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प्रश्न सं.1028 संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी

फरवरी 08, 2017

लोक सभा
अतारांकित प्रश्न सं.1028
08.02.2017 को उत्तर दिए जाने के लिए

संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी

1028. श्रीमती रमा देवीः

श्री लक्ष्मी नारायण यादवः

श्री लक्ष्मण गिलुवाः

क्या विदेश मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे किः

(क) संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) में किसी भाषा को राजभाषा का दर्जा दिए जाने के लिए क्या मापदंड निर्धारित किए गए हो और सरकार की इस संबंध में क्या प्रतिक्रिया है;

(ख) यूएन की एक राजभाषा के रूप में स्वीकार किए जाने के संबंध में हिंदी की क्या स्थिति है; और

(ग) चालू वित्तीय वर्ष के दौरान उक्त प्रयोजनार्थ आवंटित और उपयोग की गई धनराशि का ब्यौरा क्या है और अगले वित्त वर्ष के लिए कितनी ध्नराशि उपलब्ध कराई गई है?

उत्तर
विदेश राज्यमंत्री
(श्री एम. जे. अकबर)

(क) से (ग) संयुक्त राष्ट्र में किसी भाषा को आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता दिए जाने के लिए कोई विशिष्ट मानदंड नहीं है। किसी भाषा को संयुक्त राष्ट्र में आधिकारिक भाषा के रूप में शामिल किए जाने की प्रक्रिया में यू एन महासभा में साधारण बहुमत द्वारा एक संकल्प को स्वीकार करना और संयुक्त राष्ट्र की कुल सदस्यता के दो तिहाई बहुमत द्वारा उसे अंतिम रूप से पारित करना होता है।

सरकार यू एन की एक आधिकारिक भाषा के रूप में हिंदी को स्वीकार किए जाने के लिए निरंतर उपाय कर रही है। इस उद्देश्य के आलोक में 13 जुलाई, 2007 को न्यूयार्क में 8वें विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया गया था और यू एन मुख्यालय में इसका उद्घाटन सत्र आयोजित किया गया था जिसमें यू एन महासचिव ने भाग लिया था। भोपाल में 10-12 सितंबर, 2015 को आयोजित पिछले विश्व हिंदी सम्मेलन में एक सत्र पूरी तरह विदेश नीति में हिंदी विषय पर था जिसमें एक सिफारिश में यह दोहराया गया था कि हिंदी को संयुक्त राष्ट्र की भाषा बनाया जाना चाहिए। सम्मेलन में की गई इस सिफारिश तथा अन्य सिफारिशों के कार्यान्वयन के लिए विदेश मंत्री की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। हिंदी को अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में बढ़ावा देने के लिए फरवरी 2008 में मारीशस में एक विश्व हिंदी सचिवालय की स्थापना भी की गई है।

कई अवसरों पर भारतीय नेताओं ने यू एन में हिंदी में वक्तव्य दिए हैं जिनमें सितंबर, 2014 में 69वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री का वक्तव्य, सितंबर 2015 में संयुक्त राष्ट्र टिकाऊ विकास शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री का संबोधन, अक्तूबर, 2015 में विदेश मंत्री द्वारा 70वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधन और सितंबर, 2016 में 71वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा को विदेश मंत्री द्वारा संबोधन शामिल है। इन वक्तव्यों को साथ-साथ अंग्रेजी भाषा में रूपांतरित किए जाने के लिए न्यूयार्क में भारत के स्थायी मिशन द्वारा विशेष आवश्यक व्यवस्था की गई थी। संयुक्त राष्ट्र अपने कार्यक्रमों का यू एन रेडियों वेबसाईट पर हिंदी भाषा में भी प्रसारण करता है।

सरकार हिंदी को विश्वभर में लोकप्रिय बनाने और यू एन की एक आधिकारिक भाषा के रूप में हिंदी को स्वीकार कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। चालू वित्त वर्ष (2016-17) में विदेशों में भारत के राजनयिक मिशनों/केंद्रों के माध्यम से हिंदी के विश्वभर में प्रचार-प्रसार के लिए 5.98 करोड़ रूपये की राशि आबंटित की गई है।

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