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कजाख्स्तान की अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया मीडिया वक्तव्य

जुलाई 08, 2015

महामहिम राष्ट्रपति नूरसुल्तान नजरबायेव,
मीडिया के सदस्यो,

मुझे इस खूबसूरत देश की यात्रा करके खुशी हो रही है। यह एक छोटी लेकिन यादगार और फलदायी यात्रा रही है।

मैं शानदार स्वागत और आतिथ्य के लिए राष्ट्रपति नजरबायेव और कजाख़स्तान के लोगों के प्रति गहरा आभार व्‍यक्‍त करना चाहूँगा।

महामहिम, मैं 75 वें जन्मदिन पर आपको एक बार फिर बधाई देता हूँ। मैं आपके उत्‍तम स्वास्थ्य की कामना करता हूँ और आशा करता हूँ कि आप अपने देश और मानवता के लिए लंबे समय तक सेवा प्रदान करेंगे।

राष्‍ट्रपति महोदय, आपके नेतृत्व की बहुत अधिक प्रशंसा की जाती है। आपने कजाख़स्‍तान को तीव्र विकास के पथ पर डाल दिया है। आपने क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों में प्रसिद्ध भूमिका निभाई है।

मैं कजाख़ खनाते की 550वीं वर्षगांठ और कजाख़स्तान के संविधान की 20 वीं वर्षगांठ के मौके पर कजाख़स्तान के लोगों को बधाई देता हूँ।

मैंने यह भी जाना है कि यह खूबसूरत नई राजधानी अभी भी अस्ताना दिवस मना रही है।

इसलिए, यह कजाख़स्तान की यात्रा करने का वास्तव में एक अच्‍छा समय है।

कल शाम मैंने मध्य एशिया के साथ भारत के संबंधों के बारे में अपनी संकल्‍पना की बात की। कजाख़स्तान इस संकल्‍पना को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

हम कजाख़स्तान के साथ अपने संबंधों को बहुत अधिक महत्व देते हैं। हममें बाजारों, संसाधनों और कौशलों का एक सुदृढ़ सहक्रियात्‍मक संबंध है। हमने अनेक क्षेत्रों में अपनी आर्थिक नीतियों, दृष्टिकोणों और रणनीतियों में उल्लेखनीय समानता को ढूंढ़ निकाला है।

हमने क्षेत्रीय शांति, कनेक्टिविटी और एकीकरण; संयुक्त राष्ट्र में सुधारों; और, आतंकवाद से लड़ाई लड़ने सहित कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर दृष्टिकोणों को साझा किया है।

कजाख़स्तान इस क्षेत्र में हमारा सबसे बड़ा आर्थिक भागीदार है। लेकिन, हमारे संबंध हमारी क्षमता की तुलना में मामूली हैं। हम आर्थिक संबंधों को एक नए स्‍तर पर ले जाने के लिए एक साथ मिलकर काम करेंगे।

कजाख़स्‍तान उन पहले देशों में शामिल था जिनके साथ हमने यूरेनियम खरीद अनुबंध के माध्यम से असैन्‍य परमाणु सहयोग की शुरुआत की। हमें खुशी है कि अब हमने कहीं अधिक बड़ा दूसरा अनुबंध किया है।

हम दूसरे खनिज पदार्थों में भी सहयोग का विस्तार करने के इच्‍छुक हैं।

हाइड्रोकार्बन हमारे लिए उच्च प्राथमिकता का एक और क्षेत्र है। कल शाम, हमने कजाख़स्‍तान में भारतीय निवेशों के जरिए पहले ऑयल फील्‍ड में अन्वेषण के लिए ड्रिलिंग कार्य का शुभारंभ किया।

मुझे खुशी है कि राष्ट्रपति नजरबायेव ने भारतीय निवेशों के लिए अतिरिक्त तैयार ब्लॉकों पर विचार करने के मेरे अनुरोध पर स्‍वीकारात्‍मक प्रतिक्रिया व्यक्त की।

हम विनिर्माण और बुनियादी ढांचे में दोनों दिशाओं में निवेश करने को भी प्राथमिकता देंगे। मैंने कल प्रधानमंत्री मस्‍सीमोव के साथ बिजनेस राउंडटेबल की जो अध्यक्षता की उसमें हुए इंटरएक्‍शन को लेकर मैं काफी उत्‍साहित हूँ।

हम वाणिज्य और उद्योग के अपने चैम्‍बरों के संयुक्त व्यापार परिषद से सहयोग के नए रोडमैप की उम्‍मीद करते हैं।

कजाख़स्तान का ग्रीन ब्रिज विजन अगले सात वर्षों में 175 गीगावॉट की अक्षय ऊर्जा का उत्‍पादन करने की भारत की महत्वाकांक्षी योजना के समान है। उपस्‍कर का विनिर्माण करने के सहित यह सहयोग का एक और प्राथमिकता-प्राप्‍त क्षेत्र है। इसके अतिरिक्‍त, भारत अस्ताना में एक्सपो 2017 में बड़े पैमाने पर भाग लेगा।

हम अंतरिक्ष और सूचना प्रौद्योगिकी के साथ-साथ शासन और विकास में उनकी अनुप्रयोज्‍यता के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाएंगे।

हम दोनों इस बात पर सहमत हैं कि कनेक्टिविटी एक ऐसा महत्‍वपूर्ण मुद्दा है जिसका हम हल ढूंढ़ेंगे।

अंतर्राष्ट्रीय उत्‍तर - दक्षिण कोरिडोर, ईरान – कजाख - तुर्कमेनिस्‍तान रेल लिंक संपर्क, व्‍यापार एवं पारगमन पर अश्‍काबत करार में शामिल होने में भारत के हित से और ईरान में चाहबहार बंदरगाह में भारत के निवेश से कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।

यूरेशियन आर्थिक संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते के लिए भारत के प्रस्ताव पर संयुक्त अध्ययन समूह हमारे और अधिक निकट आर्थिक एकीकरण की दिशा में कदम है।

मानव संसाधनों का विकास दोनों देशों के लिए एक प्राथमिकता है। कल, मैंने यूरेशियन नेशनल यूनिवर्सिटी में भारत-कजाख़स्‍तान सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केन्‍द्र का उद्घाटन किया। हमें इस बात की खुशी है कि इसके लिए भारत ने एक सुपर कम्‍पयूटर दिया है।

युवाओं पर ध्यान केन्द्रित करने की अपनी नीति के अनुरूप हमने छह कजाख विश्‍वविद्यालयों के साथ अगले पांच वर्षों के लिए एक नए यूथ एक्‍सचेंज प्रोग्राम का शुभारंभ किया है।

रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र का हमारा सहयोग हमारी सामरिक भागीदारी का एक महत्वपूर्ण आयाम है। हम दोनों इसमें रक्षा विनिर्माण को शामिल करते हुए इसे और अधिक सुदृढ़ बनाना चाहते हैं। हम रक्षा सहयोग पर नए समझौता ज्ञापन का स्वागत करते हैं।

राष्ट्रपति और मैं, संयुक्त राष्ट्र एवं इसकी सुरक्षा परिषद में सुधार किए जाने की सख्‍़त जरूरत पर सहमत हुए। मैं पुनर्गठित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक स्थायी सीट के लिए भारत की उम्मीदवारी और अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर संयुक्त राष्ट्र के एक व्यापक अभिसमय के लिए कजाख़स्‍तान द्वारा निरंतर समर्थन किए जाने के लिए उन्‍हें धन्यवाद देता हूँ।

मैंने 2017-18 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अस्थायी सीट के लिए कजाख़स्‍तान की उम्मीदवारी के लिए भारत के समर्थन को दोहराया।

मैं 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मिली अपार वैश्विक सफलता बनाने में उनके और कजाख़स्‍तान के लोगों द्वारा दिए गए समर्थन के लिए भी कृतज्ञता व्‍यक्‍त करता हूँ।

राष्‍ट्रपति महोदय, एक बहुत ही फलदायी और सुखद यात्रा के लिए आपका धन्यवाद। मैं महसूस करता हूँ कि इस यात्रा ने फलदायी सहयोग के कई नए क्षेत्रों सहित, एक बहुत व्यापक और गहरा रिश्ता कायम करने का दरवाजा खोल दिया है।

मैंने राष्ट्रपति नजरबायेव को भारत आने का निमंत्रण दिया है और उनका भारत में स्‍वागत करने का इच्‍छुक हूँ।

धन्यवाद।

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