ईसीआर/ ईसीएनआर स्थिति
उत्प्रवास अधिनियम, 1983 में यह प्रावधान है कि भारत का कोई भी नागरिक उत्प्रवासियों के संरक्षक से उत्प्रवास की अनुमति के बिना प्रवास नहीं करेगा। उसी प्रकार यह माना गया कि कतिपय देशों (वर्तमान में 17) में विदेशियों के लिए प्रवेश और रोजगार संबंधी कानून कड़े
नहीं है। वे शिकायत निवारण के उपाय भी नहीं प्रदान करते। अत: उन्हें उत्प्रवास जांच आवश्यक (ईसीआर) देशों के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इस प्रकार सभी व्यक्ति जिनके पास ईसीआर पृष्ठांकित पासपोर्ट है तथा वे रोजगार के लिए 17 ईसीआर आवश्यक वाले देशों में जा
रहे हैं, को उत्प्रवास संबंधी मंजूरी लेनी होगी। तथापि, ईसीआर पासपोर्ट धारी व्यक्ति, जो रोजगार से इतर किसी अन्य प्रयोजन के लिए किसी ईसीआर देश में जा रहे हैं, के लिए उत्प्रवास मंजूरी आवश्यक नहीं है। पासपोर्टों पर ईसीएनआर का विशेष उल्लेख नहीं होता है तथा
ईसीएनआर से संबंधित किसी भी व्यक्ति का स्वत: ईसीआर का पृष्ठांकन नहीं होता है।
ईसीआएएस की समाप्ति
पर्यटन / भ्रमण वीजा पर विदेश जाने वाले ईसीआर पासपोर्ट धारक यात्रियों का आवश्यक असुविधा और उत्पीड़न से छुटकारा दिलाने के लिए ईसीआर निलंबन (ईसीआरएस) प्रणाली को 1 अक्टूबर, 2007 से समाप्त कर दिया गया है। किसी भी छूट प्राप्त देश को किसी भी प्रकार के वीजा पर
यात्रा करने वाले ईसीआर/ ईसीएनआर पासपोर्ट धारकों को पीओई कार्यालय से मंजूरी लेनी आवश्यक नहीं है।
प्रवासी भारतीय कार्य मंत्रालय के अधीन उत्प्रवासियों का संरक्षक कार्यालय उन लोगों को उत्प्रवास संबंधी मंजूरी देता है जिनके पास ईसीआर पासपोर्ट होता है और जो किसी निर्धारित देश (ईसीआर देश) में रोजगार वीजा पर जा रहे हैं।
रोजगार वीजा से इतर किसी अन्य वीजा पर किसी अधिसूचित देश (ईसीआर देश) को जाने वाले ईसीआर पासपोर्ट धारकों को एयरपोर्ट पर निम्नलिखित दस्तावेज दिखाने पर यात्रा की अनुमति दी जाएगी:
- मान्य पासपोर्ट
- मान्य यात्रा/ अधिवास/ अध्ययन वीजा आदि
- वापसी का टिकट
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शीर्षक |
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मुक्त देशों की सूची |
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| 2 |
ईसीआर देशों में भारतीय मिशनों का विवरण |
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| 3 |
ईसीआर पासपोर्ट न जा रहे रोजगार के लिए |
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