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म्‍यांमार पर महासचिव के मित्र समूह की बैठक में विदेश सचिव द्वारा हस्‍तक्षेप

सितम्बर 28, 2012

महासचिव महोदय, म्‍यांमार पर मित्र समूह की बैठक बुलाने के लिए आपका धन्‍यवाद।

महासचिव महोदय,

हम आपके इस मूल्‍यांकन से पूरी तरह सहमत हैं कि पिछले एक साल के दौरान म्‍यांमार का राजनीतिक दृश्‍य काफी बदल गया है। पिछले साल अक्‍टूबर में, हमने राष्‍ट्रपति थेन सेन की आगवानी की तथा सरकार की कुछ योजनाओं को सुनकर हमारा उत्‍साह बढ़ा। जिस तरह शांति एवं अबाध ढंग से इस साल अप्रैल में उप चुनाव आयोजित किए गए उसके लिए हमने म्‍यांमार की सरकार तथा म्‍यांमार की जनता को बधाई दी। जब हमारे प्रधान मंत्री डा. मनमोहन सिंह ने इस साल मई में म्‍यांमार की यात्रा की तो उन्‍होंने अधिक लोकतंत्रीकरण एवं राष्‍ट्रीय सामंजस्‍य की दिशा में म्‍यांमार सरकार द्वारा उठाए गए सुधार से संबंधित कदमों के लिए म्‍यांमार के राष्‍ट्रपति को हमारी ओर से बधाई दी। उन्‍होंने राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक सुधार की दिशा में हो रहे प्रयासों की भी सराहना की जिसमें अनेक गुटों के साथ शांति समझौता तथा नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी समेत विभिन्‍न राजनीतिक दलों के साथ वार्ता भी शामिल है। हाल के महीनों में संसदीय प्रक्रिया में डाव आंग सान सू की की भागीदारी से यह और समावेशी हो गया है तथा यह बहुत अभिनंदनीय है कि उन्‍होंने म्‍यांमार संसद की कानूनी शासन समिति की अध्‍यक्षता ग्रहण कर ली है।

निकट एवं मैत्रीपूर्ण पड़ोसी के रूप में भारत म्‍यांमार में राष्‍ट्रीय सामंजस्‍य एवं लोकतंत्र को और सुदृढ़ करने की प्रक्रिया में हर संभव सहायता एवं समर्थन प्रदान करने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है। हम अपने अनुभव का आदान - प्रदान करके दोनों देशों के बीच संसदीय आदान - प्रदान में सुविधा प्रदान कर रहे हैं। हमने म्‍यांमार की संसद के सदस्‍यों तथा संसदीय सचिवालय के अधिकारियों के लिए संसदीय प्रक्रियाओं एवं प्रथाओं पर प्रशिक्षण एवं परिचय का एक कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत कम से कम 80 सदस्‍य शामिल किए जाएंगे।

चूंकि म्‍यांमार अनेक तरह की चुनौतियों का सामना कर रहा है इसलिए कुल मिलाकर अंतर्राष्‍ट्रीय समुदाय को विश्‍वास एवं सहयोग की भावना के साथ सरकार के प्रयासों के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने की जरूरत है। आज संयुक्‍त राष्‍ट्र की एजेंसियों तथा अंतर्राष्‍ट्रीय वित्‍तीय संस्‍थाओं को अवसर उपलब्‍ध है जहां वे हर तरह के विकास कार्य को अंजाम दे सकती हैं। हम यह भी आग्रह करते हैं कि एकपक्षीय प्रतिबंध तुरंत हटा लिए जाएं ताकि म्‍यांमार के आर्थिक विकास को गति मिल सके। भारत ने राष्‍ट्रीय सामंजस्‍य एवं सामाजिक - आर्थिक विकास को प्रोत्‍साहन देने के लिए म्‍यांमार के साथ भागीदारी के पथ पर निरंतर बल दिया है।

हम अवसंरचना एवं अन्‍य विकास सहयोग की विभिन्‍न परियोजनाओं पर म्‍यांमार के साथ निकटता से काम कर रहे हैं। हमने क्षमता निर्माण एवं मानव संसाधन विकास पर विशेष रूप से ध्‍यान दिया है। हमारा विश्‍वास है कि आसियान में हमारी भागीदारी का विस्‍तार करने में म्‍यांमार महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हम 2014 में आसियान के लिए म्‍यांमार की नियोजित अध्‍यक्षता की उम्‍मीद करते हैं।

राखीन राज्‍य में हाल की घटनाओं के संबंध में, हमने नोट किया है कि म्‍यांमार सरकार ने कानून एवं व्‍यवस्‍था बहाल करने की दिशा में कदम उठाया है तथा हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता का सुनिश्‍चय कर रही है और सभी प्रभावित समुदायों की राहत एवं पुनर्वास संबंधी जरूरतों को पूरा कर रही है। इन घटनाओं के वास्‍तविक कारणों की जांच करने तथा अपनी सिफारिश प्रस्‍तुत करने के लिए सरकार ने एक 27 सदस्‍यीय जांच आयोग का भी गठन किया है जिसमें भिन्‍न-भिन्‍न धार्मिक आस्‍था वाले लोगों तथा राजनीतिक दलों के सदस्‍यों समेत जीवन के हर क्षेत्र के लोग शामिल हैं। म्‍यांमार सरकार ने अंतर्राष्‍ट्रीय समुदाय के साथ सहयोग करने की इच्‍छा का भी प्रदर्शन किया है। हम इन प्रयासों को स्‍वागत करते हैं। भारत सरकार ने सभी प्रभावितों के लिए तत्‍काल राहत कार्य के लिए 2 लाख अमेरिकी डालर की सहायता भी प्रदान की है। इस सहायता से सभी समुदाय के प्रतिनिधि लाभांवित हुए हैं।

हमारा विश्‍वास है कि अच्‍छे कार्य ऐसे ढंग से जारी रहने चाहिए जिनसे म्‍यांमार के अपने स्‍वयं के प्रयास सम्‍पूरित एवं सुदृढ़ होते हैं। हम समान विचारधारा वाले अन्‍य देशों के साथ विचार - विमर्श करके इस प्रक्रिया में रचनात्‍मक भूमिका निभाना जारी रखेंगे।

संभवत:, समय आ गया है जब इस समूह को इस बात पर विचार करना चाहिए कि क्‍या हमारी बैठक में म्‍यांमार की भी भागीदारी होनी चाहिए। म्‍यांमार की उपस्थिति में विकास पर वार्ता सर्वोत्‍तम कदम हो सकती है। इसलिए तीसरी समिति में वार्षिक संकल्‍प के संबंध में इंडोनेशिया के विदेश मंत्री द्वारा व्‍यक्‍त की गई भावनाओं से मैं सहमत हूँ।

धन्‍यवाद

न्‍यूयार्क
28 सितंबर 2012



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