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भारत के विदेश मंत्री की मालदीव की आधिकारिक यात्रा पर संयुक्त प्रेस वक्तव्य

फरवरी 21, 2021

  • मालदीव गणराज्य के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद के निमंत्रण पर, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 20-21 फरवरी 2021 को मालदीव की आधिकारिक यात्रा की। उनके साथ गए प्रतिनिधिमंडल में भारत सरकार के कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहें।
  • इस यात्रा के दौरान, विदेश मंत्री ने मालदीव गणराज्य के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह से मुलाकात की। उन्होंने पीपुल्स मजलिस के अध्यक्ष मोहम्मद नशीद से भी मुलाकात की। उन्होंने विदेश मामलों, रक्षा, वित्त, आर्थिक विकास, खेल, और राष्ट्रीय योजना, आवास व अवसंरचना विभाग के संबंधित मंत्रियों के साथ भी अहम बैठकें कीं।
  • डॉ. एस. जयशंकर और उनके समकक्ष अब्दुल्ला शाहिद ने 20 फरवरी 2021 को विगत दो सालों में घनिष्ठ संबंधों से बने बेहद दोस्ताना माहौल में मुलाकात की। दोनों देश मालदीव और भारत के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 55वीं वर्षगांठ मना रहे हैं, इसलिए इस अवसर पर दोनों मंत्रियों ने इस संबंध को और गहरा व मजबूत बनाने तथा सहयोग के नए क्षेत्रों की तलाश करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों मंत्रियों ने नवंबर 2018 से दोनों देशों के बीच हुई कई उच्च-स्तरीय यात्राओं पर चर्चा की, और कोविड-19 महामारी के बावजूद भी दोनों देशों के बीच जुड़ाव जारी रहने की सराहना की। उन्होंने कहा कि विगत दो सालों में, राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की वजह से मालदीव और भारत के बीच की साझेदारी उच्च महत्वाकांक्षा और आपसी लाभ हेतु समन्वित कार्रवाई करने के एक नए दौर में पहुंच गई है।
  • विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने 20 जनवरी 2021 को उपहार स्वरुप दी गई 100,000 खुराकों के अलावा, मालदीव के लोगों के लिए कोविशिल्ड वैक्सीन की अतिरिक्त 100,000 खुराकें सौंपने के लिए भारत तथा भारत के लोगों की सराहना की। विदेश मंत्री शाहिद ने कोविड-19 महामारी के दौरान, विशेष रूप से बजट सहायता के रुप से 250 मिलियन अमेरिकी डॉलर की वित्तीय सहायता की बात करते हुए, मालदीव के लोगों और मालदीव की सरकार को दी गई विभिन्न प्रकार की सहयता के लिए भारत सरकार को धन्यवाद दिया।
  • दोनों विदेश मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि लोगों-से-लोगों का संपर्क द्विपक्षीय संबंध की रीढ़ है। अगस्त 2020 में बनायी गई एयर ट्रैवल बबल व्यवस्था के तहत मालदीव और भारत के बीच तय फ्लाइट्स के फिर से शुरू होने से साझा लाभ हेतु जुड़ाव बढ़ा है और महामारी के बावजूद दोनों देशों के बीच संबंध घनिष्ठ हुए हैं। विदेश मंत्री शाहिद ने एयर ट्रैवल बबल व्यवस्था की सराहना की जिसकी वजह से भारतीय सीमाओं के बंद होने के बावजूद चिकित्सा हेतु मालदीव के लोगों को भारत जाने की सुविधा मिली। एयर ट्रैवल बबल व्यवस्था से मालदीव आने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या भी बढ़ी, जिससे भारत 2020 के दौरान मालदीव के लिए सबसे बड़ा पर्यटक-स्रोत बन गया और 2021 में अब तक शीर्ष स्थान पर कायम है। अभी, हर सप्ताह मालदीव और भारत के सात गंतव्यों के बीच 45 से अधिक फ्लाइट्स चल रही हैं। विदेश मंत्री शाहिद ने कहा कि भारतीय पर्यटकों की बढ़ती संख्या से महामारी से उबरने में मदद मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि हनीमाधू हवाई एयरपोर्ट और अडू गण एयरपोर्ट का निर्माण 800 मिलियन अमेरिकी डॉलर के लाइन ऑफ क्रेडिट के तहत किया जा रहा है, जिससे कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी और अधिक संख्या में पर्यटक मालदीव आने हेतु आकर्षित होंगे।
  • दोनों मंत्रियों ने भारत सरकार द्वारा मुहैया कराये गए लाइन ऑफ क्रेडिट के माध्यम से वित्तपोषित विभिन्न अवसंरचना विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन की स्थिति पर चर्चा की, जिनपर मालदीव सरकार सबसे अधिक ध्यान दे रही है। इस यात्रा के दौरान अडू शहर में सड़कों तथा ड्रेनेज सिस्टम के निर्माण संबंधी अनुबंध पर हस्ताक्षर किये गए। यह मालदीव और भारत द्वारा संयुक्त रूप से कार्यान्वित की जा रही आठ प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं में से पहली परियोजना है। ग्रेटर माले कनेक्टिविटी – माले से थिलाफुशी लिंक परियोजना (जीएमसीपी) को भारत द्वारा वित्तीय सहायता देने की घोषणा के छह महीने के भीतर ही, वित्त मंत्रालय ने इस सप्ताह इस संदर्भ में निविदा भी प्रकाशित की थी। दोनों मंत्रियों ने इस बात पर भी संतुष्टि जताई कि 34 द्वीपों पर जल एवं स्वच्छता अवसंरचना के निर्माण से संबंधित अनुबंध पर भी इसी महीने हस्ताक्षर किया जाएगा, और हनीमाधू एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा। कई प्रमुख परियोजनाओं का निविदा चरण जल्द ही पूरा हो जायेगा, और दोनों मंत्रियों ने इसमें तेजी लाने हेतु घनिष्ठ समन्वय बनाये रखने पर सहमति व्यक्त की।
  • विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने मालदीव के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए भारत की सराहना की। उन्होंने कहा कि उच्च प्रभाव वाली सामुदायिक विकास परियोजनाएं और लघु अनुदान परियोजनाएं स्थानीय समुदायों के लिए बहुत फायदेमंद हैं। इस यात्रा के दौरान नूनू अटोल केंदिकुलधु में गाधिसू मास प्लांट की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। उच्च प्रभाव वाली सामुदायिक विकास परियोजना योजना के तहत वित्तपोषित होने वाली यह बारहवीं परियोजना है। मालदीव विदेश मंत्री शाहिद ने इस योजना के तहत वित्तपोषण की दूसरी किश्त जारी करने का अनुरोध किया। इस यात्रा के दौरान, दोनों मंत्रियों ने हुलहुमेले द्वीप में भारतीय अनुदान सहायता से वित्तपोषित दो परियोजनाओं - मार्ग, प्रकाश एवं बैठने की व्यवस्था का विकास, साथ ही हुलहुमेले सेंट्रल पार्क के दो क्षेत्रों की सॉफ्ट स्केपिंग, और हुलहुमेले वेस्टसाइड जेट्टी का नवीकरण का उद्घाटन किया।
  • दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने अडू शहर में बनाए जा रहे नेशनल कॉलेज ऑफ पुलिसिंग एवं लॉ इन्फोर्समेंट स्टडीज की प्रगति पर भी चर्चा की। कोविड-19 के बावजूद, परियोजना जारी रही है और इसका उद्घाटन अप्रैल 2021 में किये जाने की संभावना है। दोनों मंत्रियों ने मालदीव और भारत के पुलिस संगठनों के बीच सहयोग को संस्थागत बनाने और प्रशिक्षण प्रबंधन में सहयोग, और दोनों देशों के बीच प्रशिक्षकों व प्रशिक्षुओं का आदान-प्रदान के संबंध में हुई प्रगति पर भी चर्चा की।

  • दोनों मंत्रियों ने वैश्विक चुनौतियों से निपटने हेतु एक प्रभावी बहुपक्षीय प्रणाली बनाने की आवश्यकता पर चर्चा की और महासभा तथा सुरक्षा परिषद सहित संयुक्त राष्ट्र के मुख्य निकायों के सुधार की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की। मालदीव ने विस्तारित एवं सुधरे हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए अपना समर्थन दोहराया। भारत ने भी महासभा के 76वें सत्र की अध्यक्षता हेतु मालदीव की उम्मीदवारी के लिए अपना समर्थन दोहराया। दोनों देशों के मंत्री नवंबर 2021 में ब्रिटेन के ग्लासगो में आयोजित होने वाले यूएनएफसीसीसी में कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज के 26 वें सत्र की अगुवाई में जलवायु परिवर्तन के खतरे जैसे वैश्विक चुनौतियों का हल तलाशने में सहयोग करने और एक साथ मिलकर काम करने पर सहमत हुए।
  • रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग के महत्व को समझते हुए, दोनों मंत्रियों ने हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने सीमा-पार आतंकवाद सहित आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों का मुकाबला करने, हिंद महासागर में नेविगेशन की स्वतंत्रता तय करने हेतु इस क्षेत्र में शांति बनाए रखने समेत क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने में आपसी समन्वय को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों देशों के मंत्रियों ने हिंसात्मक चरमपंथ और डी-रेडिकलाइजेशन का मुकाबला करने हेतु आतंकवाद-प्रतिरोध पर संयुक्त कार्यदल की पहली बैठक बुलाने के लिए साथ मिलकर काम करने पर सहमति जताई।
  • विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने खेल अवसंरचना के विकास के लिए 40 मिलियन अमेरिकी डॉलर के नई लाइन ऑफ क्रेडिट की पेशकश का स्वागत किया और कहा कि इससे नई खेल अवसंरचना बनाने में मदद मिलेगी। खेल के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच तेजी से मजबूत होते सहयोग का जश्न मनाने हेतु भारत के वित्तपोषण से बनाये गए नव पुनर्निर्मित एक्यूवेनी ट्रैक में एक विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस समारोह में मजलिस के अध्यक्ष मोहम्मद नशीद, विदेश मामलों के मंत्री, युवा, खेल एवं सामुदायिक सशक्तिकरण मंत्री अहमद महलोफ, संसद सदस्यों और खेल संघों के अध्यक्षों के साथ विदेश मंत्री जयशंकर भी शामिल हुए।
  • 2011 में हुए 40 मिलियन अमेरिकी डॉलर के लाइन ऑफ क्रेडिट से संबंधित एक संशोधन समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए थे। इस संशोधन समझौते के तहत, इस लाइन ऑफ क्रेडिट के तहत 25.64 मिलियन अमेरिकी डॉलर की अप्रयुक्त राशि को मालदीव में सड़क विकास परियोजनाओं के लिए दिया जाएगा। और रक्षा परियोजनाओं के लिए मालदीव सरकार तथा एक्जिम बैंक इंडिया के बीच 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर के लाइन ऑफ क्रेडिट समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। हुलहुमेले में 2000 सामाजिक आवास इकाइयों के डिजाइन तथा निर्माण का समर्थन करने के लिए एक्जिम बैंक की क्रेता क्रेडिट योजना के तहत क्रेडिट सुविधा का विस्तार करने हेतु इस यात्रा के दौरान फही धीरीहुलुन निगम और एक्जिम बैंक के बीच एक आशय पत्र पर भी हस्ताक्षर किए गए थे। और इस संदर्भ में, दोनों देशों के मंत्रियों ने मालदीव में भारतीय निवेशकों की बढ़ती रुचि पर प्रसन्नता व्यक्त की।
  • यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए गए अन्य समझौता ज्ञापनों में लोक सेवा मीडिया और प्रसार भारती के बीच सहयोग, और सतत शहरी विकास पर राष्ट्रीय योजना, आवास व बुनियादी ढांचा, मालदीव और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय, भारत के बीच सहयोग शामिल हैं। दोनों मंत्रियों ने सहमति व्यक्त की कि इन समझौता ज्ञापनों से सहयोग के नए क्षेत्रों का विस्तार होगा, जिससे पहले से ही मजबूत द्विपक्षीय सहयोग और सुदृढ़ बनेगा।
  • भारत के विदेश मंत्री ने रक्षा मंत्री मारिया दीदी के साथ रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग के विभिन्न पहलुओं की भी समीक्षा की।
  • इस यात्रा के दौरान, सिफावारु (उथुरु थिला फालु) में मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स कोस्टगार्ड बंदरगाह के विकास, समर्थन एवं रखरखाव के लिए समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते पर इसके अधिकार क्षेत्र में मालदीव के रक्षा बलों; और ईईजेड व द्वीपों की समुद्री निगरानी करने की क्षमता को बढ़ाने हेतु मालदीव सरकार का समर्थन और सहयोग करने के लिए मालदीव सरकार द्वारा अप्रैल 2013 और इसके बाद क्रमशः अक्टूबर 2015 और मार्च 2016 में किए गए अनुरोध के अनुसार हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा, यह समझौता दोनों देशों के बीच 11 अप्रैल 2016 को हस्ताक्षरित रक्षा सहयोग की कार्य योजना, और इसके बाद की जुलाई 2016 और जनवरी 2019 में रक्षा सहयोग संवाद के दौरान हुई चर्चाओं और जून 2018, जनवरी 2019 व जून 2019 में संयुक्त कर्मचारी वार्ता में चर्चा की गई परियोजना की संदर्भ शर्तों, और सितंबर 2019 में व्यक्त की गई सहमति के अनुरुप है।
  • भारत के विदेश मंत्री ने भारत के सहयोग से शुरु की गई विभिन्न अवसंरचना परियोजनाओं और आर्थिक गतिविधियों पर चर्चा करने हेतु मालदीव के वित्त मंत्री इब्राहिम अमीर, राष्ट्रीय योजना, आवास व बुनियादी ढांचा मंत्री मोहम्मद असलम और आर्थिक विकास मंत्री फैयाज इस्माइल के साथ एक संयुक्त बैठक की।
  • विदेश मंत्री के रूप में, डॉ. एस. जयशंकर की यह मालदीव की दूसरी यात्रा है। वह पिछली बार सितंबर 2019 में आयोजित हिंद महासागर सम्मेलन में हिस्सा लेने मालदीव गए थे।
  • आपसी सम्मान और विश्वास पर आधारित, मालदीव-भारत के बीच की साझेदारी कोविड-19 महामारी के दौरान और भी सुदृढ़ हुई है। इस यात्रा से सामान्य सभ्यता, सांस्कृतिक संपन्नता और लोकतंत्र तथा कानून के शासन के साझा मूल्यों पर आधारित द्विपक्षीय साझेदारी को और सुदृढ़ करने की दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता पता चलती है।
माले
फरवरी 21, 2021
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