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प्रश्न संख्या 3824 विद्यार्थियों के लिए प्रणाली

अगस्त 11, 2021

लोक सभा
अतारांकित प्रश्न संख्या 3824
दिनांक 11.08.2021 को उत्तर देने के लिए

विद्यार्थियों के लिए प्रणाली

3824. श्री गुरजीत सिंह औजलाः

श्री बैन्नी बेहननः

श्री एन. रेड़डप्पः

श्री प्रद्युत बोरदोलोईः

क्या विदेश मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि:

(क) क्या मंत्रालय ने विदेश में अध्ययन की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों के समक्ष कोई समस्या आने की स्थिति में उनके द्वारा विदेश मंत्रालय से संपर्क किए जाने हेतु कोई प्रणाली विकसित की है;

(ख) यदि हाँ, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है और यदि नहीं, तो इसके क्या कारण हैं;

(ग) क्या मंत्रालय ने विदेश में उच्च शिक्षा के लिए वीजा प्राप्त करने में होने वाली समस्याओं के विषय को संबंधित सरकार के साथ उठाया है;

(घ) यदि हाँ, तो संबंधित देश द्वारा उठाए जा रहे कदमों का ब्यौरा क्या है; और

(ङ) विद्यार्थी जिन-जिन देशों की यात्रा करते हैं, उन सभी देशों हेतु वीजा-सेवाएं शुरू किया जाना सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय क्या कदम उठा रहा है?

उत्तर
विदेश राज्य मंत्री
(श्री वी. मुरलीधरन)

(क) और (ख) विदेशों में रहने वाले भारतीयों की सलामती, जिसमें छात्र भी शामिल हैं, भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विदेश स्थित भारतीय मिशनों/केंद्रों में उस देश में रहने वाले भारतीय नागरिकों का स्वैच्छिक पंजीकरण होता है, जिसमें छात्र भी शामिल हैं। मदद पोर्टल, जो फरवरी 2015 में शुरू किया गया था, विदेशों में रहने वाले सभी भारतीयों को सहायता प्रदान करता है। मदद पोर्टल का छात्र मॉड्यूल 15 जुलाई, 2016 को शुरू किया गया था, जो विदेश में रहने वाले भारतीय छात्रों को स्वेच्छा से पंजीकरण करने और विदेश जाने वाले भारतीय छात्रों का डेटाबेस बनाने के अलावा उनके पाठ्यक्रम, स्थान, संस्थान, पाठ्यक्रम की अवधि आदि के बारे में डेटा प्रदान करने में सक्षम बनाता है। मंत्रालय, विदेश स्थित अपने मिशनों/केंद्रों के माध्यम से विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के साथ नियमित रूप से संपर्क में रहता है और उन्हें स्वेच्छा से छात्र मॉड्यूल पर अपना विवरण दर्ज करने के लिए प्रोत्साहित करता है। विदेश मंत्रालय और भारतीय मिशन समय-समय पर परामर्शी जारी करते हैं और भारतीय छात्रों को सभी दस्तावेज ले जाने और यह सुनिश्चित करने में सतर्क रहने के लिए कहते हैं कि जिन विदेशी संस्थानों में वे प्रवेश चाहते हैं, वो विधिवत प्राधिकृत हों और उनके पास पर्याप्त क्षमताएं हों। अलग से, मंत्रालय के एक विचार मंच भारतीय प्रवासन केंद्र (इंडिया सेंटर फॉर माइग्रेशन) ने "स्टूडेंट हैंडबुक फॉर स्टडिंग अब्रोड" पुस्तिका तैयार की है, जिसमें विदेशों में अध्ययन करने के इच्छुक छात्रों को बुनियादी जानकारी दी गई है।

(ग) से (ङ) मंत्रालय, विदेशी विश्वविद्यालयों में पंजीकृत भारतीय छात्रों के लिए संबंधित देशों की यात्रा को सुकर बनाने के लिए यात्रा प्रतिबंधों, जहां कहीं भी हों, में ढील देने का प्रयास कर रहा है। विदेश स्थित हमारे मिशन इन मुद्दों को संबंधित सरकारों के साथ सक्रिय रूप से उठा रहे हैं और यात्रा प्रतिबंधों को कम करने के लिए उन सरकारों पर जोर दे रहे हैं। साथ ही यात्रा प्रतिबंधों के मुद्दे को कई देशों के साथ मंत्री स्तर पर उठाया गया है। इसके परिणामस्वरूप, भारतीय छात्रों के लिए कई देशों की यात्रा करने के लिए यात्रा प्रतिबंधों में ढील दी जा रही है जिसमें यूएसए, कनाडा, यूके, आयरलैंड, जर्मनी, नीदरलैंड, बेल्जियम, लक्जमबर्ग, जॉर्जिया आदि शामिल हैं; कोविड की स्थिति में सुधार होने पर और देशों के जुड़ने की संभावना है।

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