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आधिकारिक प्रवक्ता द्वारा वर्चुअल साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग की प्रतिलिपि (06 नवंबर, 2020)

नवम्बर 07, 2020

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: दोस्तों, आप सभी का फिर से स्वागत है। ब्रीफिंग की शुरूआत मैं कुछ घोषणाओं के साथ करना चाहूंगा। पहली घोषणा एससीओ परिषद के राष्ट्रप्रमुखों की बैठक के 20वें शिखर सम्मेलन पर है। प्रधानमंत्री एससीओ परिषद के राष्ट्रप्रमुखों की बैठक के 20वें शिखर सम्मेलन के में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे जिसका आयोजन 10 नवंबर को वर्चुअल प्रारूप में होगा और इस बैठक की अध्यक्षता रूसी संघ के राष्ट्रपति पुतिन करेंगे। वर्चुअल प्रारूप में होने वाला पहला एससीओ शिखर सम्मेलन होगा और यह तीसरी बैठक होगी जिसमें हम पूर्ण सदस्य के रूप में भाग लेंगे। आपको ज्ञात होगा कि भारत को 2005 में एससीओ में पर्यवेक्षक का दर्जा दिया गया था और जून 2017 में हम पूर्ण सदस्य बने। पिछले एक वर्ष के दौरान रूसी संघ की अध्यक्षता में, हमने विभिन्न कार्यक्रमों व बैठकों में सक्रिय रूप से भाग लिया है, और अगर हम पिछले तीन वर्षों की बात करें, तो हमने एससीओ ढांचे के तहत सभी क्षेत्रों में व्यापक भागीदारी बनाए रखी है और इसमें क्षेत्र में बहुपक्षीय, राजनीतिक, सुरक्षा, आर्थिक तथा लोगों से लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देना शामिल है। एससीओ हमें केंद्रीय एशियाई राष्ट्रों के साथ जुड़ने और हमारे आर्थिक व व्यापार सहयोग को प्राथमिकता देने हेतु एक संस्थागत मंच प्रदान करता है। आपको यह भी याद होगा कि 2019 में बिश्केक में आयोजित पिछले एससीओ परिषद के राष्ट्रप्रमुखों के शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने एससीओ के प्रति अपना दृष्टिकोण "हेल्थ" के रुप में बताया था, जिसमें "एच" का अर्थ हेल्थकेयर कॉर्पोरेशन, "ई" का अर्थ इकोनाॉमिक कॉर्पोरेशन "ए" का अर्थ ऑल्टर्नट एनर्जी, "एल" का अर्थ लिटरचर व कल्चर, और "टी" का अर्थ आतंकवाद मुक्त समाज और "एच" का अर्थ मानवीय सहयोग है। इसलिए हमने एससीओ की विभिन्न गतिविधियों के तहत इस दृष्टि का पालन किया है। मैं आपको यह भी बताना चाहूंगा कि हम इस महीने की 30 तारीख को वर्चुअल प्रारूप में एससीओ प्रमुखों की बैठक की मेजबानी करने वाले हैं, जिसमें एससीओ सदस्यों के प्रधानमंत्री भी भाग लेंगे।

दूसरी घोषणा विदेश सचिव की मालदीव यात्रा के बारे में है, जो 9 से 10 नवंबर तक होगी, और यह दोनों पक्षों के बीच कोविड-19 महामारी के कारण हुई परेशानियों के बाद पहली उच्च-स्तरीय व्यक्तिगत यात्रा होगी। इस यात्रा के दौरान विदेश सचिव राष्ट्रपति सोलिह से मिलेंगे और इसके अलावा वो विदेश मामलों के मंत्री, रक्षा, वित्त, आर्थिक विकास, योजना, मानव मामलों, पर्यटन और युवा व खेल मंत्रियों के साथ विचार-विमर्श करेंगे। विदेश सचिव स्पीकर मोहम्मद नशीद से भी मिलेंगे और अन्य राजनीतिक नेताओं के साथ बैठक करेंगे। जैसा कि आप जानते हैं, मालदीव का हमारी नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी में विशेष स्थान है, और हाल के इन चुनौती भरे महीनों में मालदीव के साथ स्थायी संबंध और भी मजबूत तथा गहरा हुआ है। भारत ने मालदीव को कोविड संकट से निपटने में भी सहायता की है। अपनी यात्रा के दौरान, विदेश सचिव द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करेंगे। वह जारी द्विपक्षीय परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा करेंगे। वह कोविड की मौजूदा आर्थिक स्थिति पर चर्चा करेंगे, जिसमें कोविड के आर्थिक सुधार के बाद मालदीव की हमारी सहायता भी शामिल है। विदेश सचिव की यात्रा इस बात का सबूत है कि भारत के लिए मालदीव के साथ अपने संबंध कितने महत्वपूर्ण हैं और इससे हमारे सहयोग को और गति मिलने की उम्मीद है।

और, अंत में मैं वंदे भारत मिशन पर अपडेट देना चाहूंगा। 1 नवंबर से, वंदे भारत मिशन का 8वां चरण चालू कर दिया गया है। इस चरण के तहत इस महीने 27 देशों से, 1287 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का संचालन होना है, जो देश भर के 21 हवाई अड्डों से उड़ान भरेंगी और इस दौरान लगभग 2.3 लाख लोगों को प्रत्यावर्तित किया जायेगा। इनमें उन 18 देशों की उड़ानें भी शामिल हैं जिनके साथ भारत की द्विपक्षीय 'एयर बबल' की व्यवस्था है। 1287 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में से लगभग 70% जीसीसी देशों से है, जबकि यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका / कनाडा से लगभग 10% उड़ानें हैं। शेष उड़ानें दक्षिण पूर्व एशिया, पड़ोस, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और जापान से मांग के अनुसार होंगी। संख्या की बात करें तो 6 नवंबर तक 21.57 लाख भारतीयों को वंदे भारत मिशन के विभिन्न माध्यम से प्रत्यावर्तित किया गया है।

अब हम आपके प्रश्नों पर आगे बढ़ेंगे। तो यतीन अब आप आएं।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): महोदय, सवालों का पहला सेट यूएसए पर है। एनडीटीवी इंडिया से उमा शंकर ने पूछा है - "अमेरिका के रूझान बता रहें है कि जो बिडेन राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाउडी मोदी प्रोग्राम में अबकी बार ट्रम्प सरकार ने नारा दिया है। बिडेन के राष्ट्रपति बनने की सुरत में क्या विदेश मंत्रालय को अतिरिक्त मेहनत करनी होगी, ताकि यह नारा भारत-बिडेन संबंधों में बाधा न बने?" राज्यसभा से अखिलेश सुमन ने पूछा है - "मौजूदा रुझानों से लगता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में डेमोक्रेट की जीत हो सकती है। क्या इससे भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंध प्रभावित होंगे? भारत इस बदलाव के लिए खुद को कैसे तैयार कर रहा है?" पीटीआई से मानस ने पूछा है - "अमेरिकी राष्ट्रपति पद की दौड़ में बिडेन के आगे होते हुए दिख रहे हैं, ऐसे में भारत इन चुनाव परिणामों को कैसे देख रहा है? "क्या भारत डेमोक्रेट के साथ व्यापार करने की तैयारी कर रहा है? क्या भारत के अमेरिका के साथ समग्र संबंध आगे बढ़ रहे हैं?” न्यूज18 से शैलेंद्र ने पूछा है - "अमेरिकी चुनाव के नतीजों में देरी और ट्रंप के कोर्ट जाने पर कोई प्रतिक्रिया?" दैनिक जागरण से जय प्रकाश ने पूछा है - "अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव में सत्ता परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं।" क्या इस स्वभावित बदलाव से भारत के साथ रिश्तो पर कोई सार पडेगा? भारतीय विदेश मंत्रालय, भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों को अगले 5 वर्षों में कहां देख रहे हैं?

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: आप की तरह हम भी चुनाव के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। भारत-अमेरिका संबंधों की नींव काफी मजबूत है और हमारे संबंध रणनीतिक से लेकर रक्षा तक, निवेश से लेकर व्यापार तक, और लोगों से लोगों के बीच संबंधों तक हर संभव क्षेत्र में फैले हुए हैं। व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को अमेरिका में बहुत मजबूत द्विदलीय समर्थन मिला है और राष्ट्रपति तथा प्रशासन ने इस संबंध के स्तर को और भी अधिक बढ़ाया है।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): अगले सवाल चाबहार पोर्ट के बारे में हैं। द हिंदू से सुहासिनी ने पूछा है - "मेरा सवाल चाबहार-ज़ाहेदान रेलवे लाइन में भारत की सतत जुड़ाव के संदर्भ इस वर्ष जुलाई में विदेश मंत्रालय के बयानों से संबंधित है। 4 नवंबर को, ईरान ने घोषणा की कि उसने चाबहार से लाइन के दूसरे हिस्से का उद्घाटन किया है, यह निर्दिष्ट करते हुए कि रेलवे के उत्पादन पर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान रेलवे और एस्फहान स्टील कंपनी के बीच समझौता ज्ञापन के अनुसार इसका निर्माण खातम अल-अन्बिया कंस्ट्रक्शन द्वारा किया जा रहा है, और यह जून 2021 तक पूरा हो जाएगा। क्या विदेश मंत्रालय बता सकता है कि इस परियोजना का कौन सा हिस्सा भारत का हिस्सा रहा है? क्या भारत में बाद में परियोजना में शामिल होने वाला है?" ट्रिब्यून से संदीप दीक्षित ने पूछा है - "ईरान ने चाबहार पोर्ट से रेलवे ट्रैक बिछाने का काम शुरू कर दिया है। 2-2 स्तर बातचीत के दौरान, क्या भारत कनेक्टिविटी परियोजना से फिर से जुड़ने वाला है, जहां इसने चाबहार से अफगानिस्तान तक सड़क मार्ग से भारी मात्रा में गेहूं की खेप भेजा है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: मैंने जुलाई में इस परियोजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी थी। और अब के लिए इस बारे में आगे कोई जानकारी नहीं है।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): टाइम्स नाउ से श्रीजॉय ने पूछा है - "पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, इमरान खान ने भारत पर फासीवादी होने का आरोप लगाया है। इसपर आप क्या कहना चाहेंगे?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: श्रीजॉय, मुझे लगता है कि हमें इस तरह के गैरजिम्मेदाराना बयानों को नजरअंदाज करना चाहिए। मुझे लगता कि उन्हें अपनी बातों में गरिमा बनायी रखनी चाहिए। इस तरह का बयान पाकिस्तान के सामने आने वाली बड़ी सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक समस्याओं से अंतरराष्ट्रीय और घरेलू ध्यान भटकाने का प्रयास है।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): अगला सवाल एशिया नेट से प्रशांत ने पूछा है - "क्या संयुक्त अरब अमीरात से सोने की तस्करी के मामले में कोई अपडेट है? इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात की रेड क्रिसेंट से केरल सरकार के संबंधों के संदर्भ में प्रोटोकॉल उल्लंघन की जांच में कोई प्रगति हुई है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: प्रशांत आपको पता होगा कि इस मामले के एक आरोपी को एनआईए ने गिरफ्तार किया है और हमारी एजेंसियां इस​मामले पर काम कर रही हैं। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। हमें संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों से अपेक्षित सहयोग मिल रहा है। मामले की जांच चल रही है, इसलिए, मैं इस पर अभी कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): न्यूज़18 से शैलेन्द्र ने पूछा है - "पाकिस्तानी ने करतारपुर गुरुद्वारे का रखरखाव, पाकिस्तान की एसजीपीसी ने छीनकर पीएमयू को दे दिया है जिसमें एक भी सिख समुदाय का सदस्य नहीं है। क्या भारत ने अनौपचारिक रुप से इस मुद्दे पर पाकिस्तान से विरोध जताया है?" न्यूज़ नेशन के मधुरेंद्र ने पूछा है - "करतारपुर कॉरिडोर के प्रबंधन में बदलाव कर पाकिस्तान ने ज़ाहिर कर दिया कि उसका असली मक्साद कोरिडोर को ले कर क्या था। भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया तो जताई है, लेकिन आगे क्या कदम होगा?" डब्ल्यूआईओएन से सिद्धांत ने पूछा है - "भारत ने पाकिस्तान में करतारपुर गुरुद्वारा प्रबंधन में बदलाव का विरोध किया है। क्या हमने अपना विरोध दर्ज करने के लिए पाकिस्तानी दूत को तलब किया है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: आपने इस बारे में हमारा पिछला प्रेस वक्तव्य देखा होगा। आज शाम को, पाकिस्तान उच्चायोग के प्रभारी को तलब किया गया था और उनके समक्ष हमारा मजबूत विरोध व्यक्त किया गया। उन्हें यह भी अवगत कराया गया कि पाकिस्तान का यह एकतरफा निर्णय अत्यंत निंदनीय है और करतारपुर साहिब कॉरिडोर और साथ ही साथ सिख समुदाय की धार्मिक भावना के खिलाफ भी है। हमें पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यक सिख समुदाय के अधिकारों को लक्षित करने वाले पाकिस्तान के इस फैसले पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सिख समुदाय की प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है। इसके साथ ही साथ हमने उनसे इस मनमाने फैसले को पलटने के लिए भी कहा जाता है।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): बीबीसी से सुभाज्योति घोष ने पूछा है - "बांग्लादेश के कोमिला में हिंदू परिवारों पर हमले की खबरें आई हैं। यहां भारत में विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भी ढाका सरकार के समक्ष इस मामले को रखने का सरकार से आग्रह किया है। इसपर भारत सरकार की क्या प्रतिक्रिया है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: बांग्लादेश में हमारे उच्चायोग बांग्लादेश के स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं। उन्होंने इस घटना को उनके सामने रखा है और हमें बताया गया है कि बांग्लादेश के अधिकारी इस घटना को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं, और वहां कानून के प्रवर्तन अधिकारी हिंसा की जांच कर रहे हैं। वे किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्क हैं।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): डब्ल्यूआईओएन से सिद्धांत ने पूछा है - "भारत ने सऊदी सरकार से कहा कि वह उस नोट के संदर्भ में आवश्यक कार्रवाई करे जिसमें भारत की विभिन्न क्षेत्रीय सीमाओं को दर्शाया गया है? इसपर रियाद की ओर से कोई प्रतिक्रिया आई है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: सिद्धांत हमने इस मामले को सऊदी अरब के समाने रखा है और उन्होंने कहा है कि वो हमारी चिंताओं से अवगत हैं।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): अगले सवाल चीन के संदर्भ में है। द प्रिंट से नैनीमा ने पूछा - "क्या अगले सप्ताह ही डब्ल्यूएमसीसी के आयोजन की योजना है, ऐसे में जब सैन्य वार्ता हो रही है?" टाइम्स नाउ से श्रीजॉय ने पूछा है - "लद्दाख में आठवें दौर की चर्चा जारी है। क्या पीएलए द्वारा किसी तरह की सैनिकों के पीछे हटने या डी-एस्केलेशन का कोई संकेत मिल रहा है?" सीएनएन न्यूज18 से महा ने पूछा है - "इस साल के मध्य में एलएसी विवाद शुरू होने के बाद से 8 कोर कमांडर मीटिंग और 6 डब्ल्यूएमसीसी बैठक हुई है, अब तक यथास्थिति तक पहुँचने में कोई सहमति क्यों नहीं बन सकी है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: जैसा कि पहले भी बताया गया है, दोनों पक्ष वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के साथ पूर्ण विघटन हेतु सैन्य व राजनयिक स्तरों पर एक दूसरे के संपर्क में हैं। दोनों पक्ष अपने-अपने देश के नेताओं की सहमति से सीमा क्षेत्रों में संयुक्त रूप से शांति बहाली हेतु काम कर रहे हैं। हमने पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर वर्तमान स्थिति से दोनों पक्षों के लिए स्वीकार्य समाधान पर पहुंचने हेतु चीनी पक्ष के साथ बातचीत जारी रखा है।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): अगले कुछ सवाल चीनी वीजा से संबंधित हैं। एशिया नेट से प्रशांत ने पूछा है - "आप भारतीय नागरिकों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने के चीन के फैसले को किस तरह से देखते हैं?"इसी तरह के सवाल न्यूज़18 से शैलेंद्र, टाइम्स नाउ से श्रींजॉय, द प्रिंट से नैनीमा ने भी पूछा है।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: हम चीनी दूतावास की घोषणा से अवगत हैं और हमारा मानना है कि यह अस्थायी है और समय आने पर इसमें बदलाव होने उम्मीद है। ऐसा सिर्फ भारत के लिए ही नहीं किया गया है और कई अन्य देशों के लिए भी इसी तरह के उपायों की घोषणा की गई है।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): डब्ल्यूआईओएन के सिद्धांत ने पूछा - "कुलभूषण जाधव मामले पर कोई नई जानकारी?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता:
सिद्धांत हमने अक्टूबर में, 15 तारीख को हुई ब्रीफिंग में अपनी स्थिति से पहले अवगत करा दिया था, और अभी इस बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं है। मैं कहना चाहूंगा कि उन मुख्य मुद्दों को पाकिस्तान को दूर करना है जो इस मामले को लेकर हैं।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर):
सीएनएन न्यूज़18 के महा ने पूछा है - "क्या प्रधानमंत्री मोदी 10 नवंबर को एससीओ परिषद के राष्ट्रप्रमुखों की वर्चुअल बैठक में भाग लेंगे?" द ट्रिब्यून से संदीप दीक्षित और द प्रिंट से नैनीमा ने भी इसी तरह का सवाल पूछा है।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: मुझे लगता है कि संदीप ब्रिक्स और जी20 शिखर सम्मेलन के बारे में भी जानना चाहते हैं? देखिए, एससीओ शिखर सम्मेलन पर मैंने आपको पहले ही प्रधानमंत्री की भागीदारी के बारे में जानकारी दे दी है। अन्य दो शिखर सम्मेलन के बारे में, जो इस महीने होने हैं और हम अपनी भागीदारी के बारे में उचित समय पर घोषणा करेंगे।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): न्यूज़18 के शैलेन्द्र ने पूछा है - "आज कोविड को लेकर विदेश मंत्रालय दिल्ली में अन्य देशों के राजदूतों को ब्रीफ करने वाला था। इस बारे में कोई जानकारी?" फाइनेंशियल एक्सप्रेस से उमा ने पूछा है - "वे कौन से देश हैं जिन्हें भारत मेडिकल सप्लाई और दवाइयाँ दे रहा है और पड़ोसी देशों के अलावा वे कौन से देश हैं जहाँ भारत वैक्सीन तथा टेस्टिंग किट इत्यादि भेजेगा?" क्या मेक्सिको, ब्राजील, रूस के साथ टेस्टिंग और वैक्सीन के लिए सहयोग की योजना पर कुछ जानकारी साझा किया जा सकती है? "ब्लूमबर्ग से अर्चना ने पूछा है - "वैक्सीन आपूर्ति के लिए कितने देशों ने भारत से संपर्क किया है? क्या आप उनका नाम बता दे सकते हैं? जैसा कि आज सचिव श्रृंग्ला ने बताया है, उस राजदूतों के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा कौन-कौन होंगे, जो पुणे में भारत के वैक्सीन और नैदानिक सुविधाओं का दौरा करने वाला है? इस यात्रा की योजना कब बनाई गई?”

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: सबसे पहले, मैं आपको इस ब्रीफिंग के बारे में बताना चाहूंगा। यह ब्रीफिंग आज सुबह आयोजित की गई थी और यह ब्रीफिंग कूटनीतिक मिशनों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों हेतु कोविड-19 संबंधित मुद्दों पर आधारित थी। 180 से अधिक प्रतिनिधि प्रमुखों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस ब्रीफिंग में भाग लिया, और आपके सवाल के संदर्भ में आपको बता दूं कि, मार्च 2020 के बाद से भारत कोविड-19 के खिलाफ हमारी संयुक्त लड़ाई में भागीदार देशों के साथ लगातार जुड़ रहा है और इसमें दवाओं, नैदानिक​किट, और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति शामिल है। हमने वैक्सीन बनाने के अपने प्रयासों में परीक्षण और केस प्रबंधन हेतु ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए हैं और इस कार्यक्रम की प्रगति को देखते हुए हमने पड़ोसी देशों के लिए नैदानिक​परीक्षणों पर ट्रेनिंग प्रोग्राम भी आयोजित किए हैं, जिसमें आठ देशों के लगभग 90 विशेषज्ञों ने भाग लिया और हम अन्य इच्छुक देशों के साथ इन सहयोग कार्यक्रमों को बढ़ाने के लिए तैयार हैं। यह कार्यक्रम हमारे प्रधानमंत्री द्वारा सितंबर में यूएनजीए में दिये गए उनके संबोधन के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत की वैक्सीन उत्पादन और वितरण क्षमता का उपयोग कोविड-19 से लड़ने में पूरी मानवता की मदद करने हेतु किया जाएगा। इसलिए आज की ब्रीफिंग में सदस्यों को नीति आयोग के सदस्य, प्रधानमंत्री के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार, स्वास्थ्य सचिव, जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव, डीजीसीएसआईआर द्वारा ब्रीफ किया गया, इसमें आईसीएमआर और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के प्रतिनिधि और विदेश सचिव भी उपस्थित थे। और प्रतिभागियों को विशेष रुप से कोविड-19 के हमारे प्रबंधन, हमारे टीका विकास कार्यक्रम, सॉफ्टवेयर और टीका वितरण प्रणाली के संबंधित मुद्दों और इस संबंध में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के बारे में बताया गया। दौरे के संबंध में, इस दौरे का आयोजन इस महीने के अंत में किया जाएगा। इसमें मिशन के सभी प्रमुखों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे और प्रतिभागी पुणे में स्थित संगठनों का दौरा करेंगे जहां वे पहली बार उन संस्थानों में जा सकते हैं जो कोविड-19 संबंधित अनुसंधान और टीका विकास कार्यक्रम में लगे हुए हैं।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): हिंदू बिजनेस लाइन से अमिति सेन ने पूछा है - "बांग्लादेश सरकार ने कोविड-19 के टीके के उत्पादन के बाद तीन करोड़ खुराक के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पर कोई और जानकारी?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: अमिति, मुझे लगता है कि आप उस एमओयू की बात कर रहे हैं, जो सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और बैक बेस्कोस्को फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के बीच सार्स-सीओवी-2 वैक्सीन की तीन करोड़ खुराक पाने हेतु किया गया था और ज़ाहिर है यह निर्माता तथा खरीदार के बीच होने वाला एक वाणिज्यिक समझौता है। हम निश्चित तौर पर दवाओं विशेष रूप से टीके को सभी मैत्रीपूर्ण देशों को आपूर्ति करने के समर्थक हैं और बेशक हमारे पड़ोसी देश हमारी प्राथमिकता में हैं। और यह निश्चित रूप से यह उपलब्धता, जरूरतों और आपूर्ति पर निर्भर है।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): न्यूज नेशन के मधुरेंद्र ने पूछा है - "नीरव मोदी केस में कोर्ट ने किन सबुतों को स्वीकार किया है। नीरव मोदी को भारत लाने के लिए क्या कोशिश की जा रही रही है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: मधुरेंद्र जी, नीरव मोदी के मामले में मैंने पिछले हफ्ते बताया था कि उनकी जो जमानत की अपील थी, 9 अक्टूबर को उन्होंने अपील की थी और 26 अक्टूबर को यूके के कोर्ट ने इसको खारिज कर दिया था। उसके बाद उनके केस की सुनवाई 3 नवंबर को हुई और सुनवाई में दोनों पक्षों ने सबूत पेश किये। सुनवाई की अगली तारीख 7 और 8 जनवरी 2021 है और तब तक नीरव मोदी न्यायिक हिरासत में रहेंगे। फिलहाल, मेरे पास इतनी ही जानकारी है। क्या कोई और भी सवाल हैं?

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): नहीं सर।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: धन्यवाद, तो यह साप्ताहिक ब्रीफिंग यहीं समाप्त होती है।

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