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नाय पी ताव, म्‍यांमार में आयोजित तीसरी बिम्‍सटेक शिखर बैठक में प्रधान मंत्री जी का वक्‍तव्‍य

मार्च 04, 2014

महामहिम राष्‍ट्रपति थिन सेन,
मेरे साथी राष्‍ट्राध्‍यक्ष एवं शासनाध्‍यक्ष,
विशिष्‍ट प्रतिनिधिगण,
देवियो एवं सज्‍जनो

तीसरी बिम्‍सटेक शिखर बैठक के लिए नाय पी ताव के इस सुंदर शहर में वापस आकर मुझे बड़ी प्रसन्‍नता हो रही है। मैं अपनी ओर से तथा अपने शिष्‍टमंडल की ओर से उनके गर्मजोशीपूर्ण अतिथि सत्‍कार तथा इस शिखर बैठक के लिए की गई भव्‍य व्‍यवस्‍थाओं के लिए म्‍यांमार सरकार तथा राष्‍ट्रपति थिन सेन का दिल से आभार व्‍यक्‍त करना चाहूँगा।

महामहिम,

हमारा समूह देशों का एक स्‍वाभाविक समूह है। हम भूगोल द्वारा बंधे हैं तथा इतिहास के माध्‍यम से आपस में जुड़े हैं। हमारी भूमि एवं समुद्री सीमाएं एक दूसरे से लगती हैं। हमारी संस्‍कृति, धर्म एवं वास्‍तुशिल्‍प में हमारे प्राचीन संबंधों के प्रचुर प्रमाण हैं। बंगाल की खाड़ी के माध्‍यम से मानसून हमारी धरती को नवीकृत करता है, जबकि समुद्री व्‍यापार के माध्‍यम से हमारी अर्थव्‍यवस्‍थाएं मजबूत होती हैं। हम प्राकृतिक आपदाओं से लेकर आतंकवाद तक अनेक समान चुनौतियों से जूझ रहे हैं। साथ ही व्‍यापार, आर्थिक सहयोग एवं संयोजकता के क्षेत्रों में हमारे लिए अनेक अवसर भी मौजूद हैं जिनमें से सभी हमारे लिए उज्‍ज्‍वल भविष्‍य के शगुन हैं।

आपस में मिलकर हम न केवल दक्षिण एशिया या दक्षिण पूर्व एशिया जैसी क्षेत्रों की संकीर्ण, परंपरागत परिभाषाओं से बाहर निकल रहे हैं अपितु हम एशिया के सबसे सशक्‍त एवं गतिशील आर्क के लिए सेतु का भी निर्माण कर रहे हैं। आज, जब विखंडित एशिया में संयोजकता एवं एकीकरण इस क्षेत्र में शांति एवं समृद्धि के लिए नए वाहन बनते जा रहे हैं, बिम्‍सटेक ऐसी पहलों के अधिक होनहार उदाहरणों में से एक है।

भारत के लिए, बिम्‍सटेक के हमारे साझेदारों के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंध विश्‍व में हमारे सबसे महत्‍वपूर्ण संबंधों में से एक हैं। क्षेत्रीय संदर्भों में - सार्क में तथा भारत - आसियान सामरिक साझेदारी एवं मुक्‍त व्‍यापार करारों में उनके साथ हमारी मजबूत भागीदारी है। हम में से प्रत्‍येक देश में प्रचुर मात्रा में कौशल, संसाधन एवं अवसर उपलब्‍ध हैं। इसलिए हमें पूरा यकीन है कि बिम्‍सटेक समूह के रूप में अच्‍छी तरह फल-फूल सकता है और एशिया एवं पूरे विश्‍व में शांति, सामंजस्‍य, सुरक्षा एवं समृद्धि में महत्‍वपूर्ण योगदान कर सकता है।

महामहिम,

जैसा कि आज हम लोग यहां अपनी तीसरी शिखर बैठक के लिए इकट्ठा हुए हैं, हम बिम्‍सटेक की दृढ़ प्रगति से प्रफुल्लित हो सकते हैं। स्‍थायी सचिवालय जिसे हम ढाका में स्‍थापित कर रहे हैं, इस समूह के विकास में एक महत्‍वपूर्ण मील पत्‍थर होगा तथा इसे अपने देश में स्‍थापित करने के लिए मैं बंग्‍लादेश का धन्‍यवाद करता हूँ। मुझे उम्‍मीद है कि सचिवालय के स्‍थापित हो जाने से हम ऐसे क्षेत्रों पर ध्‍यान केंद्रित करने में भी समर्थ होंगे, जो बिम्‍सटेक के विजन को साकार करने के लिए विशेष रूप से महत्‍वपूर्ण हैं।

संयोजकता - भौतिक एवं डिजीटल - इस विजन की कुंजी है तथा इस क्षेत्र में सहयोग एवं एकीकरण का चालक हो सकती है।

विभिन्‍न परियोजनाओं जैसे कि भारत - म्‍यांमार - थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग, कलादन मल्‍टीमॉडल ट्रांजिट परिवहन परियोजना, एशियाई राजमार्ग नेटवर्क, संयोजकता के लिए आसियान मास्‍टर प्‍लान तथा अन्‍य परियोजनाओं के माध्‍यम से भारत बिम्‍सटेक के सदस्‍य देशों के साथ भौतिक संयोजकता में सुधार के लिए काम कर रहा है। हम शीघ्र ही म्‍यांमार से एक सीधी पोत परिवहन लाइन की भी शुरूआत करेंगे जिससे हमारे क्षेत्र के समुद्री संपर्कों में और वृद्धि होगी।

मैं इस श्रेष्‍ठ सभा को यह सुझाव देना चाहता हूँ कि बिम्‍सटेक परिवहन अवसंरचना एवं संभार तंत्र अध्‍ययन पर एशियाई विकास बैंक द्वारा तैयार किए गए व्‍यापक अध्‍ययन से क्षेत्रीय महत्‍व की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं की पहचान करने तथा कार्यान्वित करने की भी हमें जरूरत है। और यदि हम भौतिक अवसंरचना विकसित कर भी लेते हैं, तो साथ ही हमें एक दूसरे के देश में आवाजाही में सुविधा प्रदान करने के लिए नियमों एवं विनियमों के समर्थक वास्‍तुशिल्‍प का विकास शुरू कर देना चाहिए।

महामहिम,

व्‍यापार एवं आर्थिक सहयोग प्राथमिकताओं की हमारी सूची में सबसे ऊपर होना चाहिए। हमारा उद्देश्‍य यह होना चाहिए कि माल में व्‍यापार के लिए बिम्‍सटेक मुक्‍त व्‍यापार करार को जल्‍दी से अंजाम पहुंचाया जाए और निवेश एवं सेवाओं में इसका विस्‍तार किया जाए। यहां उपस्थित हम में से अधिकांश लोग एक या अधिक क्षेत्रीय आर्थिक व्‍यवस्‍थाओं के माध्‍यम से एक दूसरे जुड़े हैं तथा बिम्‍सटेक के लिए ऐसी एक व्‍यवस्‍था निष्‍पन्‍न करना हमारे लिए कठिन नहीं होना चाहिए।

ऊर्जा हम सभी के लिए प्राथमिकता का दूसरा क्षेत्र होना चाहिए। जैसा कि भारत तथा इसके कुछ पड़ोसी देश ऊर्जा ग्रिडों के माध्‍यम से आपस में जुड़ रहे हैं, हम ऊर्जा सहयोग के क्षेत्रीय एवं राष्‍ट्रीय लाभों को पहले से ही महसूस कर रहे हैं। इसलिए, पारेषण राजमार्ग तथा गैस एवं तेल पाइप लाइन के माध्‍यम से हमें एक दूसरे से अवश्‍य जुड़ना चाहिए और साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में सहयोग के अवसरों की भी जांच करनी चाहिए। मुझे उम्‍मीद है कि बंगलुरू स्‍थापित होने वाला बिम्‍सटेक ऊर्जा केंद्र इस क्षेत्र में प्रमुख भूमिका निभाएगा।

संयोजकता का एक अन्‍य आयाम पर्यटन है, जो आर्थिक विकास का एक सशक्‍त स्रोत तथा लोगों एवं संस्‍कृतियों के बीच सेतु भी है। बिम्‍सटेक पर्यटन पैकेज तथा बिम्‍सटेक देशों के अंदर यात्रा को बढ़ावा देने के लिए हमें वर्ष 2015 को बिम्‍सटेक पर्यटन वर्ष के रूप में घोषित कर देना चाहिए।

इस क्षेत्र में मौसम पर हमारी आर्थिक निर्भरता तथा प्राकृतिक आपदाओं के प्रति हमारी सुभेद्यता से इन क्षेत्रों में सहयोग का महत्‍व रेखांकित होता है। वर्ष, 2007 से भारत का राष्‍ट्रीय सुनामी शीघ्र चेतावनी केंद्र नियमित आधार पर हिंद महासागर के परिधि देशों को शीघ्र चेतावनी उपलब्‍ध करा रहा है। दिल्‍ली के निकट नोएडा में बिम्‍सटेक मौसम एवं जलवायु केंद्र आज संगम ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर होने के तुरंत बाद काम करना शुरू कर देगा। भारत संसाधन प्रबंधन एवं आर्थिक विकास जैसे क्षेत्रों में अंतरिक्ष विज्ञान का उपयोग करने में बिम्‍सटेक के अपने साझेदारों के साथ काम करने के लिए भी तैयार है।

हमें ऐसे क्षेत्रों में भी अपने सहयोग को गहन करना चाहिए जो हमारी अर्थव्‍यवस्‍थाओं के विकास के लिए महत्‍वपूर्ण हैं, जैसे कि कृषि, ग्रामीण विकास, जन स्‍वास्‍थ्‍य, प्रौद्योगिकी, मानव संसाधन विकास तथा अन्‍य।

महामहिम,

भारत संसदीय, युवा एवं खेल तथा सांस्‍कृतिक आदान - प्रदान को बढ़ावा देने पर बहुत महत्‍व देता है। हमने अपने समूह के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए पूर्वोत्‍तर भारत में एक वार्षिक बिम्‍सटेक सेमिनार का आयोजन करना शुरू कर दिया है।

2008 में नई दिल्‍ली शिखर बैठक में मैंने बिम्‍सटेक के देशों के छात्रों के लिए 450 छात्रवृत्तियों की घोषणा की थी। आपको सूचित करते हुए मुझे प्रसन्‍नता हो रही है कि बिम्‍सटेक के हमारे साझेदारों द्वारा आज इस संख्‍या से लगभग तीन गुना छात्रवृत्तियां प्राप्‍त की जा रही हैं। हम भारत में परंपरागत दवाओं का अध्‍ययन करने के लिए बिम्‍सटेक के छात्रों को आयुष की 30 छात्रवृत्तियों के अपने प्रस्‍ताव को भी नवीकृत करेंगे।

महामहिम,

हमारी समृद्धि की तरह, हमारी सुरक्षा भी अविभाज्‍य है - चाहे यह हमारे क्षेत्र में संचार के समुद्री लेन की सुरक्षा हो या आतंकवाद एवं राष्‍ट्रपारीय अपराधों की निरंतर चुनौती हो। बिम्‍सटेक क्षेत्र में आतंकवाद के नए संकट के स्‍वरूप ने इससे निपटने के लिए मजबूत सहयोग को अधिक तात्‍कालिकता प्रदान की है।

इस प्रयास के अंग के रूप में, हमें अंतर्राष्‍ट्रीय आतंकवाद, राष्‍ट्रपारीय संगठित अपराध तथा दवाओं के अवैध व्‍यापार से निपटने में सहयोग पर अभिसमय की जल्‍दी से पुष्टि करने तथा आपराधिक मामलों में परस्‍पर कानूनी सहायता पर बिम्‍सटेक अभिसमय पर जल्‍दी से हस्‍ताक्षर करने का प्रयास करना चाहिए। हमें प्रत्‍यर्पण पर बिम्‍सटेक अभिसमय पर वार्ता आरंभ करने का भी प्रयास करना चाहिए।

महामहिम,

मुझे अपनी बात यह कहते हुए समाप्‍त करने की इजाजत दें कि बिम्‍सटेक के महत्‍व तथा इसके भविष्‍य के बारे में प्रचुर आशावाद में मेरा दृढ़ विश्‍वास है। हाल के वर्षों में हमारे समूह ने जो प्रगति दर्ज की है उसके लिए मैं म्‍यांमार के नेतृत्‍व की सराहना करता हूँ। हम बिम्‍सटेक के नए अध्‍यक्ष के रूप में नेपाल, जो हमारा एक अन्‍य करीबी पड़ोसी है, का भी स्‍वागत करते हैं तथा आने वाले कुछ वर्षों में उनके साथ काम करने की उम्‍मीद करते हैं।

धन्‍यवाद।



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