मीडिया सेंटर मीडिया सेंटर

आधिकारिक प्रवक्ता द्वारा वर्चुअल साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग की प्रतिलिपि (12 नवंबर, 2020)

नवम्बर 14, 2020

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: मित्रों, नियमित साप्ताहिक वार्ता में आपका पुनः स्वागत है। मैं कुछ घोषणाओं के साथ शुरुआत करूँगा । पहली, अफ्रीका के लिए हमारी मानवीय सहायता पर है। जरूरत के समय में अफ्रीका के लोगों तक पहुँचने की भारत की परंपरा को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार ने सूडान, दक्षिण सूडान, जिबूती और इरिट्रिया को मानवीय सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह, इन देशों में प्राकृतिक आपदाओं और कोविड महामारी से प्रभावित लोगों को 270 मीट्रिक टन की खाद्य सहायता के रूप में है।

आईएनएस ऐरावत, इस सहायता के साथ इस क्षेत्र की यात्रा पर 24 अक्टूबर को मुंबई से रवाना हुआ, जिसमें गेहूँ का आटा, चावल और चीनी शामिल है।

भारतीय नौसैनिक जहाज वर्तमान में पोर्ट ऑफ जिबूती में है। इसने 50 मीट्रिक टन खाद्य सहायता पहुँचाई है और यह आज जिबूती से प्रस्थान करेगा और दक्षिण सूडान के लिए 70 मीट्रिक टन खाद्य सहायता पहुँचाने के लिए 20 नवंबर को मोम्बासा (केन्या) पहुँचेगा।

अपने कार्यक्रम के अनुसार, आईएनएस ऐरावत ने पहले 2 नवंबर को पोर्ट सूडान पहुँचने के बाद 100 मीट्रिक टन खाद्य सहायता पहुँचाई थी। इसके बाद यह 6 नवंबर को इरिट्रिया में मासावा पोर्ट पर पहुँचा और उस देश के लिए 50 मीट्रिक टन खाद्य सहायता पहुँचाई ।

भारत सरकार के इस कार्य को संबंधित देशों ने अत्यधिक सराहा है।

वंदे भारत मिशन पर एक संक्षिप्त अपडेट है। 12 नवंबर तक, 23.41 लाख भारतीयों को वंदे भारत मिशन के विभिन्न तरीकों के माध्यम से प्रत्यावर्तित किया गया है।

1 नवंबर 2020 से वंदे भारत मिशन का 8वाँ चरण चालू कर दिया गया है। इस चरण के पहले 10 दिनों के प्रचालन के तहत हमने 22 देशों से 436 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के माध्यम से 80,000 नागरिकों को प्रत्यावर्तित किया है। इन 436 उड़ानों में सबसे अधिक जीसीसी देशों से, इसके बाद यूएसए (35), यूके (34), सिंगापुर (17) और जर्मनी (10) से हैं।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): महोदय, प्रश्न का पहला सेट संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव पर है। हिंदू से सुहासिनी ने पूछा है - "क्या प्रधान मंत्री मोदी ने निर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति जोसेफ बाइडेन के साथ फ़ोन पर बात करने का अनुरोध किया है और इसके कब होने की संभावना है? क्या वे सुश्री कमला हैरिस से भी बात करेंगे? ” न्यूज नेशन से मधुरेंद्र ने पूछा है – "यूएस में सत्ता हस्तांतरण का दौर जारी है। भारत यूएस के साथ अपने संबंधों को निर्वाचित राष्ट्रपति बाइडेन के साथ कैसे देखता है?” नवभारत टाइम्स से नरेंद्र नाथ ने पूछा है – " क्या अमेरिका मैं नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन से प्रधान मंत्री मोदी की बातचीत की कोई योजना है ?" ऐसा ही सवाल सीएनबीसी से परीक्षित का है ।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: पीएम ने 8 नवंबर को एक ट्वीट के माध्यम से निर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति श्री बाइडेन को बधाई दी थी और पीएम ने पूर्व उपराष्ट्रपति के अपने पद पर रहते हुए भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में श्री बाइडेन के योगदान की सराहना की। उन्होंने यह भी संदेश दिया था कि वह भारत-अमेरिका संबंधों को अधिक से अधिक ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए उनके साथ काम करना चाहते हैं। जैसा कि दोनों नेताओं के बीच कॉल के सम्बन्ध में, तो यह पारस्परिक रूप से सुविधाजनक समय पर, नियत समय में होगा। अब मधुरेंद्र के सवाल के जवाब में। मधुरेन्द्र जी आपने देखा होगा कि भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय सम्बन्ध की बुनियाद काफी मज़बूत है और ये जो व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी हमारे दो देशों के बीच में है, इसका द्विदलीय समर्थन है, दोनों दलों का समर्थन इसमें है और यह भी देखा गया है कि बाद के राष्ट्रपति ने हमेशा इन संबंधों के स्तर को और भी अधिक बढ़ाया है।”

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): सवाल का अगला सेट नेपाल पर है। विऑन से सिद्धांत ने पूछा है - " क्या विदेश सचिव नेपाल का दौरा करेंगे? यदि हाँ, तो मुख्य एजेंडा क्या होगा?" द वायर से देविरुपा ने पूछा है - "क्या भारत ने काठमांडू को संदेश दिया है कि भारतीय विदेश सचिव नेपाल का दौरा करेंगे? यदि हाँ, तो क्या तारीखें हैं और क्या सीमा मुद्दे पर एक अलग बैठक होगी? " द हिन्दू से सुहासिनी, न्यूज़ नेशन से मधुरेंद्र, इंडिया वर्सिस डिसइन्फो से शंकर से इसी तरह के सवाल ।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: विदेश सचिव की आधिकारिक यात्राओं से पहले, हम एक मीडिया घोषणा करते हैं। इसलिए जब और जैसे ही ऐसी कोई यात्रा होगी तो हम आपको बताएँगे।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): विऑन से सिद्धांत ने पूछा है- "विऑन ने रिपोर्ट किया है कि पाकिस्तान ने अपनी अति वाँछित आतंकवादी सूची में 26/11 में शामिल 11 पाकिस्तानी आतंकवादियों की मौजूदगी की बात स्वीकार की है। कोई प्रतिक्रिया?” न्यूज़ 18 से शैलेंद्र ने पूछा है – "पाकिस्तान की एफआईए ने पहली बार माना कि 26/11 के ग्यारह आतंकी पाकिस्तान में रहते हैं। क्या इस स्वीकृति के बाद पाकिस्तान से मुंबई हमलों की बरसी से पहले कार्यवाही की उम्मीद की जा सकती है ?” न्यूज नेशन से मधुरेंद्र का ऐसा ही सवाल।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: हाँ, इस पर कुछ सूचना है। हमने पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के बारे में पाकिस्तान में मीडिया रिपोर्टों को देखा है, जो 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों में शामिल कई पाकिस्तानी नागरिकों को सूचीबद्ध करते हुए अद्यतित ‘मोस्ट वांटेड / हाई प्रोफाइल आतंकवादियों की पुस्तक’ जारी कर रहा है। जबकि सूची में लश्कर-ए-तैय्यबा, जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्दिष्ट पाकिस्तान स्थित एक आतंकवादी इकाई है, के कुछ चुनिंदा सदस्य शामिल हैं, जिसमें 26/11 हमले को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली नौकाओं के चालक दल के सदस्य भी शामिल हैं, इसमें स्पष्ट रूप से जघन्य आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और प्रमुख साजिशकर्ताओं को छोड़ दिया गया है ।

यह एक तथ्य है कि 26/11 के आतंकवादी हमले की योजना पाकिस्तानी क्षेत्र में बनाई गई थी, वहीँ से निष्पादित किया गया था और वहीँ से शुरू किया गया था। सूची यह स्पष्ट करती है कि पाकिस्तान के पास मुंबई आतंकवादी हमले के पाकिस्तान स्थित साजिशकर्ताओं और इसे अंजाम देने वालो पर सभी आवश्यक जानकारी और सबूत हैं।

भारत सरकार ने मुंबई आतंकवादी हमलों के मुकदमे में अपने अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों का निर्वहन करने के लिए पाकिस्तान सरकार को बार-बार अपने आक्षेपों और विलम्ब करने की चालबाजी को त्यागने का आह्वान किया है। कई अन्य देशों ने भी पाकिस्तान से नृशंस आतंकवादी हमलों के अपराधियों को जल्द से जल्द न्याय के अधीन लाने के लिए आह्वान किया है। यह गंभीर चिंता का विषय है कि अपनी स्वयं की सार्वजनिक स्वीकृति, साथ-साथ सभी आवश्यक साक्ष्यों की उपलब्धता, जिसमें भारत के साथ साझा किए गए साक्ष्य शामिल हैं, के बावजूद पाकिस्तान ने अभी तक विश्व भर से 15 देशों के 166 पीड़ितों के परिवारों को न्याय दिलाने में ईमानदारी नहीं दिखाई है, यहाँ तक कि, जबकि हम 26/11 हमलों की 12 वीं वर्षगांठ के करीब हैं।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): गौतम लाहिड़ी ने पूछा है - "भारत-बांगला देश भूमि और रेल संपर्क कब खुलेगा? क्या कोविड की स्थिति फिलहाल इसके नहीं खुलने का कारण है?” उन्होंने यह भी पूछा है - "भारत-बांग्लादेश एयर बबल सेवा पर कोई अपडेट?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: पहले, एयर बबल पर जवाब । आपको पता होगा कि 28 अक्टूबर को एयर बबल की व्यवस्था शुरू हुई थी और यह अच्छी तरह से काम कर रही है। इससे दोनों तरफ के लोगों के आवागमन में आसानी होने की उम्मीद है, साथ ही, यह विशेष रूप से उन लोगों की मदद करेगी जिन्हें चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता है। अब, भूमि कनेक्टिविटी पर आते है, आपको पता होगा कि सीमित आवागमन हो रहा है और कोविड-19 स्थिति को संबोधित करने के बाद पूर्ण आवागमन फिर से शुरू होगा। रेल कनेक्टिविटी की बात करें तो दोनों पक्षों ने रेल मार्ग के जरिए व्यापार को मजबूत करने के उपाय किए हैं और यह इस तथ्य के मद्देनजर था कि कोविड -19 स्थिति के कारण सीमा व्यापार को व्यवधान का सामना करना पड़ा। इसलिए, रेल कनेक्टिविटी पर, हमने रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): प्रश्नों का अगला सेट चीन पर है। द हिंदू से सुहासिनी ने पूछा है - "भारत और चीन पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिण तट पर एक विस्थापन प्रस्ताव पर सहमत हुए। यदि ऐसा है, तो कृपया विवरण साझा करें। क्या डेपसांग के मैदानों से चीनी सैनिकों की वापसी और अप्रैल-पूर्व की यथास्थिति की पूर्ण बहाली पर कोई चर्चा हुई है।" योमिउरी शिंबुन से तौकीर ने पूछा है - "कई मीडिया रिपोर्टों का कहना है कि चीन ने पैंगॉन्ग से पीछे हटने का प्रस्ताव किया है। क्या भारत को आधिकारिक रूप से ऐसा कोई प्रस्ताव मिला है। यदि हाँ, तो क्या भारत ने ऐसे प्रस्तावों का जवाब दिया है।" टाइम्स नाउ से सृंजॉय ने पूछा है कि - "चीन ने विस्थापन के सम्बन्ध में कई प्रस्ताव दिए हैं, भारत उन्हें कैसे देखता है? अगली बैठक कब होगी?" रक्षक समाचार से रंजीत कुमार ने पूछा है - "क्या भारत और चीन पूर्वी लद्दाख सीमा क्षेत्रों पर सैन्य विस्थापन और विघटन पर किसी समझौता पर पहुँचे हैं?" नवभारत टाइम्स से नरेंद्र नाथ ने पूछा है- "चीन के साथ अगली डिप्लोमेटिक स्तर की वार्ता की कोई तारिख तय हुई है? द प्रिंट से नैनीमा, एबीपी से अग्नि रॉय, विऑन से सिद्धांत, न्यूज़ 18 से शैलेंद्र और न्यूज़ नेशन से मधुरेंद्र से इसी प्रकार के सवाल।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: देखिए, कुछ न्यूज़ रिपोर्ट्स, जिन पर आप पुष्टि चाहते हैं, के संबंध में, जब हमारे पास कुछ साझा करने के लिए होगा, तो हम साझा करेंगे। चर्चाएँ जारी हैं। 6 नवंबर को चुशुल में आयोजित 8 वें दौर के भारत-चीन के वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की वार्ता के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति को आपने पहले ही देखा होगा। वार्ता स्पष्ट, गहन और रचनात्मक थी और दोनों पक्षों ने भारत-चीन सीमा क्षेत्रों के पश्चिमी क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ सभी टकराव बिंदुओं से विस्थापन पर विचारों का आदान-प्रदान किया। भारत और चीन ने सैन्य और राजनयिक चैनलों के माध्यम से बातचीत और संचार बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की है, और वरिष्ठ कमांडरों की इस बैठक में चर्चा को आगे बढ़ाते हुए, अन्य बकाया मुद्दों के निपटारे के लिए जोर दिया है। वे जल्द ही एक और दौर की बैठक करने पर भी सहमत हुए हैं ।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): न्यूज नेशन से मधुरेंद्र ने पूछा है - "कोविड वैक्सीन को ले कर क्या फाइज़र से कोई बातचीत शुरू हुई जिसने सफल वैक्सीन की रिपोर्ट की है? क्या मोडेरना से वैक्सीन लेने के लिए भी भारत तैयार है?

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: मधुरेंद्र जी, यह जानकारी आपको स्वास्थ्य मंत्रालय से लेनी पड़ेगी ।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): नवभारत टाइम्स से नरेंद्र नाथ ने पूछा है -"कोविड के कारण अभी विदेश में कितने भारतीय फँसे हैं, इसकी कोई संख्या है?”

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: नरेंद्र जी, आपको मैंने अभी अपडेट दिया था वन्दे भारत मिशन पर । इस मिशन की शुरुआत मई में हुई थी और पिछले 6 महीनों में करीब 23 लाख से ज्यादा भारतीय नागरिकों को हम लोगों ने प्रत्यावर्तित किया है। 18 से ज्यादा देशों के साथ हमारी एयर बबल व्यवस्था है और जिन देशों के साथ यह हमारी एयर बबल व्यवस्था है वहाँ एयर आवागमन करीब करीब सामान्य है। और जहाँ जहाँ हम देखते हैं कि बड़ी संख्या में भारतीय हैं, और वे आना चाहते हैं वहाँ वन्दे भारत मिशन फ्लाइट्स निर्धारित की जा रही हैं ।”

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): आदित्य राज कौल ने पूछा है - "पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की हत्या में तीव्र वृद्धि हुई है, नवीनतम हत्याओं में पेशावर में अहमदिया की और पाकिस्तान में दो ईसाइयों की हुई हैं। भारत इस पर कैसी प्रतिक्रिया देता है? क्या भारत, पाकिस्तान के ऐसे हाशिए के अल्पसंख्यकों को आश्रय देगा?” न्यूज़ 18 से शैलेंद्र का ऐसा ही सवाल।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: हमने कुछ बंदूकधारियों द्वारा 82 वर्षीय अहमदी व्यक्ति की पेशावर में जाहिर तौर पर उनके विश्वास के कारण हत्या की इन मीडिया रिपोर्टों को देखा है । यह दुर्भाग्य से, पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति का एक दुखद प्रतिबिंब है। कुछ समय से, हमने अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के लिए अपने धर्म का पालन करने के उनके अधिकार को सिकुड़ते हुए देखा है। इसके अतिरिक्त, हालत दु:खद बनी हुई है। हम पाकिस्तान के साथ इस मुद्दे को लगातार उठाते रहे हैं। हम अल्पसंख्यक समुदाय, जो उस देश में हैं, के बचाव, सुरक्षा, और कल्याण की आवश्यकता के मुद्दे को उठा रहे हैं।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): स्पुतनिक के देहरिया ने पूछा है - "क्या नागोर्नो-कराबाख में रूस के युद्धविराम समझौते पर विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया हो सकती है?

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: हमने पहले भी एक बयान दिया था और आपको पता होगा कि हमने हमेशा राजनयिक वार्ता के माध्यम से आर्मेनिया और अज़रबैजान के बीच शांतिपूर्ण रूप से नागोर्नो-काराबाख क्षेत्र में संघर्ष के समाधान की वकालत की है। हम आशा करते हैं कि रूस द्वारा कराए गए 10 नवंबर 2020 के नवीनतम समझौते से तत्काल तनाव समाप्त हो जाएँगे और परिणामतः क्षेत्र में शांति और सुरक्षा होगी। भारत इस संबंध में संबंधित पक्षों के प्रयासों का स्वागत करता है।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): हिंदू से कलोल ने पूछा है कि क्या प्रधानमंत्री ने इस महीने एससीओ के राष्ट्र प्रमुखों की बैठक के लिए निमंत्रण भेजा है और कितने देश भाग लेंगे और किस स्तर पर?

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता:
कलोल, मैंने पहले घोषणा की थी कि भारत 30 नवंबर को आभासी प्रारूप में एससीओ राष्ट्र प्रमुखों के शिखर सम्मलेन की मेजबानी करेगा और एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने वाला देश सभी एससीओ सदस्य राज्यों को बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता है। हमने तदनुसार सभी आठ एससीओ सदस्य राज्यों, चार पर्यवेक्षक राज्यों, एससीओ महासचिव और एससीओ आरएटीएस के निदेशक को सूचित किया है। तो, अभी मेरे पास ये ही विवरण हैं।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: क्या कोई और प्रश्न हैं?

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (जन-संपर्क): और कोई प्रश्न नहीं हैं श्रीमान ।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: धन्यवाद! तो साप्ताहिक वार्ता यहाँ समाप्त होती है।

*****

Comments
टिप्पणियाँ

टिप्पणी पोस्ट करें

  • नाम *
    ई - मेल *
  • आपकी टिप्पणी लिखें *
  • सत्यापन कोड * Verification Code