प्रलेख

भारत, मालदीव एवं श्रीलंका के बीच समुद्री सुरक्षा पर त्रिपक्षीय सहयोग के संबंध में द्वितीय एन एस ए स्‍तरीय बैठक का परिणाम दस्‍तावेज

जुलाई 09, 2013

  1. भारत, मालदीव एवं श्रीलंका के बीच समुद्री सुरक्षा पर त्रिपक्षीय सहयोग के संबंध में द्वितीय एन एस ए स्‍तरीय बैठक (इसके बाद यहां आगे त्रिपक्षीय बैठक के रूप में कहा गया है) कोलंबो में 8 जुलाई, 2013 को हुई। प्रधान मंत्री, भारत गणराज्‍य के राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार महामहिम श्री शिवशंकर मेनन द्वारा भारतीय पक्ष का नेतृत्‍व किया गया, मालदीव गणराज्‍य के रक्षा एवं राष्‍ट्रीय सुरक्षा मंत्री महामहिम श्री मोहम्‍मद नाजिम द्वारा मालदीव पक्ष का नेतृत्‍व किया गया और श्रीलंका लोकतांत्रिक समाजवादी गणराज्‍य के रक्षा एवं शहरी विकास मंत्रीय में सचिव श्री गोटवाया राजपक्षा द्वारा श्रीलंका पक्ष का नेतृत्‍व किया गया (यहां इसके बाद आगे तीन पक्ष कहा गया है)।
  2. 1 अक्‍टूबर, 2011 को माले में पहली एन एस ए स्‍तरीय त्रिपक्षीय बैठक के बाद तीनों पक्षों के बीच वरिष्‍ठ अधिकारी एवं तकनीकी स्‍तर पर चार बैठकों का आयोजन किया गया। यह तैयारी कार्य द्वितीय एन एस ए स्‍तरीय त्रिपक्षीय बैठक के परिणामों को तैयार करने में बहुत उपयोगी रहा है।
  3. द्वितीय एन एस ए स्‍तरीय त्रिपक्षीय बैठक के दौरान तीनों पक्षों ने व्‍यापक श्रेणी के मुद्दों पर विचारों का आदान – प्रदान किया जिसमें लंबी दूरी की पहचान एवं ट्रैकिंग (एल आर आई टी) सेवाओं के प्रावधान, भारत द्वारा एम डी ए प्रशिक्षण तथा सौदागर पोत सूचना प्रणाली (एम एस आई एस) साफ्टवेयर, स्‍वचालित पहचान प्रणाली (ए आई एस) डाटा की साझेदारी के माध्‍यम से समुद्री क्षेत्र जागरूकता (एम डी ए) में सहयोग में वृद्धि करना; एस ए आर प्रशिक्षण समेत समुद्री तलाशी एवं बचाव (एस ए आर) के समन्‍वय का सुदृढ़ीकरण; मरीन तेल प्रदूषण प्रत्‍युत्‍तर सहयोग का संवर्धन; टेबल टाप अभ्‍यास के आयोजन के माध्‍यम से द्विपक्षीय दोस्‍ती अभ्‍यासों का विस्‍तार; संपर्क के विद्यमान बिंदुओं के माध्‍यम से अवैध समुद्री गतिविधियों पर सूचना की साझेदारी में और वृद्धि; और जल दस्‍युता से संबंधित नीति एवं कानूनी मुद्दों पर एक त्रिपक्षीय उप समूह का निर्माण शामिल है। इन सभी क्षेत्रों में भावी सहयोग के लिए रोड मैप की पुष्टि की गई तथा यह नीचे रेखांकित है:

    (i) मालदीव एवं श्रीलंका के स्‍वामित्‍व वाले सौदागर वेजल्‍स की निगरानी करने एवं टोह लेने के लिए श्रीलंका एवं मालदीव द्वारा भारत की लंबी दूरी की पहचान एवं ट्रैकिंग (एल आर आई टी) डाटा केंद्र की सुविधा प्राप्‍त करना। श्रीलंका एवं मालदीव को राजनयिक चैनलों के माध्‍यम से अंतर्राष्‍ट्रीय समुद्री संगठन (आई एम ओ) के विनियमों के अनुसार अपेक्षित ब्‍यौरा उपलब्‍ध कराना होगा;

    (ii) वैध पोत परिवहन पर अवर्गीकृत सूचना के आदान – प्रदान के लिए सौदागर पोत सूचना प्रणाली (एम एस आई एस) का उपयोग;

    (iii) एम एस आई एस प्‍लेटफार्म पर एक त्रिपक्षीय प्रारूप में स्‍वचालित पहचान प्रणाली (ए आई एस) डाटा की हिस्‍सेदारी;

    (iv) भारत में समुद्री क्षेत्र जागरूकता (एम डी ए) प्रशिक्षण प्राप्‍त करना;

    (v) एस ए आर प्रचालन समेत तलाशी एवं बचाव (एस ए आर) के क्षेत्र में समुद्री सहलग्‍नता को सुदृढ़ करना, श्रीलंका एवं मालदीव में समुद्री बचाव समन्‍वय केंद्रों (एम आर सी सी) की स्‍थापना में भारत द्वारा विशेषज्ञता एवं तकनीकी सहायता प्रदान किया जाना, आपदा अलर्ट एवं सुरक्षा संदेश प्राप्‍त करने एवं रिले करने में समन्‍वय और भारत में एस ए आर प्रशिक्षण के संचालन में समन्‍वय;

    (vi) अनन्‍य आर्थिक क्षेत्र (ई ई जेड) निगरानी के लिए तंत्रों को सुदृढ़ करना और मामला दर मामला आधार पर अतिरिक्‍त सहायता एवं परिसंपत्तियां प्रदान करना;

    (vii) संपर्क के अभिचिन्हित बिंदुओं के बीच गैर कानूनी समुद्री गतिविधियों पर संचार की लाइनों का अनुरक्षण करना और नियमित आधार पर संदेशों को आदान – प्रदान करना;

    (viii) भारत में आई एम ओ लेवल 1 और लेवल 2 के संचालन के माध्‍यम से समुद्री प्रदूषण प्रत्‍युत्‍तर सहयोग को सुदृढ़ करना, प्रदूषण प्रत्‍युत्‍तर, क्षमता निर्माण के लिए आनुषंगिक योजनाएं तैयार करना और प्रेक्षक के रूप में भारत के राष्‍ट्रीय प्रदूषण प्रत्‍युत्‍तर अभ्‍यास (नैटपोलरेक्‍स) में भाग लेना;

    (ix) टेबल टाप अभ्‍यासों तथा हर दूसरे वर्ष समुद्री मुद्दों पर सेमिनारों के आयोजन के माध्‍यम से द्विवार्षिक त्रिपक्षीय अभ्‍यास ‘दोस्‍ती’ का सुदृढ़ीकरण;

    (x) अभिनिर्धारित राष्‍ट्रीय सुनामी चेतावनी केंद्रों के अलावा संपर्क के सहमत बिंदुओं को एक ही समय में सुनामी की चेतावनी जारी करना;

    (xi) जल दस्‍युता से संबंधित कानूनी एवं नीतिगत मुद्दों पर एक त्रिपक्षीय उप समूह का गठन करना।

  4. तीनों पक्षों के बीच इस बात पर सहमति हुई कि हिंद महासागर क्षेत्र (आई ओ आर) में वर्तमान समुद्री सुरक्षा परिवेश में भारत, मालदीव और श्रीलंका के बीच समुद्री सहयोग के स्‍तर को ऊपर उठाना महत्‍वपूर्ण है। इस संदर्भ में हिंद महासागर के अन्‍य पार्श्विक देशों को शामिल करने के लिए त्रिपक्षीय पहल के कार्य क्षेत्र को विस्‍तृत करने की संभावना का पता लगाने पर भी सहमति हुई।
  5. तीनों पक्षों के बीच इस बात पर सहमति हुई कि सहयोग के सहमत क्षेत्रों में कार्यान्‍वयन की प्रगति की समीक्षा करने तथा सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करने के लिए भी 2014 में परस्‍पर सुविधाजनक तिथि को तृतीय एन एस ए स्‍तरीय त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की जाएगी। उनके बीच इस बात पर भी सहमति हुई कि द्वितीय एन एस ए स्‍तरीय त्रिपक्षीय बैठक में तीनों पक्षों द्वारा सहमति‍ से लिए गए निर्णयों को लागू करने के लिए तीसरी एन एस ए स्‍तरीय त्रिपक्षीय बैठक से पूर्व कार्य समूह की बैठक होगी।
तीन मूल प्रतियों में 8 जुलाई, 2013 को कोलंबो में किया गया।

शिवशंकर मेनन                             मोहम्‍मद नाजिम                    गोटाबाया राजपक्षा
भारत गणराज्‍य के प्रधान                मालदीव गणराज्‍य के रक्षा        आर डब्‍ल्‍यू पी आर एस पी सचिव,
 मंत्री के राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार      एवं राष्‍ट्रीय सुरक्षा मंत्री            रक्षा एवं शहरी विकास मंत्रालय,
                                                                                             श्रीलंका लोकतांत्रिक समाजवादी गणराज्‍य
 
 

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