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प्रश्न संख्‍या 2018 धोखाधड़ी का शिकार हुए लोगों को सहायता दिया जाना

अगस्त 05, 2021

राज्यसभा
अतारांकित प्रश्न संख्‍या 2018
दिनांक 05.08.2021 को उत्तर देने के लिए

धोखाधड़ी का शिकार हुए लोगों को सहायता दिया जाना

2018. श्री सैयद जफर इस्लाम:

क्या विदेश मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि :

(क) मंत्रालय द्वारा विदेश में नौकरी दिलवाने के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी और फर्जी संस्थाओं द्वारा युवाओं के उत्पीड़न की जांच करने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए हैं;

(ख) भारतीय दूतावास द्वारा विदेशों में धोखाधड़ी का शिकार होने वाले भारतीय नागरिकों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए हैं;

(ग) क्या मंत्रालय ने इस क्षेत्र में सुधार लाने हेतु ऑनलाइन तंत्र के लिए कोई व्यवस्था की है; और

(घ) यदि हां, तो मंत्रालय द्वारा धोखाधड़ी और फर्जी संस्थाओं के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है?

उत्तर
विदेश राज्य मंत्री
(श्री वी. मुरलीधरन)

(क) से (घ) विदेश मंत्रालय को समय-समय पर उन भारतीय प्रवासियों या उनके रिश्तेदारों से शिकायतें प्राप्त होती हैं जिन्हें अवैध एजेंटों/फर्जी एजेंसियों या नकली संस्थाओं द्वारा धोखाधड़ी से विदेशों में रोजगार के लिए भेजा जाता है और उसके पश्चात उन्हें धोखाधड़ी, जालसाज़ी, नौकरियों से इनकार, खराब कार्यस्थितियों आदि का सामना करना पड़ता है। विदेश मंत्रालय (एमईए) का एक मजबूत शिकायत निवारण तंत्र है, जिसमें ई-मेल के साथ-साथ मदद और ई-माइग्रेट के माध्यम से शिकायतें दर्ज करना, सोशल मीडिया खातों के माध्यम से शिकायतें दर्ज करना, प्रवासी भारतीय सहायता केंद्र (पीबीएसके) शामिल हैं और यहां तक कि विदेश स्थित मिशन/कोंसुलवास तथा पीबीएसके में जाकर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

संकट में फंसे प्रवासियों को तत्काल राहत/बचाव प्रदान करने और नियोक्ता/प्रायोजक और/या स्थानीय अधिकारियों के साथ शिकायत के शीघ्र निवारण के लिए आवश्यकतानुसार, विदेश स्थित मिशनों/केंद्रों को शिकायतें भेजी जाती हैं। भारत में, अवैध एजेंटों और नकली संस्थाओं की शिकायतों सहित विवरण को संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की सरकार और पुलिस प्राधिकारियों को अग्रेषित किया जाता है और उनसे अवैध एजेंटों को पकड़ने और कानून के अनुसार उन पर मुकदमा चलाने का आग्रह किया जाता है। विदेश मंत्रालय अभियोजन स्वीकृति को शीघ्रता से जारी करता है, जिससे राज्य सरकार/पुलिस प्राधिकारियों को आरोपी एजेंटों और फर्जी संस्थाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने में सहायता मिलती है। सरकार ने 2016 में एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की थी, जिसका पालन राज्य सरकारों को ऐसी शिकायतें प्राप्त होने पर करना होता है। राज्य सरकारों से अपनी क्षेत्रीय भाषाओं में जनता के मध्य जागरूकता पैदा करने के लिए समय-समय पर दृश्य और प्रिंट मीडिया अभियान शुरू करने का भी अनुरोध किया गया है।

सरकार ने फर्जी एजेंसियों और संस्थाओं द्वारा धोखाधड़ी से और साथ ही खाड़ी एवं अन्य ईसीआर देशों में विदेशी नियोक्ताओं द्वारा शोषण और उत्पीड़न से युवाओं सहित भारतीय प्रवासियों के हितों की सुरक्षा/संरक्षण के लिए ऑनलाइन तंत्र सहित कई कदम उठाए हैं। इसमें निम्नलिखित शामिल है:

(i) ई-माइग्रेट पोर्टल, जिसमें सभी कानूनी/पंजीकृत भर्ती एजेंसियों का विवरण सूचीबद्ध है, और अवैध/नकली एजेंसियों और संस्थाओं की सूची भी है, जिसे नियमित रूप से अद्यतन किया जाता है। इसके अलावा, इस पोर्टल पर शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं।

(ii) नई दिल्ली स्थित प्रवासी भारतीय सहायता केंद्र (पीबीएसके) नामक एक बहुभाषी 24X7 हेल्पलाइन टेलीफोन, व्हाट्सएप और ईमेल के माध्यम से भर्ती एजेंसियों की वास्तविकता, भारतीय नागरिकों के विदेशी रोजगार से संबंधित सभी मुद्दों और समस्याओं पर मार्गदर्शन और शिकायत निवारण के बारे में जानकारी प्रदान करती है।

(iii) कोच्चि, हैदराबाद, चेन्नई, लखनऊ और दिल्ली में क्षेत्रीय प्रवासी सहायता केंद्र (केपीएसके) स्थापित किए गए हैं ताकि प्रवासियों या उनके रिश्तेदारों को भर्ती एजेंसियों की वास्तविकता के साथ-साथ विदेशी रोजगार से संबंधित उनकी समस्याओं/शिकायतों की जांच करने में सहायता मिल सके।

(iv) प्रवासी भारतीय कामगारों से संबंधित सभी मामलों पर मार्गदर्शन और परामर्श प्रदान करने के लिए दुबई (यूएई), रियाद, जेद्दा (सऊदी अरब अधिराज्य) और कुआलालंपुर (मलेशिया) में विदेशी प्रवासी भारतीय सहायता केंद्र (पीबीएसके) स्थापित किए गए हैं। मिशनों ने सहायता मांगने के लिए भारतीय कामगारों की मदद के लिए 24X7 हेल्पलाइन और टोल फ्री हेल्पलाइन भी शुरू की है।

(v) ऑनलाइन मदद पोर्टल प्रवासी कामगारों और उनके परिवार के सदस्यों को अपनी कौंसुलर शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज करने और उनके निवारण को ट्रैक करने में सक्षम बनाता है।

(vi) निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार संबंधित क्षेत्राधिकार वाले प्रवासी संरक्षक (पीओई) द्वारा शिकायतों का निपटारा किया जाता है।

(vii) भारतीय मिशन नियमित रूप से ओपन हाउस आयोजित करते हैं जहां कामगार अपनी कार्यस्थिति पर बोल सकते हैं और अपनी शिकायतों के निवारण की मांग कर सकते हैं।

(viii) ट्विटर सहित सोशल मीडिया के माध्यम से मंत्रालय और मिशनों के ध्यान में लाई गई शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाता है।

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