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आधिकारिक प्रवक्ता द्वारा वर्चुअल साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग की प्रतिलिपि (24 जून, 2021)

जून 24, 2021

श्री अरिंदम बागची, सरकारी प्रवक्ता: आप सभी को नमस्कार । आज की मीडिया वार्ता में हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद। हमेशा की तरह, हमें कई प्रश्न मिले हैं, लेकिन उससे पहले, मैं एक घोषणा के साथ शुरूआत करना चाहता हूँ, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर कल ग्रीस और इटली की यात्रा के लिए रवाना होंगे। ग्रीस में वह अन्य कार्यक्रमों के अलावा अपने यूनानी समकक्षों के साथ बातचीत के लिए 25 जून और 26 जून को द्विपक्षीय यात्रा करेंगे। निश्चित रूप से, 2003 के बाद 18 वर्ष में विदेश मंत्री के स्तर पर यह पहली यात्रा है । ग्रीस के बाद विदेश मंत्री जी20 मंत्रिस्तरीय बैठकों में भाग लेने के लिए इटली जाएँगे। इनमें विदेश मंत्री स्तर के साथ-साथ विकास मंत्रियों के स्तर से संबंधित मंत्री स्तरीय बैठकें शामिल हैं, जिनमें से दोनों का प्रतिनिधित्व भारत से विदेश मंत्री द्वारा किया जाएगा। जैसे-जैसे इसमें नई सूचना आती हैं हम आपको इसके बारे में अपडेट देते रहेंगे। अब मैं यतिन को यह मंच सौंपता हूँ, जो हमें प्राप्त हुए प्रश्नों को उठाएँगे ।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): बीएसएस के अमीनुल इस्लाम ने पूछा है, "मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि भारत अगस्त के पहले सप्ताह तक बांग्लादेश को कोविड-19 के टीके भेज सकता है। क्या भारत सरकार ने इस संबंध में ऐसा कोई निर्णय लिया है? बेक्सिमको फार्मा और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के बीच हुए समझौते के अनुरूप बांग्लादेश कब भारत से अपने वांछित टीकों की उम्मीद कर सकता है।” न्यूज़ पॉइंट से प्रवीण गौतम पूछ रहे हैं, "फाईज़र वैक्सीन को लेकर ताजा अपडेट क्या है ? वैक्सीन के भारत आने की सम्भावना कब तक है?

श्री अरिंदम बागची, सरकारी प्रवक्ता: सबसे पहले मैं यह कहना चाहता हूँ कि वैक्सीन निर्यात के मुद्दे पर हमारी स्थिति सुसंगत और स्पष्ट रही है। हमने हमेशा कहा है कि भारत से टीकों की विदेशों में आपूर्ति टीके की उपलब्धता और हमारे घरेलू टीकाकरण कार्यक्रम पर निर्भर करेगी। फिलहाल, हमारी प्राथमिकता अपने स्वयं के टीकाकरण कार्यक्रम के लिए भारत में बने टीकों के उपयोग पर बनी हुई है, जिसे, जैसा आप जानते हैं कि इस सप्ताह के शुरू में 21 जून को शुरू किए गए टीकाकरण के नए चरण के साथ बढ़ावा मिला है। हम अपने घरेलू वैक्सीन उत्पादन को और बढ़ाने के लिए भी प्रयास कर रहे हैं।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): ट्रिब्यून के संदीप पूछ रहे हैं, ''अमेरिकी सैनिकों की वापसी को देखते हुए...

श्री अरिंदम बागची, सरकारी प्रवक्ता: यतिन, मैं आपको बीच में रोक रहा हूँ क्योंकि मुझे लगता है कि मैंने न्यूज प्वाइंट द्वारा उठाए गए प्रश्न के फाइजर वाले हिस्से का जवाब नहीं दिया। मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूँ कि भारत सरकार देश में वैक्सीन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सभी प्रयास कर रही है, चाहे वह घरेलू उत्पादन या आयात के माध्यम से हो। जहाँ तक विशिष्ट टीकों और भारत में उनके आयात की स्थिति का संबंध है, यह संबंधित नियामक प्राधिकरणों का मामला है। हाँ यतिन अब आप बोलें।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): ट्रिब्यून से संदीप पूछ रहे हैं, "अमेरिकी सैनिकों की वापसी के मद्देनजर, क्या भारत अफगानिस्तान को अपनी सहायता के सुरक्षा के घटक में अधिक निवेश करने की योजना बना रहा है? साथ ही, शाहतूत बाँध परियोजना और हाजीगक लौह अयस्क खदान की क्या स्थिति है? रक्षत न्यूज से रंजीत कुमार पूछ रहे हैं, "क्या भारत ने अफगानिस्तान में जलालाबाद और हेरात वाणिज्य दूतावास से अपने कर्मचारियों को वापस ले लिया है? यदि हाँ, तो निर्णय के पीछे कौन से कारक थे?" निलोवा रॉय चौधरी पूछ रही हैं, "क्या भारत सरकार अफगान तालिबान के सदस्यों से बात कर रही है? यदि हाँ, तो किससे और किस स्तर पर?" विऑन के सिद्धांत पूछ रहे हैं, "कतर के अधिकारियों ने कहा है, भारत तालिबान की बैठक हुई। उस पर कोई प्रतिक्रिया?" ऐसे ही सवाल अरब न्यूज के संजय से, पीटीआई भाषा के दीपक से, प्रिंट से नयनिमा से और एबीपी न्यूज से प्रणय ने पूछे है।

श्री अरिंदम बागची, सरकारी प्रवक्ता: मैं समझता हूँ कि अफ़ग़ानिस्तान पर हमारे दृष्टिकोण को विभिन्न अवसरों पर प्रतिपादित किया गया है। भारत सभी शांति पहलों का समर्थन करता है। और इसकी अफगानिस्तान के विकास और पुनर्निर्माण के लिए दीर्घकालिक प्रतिबद्धता है। इस संदर्भ में, हम क्षेत्रीय देशों सहित विभिन्न हितधारकों के संपर्क में हैं। मैं इस सप्ताह की शुरुआत में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बहस में विदेश मंत्री द्वारा दिए गए हालिया बयान की ओर भी आपका ध्यान आकर्षित करना चाहूँगा, जो हिंसा में वृद्धि के प्रति हमारी चिंता और भविष्य के लिए हमारे दृष्टिकोण को दर्शाता है। अफगानिस्तान में वाणिज्य दूतावासों के बारे में प्रश्न के उत्तर में, मुझे नहीं लगता कि इस मुद्दे पर हाल ही में कोई प्रगति हुई है। इसलिए मेरे पास इस पर कहने के लिए कुछ नहीं है। यतिन।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): एबीपी न्यूज से प्रणय पूछ रहे हैं,” हाल में पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने टीवी साक्षात्कार में कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में भारत की मौजूदगी जरूरत से ज्यादा है। इस तरह के बयानों को आप भारतीय राजनयिक मिशनों पर मौजूद खतरे के सन्दर्भ में इस तरह से देखते हैं ? न्यूज़ 24 के संजीव त्रिवेदी ने पूछा है, "इमरान खान ने अपने नवीनतम साक्षात्कार में कहा है कि कश्मीर मुद्दे के समाधान के बाद अब परमाणु अवरोध की कोई आवश्यकता नहीं होगी। यह दावा स्पष्ट रूप से एक खतरा है। भारत उस पर कैसे प्रतिक्रिया करता है?" एशियानेट के अनीश ने पूछा है, "आतंकवाद के वित्तपोषण पर एफएटीएफ के फैसले से ठीक पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह मोहम्मद कुरैशी ने भारत पर राजनीतिक उद्देश्य के लिए मंच का उपयोग करने का आरोप लगाया था। भारत की प्रतिक्रिया क्या है?" सीएनएन न्यूज 18 से महा ने पूछा है, "कुछ रिपोर्टों से पता चलता है कि भारत और पाकिस्तान के बीच संयुक्त अरब अमीरात द्वारा मध्यस्थता की गई बैक चैनल वार्ता में भारत सरकार द्वारा कश्मीरी नेताओं के साथ बातचीत पर प्रतिबद्धता शामिल थी। क्या ये सच है?" ऐसे ही सवाल न्यूज नेशन के मधुरेंद्र से और न्यूज प्वाइंट से प्रवीण के हैं।

श्री अरिंदम बागची, सरकारी प्रवक्ता: धन्यवाद यतिन। ये विभिन्न मुद्दे हैं, मैं उन्हें अलग अलग संबोधित करने का प्रयास करता हूँ । पाकिस्तान के विदेश मंत्री द्वारा अफगानिस्तान में भारत की भूमिका की टिप्पणियों के संबंध में, हमने इस पर कुछ मीडिया रिपोर्टें देखी हैं। हम दृढ़ता से यह मानते हैं कि अफगान लोगों को अपने भागीदारों और भागीदारी के आकार का फैसला करना चाहिए । भारत ने अफगानिस्तान में बिजली, बाँध, स्कूल, स्वास्थ्य क्लीनिक, सड़कें और सामुदायिक परियोजनाओं की शुरुआत की है। और दुनिया जानती है कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में क्या लेकर आया है। जम्मू-कश्मीर के घटनाक्रम के संबंध में, यह स्पष्ट रूप से भारत के लिए एक आंतरिक मामला है। जहाँ तक पाकिस्तान के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों का संबंध है, हमारा रुख सर्वविदित है। हम पाकिस्तान सहित अपने सभी पड़ोसियों के साथ सामान्य संबंध चाहते हैं। पाकिस्तान को एक अनुकूल माहौल बनाने की दिशा में काम करना चाहिए, जिसमें ऐसी विश्वसनीय, सत्यापन योग्य और अपरिवर्तनीय कार्रवाई करना शामिल है, ताकि किसी भी तरह से भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद के लिए, उसके नियंत्रण वाले किसी भी क्षेत्र का उपयोग न किया जा सके। यतिन।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): ट्रिब्यून से संदीप पूछ रहे हैं, "ईरान में एक नए राष्ट्रपति के साथ और प्रतिबंधों को हटाए जाने की संभावनाओं के साथ, क्या आप हमें तेहरान के साथ हमारे संबंधों का एक सिंहावलोकन दे सकते हैं?" फाइनेंशियल एक्सप्रेस से हुमा पूछ रही हैं, "क्या भारत ने ईरान पर प्रतिबंधों के बारे में अमेरिकी प्रशासन से चर्चा की है?" विऑन के सिद्धांत से भी ऐसा ही प्रश्न है।

श्री अरिंदम बागची, सरकारी प्रवक्ता: हम ईरान के संबंध में हाल के घटनाक्रमों और अन्य देशों के साथ बातचीत की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। हम इस पर नजर रखना जारी रखेंगे। उस पर तत्काल प्रतिक्रिया कोई नहीं है। हमने कुछ सकारात्मक भावनाओं को देखा है, और हम देखना जारी रखेंगे कि ये कैसे आगे बढ़ते हैं। मैं नवनिर्वाचित ईरानी राष्ट्रपति को हमारे नेतृत्व के द्वारा बधाई संदेशों पर भी प्रकाश डालना चाहूँगा । फिलहाल मुझे लगता है, मुझे इस विषय पर बस इतना ही साझा करना है ।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): नवभारत टाइम्स के नरेंद्र नाथ मिश्रा पूछ रहे हैं, " क्या कोविड के केस कम होने के बाद दुसरे देशों ने भारत से जो हवाई सेवा बंद की है, उसे दोबारा शुरू करने पर कोई बात हुई ? कोवेक्सिन लेने वालों को विदेश यात्रा मं कोई दिक्कत नहीं हो, क्या इसके लिए भारत में यूरोपीय देशों से बात की है ? आईबीडी से शंकर पूछ रहे हैं, "खाड़ी और अन्य गंतव्यों के लिए भारतीय उड़ानें कब शुरू हो रही हैं क्योंकि हजारों भारतीय प्रवासी सदस्य भारत में फंस गए हैं और वे इन विदेशी देशों में अपने काम पर वापस जाने के लिए बेताब हैं?" न्यूज नेशन के मधुरेंद्र और एशियानेट के प्रशांत से भी ऐसे ही सवाल हैं ।

श्री अरिंदम बागची, सरकारी प्रवक्ता: जैसा कि मैंने पहले कहा है, हम उम्मीद करेंगे कि जैसे-जैसे हमारे देश में कोविड की स्थिति में सुधार जारी रहेगा, अन्य देश भारत के साथ यात्रा को सामान्य बनाने के लिए कदम उठाएँगे। हमने इस संबंध में कुछ शुरुआती कदम देखे हैं। सरकार इस मुद्दे को प्राथमिकता देना जारी रखेगी। जहाँ तक कोवेक्सिन का सवाल है, हम भारत बायोटेक द्वारा विश्व स्वास्थ्य संगठन से आपातकालीन उपयोग सूचीकरण प्राधिकरण प्राप्त करने के प्रयासों के संबंध में हो रहे विकास का बारीकी से अनुसरण कर रहे हैं। बेशक, इस प्रक्रिया की सटीक स्थिति के लिए आपको कंपनी के पास ही जाना होगा।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): ट्रिब्यून से संदीप पूछ रहे हैं, "ऑस्ट्रेलिया में पुलिस बल द्वारा भारतीय राष्ट्रीय विशाल जूड की हालिया गिरफ्तारी पर विदेश मंत्रालय का क्या विचार है?"

श्री अरिंदम बागची, सरकारी प्रवक्ता: मैं समझता हूँ कि मामला अब ऑस्ट्रेलिया में न्यायलय के विचाराधीन है। मुझे पता है कि विशाल जूड को काउंसलर पहुँच 17 जून को दिया गया था। और हमारा उच्चायोग ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के संपर्क में है। हम निश्चित रूप से आपको इस मामले में आगे की घटनाओं से अवगत कराते रहेंगे।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): पीटीआई भाषा से दीपक रंजन पूछ रहे हैं," डॉमिनिका से मेहुल चोकसी के प्रत्यार्पण और ब्रिटेन से नीरव मोदी को भारत प्रत्यर्पण किए जाने को लेकर नवीनतम स्थिति क्या है ? टाइम्स नाउ से सृंजॉय पूछ रहे हैं, "क्या मेहुल चोकसी और नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर कोई अपडेट है।" एबीपी न्यूज के संजीव त्रिवेदी और प्रणय से भी ऐसा ही सवाल है।

श्री अरिंदम बागची, सरकारी प्रवक्ता: जैसा कि मैंने पहले भी साझा किया है, हम भगोड़े मेहुल चोकसी के खिलाफ वहाँ चल रही कानूनी कार्यवाही के संबंध में डोमिनिकन अधिकारियों के संपर्क में हैं। मेरे पास साझा करने के लिए तत्काल कोई अपडेट नहीं है। नीरव मोदी के संबंध में, हमने प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ अपील करने की उनकी याचिका के खिलाफ यूनाइटेड किंगडम उच्च न्यायालय के कल के फैसले को नोट किया है। हम भारत में उसके द्वारा न्याय का सामना करने के लिए उसके शीघ्र प्रत्यर्पण को आगे बढ़ाने के अपने प्रयास जारी रखेंगे।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): स्पुतनिक से धैर्य पूछ रहे हैं, "क्या विदेश मंत्रालय एससीओ की एनएसए बैठक में भाग लेने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की दुशांबे यात्रा के बारे में कुछ विवरण साझा कर सकता है? क्या पाकिस्तान एनएसए के उस बयान पर कुछ प्रतिक्रिया होगी जो पाकिस्तान को आतंकवाद का शिकार बताता है?" द प्रिंट से नयनिमा पूछ रही हैं, "एससीओ एनएसए बैठक का नतीजा क्या था? क्या एनएसए डोभाल और उनके चीनी समकक्ष के बीच कोई साइड-लाइन मीटिंग थी?" दैनिक जागरण के जय प्रकाश पूछ रहे हैं, "एससीओ की बैठक में क्या भारत के एनएसए अजीत डोभाल की पाकिस्तान और चीन के एनएसए से अलग से कोई द्विपक्षीय बैठक हुई है या फिर इस तरह की बैठक की उम्मीद है? संसद टीवी से अखिलेश सुमन पूछ रहे हैं, "क्या एनएसए डोभाल एससीओ बैठक के लिए अपने पाकिस्तानी समकक्ष से मिलने जा रहे हैं और चीनी एनएसए, एससीओ एनएसए बैठक में शामिल क्यों नहीं हुए?" सीएनएन न्यूज 18 से महा, एशियानेट से अनीश और टेलीग्राफ से अनीता जोशुआ से समान प्रश्न हैं।

श्री अरिंदम बागची, सरकारी प्रवक्ता: आपको इस बात की जानकारी होगी कि ताजिकिस्तान शंघाई सहयोग संगठन का वर्तमान अध्यक्ष है। ताजिकिस्तान ने 23 जून को दुशांबे में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक के एससीओ सचिवों की 16वीं बैठक की मेजबानी की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने किया। इस अंतर-सरकारी बैठक में एससीओ के महासचिव और एससीओ क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी ढाँचे के कार्यकारी निदेशक ने भी भाग लिया। बैठक में अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरवाद का मुकाबला करने, नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी को रोकने और इस साल सितंबर में दुशांबे में होने वाले राष्ट्राध्यक्षों के एससीओ शिखर सम्मेलन की तैयारियों पर चर्चा हुई। एनएसए स्तर की बैठक के बाद एक प्रोटोकॉल की प्रकृति में एक परिणाम दस्तावेज को अपनाया गया था। मैं समझता हूँ कि प्रथा के अनुसार, एससीओ सचिवालय कुछ समय बाद इस दस्तावेज़ को अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करेगा।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): इंडिया टुडे की गीता मोहन पूछ रही हैं, "किन देशों ने कोविन एप्लिकेशन का उपयोग करने या उसे अपनाने में रुचि दिखाई है?"

श्री अरिंदम बागची, सरकारी प्रवक्ता: आपको याद होगा कि हाल ही में जी7 शिखर सम्मेलन में अपने हस्तक्षेप के दौरान, प्रधान मंत्री ने अनुबंध अनुरेखण और वैक्सीन प्रबंधन में ओपन सोर्स डिजिटल टूल के सफल उपयोग में भारत के अनुभव और विशेषज्ञता को साझा करने की पेशकश की थी। इसके अनुसरण में, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने स्वदेशी रूप से विकसित कोविन एप्प का विवरण साझा करने के लिए दुनिया भर के भागीदार देशों के साथ एक कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है, जो हमारे टीकाकरण अभियान के केंद्र में रहा है। तारीखों और अन्य विवरणों की पुष्टि होने के बाद हम इस प्रसंग के बारे में और अपडेट प्रदान करेंगे।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): फाइनेंशियल एक्सप्रेस से हुमा पूछ रही हैं, "क्या ईरान और वेनेजुएला से कच्चे तेल के आयात की कोई योजना है?"

श्री अरिंदम बागची, सरकारी प्रवक्ता: देखिए, मुझे लगता है कि यह एक ऐसा मुद्दा है जिसके लिए आपको पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय या शायद उन कंपनियों के पास जाना होगा जो वास्तव में कच्चे तेल के आयात में शामिल हैं।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): आईबीडी से शंकर पूछ रहे हैं, "भारत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कब करने जा रहा है?"

श्री अरिंदम बागची, सरकारी प्रवक्ता: जैसा कि ब्रिक्स ने यह साझा किया है कि शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने की हमारी बारी है। हालाँकि, मेरे पास अभी तक शिखर सम्मेलन की प्रस्तावित तारीख के बारे में कोई अपडेट नहीं है। एक बार हमारे पास यह जानकारी होने के बाद हम निश्चित रूप से आपके साथ साझा करेंगे।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): न्यूज नेशन से मधुरेंद्र ने पूछा है, "यूपी में धर्मांतरण को लेकर जो मामला सामने आया है उसकी जाँच में पाकिस्तान और ज़ाकिर नायक का कनेक्शन भी एटीएस ने स्थापित किया है। ज़ाकिर नायक एक भगोड़ा अपराधी है उसे ले कर कोई अपडेट हो तो बताएँ?"

श्री अरिंदम बागची, सरकारी प्रवक्ता: ज़ाकिर नायक के मामले में हमारे पास अभी तुरंत कोई अपडेट नहीं है। आप जानते हैं कि हमारी मलेशियाई प्राधिकारियों के साथ उनके प्रत्यर्पण के बारे में बात चलती रहती है। जब हमारे पास कोई अपडेट होगा हम आपके साथ जरूर साझा करेंगे।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): पीटीआई भाषा से दीपक रंजन ने पूछा है, "कोविड -19 रोधी टीके के संबंध में भौतिक संपदा अधिकार में अस्थाई छूट को लेकर यूरोपीय संघ और अमेरिका से बातों की ताजा स्थिति क्या है?”

श्री अरिंदम बागची, सरकारी प्रवक्ता: देखिए ये बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है, ‘ट्रिप्स’ की छूट के मामले में, हम काफी देशों से बातचीत में हैं। बहुत स्तर पर बातचीत चल रही है पर वाणिज्य मंत्रालय के पास इसके ज्यादा विवरण होंगे, तो मैं अनुरोध करूँगा कि आपको अगर अद्यतन स्थिति जाननी हो तो उनसे संपर्क करें।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): न्यूज़ पॉइंट से प्रवीण गौतम पूछ रहे हैं, "क्या पूर्वी लद्दाख विवाद को लेकर भारत और चीन के बीच इस सप्ताह राजनयिक वार्ता होने की संभावना है? टाइम्स नाउ से सृंजॉय पूछ रहे हैं, "एक डब्ल्यूएमसीसी बहुत जल्द होने की संभावना है। भारत का रुख क्या होने जा रहा है?” विऑन के सिद्धांत ने पूछा है, "चीनी विदेश मंत्रालय ने चीन भारत सीमा पर तनाव के मूल कारण के रूप में भारतीय तैनाती को जिम्मेदार ठहराया है। कृपया अपनी प्रतिक्रिया दें।" स्पुतनिक से धैर्य ने पूछा है, "चीन के विदेश मंत्रालय ने कल कहा था कि भारत द्वारा एलएसी पर अपनी सैन्य तैनाती बढ़ाना मौजूदा गतिरोध का मूल कारण था और भारत पर चीनी क्षेत्र पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाया। उस पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है?"। एशियानेट से अनीश पूछ रहे हैं, "भारत चीन सीमा मुद्दे पर अपडेट क्या है?" न्यूज नेशन के मधुरेंद्र, आईबीडी से शंकर, पीटीआई भाषा से दीपक रंजन और एबीपी न्यूज के प्रणय से भी ऐसे ही सवाल हैं ।

श्री अरिंदम बागची, सरकारी प्रवक्ता: मुझे लगता है कि ये दो अलग-अलग मुद्दे हैं। मैं पहले के साथ शुरू करना चाहता हूँ, यह अच्छी तरह से मान्यता प्राप्त है कि पिछले एक साल में यह चीनी कार्रवाई है, जिसमें पश्चिमी क्षेत्र में सीमावर्ती क्षेत्रों के करीब बड़ी संख्या में सैनिकों को इकट्ठा करना, साथ ही वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ यथास्थिति को एकतरफा रूप से बदलने की कोशिश करना शामिल है, जिसने सीमावर्ती क्षेत्रों में अमन और चैन को गंभीर रूप से भंग कर दिया है। उसके ये कार्य 1993 और 1996 के समझौतों सहित हमारे द्विपक्षीय करारों का उल्लंघन हैं, जिसके द्वारा दोनों पक्षों को वास्तविक नियंत्रण रेखा का कड़ाई से सम्मान और पालन करने की आवश्यकता होगी और दोनों पक्ष अपने सैन्य बलों को वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ वाले क्षेत्रों में एक न्यूनतम स्तर पर रखेंगे। जहाँ तक डब्ल्यूएमसीसी की बैठक का संबंध है, मेरे पास इस समय साझा करने के लिए कोई अपडेट नहीं है। जब भी इस बारे में कोई और घटनाक्रम होगा, हम निश्चित रूप से आपको सूचित करते रहेंगे । यतिन।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): महोदय, अब और कोई प्रश्न नहीं है ।

श्री अरिंदम बागची, सरकारी प्रवक्ता: आपका बहुत बहुत धन्यवाद। मीडिया वार्ता यहाँ समाप्त होती है। हमसे जुड़ने के लिए फिर से धन्यवाद। नमस्कार ।

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