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दस्‍तावेजों की सूची जिन पर दूसरे भारत - जर्मनी अंतर्सरकारी परामर्श के लिए प्रधान मंत्री जी की जर्मनी की राजकीय यात्रा के दौरान हस्‍ताक्षर किया गया

अप्रैल 11, 2013

दस्‍तावेजों की सूची जिन पर दूसरे भारत - जर्मनी अंतर्सरकारी परामर्श के लिए प्रधान मंत्री जी की जर्मनी की राजकीय यात्रा के दौरान हस्‍ताक्षर किया गया

क्रम सं. एम ओ यू का नाम हस्‍ताक्षरकर्ता अभ्‍युक्ति
1. भारत में विदेशी भाषा के रूप में जर्मन को बढ़ावा देने के संबंध में मानव संसाधन विकास मंत्रालय तथा जर्मनी के संघीय विदेश कार्यालय के बीच संयुक्‍त मंशा घोषणा भारतीय: मानव संसाधन विकास मंत्री डा. एम मंगापति पल्‍लम राजु

जर्मन: जर्मन विदेश कार्यालय में राज्‍य मंत्री सुश्री कोरनेलिया पिपेर
जर्मन भाषा के लिए बी.एड कार्यक्रम शुरू करने में सहयोग करना। इसके अतिरिक्‍त पारस्‍परिक विश्‍वास एवं अंतर सांस्‍कृतिक संबंधों में सुधार के लक्ष्‍य के साथ मास्‍टर डिग्री कार्यक्रमों के लिए तथा जर्मनी में अल्‍प अवधि के प्रवास के लिए छात्रवृत्तियां भी प्रदान की जाएंगी।
2. उच्‍च शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग पर भारत और जर्मनी के बीच अंतर्सरकारी एम ओ यू

भारतीय: मानव संसाधन विकास मंत्री डा. एम मंगापति पल्‍लम राजु

जर्मन : संघीय शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री, सुश्री जोहाना वांका

इसका उद्देश्‍य जन दर जन आदान - प्रदान में सुविधा प्रदान करना है। इसमें छात्र, शिक्षाविद एवं परियोजना कोलाबोरेटर शामिल हैं।
3. सिविल सुरक्षा अनुसंधान के क्षेत्र में भारत - जर्मनी सहयोग पर संयुक्‍त मंशा घोषणा

भारतीय : विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री जयपाल रेड्डी

जर्मन : संघीय शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री, सुश्री जोहाना वांका

इस क्षेत्र में भारत - जर्मनी अनुसंधान सहयोग का उद्देश्‍य पांच प्रायोगिक परियोजनाओं को 2013 में वित्‍त पोषित करना है जिसमें अभिचिह्नित प्राथमिकता वाले क्षेत्र हैं - प्राकृतिक आपदा प्रबंधन, जैविक जोखिम संबंधी स्थितियां, शहरी सुरक्षा, लोगों की सुरक्षा एवं बचाव तथा सिविल सुरक्षा अनुसंधान के सामाजिक पहलू।
4. जर्मन संघीय खाद्य, कृषि एवं उपभोक्‍ता संरक्षण मंत्रालय तथा भारत के राजकीय बीज संघ और जर्मन प्‍लांट ब्रीडर संघ के द्विपक्षीय ''सहयोग कार्यक्रम’’ के लिए इसके अधिदेश के अनुसार कार्य करते हुए भारत के कृषि एवं सहकारिता विभाग और जर्मन संघीय खाद्य, कृषि एवं उपभोक्‍ता संरक्षण मंत्रालय के बीच संयुक्‍त घोषणा

भारतीय: भारत के राजदूत

जर्मन: डा. गियर्ड मूलर, संसदीय राज्‍य सचिव, संघीय खाद्य, कृषि एवं उपभोक्‍ता संरक्षण मंत्रालय

इसका उद्देश्‍य निम्‍नलिखित के क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ करना है:

i) पादप की किस्‍मों का संरक्षण
ii) पादप आनुवंशिक संसाधनों का संरक्षण
iii) भारत एवं जर्मनी की कृषि शोध संस्‍थाओं तथा बीज कंपनियों के बीच सहयोग
5. मानकीकरण, अनुरूपता मूल्‍यांकरन एवं उत्‍पाद सुरक्षा में सहयोग के लिए गुणवत्‍ता अवसंरचना पर भारत – जर्मनी कार्य समूह की स्‍थापना पर भारत के उपभोक्‍ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और जर्मन संघीय गणराज्‍य के आर्थिक एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बीच संयुक्‍त मंशा घोषणा

भारतीय: विदेश सचिव / भारत के राजदूत

जर्मन: एनी रूथ हरकेस, जर्मन संघीय आर्थिक एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय में राज्‍य सचिव

इसका उद्देश्‍य द्विपक्षीय आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाकर तथा वार्ता को गहन करके एवं अंतर्राष्‍ट्रीय संगठनों में समन्वित गतिविधियों को बढ़ावा देकर मानकीकरण, अनुरूपता मूल्‍यांकन एवं उत्‍पाद सुरक्षा में द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करना है। इसमें गुणवत्‍ता अवसंरचना पर भारत – जर्मनी कार्य समूह की स्‍थापना का भी प्रावधान है।
6. हरित ऊर्जा कोरिडोर की स्‍थापना के संबंध में भारत – जर्मनी विकास सहयोग पर जर्मनी और भारत के बीच संयुक्‍त मंशा घोषणा

भारतीय: डा. फारूख अब्‍दुल्‍ला, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय

जर्मन: सुश्री गुदरून कोप्‍प, संसदीय राज्‍य सचिव

इसका उद्देश्‍य अतिरिक्‍त नवीकरणीय उत्‍पादन ऊर्जा क्षमता को एकीकृत करके तकनीकी एवक वित्‍तीय सहयोग के माध्‍यम से भारत में नवीकरणी ऊर्जा के अधिक प्रयोग को बढ़ावा देना है। तकनीकी सहयोग को अंतर्राष्‍ट्रीय सहयोग के लिए जर्मन एजेंसी (जी आई जेड) के माध्‍यम से कार्यान्वित किया जाएगा तथा के एफ डब्‍ल्‍यू का इरादा अगले 6 वर्षों में एक बिलियन यूरो तक रियायती ऋण प्रदान करने का है।


बर्लिन
11 अप्रैल, 2013



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