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छठी ब्रिक्‍स शिखर बैठक में ''संपोषणीय विकास एवं समावेशी प्रगति’’ के एजेंडा पर प्रधानमंत्री का वक्‍तव्‍य

जुलाई 15, 2014

महामहिम,

वैश्विक आर्थिक परिवेश अनिश्चित एवं चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। संभावनाओं में सुधार के बावजूद समुत्‍थान की गति अभी भी कमजोर है।

बड़ी अर्थव्‍यवस्‍थाओं में राजनीतिक संघर्ष एवं निरंतर विद्यमान कमजोरी के परिवेश में हमें वित्‍तीय उथल – पुथल के किसी नए दौर के संकेतों के प्रति सजग रहने की जरूरत है।

इराक एवं वृहद क्षेत्र की घटनाएं इसे प्रभावित कर सकती हैं। मैं इस बात को लेकर भी चिंतित हूँ कि कुछ देशों में सख्‍त मौद्रिक नीतियां हमारे देशों में निवेश एवं प्रगति में कटौती कर सकती हैं।

वैश्विक आर्थिक प्रगति के लिए खुली, नियमों पर आधारित, अंतर्राष्‍ट्रीय व्‍यापार व्‍यवस्‍था बहुत ही महत्‍वपूर्ण है। इसे विकासशील देशों की आकांक्षाओं पर निश्चित रूप से ध्‍यान देना चाहिए। इसके तहत हमारे समाज के सबसे अरक्षित वर्गों, विशेष रूप से खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्रों की विशेष आवश्‍यकताओं को समायोजित करना चाहिए।

यह विश्‍व व्‍यापार संगठन के दोहा चक्र में वार्ता से हमारी विस्‍तृत अपेक्षा है।

महामहिम,

ब्रिक्‍स का नया विकास बैंक स्‍थापित करने की दिशा में करार एक महत्‍वपूर्ण कदम है। मुझे बड़ी प्रसन्‍नता है कि 2012 में नई दिल्‍ली में आयोजित ब्रिक्‍स शिखर बैठक में जिस पहल की घोषणा की गई थी वह आज सच्‍चाई बन गई है।

ब्रिक्‍स फुटकर रिजर्व व्‍यवस्‍था पर करार एक अन्‍य प्रमुख उपलब्धि है।

इतनी जल्‍दी से इन दो पहलों को अंजाम पर पहुंचाने के लिए मैं हमारे वित्‍त मंत्रियों की सराहना करता हूँ।

ये पहलें विकासशील देश के रूप में हमारे अपने अनुभव पर आधारित हैं। वे वैश्विक संस्‍थाओं का गठन करने की हमारी क्षमता को दर्शाती है। इससे हमारे देशों में विकास का समर्थन करने तथा अन्‍य विकासशील देशों में मदद करने के लिए नए अवसरों के द्वार खुलेंगे। हमें सुनिश्चित करना चाहिए कि ये संस्‍थाएं विकास एवं स्थिरता का समर्थन करने के लिए एक नया मॉडल स्‍थापित करें।

महामहिम, इस शिखर बैठक की थीम हमारी सरकार का भी मार्गदर्शक सिद्धांत है। हमारी विशाल सामाजिक, क्षेत्रीय एवं आर्थिक विविधता को देखते हुए हमारे लिए समावेशन एक विशेष चुनौती एवं जिम्‍मेदारी है।

हमारी नीतियां लोगों को अवसर एवं अवसरों से लैस करने पर केंद्रित होंगी। हम अवसंरचना, सस्‍ते मकान, स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल, शिक्षा एवं स्‍वच्‍छ ऊर्जा में भारी निवेश करेंगे। हम ऐसी सभी संभावनाओं का उपयोग करेंगे जो हमारे लिए उन्‍नत प्रौद्योगिकी के द्वारा खोलेंगी। और इसके लिए तेजी से विकास करने की जरूरत होगी। अपनी प्रगति को अवरूद्ध किए बगैर विकास की अपनी प्रक्रियाओं को बनाए रखने की अपनी सामर्थ्‍य को जारी रखने के लिए हम संसाधनों के स्‍वच्‍छ एवं मितव्‍ययी प्रयोग में कीर्तिमान स्‍थापित करेंगे।

वास्‍तव में संपोषणीयता भारतीय जीवन शैली का एक प्रमुख घटक रही है। जैसा कि महात्‍मा गांधी जी ने कहा था, हर किसी की जरूरत के लिए दुनिया में संसाधन पर्याप्‍त हैं परंतु ये संसाधन हर किसी की लालच को पूरा करने के लिए पर्याप्‍त नहीं हैं।

हम सभी प्रकृति के उपहारों में भागीदारी कर सकते हैं। परंतु प्रकृति का दोहन अपराध है। सहस्राब्‍दी विकास लक्ष्‍यों की दिशा में हमने प्रगति की है पंरतु अभी भी बड़े पैमाने पर व्‍याप्‍त गरीबी हमारा पीछा नहीं छोड़ रही है। हमें 2015 पश्‍चात विकास एजेंडा के केंद्र में गरीबी उन्‍मूलन को जरूर रखना चाहिए।

विशेष रूप से संयुक्‍त राष्‍ट्र जैसे मंचों में इस पर वैश्विक वार्तालाप को आकार देना जरूरी है। ऐसे प्रयासों की दिशा में सर्वसम्‍मति का निर्माण करने के लिए विश्‍व स्‍तर पर ब्रिक्‍स एक प्रमुख आवाज बन सकता है।महामहिम,

ब्रिक्‍स आज ऐसी स्थिति में है जहां ध्‍यान देने के लिए विश्‍व को बाध्‍य करने के लिए इसके पास प्रभावित करने के लिए पर्याप्‍त क्षैतिज क्षमता है।

तथापि, हमारा अपना हित हमारे संबंधों को ऊर्ध्‍वाधर रूप में गहन करने में छिपा है। हमें इस सशक्‍त मंच को और विकेंद्रित करने पर अपना ध्‍यान केंद्रित करना चाहिए। हमें शिखर बैठक तथा नेता केंद्रित विचार – विमर्श से आगे बढ़ना चाहिए तथा उप राष्‍ट्रीय स्‍तर पर आदान – प्रदान को बढ़ावा देना चाहिए। हमें अपने राज्‍यों, शहरों एवं अन्‍य स्‍थानीय निकायों के बीच भागीदारी को प्रोत्‍साहित करना चाहिए।

वास्‍तव में ब्रिक्‍स जन दर जन संपर्क द्वारा सही मायने में चालित होना चाहिए। विशेष रूप से हमारे युवाओं को इसमें अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।

ब्रिक्‍स के सभी देशों में समर्पित ब्रिक्‍स भाषा विद्यालयों के माध्‍यम से हमारी भाषाओं को लोकप्रिय बनाना इस दिशा में शुरूआत हो सकती है। हम कोटिपरक शिक्षा को सबके लिए सुगम बनाने के लिए व्‍यापक ओपन ऑनलाइन पाठ्यक्रम स्‍थापित करने पर भी विचार कर सकते हैं।

हम ब्रिक्‍स विश्‍वविद्यालय के प्रस्‍ताव पर भी विचार – विमर्श कर सकते हैं।

आज सामाजिक एवं आर्थिक विकास के हर क्षेत्र में प्रौद्योगिकी परिवर्तनकारी उपकरण है। ब्रिक्‍स में प्रतिभा का विशाल पूल स्‍वास्‍थ्‍य, शिक्षा, कृषि, संसाधन प्रबंधन एवं शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग के लिए एकजुट हो सकता है। संभवत: ब्रिक्‍स देशों के युवा वैज्ञानिकों के मंच की संभावना तलाशी जा सकती है। हमारी पहलों में निम्‍नलिखित शामिल हो सकते हैं:

· ब्रिक्‍स देशों का एक सस्‍ता स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल मंच,

· हमारे स्‍वास्‍थ्‍य एवं मझोले उद्यमों के बीच और सहयोग के लिए तंत्र, और

· ब्रिक्‍स देशों के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक सामान्‍य रूपरेखा।

ब्रिक्‍स सहयोग को गहन करने के लिए हमारे चीनी एवं रूसी साझेदारों द्वारा जो व्‍यापक प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत किए गए हैं उनसे मैं अवगत हूँ। हमारे शेरपाओं को शीघ्रता से उनकी जांच करनी चाहिए।

पूरी मानव जाति के प्रगति के एक मजबूत साधन के रूप में ब्रिक्‍स को निर्मित करने के लिए हमें अपने संबंधों को गहन करना चाहिए।

धन्‍यवाद।



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