशंसनीय है। आपकी मेहनत भारत में रह रहे आपके अपनों के भी काम आ रही है, अपने परिवार के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में काम आ रही है।

भाइयों और बहनों,

भारत में आज Ease of Living हमारी प्राथमिकता है। New India में किसी को अपनी बेसिक ज़रूरतों के लिए भटकना ना पड़े इसके लिए काम किए जा रहे हैं। आज जब आप भारत में रह रहे अपने परिजनों, अपने रिश्तेदारों से बात करते हैं, तो आप परिवर्तन महसूस करते हैं। आपको Change Feel हो रहा है ? भारत के तेवर और क्लेवर बदलते दिख रहे हैं? भारत और भारतीयों का Self-confidence बढ़ रहा है?

ये सबकुछ इसलिए हो पा रहा है क्योंकि बीते 5 वर्षों में सामान्य मानवी के जीवन को आसान बनाने पर बल दिया गया। देश के करोड़ों गरीब परिवारों के लिए घर बनाए गए। घरों में टॉयलेट, बिजली, गैस कनेक्शन, ऐसी हर मूल सुविधा पहुंचाई गई।

आज भारत का लगभग हर परिवार बैंकिंग सेवा से जुड़ा हुआ है। मोबाइल फोन, इंटरनेट भारत के सामान्य से सामान्य परिवार की पहुंच में है। दुनिया में सबसे सस्ता इंटरनेट डेटा भारत में है। आज भारत में अधिकतर Services की Delivery Digitally हो, इसके प्रयास आगे बढ़ाए जा रहे है। सामान्य से सामान्य परिवार को भी Social Security की सुविधा दी जा रही है। Insurance हो या Pension, बहुत ही मामूली Premium पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इतना ही नहीं करीब 50 करोड़ भारतीयों को 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की व्यवस्था भी की गई है।

साथियों,

यही वो बदलाव हैं, जिसके कारण 130 करोड़ भारतीयों ने पहले से भी बड़े जनादेश से सरकार को चुना है।

हर भारतीय को ये विश्वास हुआ है कि भारत के सपने पूरे हो सकते हैं, आशाएं और आकांक्षाएं पूरी हो सकती हैं। भारत की इसी आस, इसी विश्वास के बल पर आपका ये सेवक नए संकल्पों को सिद्ध करने में जुटा है। हमारे लक्ष्य ऊंचे हैं, लेकिन जब आपके पास 130 करोड़ लोगों की भुजाएं हों तो हौसला मिल जाता है। भारत आज आगे बढ़ रहा है तो सिर्फ सरकार की कोशिशों से नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भागीदारी से आगे बढ़ रहा है।

सरकार सिर्फ Steering (स्टीयरिंग) पर बैठी है, Accelerator (एक्सेलेरेटर) देश की जनता दबा रही है।

साथियों,

अब भारत ने ये तय किया है कि आने वाले 5 वर्षों में हम अपनी Economy के Size को दोगुना करने का प्रयास करेंगे। फाइव ट्रिलियन डॉलर आज एक टारगेट के रूप में हमारे सामने है। हमारे लिए 5 Trillion Dollar Economy महज़ आंकड़ा नहीं है, बल्कि सामान्य भारतीय को सशक्त करने का माध्यम है। अर्थव्यवस्था दोगुनी होगी तो हर भारतीय परिवार की आय भी बढ़ेगी। सामान्य से सामान्य भारतीय की Purchasing Power भी बढ़ेगी।

भाइयों और बहनों,

5 Trillion Dollar के इस पड़ाव तक पहुंचने के लिए हमारे पास Potential भी है और Plan भी है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हमने अभी काम शुरु नहीं किया है, बल्कि बीते 5 वर्षों में एक मजबूत नींव बनाई है। हर ग्लोबल रैंकिंग में आज भारत व्यापक सुधार कर रहा है। World Intellectual Property Organization की Global Innovation Index की रैंकिंग, World Economic Forum की Global Competitivnes (कोंम्पेटेटिवनेस) Index , अंकटाड द्वारा list किए गए 10 FDI destinations में भी हमने सुधार किया है।

Ease Of Doing Business में भी हमारा लक्ष्य Top 50 देशों में आने का है। इसी का परिणाम है कि आज रिकॉर्ड स्तर पर भारत में FDI आ रहा है। मुझे विश्वास है कि बहरीन के हमारे दोस्त भी भारत में निवेश के इस अभूतपूर्व माहौल का लाभ उठाने के लिए और अधिक उत्सुक होंगे।

साथियों,

आज भारत में Physical और Digital Infrastructure के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम हो रहा है। Roadways, Highways, Railways, Airways, Waterways और i-ways का जाल बिछाया जा रहा है।

आने वाले 5 वर्षों में देश के इंफ्रास्ट्र्क्चर सेक्टर में 100 लाख करोड़ रुपए के निवेश का टारगेट रखा गया है। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो, आज Mobile Phone और Aadhar की व्यवस्था से भारत दुनिया के सबसे अधिक Digitally Connected देशों में से एक है। अब देश की हर ग्राम पंचायत में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी देने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। देश में 5G कनेक्टिविटी के लिए भी अलग-अलग स्तर पर काम किया जा रहा है। हमारे पास डेटा का एक बहुत बड़ा और व्यापक खज़ाना है। Digital Transaction के भारतीय मॉडल की चर्चा अब पूरी दुनिया में हो रही है।

आप सभी भी भारत में आई Digital Revolution के बहुत बड़े लाभार्थी रहे हैं। आप सभी ने अनुभव किया होगा कि 5 वर्ष पहले तक अपने परिजनों, अपने रिश्तेदारों से बातचीत करना और वहां पैसे भेजने में कितनी मुश्किल होती थी। अब बहुत ही आसानी से आप ये सबकुछ कर पाते हैं।

BHIM app, UPI और जनधन खाते जैसी सुविधाओं ने भारत में बैंकिंग को सामान्य मानवी के लिए सुलभ कर दिया है। हमारा Rupay-कार्ड अब पूरी दुनिया में Transaction का एक पसंदीदा माध्यम बन रहा है। अब हमारे Rupay कार्ड को दुनिया भर के बैंक और Sellers स्वीकार कर रहे हैं। मुझे खुशी है कि बहरीन में भी शीघ्र ही RuPay कार्ड से आप लेनदेन कर पाएंगे। आज यहां पर RuPay कार्ड के इस्तेमल के लिए MoU sign किया गया है। इससे आप को cashless transactions की सुविधा तो मिलेगी ही. आगे, हमारा इरादा है कि RuPay कार्ड के ज़रिये आपको भारत में अपने घर पैसे भेजने की सुविधा मिले। जिससे पैसे भेजने का खर्चा कम हो, और transactions भरोसेमंद भी हों। अब आप बहरीन के अपने दोस्तों को भी कह सकेंगे कि - Pay with RuPay.

मित्रों,

कुछ समय पहले तक यहाँ रुपये का चलन था, यहाँ रुपया चलता था। अब थोड़े दिनों बाद यहाँ RuPay कार्ड चलेगा।

भाइयों और बहनों,

RuPay कार्ड भारत की उन व्यवस्थाओं में से एक है जो पूरे देश को Seamless (सीमलेस) Connectivity दे रहे हैं।

आज Seamless (सीमलेस) Mobility के लिए भारत One Nation, One Card की तरफ बढ़ रहा है। आज पूरे भारत में Power Supply के लिए One Nation, One Grid है। पूरे भारत के लिए GST के रूप में One Nation, One Tax है।

ऐसी तमाम व्यवस्थाएं हैं, जो भारत में जीवन और कारोबार को आसान बनाने के लिए बनाई जा रही हैं। अहम बात ये है कि ये तमाम Solutions भारत में ही बन रहे हैं, भारत के युवा ही बना रहे हैं। आज भारत Local Solution For Global Application के Concept पर गंभीरता से काम कर रहा है।

साथियों,

भारत ने दुनिया के सामने अपने सामर्थ्य को दिखाया है। आज भारत का टैलेंट भारत की वैश्विक पहचान बना रहा है। भारत के लिए भी और दुनिया के लिए भी ऐसे चमत्कार कर रहा है, जिसको लेकर हर कोई अचंभित है। विश्व के बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स में, भविष्य से जुड़ी तकनीक के शोध में, बड़े-बड़े संस्थानों में भारतीय प्रतिभा अपने जौहर दिखा रही है। वहीं भारत में भी एक के बाद एक सफलता के नए आयाम तय किए जा रहे हैं। आप सभी को पता है कि 7 सितंबर को भारत का चंद्रयान चंद्रमा की सतह पर उतरने वाला है। भारत के Space Missions की पूरी दुनिया आज चर्चा कर रही है।

ISRO की, हमारे वैज्ञानिकों, हमारे इंजीनियर्स की क्षमताओं की पूरी दुनिया में प्रशंसा हो रही है। दुनिया हैरान है कि आखिर इतने सीमित बजट में, सिर्फ और सिर्फ अपनी Skill, Efficiency और Discipline के दम पर ऐसे परिणाम हम कैसे हासिल कर पा रहे हैं ? असल में यही हमारी ताकत है और यही हमारा Advantage है। हम बड़े काम, बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए सिर्फ बजट पर नहीं बल्कि बेजोड़ इच्छा शक्ति पर भरोसा करते हैं।

भाइयों और बहनों,

राष्ट्र सरहदों से नहीं, गर्व से ऊंचे उठे सरों से बनता है। पिछले पांच साल में हमारी कोशिश रही है कि देश के 130 करोड़ भारतीयों के साथ ही विदेश में रहने वाले करोड़ों भारतीयों का सिर हमेशा ऊंचा रहे। आप जैसे लाखों भारतीय पूरे विश्व के साथ भारत के रिश्तों की मज़बूत कड़ी हैं। आज अगर भारत को दुनिया सम्मान की नज़र से देखती है तो उसके पीछे का एक बड़ा कारण आप जैसे लाखों साथी हैं। मैं आपको आश्वस्त करता हूँ कि भारत सरकार जिस तरह आपके अच्छे-बुरे वक्त में आपके साथ खड़ी रही है, आगे भी पूरी मज़बूती के साथ आपकी सेवा के लिए तैयार मिलेगी।

साथियों,

साल 2022 में हमारा आज़ाद भारत 75 वर्ष का हो जाएगा। इस अहम पड़ाव के लिए हर भारतीय ने अनेक संकल्प लिए हैं। मेरा आपसे भी आग्रह रहेगा कि आप भी अपने स्तर पर कुछ नए संकल्प लेकर चलें। जैसे आप तय करें कि हर व्यक्ति, हर वर्ष अपने कुछ बहरीनी दोस्तों को India Tour के लिए Motivate करेंगे। भारत के खूबसूरत हिल स्टेशन्स से लेकर समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के दर्शन कराएंगे। भारत के क्वालिटी Medical और Meditation Tourism के बारे में भी अपने बहरीनी साथियों से ज़रूर चर्चा करें। ये साल तो वैसे भी बहुत अहम है। इस वर्ष महात्मा गांधी की 150वीं जन्म जयंती देश मनाने वाला है। यूं तो ये उत्सव बहरीन सहित पूरी दुनिया में मनाए जाएंगे लेकिन गांधी जी से सही मायने में जुड़ने के लिए भारत से बेहतर जगह और क्या होगी?

साथियों

भारत के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को हम तभी ठीक से निभा पाएंगे जब बहरीन के संकल्पों के साथ पूरे तन-मन से हम जुड़ेंगे। मुझे बताया गया कि His Highness ने और यहां के युवाओं, नागरिकों ने अपने समुद्रों को साफ करने की मुहिम छेड़ी है। मैं आप सभी से अपील करता हूं कि इस मुहिम में आप बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें। भारत में भी हमने स्वच्छता को लेकर एक सफल और व्यापक अभियान छेड़ा है। अब भारत ने तय किया है साल 2022 तक भारत को single Use of Plastic से मुक्ति दिलाएंगे। इतना ही नहीं पानी को बचाने और हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए भी एक बहुत बड़ा मिशन शुरू किया गया है। आप भी इस अभियान में सक्रियता से हिस्सा ले सकते हैं। अपने पुश्तैनी गांव के कुओं, बावड़ियों, तालाबों, झीलों, जिनके साथ आपके बचपन, आपके माता-पिता के बचपन, की यादें जुड़ी हैं, उनको Revive करने का बीड़ा आप उठा सकते हैं, उन्हें गोद ले सकते हैं।

साथियों,

बहरीन और भारत के साझा हितों और साझा मूल्यों के लिए कब हम काम करेंगे तो 21वीं सदी में हमारे ऐतिहासिक रिश्ते ज़रूर नई बुलंदी को छुएंगे। भारत और बहरीन दोनों संभावनाओं से भरीं प्राचीन सभ्यताएं लेकिन आधुनिक राष्ट्र हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि भारत के आप जैसे लाखों दूत रिश्तों की, संभावनाओं की इस मज़बूत डोर को और ताकत देंगे। एक बार फिर यहां आने के लिए, मुझे बातचीत का अवसर देने के लिए आपका बहुत-बहुत आभार।

जय हिंद।

मनामा
अगस्त 24, 2019
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