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पहली भारत-ऑस्ट्रेलिया 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता पर संयुक्त वक्तव्य (11 सितंबर 2021)

सितम्बर 11, 2021

1. भारत के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री एवं महिला मंत्री, सीनेटर माननीय मारिस पायने और रक्षा मंत्री एवं सांसद माननीय पीटर डटन का पहली भारत-ऑस्ट्रेलिया 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता में भाग के लिए नई दिल्ली आने पर स्वागत किया।

2. दोनों पक्षों ने जून 2020 में आयोजित नेताओं की वर्चुअल समिट के दौरान भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी (सीएसपी) में बदलने का स्वागत किया और राजनीतिक, आर्थिक, सुरक्षा व रक्षा संबंधित मामलों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।

3. मंत्रियों ने आपसी विश्वास व समझ, समान हितों और लोकतंत्र के साझा मूल्यों तथा कानून के शासन के आधार पर व्यापक रणनीतिक साझेदारी को पूरी तरह से लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने भारत की हिंद-प्रशांत महासागर पहल और ऑस्ट्रेलिया के इंडो-पैसिफिक दृष्टिकोण तथा पैसिफिक स्टेप-अप के ज़रिए इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की बढ़ती भागीदारी के अनुरूप इंडो-पैसिफिक को खुला, मुक्त, समृद्ध एवं नियम-आधारित क्षेत्र बनाने के अपने साझा उद्देश्य पर आगे कार्य करने के महत्व को दोहराया।

4. भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी का पूरी क्षमता में इस्तेमाल करने के लिए, मंत्रियों ने 2+2 ढांचे के तहत सहयोग बढ़ाने और इसकी गति को बनाए रखने हेतु हर दो साल में कम से कम एक बार मुलाकात करने की इच्छा जताई।

कोविड-19 महामारी के दौरान सहयोग

5. मंत्रियों ने दोनों देशों के साथ-साथ अन्य देशों में कोविड-19 महामारी से उत्पन्न चुनौतियों का मुकाबला करने में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते सहयोग और समन्वय का स्वागत किया। उन्होंने कोवैक्स सहित विश्व स्तर पर उच्च गुणवत्ता के, सुरक्षित, प्रभावी व सस्ते कोविड-19 वैक्सीन, इलाज और जरुरी चिकित्सा आपूर्ति हेतु निष्पक्ष, समय पर और समान पहुंच को बढ़ावा देने हेतु आपसी सहयोग को मजबूत करने के अपने संकल्प को दोहराया। भारत की वैक्सीन मैत्री पहल का स्वागत करते हुए, मंत्रियों ने इंडो-पैसिफिक के भागीदार देशों को उच्च गुणवत्ता वाली वैक्सीन उपलब्ध करने के लिए क्वाड फ्रेमवर्क के तहत वैक्सीन निर्माण में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। मंत्रियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि टीकाकरण ही महामारी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।

6. ऑस्ट्रेलिया और भारत के शोधकर्ताओं द्वारा ऑस्ट्रेलिया-भारत सामरिक अनुसंधान कोष के माध्यम से वित्त पोषित परियोजनाओं के ज़रिए कोविड-19 स्क्रीनिंग को बेहतर बनाने और वायरस का बाद में स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर का अध्ययन करने हेतु मिलकर काम करने की मंत्रियों ने सराहना की। मंत्रियों ने आने वाली महामारियों के जोखिम को कम करने हेतु संक्रामक रोग के प्रकोप को रोकने और प्रतिक्रिया के लिए जारी वैश्विक सहयोग को सुदृढ़ करने के महत्व को रेखांकित किया।

7. मंत्रियों ने आपूर्ति श्रृंखला को सरल बनाने के महत्व की पुष्टि की और जरुरी स्वास्थ्य, तकनीकी और अन्य वस्तुओं व सेवाओं के लिए आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और इसमें विविधता लाने के लिए बहुपक्षीय, क्षेत्रीय और बहुपक्षीय तंत्र के ज़रिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की। इस संदर्भ में, उन्होंने भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के व्यापार मंत्रियों द्वारा आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन पहल की शुरुआत का स्वागत किया। महामारी के बाद लचीलापन लाने हेतु मंत्रियों ने भारत और ऑस्ट्रेलिया समेता वैश्विक आर्थिक सुधार के प्रति अपना समर्थन दोहराया। उन्होंने आर्थिक खुलेपन को बढ़ावा देने और नियम आधारित व्यापार प्रणाली को कमजोर करने वाले आर्थिक तरीकों का विरोध करने के महत्व को भी रेखांकित किया।

8. दोनों देशों के मंत्रियों ने महामारी के दौरान दोनों देशों से फंसे भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के प्रत्यावर्तन पर प्रशंसा व्यक्त की और दोनों पक्ष नियमित, और अनुमानित यात्रा व्यवस्था को फिर से शुरू करने के रास्ते तलाशने पर सहमत हुए।

इंडो-पैसिफिक, क्षेत्रीय एवं बहुपक्षीय सहयोग पर साझा दृष्टिकोण

9.बढ़ती समुद्री चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, जून 2020 में अपनाए गए इंडो-पैसिफिक में समुद्री सहयोग के साझा विजन पर संयुक्त घोषणा के अनुसार, दोनों देशों के मंत्रियों ने समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। इससे समुद्री डोमेन में जागरूकता, और समुद्री एजेंसियों के बीच संबंधों में सुधार, समुद्री कचरे और एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक कचरे जैसी चुनौतियों का मुकाबला करने हेतु मौजूदा प्रतिबद्धता को मजबूती, और अवैध, गैर-रिपोर्टेड और अनियमित (आईयूयू) मछली पकड़ने को लक्षित करते हुए दोनों देशों के बीच जुड़ाव गहरा होगा। वे क्षेत्रीय संस्थानों सहित महासागरों व जल संसाधनों को स्वच्छ और इसमें स्थिरता लाने हेतु मिलकर काम करने पर सहमत हुए। ऑस्ट्रेलिया ने भारत की हिंद-प्रशांत महासागर पहल को समर्थन दिया, जिससे इस क्षेत्र के सभी देशों की सुरक्षा और विकास के लिए बेहतर समन्वय और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। मंत्रियों ने नई दिल्ली के पास सूचना संलयन केंद्र - हिंद महासागर क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया के एक संपर्क अधिकारी की नियुक्ति का स्वागत किया।

10. मंत्रियों ने सभी देशों द्वारा समुद्री कानून पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (यूएनसीएलओएस) और विवादों के शांतिपूर्ण हल सहित अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करते हुए नेविगेशन, ओवर-फ्लाइट और शांतिपूर्ण व अबाधित व्यापार की स्वतंत्रता के लिए इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को स्वतंत्र, खुला, समावेशी और नियम-आधारित बनाए रखने पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि दक्षिण चीन सागर में लागू आचार संहिता पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय कानून, विशेष रूप से यूएनसीएलओएस के अनुरूप होनी चाहिए, इसका अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार किसी भी राष्ट्र के वैध अधिकारों और हितों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए और मौजूदा समावेशी क्षेत्रीय अवसंरचना को सुदृढ़ किया जाना चाहिए।

11. दोनों पक्षों ने आसियान को केंद्र में रखते हुए मजबूत, लचीला और समावेशी क्षेत्रीय अवसंरचना का समर्थन करने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों देश आसियान के नेतृत्व वाले अन्य संस्थानों जैसे आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक प्लस, हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी और हिंद महासागर रिम एसोसिएशन के साथ-साथ इस क्षेत्र के दीर्घकालिक उद्देश्यों को पूरा करने हेतु इस क्षेत्र के रणनीतिक मुद्दों पर नेताओं द्वारा चर्चा के प्रमुख मंच के रूप में, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के साथ काम करना जारी रखने पर सहमत हुए। दोनों पक्षों ने बहुपक्षीय और त्रिपक्षीय तंत्र के ज़रिए काम करना जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। मंत्रियों ने यूरोपीय संघ की इंडो-पैसिफिक रणनीति का स्वागत किया।

12. दोनों पक्षों ने ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच चतुर्भुज सहयोग पर अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। क्वाड इंडो-पैसिफिक को स्वतंत्र, खुला, समृद्ध व समावेशी, और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान पर आधारित मानते हुए एक साझा दृष्टिकोण रखता है। मंत्रियों ने मार्च 2021 में पहले क्वाड वर्चुअल लीडर्स समिट और फरवरी 2021 में क्वाड विदेश मंत्रियों की तीसरी वर्चुअल मीटिंग के आयोजन का स्वागत किया। उन्होंने कोविड-19 वैक्सीन, समुद्री सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, मानवीय सहायता व आपदा राहत, कनेक्टिविटी व अवसंरचना, आतंकवाद का मुकाबला, और महत्वपूर्ण एवं उभरती हुई तकनीकों पर सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से अपनाये गए सकारात्मक एजेंडे की सराहना की। मंत्रियों ने क्वाड फ्रेमवर्क के तहत नियमित परामर्श जारी रखने की इच्छा जताई।

13. मंत्रियों ने जलवायु परिवर्तन पर वैश्विक प्रतिक्रिया का समर्थन करने, जैव विविधता की रक्षा करने और पर्यावरणीय न्यूनता को रोकने हेतु जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा सुरक्षा पर सहयोग बढ़ाने पर प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने सीओपी26 को सफल बनाने की दिशा में काम करने के लिए पेरिस समझौते के पूर्ण कार्यान्वयन की प्रतिबद्धता दोहराई और जैविक विविधता पर कन्वेंशन हेतु सीओपी15 में लक्षित और महत्वाकांक्षी 2020 से पहले ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क तक पहुंचने के अपने दृढ़ संकल्प की पुनः पुष्टि की। मंत्रियों ने भारत के नेतृत्व वाले अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) और आपदा प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया द्वारा आईएसए को एयूडी 1 मिलियन और सीडीआरआई को एयूडी 10 मिलियन के समर्थन के ज़रिए प्रशांत क्षेत्र में जुड़ाव को गहरा करने पर तत्परता जताई। उन्होंने न्यूनतम उत्सर्जन प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान और निवेश में सहयोग के रास्ते तलाशने पर भी चर्चा की, जो आर्थिक विकास एवं स्वच्छ ऊर्जा भविष्य को सुनिश्चित करते हुए वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

14. मंत्रियों ने म्‍यांमार के घटनाक्रम और क्षेत्रीय स्थिरता पर इसके प्रभाव पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने हिंसा को रोकने, लोकतंत्र की बहाली, सभी राजनीतिक बंदियों को रिहा करने और उनसे बातचीत करने की अपनी बात दोहराई। उन्होंने म्यांमार पर आसियान पीठ के विशेष दूत की नियुक्ति का स्वागत किया और आसियान की प्रक्रिया के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। दोनों पक्षों ने आपदा प्रबंधन पर आसियान मानवीय सहायता समन्वय केंद्र (एएचए केंद्र) के ज़रिए कोविड-19 महामारी से निपटने हेतु म्यांमार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया।

15. ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 2021-2022 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की अस्थायी सदस्य बनने पर बधाई दी और समुद्री सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और शांति व आतंकवाद का मुकाबला करने पर केंद्रित भारत की प्रेसीडेंसी पहल का स्वागत किया। ऑस्ट्रेलिया ने यूएनएससी की स्थायी सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने हेतु सुधार करने पर अपने समर्थन की पुष्टि की।

16. दोनों देशों के मंत्रियों ने अफगानिस्तान की स्थिति पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। मंत्रियों ने तालिबान से विदेशी नागरिकों और देश छोड़ने के इच्छुक अफगानों की सुरक्षित वापसी की गारंटी देने का आह्वान किया। उन्होंने यूएनएससीआर 2593 के अनुसार, अफगानिस्तान में सत्ता और अधिकार के पदों पर बैठे लोगों से आतंकवाद विरोधी प्रतिबद्धताओं और मानवाधिकारों का पालन करने का आह्वान दोहराया। उन्होंने महिलाओं तथा लड़कियों के अधिकारों के उल्लंघन और सेवाओं व सार्वजनिक स्थानों तक पहुंच के साथ-साथ महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ने वाले लोगों के खिलाफ लक्षित हिंसा में आई तेजी पर भी चर्चा की। इस संबंध में, मंत्रियों ने महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और सार्वजनिक जीवन में उनकी पूर्ण भागीदारी का अपना आह्वान दोहराया। मंत्रियों ने सहमति व्यक्त की कि अफगानिस्तान में स्थाई शांति तथा स्थिरता के लिए व्यापक आधार वाली और समावेशी सरकार आवश्यक है। मंत्रियों ने दुनिया भर में और अपने क्षेत्र के मौजूदा आतंकवादी खतरों पर अफगानिस्तान के हालात के प्रति सतर्क रहने पर भी सहमति व्यक्त की।

भारत-ऑस्ट्रेलिया द्विपक्षीय सहयोग का सुदृढ़ीकरण

17. दोनों पक्षों ने जून 2020 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर संयुक्त वक्तव्य के अनुसार, द्विपक्षीय भारत-ऑस्ट्रेलिया सहयोग को और व्यापक व गहन बनाने में हुई प्रगति का स्वागत किया।

18. भारत और ऑस्ट्रेलिया ने रक्षा संबंधों के महत्व को दोहराया, जो व्यापक रणनीतिक साझेदारी का एक प्रमुख स्तंभ है। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग की सराहना की और रक्षा जुड़ाव बढ़ाने की पहल पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने हाल ही में हुए मालाबार अभ्यास के पहले चरण की सफलता का स्वागत किया। मंत्रियों ने मालाबार अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया की निरंतर भागीदारी का स्वागत किया। ऑस्ट्रेलिया ने भारत को अपनी रक्षा सेवाओं के बीच परिचालन अनुकूलता को सशक्त बनाने हेतु आगामी तावीज़ सेबर अभ्यास में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।

19. मंत्रियों ने सतत व्यवस्था अपनाते हुए परिचालन रसद समर्थन पर प्रतिबद्धता दर्शाई। दोनों देश के मंत्री सूचना साझाकरण और व्यावहारिक सहयोग के ज़रिए एक-दूसरे की समुद्री डोमेन जागरूकता को सुदृढ़ करने पर सहमत हुए। मंत्रियों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में मुक्त और खुले महत्वपूर्ण समुद्री गलियारों के विकास के लिए समुद्री क्षेत्र में और अधिक कार्य करने तथा संसाधनों को बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की।

20. मंत्रियों ने सामरिक चुनौतियों और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने समुद्री, अंतरिक्ष व वायुमार्ग को मुक्त व खुला रखने; देशों को आतंकवाद और समुद्री डकैती से सुरक्षित रखने; यह सुनिश्चित करने हेतु कि वैश्विक साइबर स्पेस व्यवधान मुक्त है, और ग्लोबल कॉमन्स तक पहुंच और जिम्मेदार उपयोग पर अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

21. दोनों देश विभिन्न रक्षा प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने और भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और ऑस्ट्रेलिया के रक्षा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी समूह के बीच संवाद जारी रखने पर चर्चा की।

22.दोनों देश मानव रहित वाहनों और अन्य विशिष्ट तकनीको सहित रक्षा उद्योगों के क्षेत्र में सहयोग के क्षेत्रों का पता लगाने पर भी सहमत हुए।

23. साइबर सुरक्षा, नवोन्मेष, डिजिटल अर्थव्यवस्था, साइबर और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों पर सहयोग को भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों का आवश्यक घटक मानते हुए, मंत्रियों ने इन क्षेत्रों में साथ मिलकर काम करने के महत्व को दोहराया, जिन्हें भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच साइबर एवं साइबर-सक्षम महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी सहयोग पर रूपरेखा व्यवस्था के तहत चिन्हित किया गया है। उन्होंने ऐसे साइबर स्पेस के महत्व को रेखांकित किया जो खुला, सुरक्षित, मुक्त, सुलभ व स्थिर हो, अंतर्राष्ट्रीय कानून का पालन करता हो और आर्थिक विकास के अवसरों को बढ़ाता हो। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ाने, आर्थिक विकास को गति देने और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा व स्थिरता को बढ़ावा देने में सुरक्षित, लचीला व विश्वसनीय प्रौद्योगिकी की भूमिका पर बल दिया। उन्होंने 6 जुलाई 2021 को आयोजित चौथी ऑस्ट्रेलिया-भारत साइबर नीति वार्ता और 10 जून 2021 को आयोजित साइबर सुरक्षा सहयोग पर पहली संयुक्त कार्य समूह की बैठक के साथ-साथ दोनों देशों के दूरसंचार हेतु जिम्मेदार सचिवों के बीच हालिया बातचीत का स्वागत किया। मंत्रियों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करना जारी रखने और आगामी बहुपक्षीय बैठकों में साइबर स्पेस व साइबर अपराध से संबंधित बैठकों में आपसी सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ 5 जी सहित दूरसंचार नेटवर्क की सुरक्षा पर चर्चा करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने भारत-ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों की साइबर रूपरेखा वार्ता जल्द से जल्द आयोजित करने की इच्छा जताई।

24. मंत्रियों ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और ऑस्ट्रेलिया की अंतरिक्ष एजेंसी के बीच जारी और प्रस्तावित सहयोग और 17 फरवरी 2021 को नागरिक अंतरिक्ष विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं शिक्षा में अंतरिक्ष सहयोग पर दोनों देशों के बीच 2012 के समझौता ज्ञापन में संशोधन पर हस्ताक्षर का स्वागत किया।

25. मंत्रियों ने महत्वपूर्ण खनिजों पर सहयोग बढ़ाने का स्वागत किया। उन्होंने 10 सितंबर 2021 को महत्वपूर्ण खनिजों पर संयुक्त कार्य समूह की दूसरी बैठक आयोजित करने और अनुसंधान व वैज्ञानिक संगठनों के बीच तकनीकी आदान-प्रदान, भारत और ऑस्ट्रेलिया की मांग एवं आपूर्ति अध्ययन का प्रकाशन, और द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश गोलमेज सम्मेलन समेत कार्यान्वयन योजना के संदर्भ में हुई प्रगति का स्वागत किया।

26. दोनों देशों के मंत्रियों ने 31 मार्च 2021 को निरस्त्रीकरण, परमाणु अप्रसार एवं निर्यात नियंत्रण पर द्विपक्षीय वार्ता के आयोजन पर संतोष व्यक्त किया और द्विपक्षीय असैन्य परमाणु सहयोग को बढ़ाने और वैश्विक परमाणु अप्रसार के उद्देश्यों को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराई। ऑस्ट्रेलिया ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता पर अपना समर्थन व्यक्त किया।

27. दोनों पक्षों ने आतंकवाद का मुकाबला करने की अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए आतंकवाद का मुकाबला करने पर 17 दिसंबर 2020 को आयोजित 12वीं संयुक्त कार्य समूह की बैठक का भी स्वागत किया। उन्होंने जब भी, कहीं भी और किसी के द्वारा भी-आतंकवाद के सभी प्रारूपों और अभिव्यक्तियों में और सीमा पार आतंकवाद के लिए आतंकवादी प्रॉक्सी के उपयोग की कड़ी निंदा की। दोनों देशों के मंत्रियों ने सभी देशों को तत्काल, निरंतर, सत्यापन योग्य तथा अपरिवर्तनीय कार्रवाई करने की जरुरत को रेखांकित किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके नियंत्रण में आने वाले किसी भी क्षेत्र का उपयोग आतंकवादी हमलों के लिए न हो सके और ऐसे हमलों के अपराधियों को जल्द से दंडित किया जा सके। ऑस्ट्रेलिया ने 26/11 मुंबई, पठानकोट और पुलवामा हमलों सहित भारत में होने वाले आतंकवादी हमलों की निंदा की और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के लोगों व सरकार के प्रति अपना समर्थन दोहराया। वे कट्टरवाद और हिंसक उग्रवाद का मुकाबला करने, आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने, आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद के लिए इंटरनेट के इस्तेमाल को रोकने, कानून प्रवर्तन सहयोग को मजबूत करने, सूचना साझाकरण और क्षमता निर्माण सहित आतंकवाद का मुकाबला करने के क्षेत्र में सहयोग जारी रखने पर सहमत हुए। दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र, जी20, जीसीटीएफ, एआरएफ, आईओआरए और एफएटीएफ जैसे बहुपक्षीय मंचों के साथ-साथ क्वाड परामर्श में भी आतंकवाद का मुकाबला करने में सहयोग बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

28. उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर संयुक्त राष्ट्र के व्यापक सम्मेलन को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने और अपनाने के अपने समर्थन की पुनः पुष्टि की जिससे वैश्विक सहयोग का ढांचा बढ़ेगा और इसे मजबूती मिलेगी और यह संदेश जाएगा कि किसी भी कारण या वजह से आतंकवाद को सही नहीं ठहराया जा सकता है।

29. दोनों देशों के मंत्रियों ने सीएसपी के तहत ऑस्ट्रेलिया और भारत के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। मंत्रियों ने वस्तुओं तथा सेवाओं में द्विपक्षीय व्यापार को उदार व गहरा करने हेतु हुए अंतरिम समझौते को दिसंबर 2021 तक जल्द पूरा करने की दोनों पक्षों द्वारा की गई नई प्रतिबद्धता और प्रगति और द्विपक्षीय व्‍यापक आर्थिक सहयोग करार को जल्‍द से जल्‍द पूरा करने का मार्ग प्रशस्‍त होने की सराहना की। दोनों देशों के मंत्रियों ने ऐसे संतुलित व्यापार समझौते की उम्मीद जताई जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं और लोगों को लाभ मिले और व्यापार व निवेश का प्रवाह बढ़ सके।

30. मंत्रियों ने भारत-ऑस्ट्रेलिया दोहरा कराधान बचाव समझौते के तहत भारतीय फर्मों की अपतटीय आय के कराधान के मुद्दे के जल्द समाधान के महत्व को भी रेखांकित किया।

31. मंत्रियों ने व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण एवं कौशल विकास के क्षेत्रों में वर्तमान में जारी चर्चाओं का स्वागत किया।

लोगों-से-लोगों के बीच संबंधों का सुदृढ़ीकरण

32. दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में लोगों-से-लोगों के बीच संबंधों की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया। दोनों पक्षों ने प्रवासन और गतिशीलता भागीदारी व्यवस्था को जल्द से जल्द पूरा करने को लेकर तत्परता व्यक्त की।

33. दोनों देशों के मंत्रियों ने फरवरी 2021 में पहले भारत-ऑस्ट्रेलिया सर्कुलर इकोनॉमी हैकथॉन के सफल समापन का स्वागत किया, और उभरती चुनौतियों को हल करने के लिए नए विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने हेतु भविष्य में इसी तरह के और आयोजन करने पर सहमति व्यक्त की।

34. मंत्रियों ने इस बात का स्वागत किया कि बड़ी संख्या में भारतीय छात्र ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करना पसंद करते हैं और दोनों देशों के बीच एक सेतु का काम करते हैं। उन्होंने उद्यमिता और वैज्ञानिक नवोन्मेष को बढ़ावा देने हेतु शैक्षिक संबंधों को बढ़ाने के महत्व को दोहराया। इस संदर्भ में, ऑस्ट्रेलिया ने भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 का स्वागत किया, जो दोनों देशों के शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने का मार्ग प्रशस्त करती है। मंत्रियों ने शिक्षा के क्षेत्र में भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी को बढ़ाने पर और चर्चा करने को लेकर तत्परता दिखाई।

35. दोनों पक्षों ने 2023 में अगली 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता आयोजित करने को लेकर अपनी तत्परता व्यक्त की।

नई दिल्ली
सितंबर 11, 2021

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