विकास भागीदारी के रूप में क्षमता निर्माण और तकनीकी सहायता

क्षमता निर्माण सहायता भारत के विकास साझेदारी कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण सिरा है। भारत सरकार विभिन्न मित्र देशों को विभिन्न रूपों, जैसे कि, भारत में नागरिक और सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम, विदेशों में प्रशिक्षण, भारतीय विशेषज्ञों की प्रतिनियुक्ति, आईटी में उत्कृष्टता केंद्रों तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना के लिए क्षमता निर्माण सहायता प्रदान करती है।

1964 में स्थापित भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (ITEC) कार्यक्रम, अब एशिया, अफ्रीका, पूर्वी यूरोप, लैटिन अमेरिका, कैरेबियाई के साथ-साथ प्रशांत और छोटे द्वीप देशों के लगभग 160 भागीदार देशों को शामिल करता है। आईटीईसी कार्यक्रम में ज्यादातर अल्पकालिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शामिल हैं जो विभिन्न धाराओं में सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भारतीय सार्वजनिक संस्थानों में सालाना आयोजित किये जाते हैं। इस कार्यक्रम का विस्तार 2006 के लगभग 4000 प्रशिक्षण स्लॉट से बढ़कर 2019-20 में 14000 स्लॉट (रक्षा प्रशिक्षण सहित) तक हो चुका है। 2019-20 के दौरान, आईटीईसी के तहत व्यापक और विविध रेंज क्षेत्रों में, 98 संस्थानों में 383 से अधिक पाठ्यक्रमों में नागरिक प्रशिक्षण स्लॉट की पेशकश की गई थी। इनमें इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी; सरकारी कार्य; पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन; कृषि; बैंकिंग, वित्त, लेखा और लेखा परीक्षा; अंग्रेजी भाषा; स्वास्थ्य और योग; पेट्रोलियम; आईसीटी; पत्रकारिता; प्रबंधन और नेतृत्व; सौर ऊर्जा सहित बिजली, नवीकरणीय और वैकल्पिक ऊर्जा; ग्रामीण विकास; महिला सशक्तिकरण आदि जैसे विषय शामिल हैं।

ई-आईटीईसी, आईटीईसी-ऑनसाइट और आईटीईसी कार्यकारी जैसे नए तौर-तरीकों को 2018 से आईटीईसी प्रस्तावों के गुलदस्ते में शामिल किया गया है।


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