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प्रवासियों के संरक्षकों के तीसरे वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में विदेश मंत्री का मुख्य भाषण

जून 15, 2020

1. मेरे मंत्री सहकर्मी श्री मुरलीधरन जी, सचिव (सीपीवी और ओआईए) संजय भट्टाचार्य, प्रवासियों के प्रोटेक्टर जनरल, अमृत लुगुन, प्रोटेक्टर जनरल नामित, योगेश्वर सांगवान, प्रिय सहयोगियों।

2. जैसा कि सचिव (सीपीवी) ने कहा, आज काम करने का यह तरीका सिर्फ एक 'न्यू नॉर्मल' नहीं है, मुझे लगता है कि विशेष रूप से जिस विषय पर हम आज चर्चा कर रहे हैं, उसका महत्व शायद और भी अधिक है, यह वास्तव में बहुत सामयिक है कि हम वास्तव में अपने सामने उत्पन्न चुनौतियों और मुद्दों पर चर्चा करने के लिए आज एकत्र हुए हैं।

3. मैं प्रवासियों के संरक्षकों के तीसरे वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रसन्न हूं, जिसको हम पहली बार डिजिटल प्रारूप में आयोजित कर रहे हैं। सम्मेलन का फोकस, निश्चित रूप से, प्रवासन के सभी पहलुओं से संबंधित हमारी नीतियों और कार्यप्रणालियों की समीक्षा करना है।यह हमेशा एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी थी और एक यह कि इसने कोरोनोवायरस महामारी की वजह से और भी अधिक महत्व हासिल कर लिया है।

4. आप सभी जानते हैं कि भारत आज वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए विश्वसनीय प्रतिभा और प्रतिस्पर्धी कौशल का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। शायद किसी भी अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्था से अधिक, मानव संसाधन दुनिया के साथ हमारे जुड़ाव के मूल में हैं।वे योग्यता, आय और आत्मविश्वास के स्तर के संदर्भ में एक व्यापक स्पेक्ट्रम का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका क्षेत्रीय वितरण भी इस विविधता को दर्शाता है।आपका ध्यान, प्रवासियों के संरक्षक के रूप में, इसलिए विशेष भौगोलिक क्षेत्रों और विदेशों में हमारे नागरिकों पर है जिन्हें सरकार से समर्थन की अधिक आवश्यकता है। वास्तव में, जैसा कि आप सभी जानते हैं, इस प्रवासन की प्रक्रिया में आपकी भूमिका बहुत पहले ही शुरू हो जाती है।आप एक ही समय में रेगुलेटर, ईनेबलर, मॉनिटर और सपोर्ट सिस्टम हैं। यह वह श्रृंखला है जिस पर हम आज चर्चा और समीक्षा करने के लिए एकत्रित हुए हैं और भविष्य की चुनौतियों की तैयारी के दौरान अपने स्वयं के प्रदर्शन का आकलन करेंगे।

5. हमारी सरकार ने पिछले छह वर्षों में भारतीय प्रवासियों के हितों को बढ़ावा देने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।हमने POE के 3 नए कार्यालय स्थापित किए हैं, जो कुल मिलाकर वर्तमान में 13 हैं।इसने हमारी पहुंच देश के अधिकांश हिस्सों तक बढ़ा दी है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ से विदेशों में प्रवासियों का प्रवाह होता है।हमने POE और पासपोर्ट कार्यालयों के बीच तालमेल और समन्वय को भी बढ़ावा दिया है। प्रवासी भारतीय सेवा केंद्रों के खुलने से, देश के विभिन्न हिस्सों में 5 और विदेशों में 3, हमारे प्रवासियों को बेहतर सहायता और सेवाएं प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य है।

6. सरकार का ध्यान भावी प्रवासियों को बेहतर अवसर और कल्याणकारी उपाय उपलब्ध कराने पर रहा है।इसलिए, हम प्रवासन और मोबिलिटी समझौतों के माध्यम से यात्रा और अवसर प्रदान करने में सहुलियत , सामाजिक सुरक्षा योगदान की सुरक्षा और प्रवासन प्लेटफार्मों के एकीकरण और कौशल मिलान और बेहतर पारिश्रमिक प्रदान करने के लिए विदेशी सरकारों के साथ बातचीत में लगे हुए हैं।

7. कल्याण और संरक्षण के मामले में जिन लोगों को हमने विशेष प्राथमिकता दी है, उनमें से खाड़ी क्षेत्र और दक्षिण पूर्व एशिया में काम करने वाले भारतीय हैं।हम विदेशी नियोक्ताओं के साथ-साथ बेईमान भर्ती एजेंटों द्वारा उनकी अरक्षितता को कम करने, शोषण और उत्पीड़न पर अंकुश लगाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।मंत्रालय द्वारा पंजीकृत भर्ती एजेंटों की संरचना और भूमिका में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं। फिर भी, अभी भी धोखाधड़ी, अवैध एजेंटों और अनियमित तरीके से काम के लिए जाने के प्रयास के मामले आते रहते हैं।ऐसी कार्यप्रणालियों का मुकाबला करने में हमारे PoEsकी भूमिका महत्वपूर्ण है। आपको जागरूकता फैलानी होगी और अपने संबंधित अधिकार-क्षेत्रों में श्रमिकों की शिकायतों का समाधान करनाहोगा ।हम सभी ने सबसे असुरक्षित प्रवासियों, विशेष रूप से ब्लू-कॉलर कामगारों, नाविकों और महिला प्रवासियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए बहुत प्रयास किए हैं।ई-माइग्रेट प्रणाली मेजबान सरकारों के सहयोग से श्रमिकों के अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत तंत्र प्रदान करती है। यूएई, सऊदी अरब और अन्य जीसीसी देशों और मलेशिया के साथ ई-माइग्रेट प्लेटफ़ॉर्म के एकीकरण से इन प्रयासों में बहुत मदद मिलेगी।

8. हमने विदेशों में संकट में फंसे भारतीयों के लिए कल्याणकारी उपाय मुहैया कराने के लिए भारतीय सामुदायिक कल्याण कोष (ICWF) के उपयोग को भी उदार बनाया है।इसकी एक विशेष प्रासंगिकता है क्योंकि हमने कोविड -19 महामारी के कारण हुए आर्थिक संकट में प्रतिक्रिया दी थी। इस के अलावा प्रवासी भारतीय बीमा योजना है, जो विदेशों में यात्रा करने वाले श्रमिकों को बीमा कवर प्रदान करती है। हमारे प्रयासों का उद्देश्य सुरक्षित, व्यवस्थित, कानूनी और मानवीय प्रवासन प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।

9. विदेशों में हमारे लोगों के कौशल सेटों की निगरानी प्रवासन के विनियमन और संवर्धन का एक आंतरिक पहलू है। लेकिन, इसकी आज अधिक प्रासंगिकता है क्योंकि हम प्रवासियों की वापसी की संभावना देख रहे हैं।जुलाई 2015 में, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना को इसके कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय कौशल विकास निगमों के साथ लॉन्च किया गया था।साथ में, हम अपने प्रस्थान-पूर्व ओरिएंटेशन ट्रेनिंग (पीडीओटी) कार्यक्रम के लिए सहयोग कर रहे हैं जो उस देश के रीति-रिवाजों, विनियमों और अभिविन्यास के बारे में व्यावहारिक कौशल प्रदान करता है जिसमें श्रमिक यात्रा कर रहे थे।स्पष्ट रूप से, इस डोमेन में बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है। मंत्रालय अब इसे कौशल मानचित्रण के माध्यम से आगे बढ़ाने, विदेशों में कौशल परिषदों के साथ सहयोग और पूर्व शिक्षा (आरपीएल) को मान्यता देने की मांग कर रहा है, ताकि हमारे कामगार भी मूल्य श्रृंखला को आगे बढ़ा सकें और विदेशों में या घर पर बेहतर आय अर्जित कर सकें।

10. हमें इस बात पर भी जोर देना चाहिए कि प्रवासियों के हमारे डेटाबेस में सुधार करना आवश्यक है। हमें डेटा को अधिक मजबूत और व्यापक तरीके से कैप्चर करने के तरीके और साधन खोजने की आवश्यकता है। इसी समय, सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करते हुए एक आसान प्रवासन को बढ़ावा देने के बीच सही संतुलन बनाना जरूरी है। मुझे यकीन है कि आप सभी इसके प्रति सचेत होंगे क्योंकि आज आप अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करेंगे और इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

11. विदेश मंत्रालय के राज्य संपर्क कार्यक्रम के माध्यम से राज्य सरकारों के साथ हमारी नियमित बातचीत के साथ, प्रवासन प्रबंधन में राज्य सरकारों की संवेदनशीलता और भागीदारी भी गहरी हो गई है।राज्य यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं कि विदेश जाने वाले हमारे कर्मचारियों के पास उपलब्ध नौकरियों के लिए आवश्यक कौशल हो।हमारे कई कामगार, जो लंबे समय तक विदेश में सेवा करने के बाद उन्नत कौशल और क्षमताओं के साथ लौटते हैं, भारत के विकास में योगदान दे सकते हैं।वास्तव में, हम इस तरह के डेटा कैप्चर और मैपिंग में वंदे भारत मिशन के साथ एक तत्व के रूप में जुड़े हुए हैं जो वर्तमान में चल रहा है। विदेश मंत्रालय ने कुशल श्रमिकों के लिए एक डेटाबेस SWADES विकसित करने के लिए NSDC को डेटा प्रवाह की सुविधा प्रदान की है। ई-माइग्रेट के साथ, ये प्रवासी श्रमिकों के लिए कौशल-नौकरी मिलान के लिए बुनियादी टूल बन सकते हैं।

12. देश के बाकी हिस्सों की तरह, प्रवासियों के संरक्षकों को भी कोविड के बाद की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने और कोविड के बाद की दुनिया को जोड़ने की चुनौती का सामना करना होगा।वर्तमान में हम यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि विदेशों में हमारी प्रतिभा और कौशल पर महामारी के नकारात्मक आर्थिक परिणामों को कम किया जासके। यह न केवल हमारे विभिन्न द्विपक्षीय रिश्तों की गुणवत्ता से प्रभावित है बल्कि समग्र रूप से सहायक दृष्टिकोण है जो हमने अपने भागीदारों की स्वास्थ्य और आर्थिक आवश्यकताओं के संबंध में प्रदर्शित किया है।यह जरूरी है कि हम अपने बाजार की हिस्सेदारी को जल्द से जल्द बहाल कर लें। आने वाले महीनों में उस दिशा में समर्पित प्रयास देखने को मिलेंगे। पीओई इस राष्ट्रीय उद्देश्य के लिए महत्वपूर्ण योगदान कर सकता है।

13. मैं आप सभी को बहुत ही उत्पादक दिन की शुभकामनाएं देता हूं। मुझे यकीन है कि जैसा कि आप आगे आने वाली चुनौतियों पर विचार-विमर्श करते हैं, आप ध्यान रखेंगे कि आपके प्रयासों से कई लोगों के जीवन और हमारे राष्ट्र के हितों पर बड़ा फर्क पड़ सकता है।

 

ध्यान देने के लिए आपका धन्यवाद।
नई दिल्ली
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