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प्रश्न संख्या 3904 चीन के साथ अनौपचारिक शिखर-वार्ता

अगस्त 11, 2021

लोक सभा
अतारांकित प्रश्न संख्या 3904
दिनांक 11.08.2021 को उत्तर देने के लिए

चीन के साथ अनौपचारिक शिखर-वार्ता

3904. श्री मनीश तिवारीः

क्या विदेश मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि :

(क) 27 और 28 अप्रैल को वुहान में और 11-12 अक्टूबर, 2019 को मामल्लापुरम में पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के राष्ट्रपति शी जिंनपिंग के साथ की गई अनौपचारिक शिखर-वार्ता का क्या औचित्य था;

(ख) उक्त दोनों अनौपचारिक शिखर वार्ताओं में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति शी-जिंनपिंग के बीच हुई चर्चा का ब्यौरा क्या है;

(ग) क्या चीन के साथ क्रमशः उत्तरी, मध्य और पूर्वी क्षेत्रों के महत्वपूर्ण सीमा-विवादों के समाधान के संबंध में कोई चर्चा या निर्णय हुआ था और क्या प्रधानमंत्री ने औपचारिक या अनौपचारिक रूप से राष्ट्रपति शी जिंनपिंग के साथ उक्त दोनों या इनमें से किसी भी शिखर-वार्ता में सीमा-संबंधी मुद्दा उठाया था;

(घ) यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है; और

(ड.) क्या प्रधानमंत्री ने किसी अन्य देश के प्रधानमंत्री/राष्ट्रपति/राष्ट्र प्रमुख के साथ भी इस तरह की अनौपचारिक शिखर-वार्ता की थी और यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है और यदि नहीं, तो इस प्रकार की वार्ता एकमात्र चीन से ही करने के क्या कारण हैं?

उत्तर
विदेश राज्य मंत्री
[श्री वी. मुरलीधरन]

(क) और (घ) प्रधानमंत्री मोदी और जनवादी गणराज्य चीन के राष्ट्रपति श्री शी जिंनपिंग ने दो अनौपचारिक शिखर-वार्ताओं में भाग लिया। पहली अनौपचारिक शिखर वार्ता वुहान, चीन में अप्रैल 27-28, 2018 और दूसरी वार्ता चेन्नई, भारत में अक्तूबर 11-12, 2019 को आयोजित की गई थी। इन अनौपचारिक शिखर वार्ताओं में दोनों नेता बिना किसी प्रोटोकॉल और पूर्व निर्धारित कार्यसूची के बिना व्यापक, दीर्घकालिक और रणनीतिक महत्व के मुद्दों पर सीधे, स्वतंत्र और स्पष्ट विचारों का आदान प्रदान कर सकें।

इन शिखर वार्ताओं में दोनों नेताओं ने अपने संकल्प को दोहराया कि दोनों पक्ष विवेकपूर्ण तरीके से अपने मतभेदों को हल करेंगे और किसी भी मुद्दे पर मदभेदों को विवाद का रूप नहीं देंगे।

दोनों नेताओं ने विशेष प्रतिनिधियों के कार्य का मूल्यांकन किया और उनसे 2005 में दोनों पक्षों द्वारा सहमत राजनीतिक मानदण्डों और मार्गदर्शक सिद्धान्तों पर आधारित एक निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान के लिए एक पारस्परिक रूप से सहमत ढांचे पर पहुंचने के अपने प्रयासों को जारी रखने का आग्रह किया। इसी बीच दोनों नेताओं ने सीमावर्ती क्षेत्रों में शान्ति और अमन सुनिश्चित करने के लिए अपनी समझ को भी दोहराया।

(ड़) प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी संघ के सोची शहर में 21 मई, 2018 को रूस के राष्ट्रपति श्री व्लादिमीर पुतिन के साथ अनौपचारिक शिखर वार्ता में भाग लिया।

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