लोक राजनय लोक राजनय

ब्रुनेई दारुस्‍सलम में तीसरे पूर्व एशिया शिखर सम्‍मेलन के दौरान विदेश मंत्रियों की बैठक के अध्‍यक्ष का वक्‍तवय

जुलाई 03, 2013

  1. तीसरे पूर्वी एशिया शिखर सम्‍मेलन (ईएएस) के दौरान विदेश मंत्रियों की बैठक 2 जुलाई, 2013 को बंडार सेरी बेगावन, ब्रुनेई दारुस्‍सलम में आयोजित की गई। बैठक की अध्‍यक्षता महामहिम राजकुमार मोहम्‍मद बोल्कियाह, विदेश कार्य और व्‍यापार मंत्री, ब्रुनेई दारुस्‍सलम ने की।
  2. मंत्रियों ने क्षेत्रीय आर्कीटेक्‍चर में ईएएस के विकास और बढ़ रहे महत्‍व को स्‍वीकार किया। पूर्वी एशिया में शांति, स्थिरता और आर्थिक संपन्‍नता को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से साझा हितों के व्‍यापक सामरिक, राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता और सहयोग के लिए एक नेताओं के नेतृत्‍व वाले फोरम के रूप में ईएएस के महत्‍व को स्‍वीकार करते हुए मंत्रियों ने ईएएस को और अधिक समेकित तथा सुदृढ़ करने की आवश्‍यकता और नेताओं की चर्चा तथा निर्णयों पर प्रभारी ढंग से अनुवर्ती कार्रवाई करने तथा उनका कार्यान्‍वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
  3. मंत्रियों ने 2015 के बाद के लिए आसियान की सम्मिलित जीडीपी को दोगुना करना और 2030 तक आसियान क्षेत्र में गरीबी में जीवनयापन करने वाले लोगों के प्रतिशत को घटाना जैसे महत्‍वाकांक्षी लक्ष्‍य निर्धारित करने के लिए आसियान से इंडोनेशिया के आवाहन को नोट किया।
  4. मंत्रियों ने 7वें ईएएस के दौरान लिए गए निर्णयों पर की गई अनुवर्ती कार्रवाई पर चर्चा की और ईएएस सहयोग विशेष रूप से छ: (6) प्राथमिकता क्षेत्रों अर्थात पर्यावरण एवं ऊर्जा, शिक्षा, वित्‍त, वैश्विक स्‍वास्‍थ्‍य मुद्दे और संक्रामक बीमारियां, प्राकृतिक आपदा निवारण और आसियान कनेक्टिविटी के क्षेत्र में कार्यान्‍वयन की प्रगति का स्‍वागत किया।
  5. मंत्रियों ने ईएएस विकास पहल पर फ्नोम पेन्‍ह घोषणा के प्रभावी ढंग से और समय पर कार्यान्‍वयन की अपेक्षा की, जिसे वर्ष 2012 में फ्नोम पेन्‍ह, कंबोडिया में आयोजित 7वें ईएएस में अपनाया गया। मंत्रियों ने ईएएस विकास पहल पर फ्नोम पेन्‍ह घोषणा पत्र को कार्यान्वित करने के लिए एक कार्य योजना (पीओए) तैयार करने हेतु चीन के प्रस्‍ताव का स्‍वागत किया और फ्नोम पेन्‍ह घोषणा पत्र के अंतर्गत ईएएस पहल की स्थिति का जायजा लेने और एक कार्य योजना तैयार करने के लिए अधिकारियों से सहमति व्‍यक्‍त की।
  6. मंत्रियों ने एशिया प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग के सुदृढ़ीकरण पर सिद्धांतों की रूपरेखा तैयार करने के लिए रूस के प्रस्‍ताव की सराहना की। इस संदर्भ में मंत्रियों ने मौजूदा सुरक्षा सहयोग को ध्‍यान में रखते हुए वरिष्‍ठ अधिकारियों से श्रृंखलाबद्ध ढंग से वार्ताएं और कार्यशालाएं आयोजित करने के लिए कहा। मंत्रियों ने एमिटी की संधि तथा दक्षिण पूर्व एशिया में सहयोग (टीएसी) में निहित सिद्धांतों के आधार पर और आपसी तौर पर लाभदायक संबंधों के लिए सिद्धांत (बाली सिद्धांत) पर पूर्वी एशिया शिखर सम्‍मेलन के 2011 घोषणा पत्र के अनुसार परिकल्पित एक भारत प्रशांत फ्रेमवर्क के लिए इंडोनेशिया के विचार को भी संज्ञान में लिया।
  7. मंत्रियों ने उदीयमान क्षेत्रीय आर्कीटेक्‍चर में आसियान की केन्‍द्रीय भूमिका के महत्‍व को दोहराया और इस बात पर सहमति व्‍यक्‍त की कि ईएएस आसियान समुदाय की जागरूकता के लिए अपना समर्थन जारी रखेगा और सीमाओं तथा बेहतर क्षेत्रीय एकीकरण का मार्ग प्रशस्‍त करेगा।
  8. मंत्रियों ने ईएएस की पांचवीं वर्षगांठ की यादगार पर 2010 हनोई घोषणा पत्र और 7वीं ईएएस के अध्‍यक्ष के 2012 वक्‍तव्‍य को पुन: स्‍मरण किया कि उस दौरान स्‍थापित सिद्धांतों लक्ष्‍यों और विशेषताओं के आधार पर ईएएस के समेकन और सुदृढ़ीकरण के उद्देश्‍य से स्थिति का जायजा लेने के लिए समीक्षा करने और 8वें ईएएस के लिए सिफारिशें देने के ब्रुनेई दारुस्‍सलम के प्रस्‍ताव का स्‍वागत किया।
  9. मंत्रियों ने ब्रुनेई दारुस्‍सलम, इंडोनेशिया और संयुक्‍त राष्‍ट्र अमेरिका द्वारा यूएस – एशिया प्रशांत व्‍यापक ऊर्जा भागीदारी (यूएसएसीईपी) की प्रगति को नोट किया। मंत्रियों ने 18वें ईएएस ऊर्जा सहयोग पर कार्यबल की बैठक में ब्रुनेई दारुस्‍सलम में संयुक्‍त राष्‍ट्र अमेरिका की सहअध्‍यक्षता में नवीकरणीय और वै‍कल्पिक ऊर्जा उत्‍पादन कार्य स्‍ट्रीम की स्‍थापना का भी स्‍वागत किया। मंत्रियों ने इस बात को भी नोट किया कि वर्क स्‍ट्रीम का मुद्दा बाली इंडोनेशिया में सितंबर 2013 में पृष्‍ठांकन के लिए 7वें ईएएस ऊर्जा मंत्रियों की बैठक (ईएएसईएमएम) में उठाया जाएगा और इसकी घोषणा नेताओं द्वारा 8वें ईएएस के दौरान की जाएगी। मंत्रियों ने जापान के सहयोग से आसियान और पूर्व एशिया (ईआरआईए) के लिए आर्थिक अनुसंधान संस्‍थान द्वारा नए अनुसंधान अध्‍ययन प्रारंभ करने और बैंकॉक, थाईलैंड में 7 मई, 2013 को अंतर्राष्‍ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के सहयोग से आसियान ऊर्जा दृष्टिकोण पर कार्यशाला के सफल आयोजन को स्‍वीकार किया, जिसका उद्देश्‍य 7वें ईएएस ईएमएम के दौरान इसका शुभारंभ करना था। मंत्रियों ने 15-16 अप्रैल 2013 को कुन्मिंग, चीन में आयोजित पहले पूर्व एशिया शिखर सम्‍मेलन न्‍यू एनर्जी फोरम के सफल आयोजन को नोट किया।
  10. मंत्रियों ने आस्‍ट्रेलिया, इंडोनेशिया, जापान और वियतनाम की सहअध्‍यक्षता में हनोई, वियतनाम में 21-22 मार्च 2013 के दौरान आयोजित पर्यावरणीय दृष्टि से स्‍थायी शहरों पर चतुर्थ उच्‍च स्‍तरीय सम्‍मेलन (एचएलएस – ईएससी) के सफल आयोजन का स्‍वागत किया। मंत्रियों ने वर्ष 2013-14 में फिलीपींस में आयोजित ईएएस जलवायु परिवर्तन के लिए अनुकूलन कार्यशाला पर आस्‍ट्रेलिया द्वारा तैयार किए गए प्रस्‍ताव को भी नोट किया।
  11. मंत्रियों ने टोकियो, जापान में कंबोडिया तथा जापान की सह अध्‍यक्षता में 18 मई 2013 को आयोजित दूसरी पूर्व एशिया कम कार्बन वृद्धि भागीदारी वार्ता के परिणामों का स्‍वागत किया।
  12. मंत्रियों ने ईएएस शिक्षा कार्य योजना (2011-2015) के अंतर्गत निरंतर कार्य और शिक्षा सहयोग संबंधी परियोजनाओं को सहायता प्रदान करने के लाभ को स्‍वीकार किया जो क्षेत्र में योग्‍यताओं की गुणवत्‍ता और उपयोगिता में सुधार लाएंगी। मंत्रियों ने वर्ष 2015 में लाओ पीडीआर में आयोजित की जाने वाली दूसरी ईएएस शिक्षा मंत्रियों की बैठक का भी स्‍वागत किया।
  13. मंत्रियों ने ब्रुनेई दारुस्‍सलम के एक 18 माह की अवधि वाले सार्वजनिक नीति और प्रबंधन पर मास्‍टर (एमपीपीएम) कार्यक्रम, जो 27 दिसंबर, 2013 से युनिवर्सिटी ऑफ ब्रुनेई दारुस्‍सलम में शुरू होगा, का स्‍वागत किया।
  14. मंत्रियों ने जापान की ''किजूना (बॉण्‍ड) परियोजना’’ शीर्षक के अंतर्गत शुरू की जाने वाली युवा आदान प्रदान परियोजना की सराहना की, जिसमें जापान और एशियाई क्षेत्र, ओसीनिया और उत्‍तरी अमरीका के बीच लगभग 11,000 युवाओं का आदान प्रदान शामिल है। मंत्रियों ने जनवरी, 2013 में विद्यार्थियों और युवा वर्ग के लिए जापान पूर्व एशिया आदान प्रदान नेटवर्क (जेर्इएनईएसवाईएस) के शुभारंभ, जिसके अंतर्गत जापान और आसियान / ओसियानिक क्षेत्र के बीच आपसी समझ और मित्रवत संबंधों के बीच बढ़ावा देने के लिए कुल 30,000 युवा लोगों का आदान प्रदान किया जाएगा, का स्‍वागत किया। मंत्रियों ने ''काकेहासी परियोजना’’ जिसके अंतर्गत उत्‍तरी अमेरिका और जापान के बीच इसी उद्देश्‍य से कुल 4600 लोगों का आदान प्रदान किया जाएगा, के शुभारंभ का भी स्‍वागत किया।
  15. मंत्रियों ने नालंदा विश्‍वविद्यालय के पुनरुद्धार के लिए की गई प्रगति का स्‍वागत किया और यह नोट किया कि निर्माण कार्यों के लिए शीघ्र ही निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। मंत्रियों ने नालंदा विश्‍वविद्यालय की एक गैर राज्‍य, अलाभकर और स्‍वशासी अंतर्राष्‍ट्रीय उत्‍कृष्‍टता संस्‍थान के रूप में स्‍थापना को सुकर बनाने के लिए एक अंतर्सरकारी करार पर हस्‍ताक्षर करने के भारत के प्रस्‍ताव को नोट किया।
  16. मंत्रियों ने भारत के इस सुझाव का भी स्‍वागत किया कि ईएएस सदस्‍यों को समान अर्हकताएं लाने के लिए इच्‍छुक ईएएस सदस्‍य देशों के बीच एक बहुपक्षीय करार के बारे में सूचना शुरू करना चाहिए।
  17. मंत्रियों ने मलेरिया नियंत्रण और मलेरिया रोधी दवाओं के प्रतिरोधक समाधान और इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए आसियान के प्रयासों में सहायता करने के लिए सभी गैर आसियान ईएएस सहभागी देशों को प्रोत्‍साहित करने, चाहे वे यह सहायता वित्‍तीय या तकनीकी रूप में किसी भी प्रकार से प्रदान करें, के प्रति क्षेत्रीय प्रतिक्रियाओं पर 7वें ईएएस के घोषणा पत्र के कार्यान्‍वयन की अपेक्षा की। इस संबंध में मंत्रियों ने 8वें ईएएस के अनुक्रम में आस्‍ट्रेलिया एवं वियतनाम के प्रधानमंत्रियों की सहअध्‍यक्षता में एशिया प्रशांत नेताओं का मलेरिया गठबंधन (एपीएलएमए) के उद्घाटन समारोह के आयोजन का स्‍वागत किया। मंत्रियों ने यह भी नोट किया कि एपीएलएमए के अंतर्गत एक्‍सेस टू क्‍वालिटी मेडिसन टास्‍क फोर्स की सहअध्‍यक्षता आस्‍ट्रेलिया और भारत द्वारा की जाएगी। मंत्रियों ने विविध प्रकार की स्‍वास्‍थ्‍य आवश्‍यकताओं को पूरा करने के उद्देश्‍य से वैश्विक स्‍तर पर स्‍वास्‍थ्‍य कवरेज पर बढ़ावा देने के महत्‍व की भी पुष्टि की।
  18. मंत्रियों ने क्षेत्रीय व्‍यवस्‍थाओं के जरिए आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के महत्‍व की पुष्टि की। इस संबंध में मंत्रियों ने आपदा प्रबंध पर आसियान समिति (एसीडीएम) और गैर आसियान देशों में अन्‍य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के बीच विभिन्‍न सहयोग और संपर्कों का भी स्‍वागत किया जो इस क्षेत्र में आपदा प्रबंधन के लिए क्षमता निर्माण में योगदान देते हैं। मंत्रियों ने आपदा प्रबंधन पर मानवीय सहायता के लिए आसियान समन्‍वय केन्‍द्र (एएचए सेंटर) की स्‍थापना के लिए ईएएस सहभागी देशों के सहयोग का स्‍वागत किया।
  19. मंत्रियों ने 10 जनवरी, 2013 को चियांग माई, थाईलैंड में आपदा प्रबंधन पर ईएएस सहयोग पर एसीडीएम के पहले मुक्‍त सत्र के आयोजन का भी स्‍वागत किया। मंत्रियों ने ''आपदा प्रबंधन के लिए त्‍वरित कार्रवाई पर क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने के लिए एक व्‍यावहारिक पहल’’ पर ईएएस पेपर और आपदा प्रबंधन तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया (एएडीएमईआर) कार्यक्रम पर आसियान करार (2010-15) के बीच संपर्क के बारे में चर्चा करने के लिए नियमित आधार पर एक सत्र शुरू करने के एसीबीएम के निर्णयों को नोट किया और इस संदर्भ में आगे चर्चा करने के लिए आगामी सत्र आयोजित करने की अपेक्षा की।
  20. मंत्रियों ने जापान में 2015 में आयोजित किए जाने वाले आपदा जोखिम कम करने पर तीसरे यूएन विश्‍व सम्‍मेलन के लिए अपने सहयोग की पुष्टि की।
  21. मंत्रियों ने चा-एम, थाईलैंड में 7-11 मई 2013 के दौरान आयोजित आसियान क्षेत्रीय फोरम आपदा राहत अभ्‍यास (एआरएफ डाइरेक्‍स) और ब्रुनेई दारुस्‍सलम में 17-20 जून, 2013 के दौरान आयोजित आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक प्‍लस मानवीय सहायता और आपदा राहत तथा सैन्‍य चिकित्‍सा अभ्‍यास (एडीएमएम प्‍लस – एचएडीआर और एमएम एक्‍स) के परिणामों का भी स्‍वागत किया। मंत्रियों ने भविष्‍य में इस प्रकार के आयोजनों की अपेक्षा व्‍यक्‍त की।
  22. मंत्रियों ने अक्‍टूबर 2013 में वियतनाम में आयोजित किए जाने वाले आसियान क्षेत्रीय आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया अभ्‍यास (एआरडीईएक्‍स) का स्‍वागत किया और सितंबर 2013 में डरबन में त्‍वरित प्रतिक्रिया पर आयोजित की जाने वाली इंडोनेशिया और आस्‍ट्रेलिया की ईएएस कार्यशाला के साथ साथ मार्च 2014 में इंडोनेशिया में आयोजित किए जाने वाले मेंटावई मेगाथ्रस्‍ट आपदा राहत अभ्‍यास का स्‍वागत किया।
  23. नई दिल्‍ली में नवंबर, 2012 में आयोजित ''ईएएस – भारत कार्यशाला 2012 : भूकंप जोखिम प्रबंधन के लिए क्षेत्रीय ढांचे का निर्माण के परिणामों की अनुवर्ती कार्रवाई के रूप में मंत्रियों ने ईएएस सहभागी देशों की राष्‍ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों के बीच 24X7 संपर्क बिन्‍दु वाले एक नेटवर्क और वास्‍तविक ज्ञान केन्‍द्र (वीकेसी) की स्‍थापना के लिए भारत के प्रस्‍ताव का स्‍वागत किया जिससे कि राष्‍ट्रीय आपदा जोखिम मूल्‍यांकन उन्‍मूलन और प्रतिक्रिया से संबंधित जानकारी और बेहतर प्रक्रियाओं को एक दूसरे के साथ साझा किया जा सके।
  24. मंत्रियों ने वित्‍त के क्षेत्र में सहयोग के महत्‍व को स्‍वीकार किया और ईएएस सहयोग के इस प्राथमिक क्षेत्र के आगामी विकास के लिए अपना सहयोग व्‍यक्‍त किया।
  25. मंत्रियों ने आसियान कनेक्टिविटी पर मास्‍टर प्‍लान (एमपीएसी) के कार्यान्‍वयन को बढ़ावा देने के लिए और सहयोग बढ़ाने की आवश्‍यकता और वर्ष 2011 में बाली, इंडोनेशिया में नेताओं द्वारा अपनाई गई आसियान कनेक्टिविटी पर छठें ईएएस के घोषणा पत्र को ध्‍यान में रखते हुए पूर्वी एशिया में संपर्क बढ़ाने की आवश्‍यकता की पुष्टि की। मंत्रियों ने आसियान कनेक्टिविटी समन्‍वय समिति (एसीसीसी) और गैर आसियान ईएएस प्रतिभागी देशों के बीच एमपीएसी को मूर्तरूप देने के उद्देश्‍य से कनेक्टिविटी परियोजनाओं के वित्‍तपोषण संबंधी मुद्दे के बारे में जानकारी हासिल करने के उद्देश्‍य से की जाने वाली बातचीत और सहयोग का स्‍वागत किया तथा यह नोट किया कि इसमें इसमें ईएएस कनेक्टिविटी फोरम की स्‍थापना पर आस्‍ट्रेलिया के पेपर पर की जाने वाली चर्चा शामिल होगी।
  26. मंत्रियों ने वित्तीय और तकनीकी संसाधनों के दोहन और सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) को बढ़ावा देने के महत्‍व को स्‍वीकार किया। इस संबंध में मंत्रियों ने ईआरआईए के सहयोग से बंडार सेरी बेगावन, ब्रुनेई दारुस्‍सलम में अगस्‍त 2013 में आयोजित की जाने वाली ''आसियान कनेक्टिविटी के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की भागीदारी’’ नामक चतुर्थ आसियान कनेक्टिविटी सिंपोजियम की विषयवस्‍तु का स्‍वागत किया। मंत्रियों ने थाईलैंड और न्‍यूजीलैंड की सहअध्‍यक्षता में आयोजित किए जाने वाले ईएएस नियामक गोलमेज सम्‍मेलन का भी स्‍वागत किया, जिसका उद्देश्‍य नियामक सुधार के संदर्भ में आसियान के अपने उद्देश्‍यों को सहायता प्रदान करना और इस क्षेत्र में सर्वश्रेष्‍ठ प्रक्रियाओं का साझा करना है। गोलमेज सम्‍मेलन का आयोजन जुलाई 2013 में बैंकाक, थाईलैंड में ''बहुआयामी क्षेत्रीय फ्रेमवर्क के जरिए कनेक्टिविटी बढ़ाना : द्विपक्षीय वार्ता भागीदारों की भूमिकाएं’’ विषय पर कार्यशाला आयोजित करने के लिए थाईलैंड की पहल के साथ किया जाएगा।
  27. मंत्रियों ने 4 मई, 2013 को जारी किए गए ईआरआईए के छठें शासी बोर्ड बैठक के वक्‍तव्‍य और सामुदायिक निर्माण प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान और नीतिगत सिफारिशों को लागू करने के लिए इसकी कार्य योजना का भी स्‍वागत किया।
  28. मंत्रियों ने ईएएस सदस्‍यों के बीच आर्थिक संबंधों को सुदृढ़ करने की आवश्‍यकता को स्‍वीकार किया और क्षेत्रीय व्‍यापक आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) पर बातचीत के महत्‍व को रेखांकित किया जो उदीयमान क्षेत्रीय आर्थिक आर्कीटेक्‍चर में आसियान की केन्‍द्रीयता और आसियान के एफटीए भागीदारों के हितों को सुदृढ़ करेगा और एशिया तथा शेष विश्‍व में भावी व्‍यापार और निवेश के एकीकरण हेतु एक प्‍लेटफार्म उपलब्‍ध कराएगा। मंत्रियों ने इस बात को स्‍वीकार किया कि आरसीईपी आर्थिक एकीकरण, समान आर्थिक विकास और प्रतिभागी देशों के बीच एक व्‍यापक, उच्‍च गुणवत्‍तायुक्‍त और आपसी हितों से संबंधित करार के माध्‍यम से आर्थिक सहयोग सुदृढ़ीकरण के लिए सहायता और योगदान में ईएएस के हितों के पूरक के तौर पर कार्य करता है।
  29. मंत्रियों ने खाद्य सुरक्षा और पोषण को बढ़ावा देने में सहयोग के लिए ईएएस देशों को प्रोत्‍साहित करने के लिए ईएएस विकास पहल पर 2012 के फ्नोम पेन्‍ह घोषणा पत्र को स्‍मरण किया। इस संदर्भ में मंत्रियों ने 2013 में ईएएस के दौरान खाद्य सुरक्षा को फोकस क्षेत्र के रूप में रखे जाने और 8वें ईएएस में नेताओं द्वारा अपनाने के लिए खाद्य सुरक्षा पर ईएएस घोषणा पत्र तैयार करने के लिए वरिष्‍ठ अधिकारियों द्वारा किए गए कार्य की प्रगति का स्‍वागत किया।
  30. मंत्रियों ने स्‍थायी मत्‍स्‍य प्रबंधन और समुद्री पर्यावरण संरक्षण के जरिए खाद्य सुरक्षा बढ़ाने पर एक ईएएस ट्रैक ।। अध्‍ययन समूह के लिए विचारार्थ विषयों को भी अपनाया और सितंबर, 2013 तक इस अध्‍ययन समूह के लिए प्रतिनिधियों की नियुक्ति हेतु आशा व्‍यक्‍त की।
  31. मंत्रियों ने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समुद्री सुरक्षा के महत्‍व को रेखांकित किया और समुद्री सहयोग को बढ़ावा देने हेतु क्षेत्रीय प्रयासों के लिए नेताओं के आवाहन को दोहराया। इस संदर्भ में मंत्रियों ने दूसरे विस्‍तारित आसियान मैरीटाइम फोरम (ईएएमएफ) के तत्‍पश्‍चात मलेशिया में 2013 के उत्‍तरार्द्ध में चौथे आसियान मैरीटाइम फोरम (एएमएफ) के आयोजन की अपेक्षा की।
  32. मंत्रियों ने गैर पारंपरिक सुरक्षा मुद्दों, जिसमें आतंकवाद, नारकोटिक्‍स और अन्‍य अंतर्राष्‍ट्रीय अपराध शामिल हैं, पर आगामी सहयोग बढ़ाने की आवश्‍यकता पर विचार विमर्श किया। मंत्रियों ने नि:शस्‍त्रीकरण और परमाणु हथियारों और बड़े स्‍तर पर विनाशकारी हथियारों के अप्रसार और उनकी प्रदायगी के साधनों को कम करने के लिए वैश्विक व्‍यवस्‍था के सुदृढ़़ीकरण का भी पुरजोर समर्थन किया और अप्रसार तथा नि:शस्‍त्रीकरण बाध्‍यता के लिए कठोर सत्‍यापन व्‍यवस्‍था को और अधिक स्‍पष्‍ट बनाने का आवाहन किया।
  33. मंत्रियों ने 2015 तक पूर्वी एशिया में सहस्‍त्राब्‍दी विकास लक्ष्‍यों (एमडीजी) को प्राप्‍त करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को तेज करने के महत्‍व को रेखांकित किया। मंत्री स्‍थायी विकास पर केन्द्रित और मानवीय अधिकारों तथा स्‍वाभिमान, समता और समानता द्वारा मार्गदर्शित पोस्‍ट- 2015 के प्रभावी और तर्कसंगत विकास ढांचे की स्‍थापना के लिए प्रयास करेंगे।
  34. मंत्रियों ने 15 मई 2013 को बीजिंग, चीन में आयोजित पूर्व एशिया की लिंग गुणवत्‍ता पर 5वीं मंत्री सतरीय बैठक के आयोजन का स्‍वागत किया।
  35. मंत्रियों ने दक्षिणी चीन के समुद्री क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्‍व को रेखांकित किया और दक्षिणी चीन के समुद्री क्षेत्र पर छ: बिन्‍दु वाले सिद्धांतों पर आसियान के वक्‍तव्‍य को नोट किया। मंत्रियों ने अंतर्राष्‍ट्रीय विधि के सार्वभौमिक रूप से मान्‍यता प्राप्‍त सिद्धांतों, जिसमें समुद्री विधियों पर 1982 का संयुक्‍त राष्‍ट्र सम्‍मेलन शामिल है, सिद्धांतों के अनुसार प्रत्‍यक्ष रूप से संबंधित संप्रभु राष्‍ट्रों द्वारा मित्रता पूर्ण परामर्श और बातचीत के जरिए विवादों के शांतिप्रिय समाधान के महत्‍व पर जोर दिया। मंत्रियों ने डीओसी के कार्यान्‍वयन हेतु दिशानिर्देश सहित दक्षिण चीन के समुद्री क्षेत्र (डीओसी) में पक्षकारों के बर्ताव पर घोषणा पत्र के पूरी तरह से और प्रभावी कार्यान्‍वयन के लिए और मतैक्‍य के आधार पर दक्षिणी चीन के समुद्री क्षेत्र (सीओसी) में आचार संहिता का अनुपालन करने की दिशा में कार्य करने के लिए आसियान सदस्‍य राष्‍ट्रों और चीन की सामूहिक प्रतिबद्धताओं का स्‍वागत किया। इस संदर्भ में मंत्रियों ने आसियान – चीन सतत परामर्श और आपसी विश्‍वास, विश्‍वसनीयता और सहयोग के लिए द्विपक्षीय वार्ता तथा 29 मई, 2013 को बैंकाक, थाईलैंड में डीओसी के कार्यान्‍वयन पर आसियान चीन संयुक्‍त कार्य समूह की 8वीं बैठक आयोजित करने के लिए सराहना की। मंत्रियों को डीओसी के कार्यान्‍वयन पर आसियान चीन के वरिष्‍ठ अधिकारियों की छठीं बैठक का आयोजन कर और सितंबर, 2013 में चीन द्वारा आयोजित की जाने वाली डीओसी के कार्यान्‍वयन पर संयुक्‍त कार्य समूह की 9वीं बैठक के जरिए प्रोत्‍साहित किया गया, जिसके दौरान सभी पक्षकार आचार संहिता पर सरकारी परामर्श करेंगे। मंत्रियों ने यह नोट किया कि ऐसे परामर्शों को समर्थन और सहायता प्रदान करने के लिए प्रख्‍यात विद्वानों और विशेषज्ञों का समूह (ईपीईजी) की स्‍थापना और / अन्‍य व्‍यवस्‍थाओं के लिए कदम उठाए जाएंगे।
  36. मंत्रियों ने कोरियाई प्रायद्वीप में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने की आवश्‍यकता पर जोर दिया और छठवें पक्ष की वार्ताओं को पुन: बहाल करने सहित शांतिप्रिय द्विपक्षीय वार्ता को प्रोत्‍साहित किया। मंत्रियों ने सभी संगत संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) संकल्‍पों में निहित बाध्‍यताओं और छठें पक्षकार की वार्ताओं को 19 सितंबर, 2005 के संयुक्‍त वक्‍तव्‍य के अंतर्गत प्रतिबद्धताओं के पूर्णत: अनुपालन के महत्‍व को दोहराया। मंत्रियों ने संगत यूएनएससी संकल्‍पों के पूर्णत: कार्यान्‍वयन के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की और कोरियाई प्रायद्वीप में शांतिप्रिय ढंग से परमाणु अप्रसार के बारे में किए जा रहे सभी प्रयासों के लिए अपना पूर्ण समर्थन और सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता व्‍यक्‍त की। इस संदर्भ में मंत्रियों ने कोरियाई प्रायद्वीप पर विश्‍वास निर्माण प्रक्रिया और कोरिया गणराज्‍य के राष्‍ट्रपति द्वारा प्रस्‍तावित शांति और सहयोग पहल का स्‍वागत किया। मंत्रियों ने अंतर्राष्‍ट्रीय समुदाय की मानवीय चिंताओं से जुड़े मुद्दों के समाधान के महत्‍व पर भी जोर दिया।
  37. मंत्रियों ने बंडार सेरी बेगावन, ब्रुनेई दारुस्‍सलम में 10 अक्‍टूबर, 2013 को आयोजित किए जाने वाले आगामी 8वें ईएएस के लिए की जा रही तैयारियों पर भी चर्चा की।
  38. मंत्रियों ने 2014 में ने पई ता, म्‍यांमार में चतुर्थ ईएएस विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित करने की अपेक्षा की।



टिप्पणियाँ

टिप्पणी पोस्ट करें

  • नाम *
    ई - मेल *
  • आपकी टिप्पणी लिखें *
  • सत्यापन कोड * Verification Code
केन्द्र बिन्दु में
यह भी देखें