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आधिकारिक प्रवक्ता द्वारा वर्चुअल साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग की प्रतिलिपि (जुलाई 08, 2021)

जुलाई 08, 2021

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता: आप सभी को शुभ संध्या। इस सप्ताह की मीडिया ब्रीफिंग में आपका स्वागत है। यतिन अब हमें प्रश्नों पर ले चलेंगे।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): सर, स्पुतनिक से धैर्य ने पूछा है, क्या आप कल तेहरान में श्री जयशंकर के रूकने के बारे में कुछ ब्यौरा साझा कर सकते हैं? क्या भारत ने अब जेसीपीओए में ईरान को शामिल करने के लिए समर्थन व्यक्त किया है। पीटीआई भाषा से दीपक रंजन पूछ रहे हैं, विदेश मंत्री जयशंकर की रूस और ईरान यात्रा के क्या निहितार्थ थे? (प्रश्न हिंदी में पूछा गया) दूरदर्शन से मेघना पूछ रही हैं, क्या विदेश मंत्री और उनके रूसी समकक्ष के बीच बातचीत के एजेंडे पर अफगानिस्तान की स्थिति पर कोई चर्चा हुई है? सीएनएन न्यूज़ 18 से महा और ब्लूमबर्ग से अर्चना के भी हमारे ऐसे ही सवाल हैं।

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता: धन्यवाद यतिन। जैसा कि आप जानते हैं, विदेश मंत्री कल रूस के दौरे के लिए रवाना हो गए। तेहरान में अपने तकनीकी पड़ाव के दौरान विद्श मंत्री ने ईरान के निर्वाचित राष्ट्रपति अयातुल्ला सय्यद इब्राहीम रईसी से मुलाकात की और ईरान के विदेश मंत्री डॉ जवाद जरीफ़ के साथ भी बैठक की। विदेश मंत्री ने हमारे प्रधानमंत्री का ईरान के निर्वाचित राष्ट्रपति को एक व्यक्तिगत संदेश दिया। दोनों पक्षों ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने अफगानिस्तान की उभरती स्थिति पर भी चर्चा की और उस देश में सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त की। दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय उत्तर दक्षिण परिवहन गलियारे और चाबहार बंदरगाह सहित इस क्षेत्र में संयुक्त संपर्क पहलों पर भी चर्चा की। विदेश ने इस क्षेत्र में भारत के हितों को दोहराया और शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के प्रयासों के लिए समर्थन दिया। जहां तक जेसीपीओए का संबंध है, हमने हमेशा यह बात रखी है कि इससे उत्पन्न मुद्दों को सभी पक्षों के बीच रचनात्मक कूटनीति और बातचीत के माध्यम से शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना चाहिए। और रूस पर हमने बाद में आपने उस प्रेस विज्ञप्ति को देखा होगा जो हमने जारी की है, यात्रा के महत्व और रूस में इसकी निर्धारित बातचीत को रेखांकित करते हुए। क्या रूस के नजरिए पर कोई और प्रश्न है?

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): ब्लूमबर्ग से अर्चना यह भी पूछ रही हैं, हम विदेश मंत्री की रूस यात्रा से क्या परिणाम की उम्मीद कर रहे हैं।

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता: जैसा कि हमने कहा है कि प्रेस विज्ञप्ति काफी विस्तृत थी इसमें उनकी व्यस्तताओं, रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव, उप प्रधानमंत्री यूरीबोरिसोव और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर राज्य ड्यूमा समिति के अध्यक्ष लियोनिद स्लुटस्की के साथ बैठकें शामिल हैं। विदेश मंत्री आज बाद में एक महत्वपूर्ण थिंक टैंक में व्याख्यान भी देंगे। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ती है, हम निश्चित रूप से अपडेट साझा करेंगे। यतिन अगला प्रश्न।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): सीएनएन न्यूज 18 से महा पूछ रहीं हैं, क्या भारत सरकार वहां तालिबान की पैठ बनाने के कारण कंधार में अपने वाणिज्य दूतावास को बंद करने की संभावना देख रही है? नवभारत टाइम्स से नरेंद्रनाथ का प्रश्न है, अफगानिस्तान में भारत का क्या निर्णय होगा? (प्रश्न हिंदी में पूछा गया) अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति पर भारत का क्या रुख होगा? पिछले कुछ दिनों में वहां हिंसक संघर्ष बढ़े हैं। विऑन से सिद्धांत पूछ रहें है, "आप अफगानिस्तान की स्थिति का आकलन कैसे करते हैं? क्या भारतीय नागरिकों को वापस लाने की कोई योजना है? ब्लूमबर्ग से अर्चना पूछ रही हैं, अफगानिस्तान के संभावित तालिबान अधिग्रहण को लेकर आप कितने चिंतित हैं? क्या भारत वर्तमान में तालिबान को एक ही बार में रोकने के लिए अफगान बलों को अपनी सैन्य सहायता को सशक्त कर रहा है? हमें फाइनेंशियल एक्सप्रेस से हुमा, पीआईओ टीवी से मुनीष और पीटीआई भाषा से दीपक रंजन के भी ऐसे ही प्रश्न है।

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता: देखिये, यह एक उभरती हुई तथा परिवर्तनीय स्थिति है। और उन प्रश्नों के विभिन्न पहलू हैं। मैं यह कहना चाहता हूं कि इस सप्ताह के शुरू में काबुल में हमारे दूतावास द्वारा एक स्पष्टीकरण जारी किया गया था, आपने उसे देखा होगा। स्पष्टीकरण से संकेत मिला कि काबुल में हमारा दूतावास और कंधार और मजार शरीफ में हमारे वाणिज्य दूतावास कार्यरत हैं। तथापि, हम अफगानिस्तान में सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति और अफगानिस्तान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा पर इसके प्रभावों पर सावधानीपूर्वक निगरानी रख रहें हैं। हमारी प्रतिक्रियाओं को तदनुसार अंशांकित किया जाएगा, इस पर निर्भर करता है कि स्थिति कैसे विकसित होती है।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): स्पुतनिक से धैर्य पूछ रहीं हैं, पाकिस्तान के सुरक्षा सलाहकार मोईद यूसुफ ने लाहौर बम धमाके के लिए भारत को दोषी ठहराया है। उन्होंने एक साक्षात्कार में यह भी कहा है कि पाकिस्तान अब भारत के साथ पिछले दरवाजे की वार्ता में शामिल नहीं है। विदेश मंत्रालय की क्या प्रतिक्रिया है। द प्रिंट से नयनिमा पूछ रही हैं, पाकिस्तान ने इस बात पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि पिछले महीने हुए लाहौर ब्लास्ट के पीछे भारत का हाथ है। इस पर भारत की क्या प्रतिक्रिया है? पीटीआई भाषा के दीपक का एक प्रश्न है, हाल ही में भारत पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने आरोप लगाया था कि वह अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ हाइब्रिड युद्ध में कर रहा है। इस पर मंत्रालय की क्या प्रतिक्रिया है?(प्रश्न हिंदी में पूछा गया)। हमारे पास नवभारत टाइम्स से नरेंद्रनाथ और विऑन से सिद्धांत के भी ऐसे ही प्रश्न है।

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता: मैं क्या कह सकता हूँ? पाकिस्तान के लिए भारत के खिलाफ बेबुनियाद प्रचार में शामिल होना कोई नई बात नहीं है।
पाकिस्तान को अपनी ऊर्जा अपनी धरती और वहां सुरक्षित आतंकवाद के पनागाहों के विरुद्ध विश्वसनीय तथा सत्यापनीय कार्रवाई करने के लिए व्यवस्थाओं को सही करने मे लगाना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय में आतंकवाद की बात करें तो पाकिस्तान की साख अच्छी तरह से ज्ञात हैं। इसकी स्वीकृति किसी और के द्वारा नहीं बल्कि खुद वहाँ के नेतृत्व द्वारा ओसामा बिन लादेन जैसे आतंकवादियों को शहीदों के रूप में महिमामंडित करता रहता है।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): गौतमलाहड़ी पूछ रहे हैं, पड़ोसी देश कोविडशील्ड टीकों की दूसरी खुराक का इंतजार कर रहे हैं जिसे की देना बाकी है, क्या भारत वाणिज्यिक समझौते को सांकेतिक संकेत के रूप में अनुमति दे सकता है? न्यूज प्वाइंट से प्रवीण गौतम पूछ रहे हैं, (प्रश्न हिंदी में पूछा गया) विदेशों से आयात किए जा रहे कोविड टीकों के बारे में नवीनतम अपडेट क्या है?, सीएनएन न्यूज 18 से महा का एक प्रश्न है, "डब्ल्यूएचओ से कोवैक्सीन की मंजूरी की प्रगति क्या है", पीआईओ टीवी से मुनीष पूछ रहे हैं, "यात्रियों के लिए भारतीय कोवैक्सीन को मंजूरी देने पर संयुक्त राज्य अमेरिका और ब्रिटेन जैसे प्रमुख देशों के साथ चर्चा पर कोई प्रगति?"

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता: फिर से, इस मुद्दे पर कई प्रश्न हैं । मैं उनमें से कुछ को संबोधित करने का प्रयास करता हूं। सर्वप्रथम, मैं इस बात को दोहराना चाहता हूं कि हमारा वर्तमान ध्यान भारत के घरेलू टीकाकरण कार्यक्रम की दिशा में घरेलू उत्पादन को पूरा करने पर जारी है। हम आयात के माध्यम से टीके की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए भी सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहे हैं। इससे हाल के सप्ताहों में टीकाकरण की गति बढ़ाने में मदद मिली है। और जहां तक टीकों के आयात का संबंध है, इस संबंध में मैं केवल इतना कह सकता हूं कि आपको स्वास्थ्य मंत्रालय से संपर्क करना चाहिए क्योंकि यह उनके अधीन आता है और वे आपको इस आयात के संबंध में सही स्थिति बता पाएंगे।(उत्तर हिंदी में दिया गया) विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोवैक्सीन अनुमोदन के बारे में हम प्रगति की निगरानी जारी रखे हैं, लेकिन मैं आपको भारत बायोटेक को संदर्भित करूंगा जो सही स्थिति के बारे मे बता सकते है। हम यह भी आशा करते हैं कि विभिन्न देश भारत निर्मित टीकों को तेजी से मान्यता देंगे।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): गौतमहिड़ी पूछ रहे हैं, कितने देशों ने भारतीय कोविन एप्लीकेशन को अपनाने में दिलचस्पी दिखाई है, भारत तकनीक को ट्रांसफर करने के लिए कैसे आगे बढ़ेगा और क्या भारत ने पड़ोसी देशों के साथ शुरुआत करने का फैसला किया है? न्यूजपॉइंट से प्रवीण गौतम पूछ रहे हैं, (प्रश्न हिंदी में पूछा गया) टीकाकरण अभियान के लिए अब तक कौन से देशों ने कोविन डिजिटल प्लेटफॉर्म अपनाने में रुचि दिखाई है? क्या भारत भी मुफ्त में सॉफ्टवेयर साझा करने के लिए तैयार है? "

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता: जैसा कि आप जानते हैं, एक बहुत महत्वपूर्ण घटना, कोविन वैश्विक कॉन्क्लेव इस सप्ताह के शुरू में 5 जुलाई को बुलाया गया था, जिसे वास्तव में हमारे प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा संबोधित किया गया था। यह विश्व को स्वदेश में विकसित डिजिटल समाधान, डिजिटल प्लेटफॉर्म कोविन की पेशकश करने का अवसर था और जो एक खुला स्रोत है जिसे सभी के साथ साझा किया जा सकता है। इसमें 140 से अधिक साझेदार देशों के 400 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। फिलहाल मैं उस पर यहीं छोड़ता हूँ, परंतु हमारे साझेदार देशों के साथ चर्चाएं जारी रहेंगी।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): मलयालम मनोरमा से राजीव मेनन पूछ रहे हैं, यात्रा प्रतिबंध और टीका ब्रांड से जुड़े निषेधों की वजह से भारतीय विशेषज्ञ वापस खाड़ी देश नहीं जा सके। क्या विदेश मंत्रालय भारतीयों के लिए यात्रा में छूट के लिए खाड़ी देशों के साथ कोई बातचीत कर रहा है? कई के वीजा की अवधि समाप्त हो चुकी है, लेकिन वे वीज़ा प्राप्त नहीं कर सके। क्या भारत इस देशों से वर्तमान परिस्थितियों में वीजा मानदंडों में छूट प्रदान करने के लिए कहेगा? नवभारत टाइम्स से नरेंद्रनाथ पूछ रहे हैं, (प्रश्न हिंदी में पूछा गया) विभिन्न देशों के दूतावास बंद होने के कारण कई छात्रों को वीजा मिलने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। क्या सरकार उनके संपर्क में है?

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता: जैसा कि हमने पहले कहा है, हमें उम्मीद है कि भारत में काफी बेहतर कोविड स्थिति के कारण, विभिन्न देश भारत से यात्रा के लिए प्रतिबंधों को कम करेंगे। हम जहां भी संभव हो, विदेशी भागीदारों के साथ इस मुद्दे को उठा रहे हैं। हाल ही में, विदेश मंत्री तथा विदेश राज्यमंत्री श्री मुरलीधरन ने खाड़ी देशों में हमारे राजदूतों के साथ बैठक की, जहां हमारे राजदूतों से भारत के साथ उड़ानों की बहाली के मुद्दे पर अपने मेजबान देशों के साथ बैठक करने का अनुरोध किया गया था। विदेश मंत्री ने इटली में हाल ही में हुई जी-20 मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान सऊदी अरब के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान इस मुद्दे को भी उठाया है, विदेश सचिव ने अपने समकक्षों के साथ इस मुद्दे को उठाया है, यात्रा के सामान्यीकरण और छात्रों, पेशेवरों की गतिशीलता और परिवार के पुनर्मिलन को सक्षम बनाने के लिए। इसलिए संक्षेप में, हम सक्रिय रूप से उन भारतीयों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं जिन्हें विश्व भर के विभिन्न देशों में वापस यात्रा करने की आवश्यकता है।
श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): टाइम्स नाउ से श्रीजॉय पूछ रहे हैं, मेहुल चोकसी और नीरव मोदी पर क्या अपडेट है? पीटीआई भाषा से दीपक पूछ रहे हैं, (प्रश्न हिंदी में पूछा गया) भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी और नीरव मोदी मामले की नवीनतम स्थिति क्या है?

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता:जहां तक ऐसे भगोड़ों को न्याय का सामना करने के लिए भारत वापस लाने की आवश्यकता पर आपकी चिंता का प्रश्न हैं, तो वास्तव में कानूनी कार्यवाही के बारे में तत्काल कोई अपडेट नहीं है। हम निश्चित रूप से इन मामलों पर बारीकी से नजर रखना जारी रखेंगे।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): एनडीटीवी से विष्णु सोम पूछ रहे हैं, क्या पेरिस में भारत सरकार की संपत्ति, जिसे कथित तौर पर अदालत के आदेश के अनुसार ज़ब्त किया गया है, में भारतीय राजदूत का निवास और पेरिस में दूतावास शामिल है? लाइव मिंट से एलिजाबेथ पूछ रही हैं, "भारत सरकार की रणनीति क्या होने जा रही है क्योंकि केयर्न एनर्जी ने फ्रांस में भारतीय परिसंपत्तियों को फ्रीज करने के लिए पेरिस की अदालत का आदेश हासिल किया है । एनडीटीवी से कादंबिनी पूछ रही हैं, पेरिस केयर्न मामले में 20 भारतीय संपत्तियों को जब्त करने के फ्रांसीसी अदालत के आदेश पर आपकी प्रतिक्रिया। ब्लूमबर्ग से अर्चना और हिंदू बिजनेसलाइन से अमिति सेन का भी इसी तरह का प्रश्न है।

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता: देखिए, हमने इस पर मीडिया की खबरें देखी हैं । यह वास्तव में एक ऐसा मामला है जिस पर वित्त मंत्रालय द्वारा कार्रवाई की गई है । और मैं समझता हूं कि मंत्रालय ने पिछले दिनों एक विस्तृत वक्तव्य जारी किया है । मैं आपको इन प्रश्नों के उत्तरों के लिए वहाँ संदर्भित करूंगा।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): द वायर से देवी रूपा पूछ रही हैं, ओआईसी महासचिव के साथ भारतीय राजदूत की मुलाकात का उद्देश्य क्या था? प्रेस विज्ञप्ति में उल्लिखित ओआईसी संकल्पों की समीक्षा क्या थी? क्या इस तरह से पिछली बैठक हुई है? " हिंदू से कलोल पूछ रहें है, "क्या विदेश मंत्रालय कृपया भारतीय राजदूत और इस्लामी सहयोग संगठन के महासचिव के बीच बैठक के विवरण के बारे में सूचित करेगा, जिसमें भारत के राजदूत को ओआईसी के महासचिव के साथ कश्मीर पर चर्चा करने के लिए प्रेरित किया। क्या यह कश्मीर पर भारत के पारंपरिक रुख का उल्लंघन द्विपक्षीय विवाद के रूप में नहीं है? क्या भारत ओआईसी प्रतिनिधिमंडल की कश्मीर यात्रा की अनुमति देगा?विऑन से सिद्धांत पूछ रहे हैं, सऊदी अरब में भारतीय दूत ने ओआईसी महासचिव से मुलाकात की थी, बातचीत के क्या बिंदु थे और क्या ओआईसी कश्मीर में एक टीम भेजना चाहता है। पाकिस्तान ने इस पर बयान भी जारी किया है। इस पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है? द प्रिंट से नयनिमा और एनडीटीवी से कादंबिनी के भी इसी तरह का प्रश्न है।

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता: हमने इस सप्ताह के शुरू में 5 जुलाई को हमारे राजदूत और सऊदी अरब के राजदूत और ओआईसी के महासचिव के बीच हुई बैठक के संबंध में ओआईसी सचिवालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति देखी है। यह बैठक वास्तव में ओआईसी महासचिव द्वारा हमारे राजदूत से मिलने के लिए किए गए पूर्व अनुरोध के प्रत्युत्तर में आयोजित की गई थी। इस बैठक के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा की गई। हमारे राजदूत ने भारत के बारे में कुछ गलत धारणाओं को दूर करने की आवश्यकता बताई जो ओआईसी में निहित स्वार्थों द्वारा किए जाते हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि ओआईसी को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि उनका मंच इन निहित स्वार्थों द्वारा भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणियों या पक्षपातपूर्ण और एक तरफा संकल्पों के माध्यम से भारत विरोधी प्रचार के लिए विकृत नहीं हो। पाकिस्तान के संबंध में, मैंने अपनी टिप्पणियों में निहित स्वार्थों का उल्लेख पहले ही कर दिया है। मुझे लगता है कि बहुत स्पष्ट है।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): नवभारत टाइम्स से नरेंद्रनाथ पूछ रहे हैं, (प्रश्न हिंदी में पूछा गया) स्टेन स्वामी की मौत के बाद विश्व भर के कई मानवाधिकार संगठनों ने सवाल उठाए हैं। विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में सरकार की राय स्पष्ट की थी, लेकिन इसके बावजूद अमेरिका के एक संगठन ने इस पर सवाल उठाए थे। इस पर विदेश मंत्रालय की क्या प्रतिक्रिया है?

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता: हां, जैसा कि आपने स्वयं कहा, हमने इस विषय पर एक प्रेस विज्ञप्ति वक्तव्य दिया है । मीडिया के काफी प्रश्न मिले। मैं केवल उसे दोहरा सकता हूं । मेरे पास अभी उस विषय पर कहने के लिए और कुछ नहीं है।(उत्तर हिंदी में दिया गया)

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): अर्चना ब्लूमबर्ग से पूछ रही हैं, क्या भारत सरकार ने फ्रांस के दसॉल्ट से राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद की जांच का आदेश देने वाली फ्रांसीसी अदालत पर टिप्पणी की है?

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता: यह स्पष्ट रूप से रक्षा मंत्रालय का मामला है, मैं आपको प्रतिक्रिया के लिए उनके पास भेजूंगा।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): फाइनेंशियल एक्सप्रेस से हुमा पूछ रही हैं, "क्या आप ग्वाटेमाला और कैरीकॉम देशों की विदेश राज्यमंत्री की यात्रा पर अपडेट साझा कर सकते हैं?"

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता: विदेश राज्यमंत्री श्री मुरलीधरन ग्वाटेमाला, जमैका और बहामास की आधिकारिक यात्रा पर हैं। आपने इस यात्रा से पहले जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति के साथ-साथ इस यात्रा के विभिन्न पैरों के लिए जारी की गई विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति को भी देखा होगा। मैं आशा करता हूं कि ये विस्तृत वक्तव्य आपके प्रश्न का समाधान करेंगे ।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): टाइम्स नाउ से श्रींजॉय पूछ रहे हैं, लद्दाख में कमांडर स्तर की बातचीत कब हो रही है? और पीटीआई भाषा से दीपक रंजन का एक प्रश्न है कि, पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ गतिरोध की वर्तमान स्थिति क्या है?(प्रश्न हिंदी में पूछा गया)

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता: आपको याद होगा कि भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र की 22वीं बैठक 25 जून को हुई थी। दोनों पक्षों ने अगले, 12वें दौर की वरिष्ठ कमांडरों की बैठक शीघ्र आयोजित करने पर भी सहमति व्यक्त की। हम निश्चित रूप से किसी भी अपडेट को साझा करेंगे। इस बीच, मैं इस बात को दोहराना चाहता हूं कि शेष क्षेत्रों में डिसइंगेजमेंट के जल्द पूरा होने से दोनों पक्षों के लिए सेनाओं की वृद्धि को रद्द करने और शांति और सौहार्द की पूर्ण बहाली सुनिश्चित करने और समग्र द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति को सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त हो सकता है ।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): टाइम्स नाउ से श्रींजॉय का एक और प्रश्न है, भारत सरकार ने लंबे अरसे बाद दलाई लामा को उनके जन्मदिन पर क्या कामना की?

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता: यह भारत सरकार की लगातार नीति है कि वह परम पवित्रदलाई लामा को भारत में एक सम्मानित अतिथि के रूप में और एक सम्मानित धार्मिक नेता के रूप में व्यवहार करती है जिनका भारत में एक बड़ाअनुयायी रहते हैं। परम पवित्र का जन्मदिन भारत और विदेशों में उनके कई अनुयायियों द्वारा मनाया जाता है ।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): पीआईओ टीवी से मुनीष पूछ रहे हैं, मुझे याद नहीं है कि पिछली बार विदेश मंत्रालय के पास कब तीन राज्य मंत्री थे। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा तीन राज्य मंत्रियों को शामिल करना और फेरबदल घरेलू स्तर पर रणनीतिक है, बाहरी संबंधों के मामले में इसका क्या अभिप्राय है?राज्यमंत्रीयों के लिए कोई विशेष आवंटन अथवा पोर्टफोलियो?

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता: देखिए, मैं प्रश्न में दिए गए वक्तव्यों पर टिप्पणी नहीं कर सकता, मैं केवल इतना कहना चाहता हूं कि कल मंत्रिमंडल में नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह हुआ जिसमें दो अतिरिक्त राज्य मंत्री विदेश मंत्रालय में शामिल हुए। दोनों मंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी और डॉ राजकुमाररंजन सिंह ने आज अपने कार्यभार संभाले, विदेश मंत्रालय टीम ने दोनों का गर्मजोशी से स्वागत किया।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): मेरे पास और कोई प्रश्न नहीं है सर।

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता: धन्यवाद यतिन। शामिल होने के लिए हमारे सभी दर्शकों को धन्यवाद। मैं अगले सप्ताह अपनी अगली मीडिया ब्रीफिंग के लिए तत्पर हूं। शुभ संध्या।

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