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क्वाड नेताओं का संयुक्त वक्तव्य: “द स्पिरिट ऑफ क्वाड”

मार्च 12, 2021

1. हमारी आज की बैठक ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच चतुर्भुज सहयोग की अपनी प्रतिबद्धता दोहराने पर आधारित है। हमारे दृष्टिकोण विविधता भरे हैं, लेकिन इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को मुक्त तथा समावेशी बनाने का हमारा दृष्टिकोण साझा है। हम इसे एक ऐसा क्षेत्र बनाने का प्रयास कर रहे हैं, जो मुक्त, खुला, समावेशी, स्वस्थ हो, लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा हो, और नियम आधारित हो। इस सकारात्मक विजन की दिशा में हमारे साझा प्रयासों की शुरुआत एक अंतर्राष्ट्रीय त्रासदी यानि 2004 की सुनामी के दौरान हुई थी। आज, हमें कोविड-19 से आई वैश्विक तबाही, जलवायु परिवर्तन के खतरे, और इस क्षेत्र में सामने आई सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना नए सिरे से करना है। 12 मार्च 2021 को आयोजित हुए क्वाड के प्रमुख नेताओं के पहले शिखर सम्मेलन के इस ऐतिहासिक अवसर पर, हम आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए अपने सहयोग को मजबूत करनी की अपनी बचनवद्धता दोहराते हैं।

2. हम सभी, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और उससे आगे सुरक्षा और समृद्धि के विस्तार के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून से संचालित मुक्त और नियम आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हैं। हम कानून के शासन, समुद्री और हवाई मार्गों के स्वतंत्र संचालन, विवादों के शांतिपूर्ण समाधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और भौगोलिक एकता का समर्थन करते हैं। हम सभी एकजुट तरीके से और बाकी के भागीदारों के साथ काम मिलकर काम करने हेतु प्रतिबद्ध हैं। हम आसियान की एकता तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र पर आसियान के दृष्टिकोण के प्रति अपना समर्थन दोहराते हैं। अपार संभानाओं वाला क्वाड शांति और समृद्धि के लिए काम करना चाहता है तथा सार्वभौमिक मूल्यों पर आधारित लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने का पक्षधर है।

3. हमें अपने साझा लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में अभी की वैश्विक चुनौतियों से निपटना जरुरी है। आज, हम कोविड-19 के आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों से निपटने, जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने, आतंकवाद से लड़ने, और साइबर स्पेस, महत्वपूर्ण तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे के लिए निवेश, और मानवीय सहायता एवं आपदा-राहत और समुद्री क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने का वादा करते हैं।

4. हमारे देशों ने स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में जो सफलता हासिल की है, उसके आधार पर हम आर्थिक सुधारों को गति देने और पूरी दुनिया को स्वास्थ्य लाभ के लिए सुरक्षित, किफायती और कारगर वैक्सीन के उत्पादन और उसे सभी तक पहुंचाने के लिए काम करेंगे। अपने देश के लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ, हमारा यह भी मानना है कि जब तक यह महामारी फैलती रहेगी, हममें से कोई भी देश सुरक्षित नहीं रह सकता है। इसलिए, हम विश्व स्वास्थ्य संगठन और कोवैक्स सहित अन्य बहुपक्षीय संगठनों के साथ निकट समन्वय बनाते हुए, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में वैक्सीन की समान पहुंच के लिए सहयोग करेंगे। हम विश्व स्वास्थ्य संगठन में पारदर्शी एवं परिणामोन्मुखी सुधार का आह्वान करते हैं। जलवायु परिवर्तन एक वैश्विक प्राथमिकता है, इसलिए हम सभी एकजुट होकर देशों द्वारा जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों को मजबूत करने के लिए काम करेगा, जिसमें तापमान सीमा को पेरिस समझौते के अनुसार तय सीमा में रखना भी शामिल है। हम ग्लासगो में सीओपी-26 के सफल आयोजन को लेकर तत्पर हैं। कोई भी नवोन्मेष एक मुक्त, खुला, समावेशी एवं लचीला इंडो-पैसिफिक के अनुरूप हो, हम सुनिश्चित करने के लिए हम भविष्य की सभी महत्वपूर्ण तकनीकों पर सहयोग की शुरूआत करेंगे। हम पूर्वी और दक्षिण चीन सागरों में नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था की चुनौतियों का सामना करने के लिए समुद्री क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय कानून की भूमिका विशेषकर संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (यूएनसीएलओएस) के अनुसार, को प्राथमिकता देना और समुद्री सुरक्षा में सहयोग जारी रखेंगे। हम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुसार उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु मुक्तिकरण की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं, और जापानी अपहरणकर्ताओं के मुद्दे का तत्काल हल निकालने की आवश्यकता की भी पुष्टि करते हैं। म्यांमार और उसके लोगों का लंबे समय से समर्थक होने के नाते, हम लोकतंत्र को बहाल करने की तत्काल आवश्यकता और लोकतांत्रिक लचीलापन को सुदृढ़ करने की प्राथमिकता पर बल देते हैं।

5. इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए, हम क्वाड सहयोग की अपनी प्रतिबद्धता को और बढ़ाएंगे। हम अपने देशों की चिकित्सा, वैज्ञानिक, वित्त, विनिर्माण व वितरण, और विकास क्षमताओं को एकसाथ लाएंगे और वैक्सीन के सुरक्षित एवं प्रभावी वितरण की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए एक वैक्सीन विशेषज्ञ कार्य समूह का गठन करेंगे; अंतरराष्ट्रीय मानकों और नवीन तकनीकों पर सहयोग के लिए भविष्य की महत्वपूर्ण एवं उभरती-तकनीकी पर एक कार्य समूह की शुरुआत करेंगे; और हम शमन, अनुकूलन, लचीलापन, तकनीकी, क्षमता निर्माण और जलवायु वित्त पर वैश्विक स्तर पर जलवायु संबंधी कार्रवाई को सुदृढ़ बनाने के लिए एक जलवायु कार्य समूह की स्थापना करेंगे। हमारे विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से मुलाकात करते रहेंगे; और हमारे विदेश मंत्री आपस में बातचीत करते रहेंगे और वर्ष में कम से कम एक बार बैठक जरुर करेंगे। प्रमुख नेताओं के स्तर पर, हम 2021 के अंत तक व्यक्तिगत सम्मेलन आयोजित करेंगे। हमारे जुड़ाव का यह समय एकदम उपयुक्त है; हम दुनिया के सबसे गतिशील क्षेत्र में आये इस ऐतिहासिक संकट से निपटने में अपनी भागीदारी के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि इंडो-पैसिफिक को मुक्त, खुला, सुलभ, विविध और संपन्न बनाया जा सके, जो हम सभी का साझा लक्ष्य है।

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