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द्विपक्षीय दस्‍तावेजों की सूची जिन पर 14वीं भारत - रूस वार्षिक शिखर बैठक (21 अक्‍टूबर, 2013) के दौरान हस्‍ताक्षर किया गया

अक्तूबर 21, 2013

क्रम संख्‍या दस्‍तावेज का नाम विवरण / कार्यक्षेत्र भारत की ओर से हस्‍ताक्षरकर्ता रूस की ओर से हस्‍ताक्षरकर्ता
1. सजायाफ्ता व्‍यक्तियों के स्‍थानांतरण पर भारत गणराज्‍य एवं रूसी परिसंघ के बीच संधि यह संधि राष्‍ट्रीयता के अपने देश में (कतिपय शर्तों के अधीन) सजायाफ्ता व्‍यक्तियों को अपनी सजा की शेष अवधि काटने का अवसर प्रदान करके दूसरे देश में सजायाफ्ता व्‍यक्तियों के सामाजिक पुनर्वास की प्रक्रिया में सुविधा प्रदान करेगी। उम्‍मीद है कि इससे दोनों देशों के बीच कांसुलर सहयोग में तेजी आएगी। श्रीमती सुजाता सिंह, विदेश सचिव श्री अलेक्‍जेंडर कोनोवालोव, न्‍याय मंत्री
2. ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में भारत गणराज्‍य के ऊर्जा दक्षता ब्‍यूरों तथा रूसी परिसंघ के फेडरल स्‍टेट बजट संगठन "रूसी ऊर्जा एजेंसी” के बीच समझौता ज्ञापन यह एम ओ यू ऊर्जा बचत एवं ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में सहयोग में वृद्धि करेगा, जिसमें दोनों देशों के संगठनों / कंपनियों द्वारा गतिविधियों एवं परियोजनाओं का संयुक्‍त कार्यान्‍वयन शामिल है। सहयोग के परिकल्पित रूपों में स्‍मार्ट ग्रिड, ऊर्जा लेखा परीक्षा, ऊर्जा दक्षता, भवन डिजाइन, औद्योगिक दृष्टि से दक्ष प्रौद्योगिकी आदि में सर्वोत्‍तम प्रथाओं का आदान प्रदान शामिल है श्री अजय मल्‍होत्रा, रूसी परिसंघ में भारत के राजदूत श्री किरिल वी गडजात्‍सेव, उप महानिदेशक रूसी ऊर्जा एजेंसी
3. भारत गणराज्‍य के भारतीय मानक ब्‍यूरो (बी आई एस) तथा रूसी परिसंघ की संघीय तकनीकी विनियम एवं मौसम विज्ञान एजेंसी (जी ओ एस टी - आर) के बीच मानकीकरण एवं पुष्टि मूल्‍यांकन के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन इस एम ओ यू का उद्देश्‍य सूचनाओं, प्रथाओं तथा विशेषज्ञों के आदान - प्रदान के माध्‍यम से मानकीकरण के क्षेत्र में घनिष्‍ठ तकनीकी सहयोग में सुविधा प्रदान करना है। उम्‍मीद है कि इसका व्‍यापार एवं वाणिज्‍य के लिए लाभप्रद प्रभाव होगा, जहां लेन-देन के लिए मानक/ पुष्टि मूल्‍यांकन अभिन्‍न आभार होते हैं। श्री अजय मल्‍होत्रा, रूसी परिसंघ में भारत के राजदूत श्री ग्रेगरी अल्‍किन, प्रमुख, संघीय तकनीकी विनियम एवं मौसम विज्ञान एजेंसी (जी ओ एस टी - आर)
4. भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा रूसी परिसंघ की सरकार के शिक्षा एवं विज्ञान मंत्रालय के बीच 2014 से 2017 की अवधि के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग कार्यक्रम इस कार्यक्रम का उद्देश्‍य संयुक्‍त कार्यक्रमों एवं परियोजनाओं के कार्यान्‍वयन / शैक्षिक, आर एंड डी तथा औद्योगिक संस्‍थाओं से युक्‍त आदान - प्रदान के माध्‍यम से नवाचार तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग को गहन करना है। सहयोग के विस्‍तृत क्षेत्रों में उदीयमान क्षेत्र जैसे कि आई टी, नैनो प्रौद्योगिकी, पर्यावरणीय विज्ञान तथा वै‍कल्पिक ऊर्जा शामिल हैं। यह कार्यक्रम दोनों देशों की वैज्ञानिक संस्‍थाओं के बीच विद्यमान मजबूत आदान - प्रदान को भी सुदृढ़ करेगा। श्रीमती सुजाता सिंह, विदेश सचिव श्री दिमित्री लिवानोव, शिक्षा एवं विज्ञान मंत्री
5. भारत गणराज्‍य की सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग तथा रूसी परिसंघ की सरकार के शिक्षा और विज्ञान मंत्रालय के बीच 2014 से 2017 की अवधि के लिए जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग कार्यक्रम इस कार्यक्रम का उद्देश्‍य जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को विस्‍तृत करना तथा औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास तथा संबद्ध निवेश प्रवाह को प्रोत्‍साहित करना है। इसे संयुक्‍त कार्यक्रमों एवं परियोजनाओं के कार्यान्‍वयन / आदान - प्रदान आदि के माध्‍यम से प्राप्‍त करने का इरादा है। श्री अजय मल्‍होत्रा, रूसी परिसंघ में भारत के राजदूत श्री दिमित्री लिवानोव, शिक्षा एवं विज्ञान मंत्री

मास्‍को
अक्‍टूबर 21, 2013


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