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आधिकारिक प्रवक्ता द्वारा वर्चुअल साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग की प्रतिलिपि (19 नवंबर, 2020)

नवम्बर 20, 2020

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: दोस्तों, आप सभी का स्वागत है। साप्ताहिक ब्रीफिंग को शुरू करते हुए, मैं सबसे पहले कुछ घोषणाएं करना चाहूँगा।

पहली घोषणा 15वें जी20 लीडर्स समिट पर है। दो पवित्र मस्जिदों के संरक्षक, सऊदी अरब साम्राज्य, महामहिम राजा सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद के निमंत्रण पर, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब साम्राज्य की अध्यक्षता में 'सभी के लिए 21वीं सदी के अवसरों को हासिल करना' के विषय के तहत आयोजित होने वाले 15वें जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह बैठक आभासी प्रारूप में आयोजित की जाएगी। यह शिखर सम्मेलन 2020 में जी20 नेताओं की दूसरी बैठक है। प्रधानमंत्री और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत के बाद, पिछला जी-20 असाधारण नेताओं का शिखर सम्मेलन मार्च 2010 में आयोजित किया गया था, जिसमें नेताओं ने कोविड-19 महामारी को फैलने से रोकने में मदद करने और समन्वित प्रतिक्रिया को बढ़ावा देने में जी20 देशों के बीच सहमति बनी। आगामी जी20 शिखर सम्मेलन का उद्देश्य कोविड-19 से समावेशी, लचीला और स्थायी तरीके से निपटा होगा। जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान, नेता महामारी से निपटने की तैयारियों व नौकरियों को बहाल करने के तरीकों एवं साधनों पर चर्चा करेंगे। नेता समावेशी, टिकाऊ और लचीले भविष्य के सृजन पर अपना दृष्टिकोण भी साझा करेंगे। 1 दिसंबर, 2020 को इटली द्वारा जी-20 की अध्यक्षता ग्रहण करने के बाद भारत सऊदी अरब के साथ जी20 के अग्रणी देशों के समूह में शामिल होगा।

दूसरी घोषणा भूटान में रूपे कार्ड के दूसरे के लॉन्च के वर्चुअल समारोह के बारे में है, जो 20 नवंबर को होना है। रूपे कार्ड के दूसरे चरण को वर्चुअल प्रारुप में प्रधानमंत्री और भूटान के प्रधानमंत्री द्वारा लॉन्च किया जाएगा और इसका आयोजन 20 नवंबर को होगा, जैसा कि मैंने आपको बताया है। दोनों प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त रूप से अगस्त 2019 में प्रधानमंत्री की भूटान की राजकीय यात्रा के दौरान परियोजना के पहले चरण को संयुक्त रूप से लॉन्च किया था। पहले चरण में भारतीय नागरिकों को रुपे कार्ड का इस्तेमाल कर भूटान में एटीएम और पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) से पैसे निकालने की सुविधा दी गई थी। दूसरे चरण में भूटानी नागरिक भारत में रुपे कार्ड का इस्तेमाल कर एटीएम नेटवर्क का उपयोग कर सकेंगे। भारत और भूटान के बीच आपसी समझ तथा सम्मान पर टिकी हुई एक विशेष साझेदारी है, जो साझा सांस्कृतिक विरासत और लोगों से लोगों के बीच मजबूत जुड़ाव पर आधारित है।

और, अंत में मैं वंदे भारत मिशन पर अपडेट देना चाहूंगा। 1 नवंबर से, वंदे भारत मिशन का 8वां चरण चालू कर दिया गया है। और इस चरण के तहत अभी तक 24 देशों से 763 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें संचालित की गई हैं, जो पूरे भारत के 21 हवाई अड्डों तक पहुँचती हैं और इससे लगभग 140,000 लोगों को प्रत्यावर्तित किया गया है। वंदे भारत मिशन के तहत विभिन्न साधनों से अब तक 30.9 लाख भारतीयों को वापस लाया गया है। अब हम आपके प्रश्नों पर आगे बढ़ेंगे। तो यतीन अब आप आएं।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): महोदय, पहला सवाल आदित्य राज कौल से है, उन्होंने पूछा है - "भारत ने गुरु नानक देव जी की आगामी 551वीं जयंती पर तीर्थयात्रियों के लिए करतारपुर कॉरिडोर खोलने का फैसला किया है। क्या इस संबंध में कोई नया निर्देश जारी किया जा रहा है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: आदित्य, इस और इससे संबंधित मुद्दों पर गृह मंत्रालय के परामर्श से चर्चा हो चुकी है। यह निर्णय लिया गया है कि भारत का एक सिख जत्था गुरु नानक देव जी की 551वीं जयंती के अवसर पर 27 नवंबर से 1 दिसंबर तक जन्मस्थान गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब जायेगा। यह यात्रा भारत और पाकिस्तान के धार्मिक स्थलों की यात्रा पर 1974 के द्विपक्षीय प्रोटोकॉल के अनुसार होगी। और कोविड महामारी को देखते हुए, स्वास्थ्य संबंधी सभी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाएगा और जत्थे में कम लोगों को शामिल किये जाने की संभावना है। मैं यह कहना चाहूँगा कि यह सिख जत्था 27 नवंबर से 1 दिसंबर तक जन्मस्थान गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब जाएगा।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): दीनमणी से सरोज गणपत ने पूछा है - "तमिलनाडु मछुआरों की नावों को छोड़ने हेतु श्रीलंकाई सरकार से बार-बार अनुरोध किया जा रहा है। अब ऐसी खबर है कि श्रीलंका की अदालत ने 121 नावों को नष्ट करने का आदेश दिया है, जिनमें लगभग 100 नावें रामेश्वरम एवं अन्य स्थानों की हैं। इस मुद्दें को तमिलनाडु के सभी राजनीतिक दलों ने उठाया है। क्या इस संबंध में विदेश मंत्रालय ने कोई कदम उठाया है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: हमने ये मीडिया रिपोर्ट्स देखी हैं। मेरे पास जो जानकारी है, उसके अनुसार तमिलनाडु की एक टीम द्वारा विचाराधीन 121 नौकाओं को अप्राप्य माना गया है और उनका निपटान नीलामी के माध्यम से किया जाना है। हम इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में श्रीलंका सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं। आपको पता होगा कि भारत सरकार ने भारतीय मछुआरों और उनकी नावों को छोड़ने का मुद्दा उच्चतम स्तर पर उठाती रही है। हम समय-समय पर राजनयिक चैनलों के माध्यम से भी इस मुद्दे को उठा रहे हैं और मेरी जानकारी के अनुसार इस वक्त कोई भी भारतीय मछुआरा श्रीलंका में हिरासत में नहीं हैं।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): स्टेट न्यूज़ ग्लोबल से पारुल चंद्रा ने पूछा है - "क्या नेपाल ने भारत और नेपाल के बीच एयर बबल शुरू करने के भारतीय प्रस्ताव का जवाब दिया है? और क्या भारतीय नागरिकों को भूमि सीमा के माध्यम से नेपाल में या नेपाली नागरिकों को भारत में प्रवेश करने की अनुमति दी जा रही है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: पारुल, हम नेपाल के साथ एयर बबल शुरु करने का प्रयास कर रहे हैं और जहां तक भूमि सीमा की बात है, आपको पता होगा कि मार्च 2020 से, जब से कोविड-19 महामारी शुरू हुई, नेपाल ने भूमि मार्गों के माध्यम से सभी विदेशियों के प्रवेश को बंद कर दिया है और तब से विदेशियों को प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। ऐसा करने की अनुमति कुछ विशेष स्थिति में ही दी जाती है। एमएचए के दिशानिर्देशों के अनुसार, नेपाली नागरिकों को भारत आने की अनुमति है।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): सीएनएन न्यूज18 ने महा ने पूछा है - "विदेश सचिव अगले सप्ताह नेपाल की यात्रा कर रहे हैं, इस यात्रा का एजेंडा क्या है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: महा, विदेश सचिव की किसी भी आधिकारिक यात्रा से पहले, हम मीडिया को बताते हैं। इसलिए जब यह यात्रा होगी तो आपको बताया जाएगा।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): ट्रिब्यून से संदीप दीक्षित ने पूछा है - "भारत और विदेश में काम करने की अपनी प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए देश एवं विदेश में लोकतंत्र की मजबूती हेतु बिडेन संक्रमण टीम को लेकर भारत की क्या प्रतिक्रिया है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता:
संदीप, आपने हमारे द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति देखी होगी। 17 नवंबर को प्रधानमंत्री और चुने गए राष्ट्रपति बिडेन के बीच फोन कॉल के माध्यम से हुई बातचीत में दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका की व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने हेतु साथ मिलकर काम करने में अपनी रुचि दिखाई। उन्होंने साझा प्राथमिकताओं और वैश्विक चुनौतियों एवं भारत-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग पर साथ मिलकर काम करने पर भी अपने विचार साझा किए। लोकतांत्रिक सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता के साथ-साथ दो परिपक्व एवं जीवंत लोकतंत्रों होने के नाते, हमारे संबंध साझा मूल्यों और साझा हितों की नींव पर टिके हुए हैं।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): अगले कुछ प्रश्न आरसीईपी पर है। डब्ल्यूआईओएन के सिद्धांत ने पूछा है - "आरसीईपी ने भारत को पर्यवेक्षक का दर्जा देने हेतु आमंत्रित किया है, क्या हम इसे स्वीकार करेंगे?" द हिंदू से सुहासिनी ने पूछा है - "क्या भारत आरसीईपी देशों द्वारा पिछले रविवार को एफटीए पर हस्ताक्षर के दौरान आरसीईपी की बैठकों में पर्यवेक्षक के रूप में शामिल होने के प्रस्ताव को स्वीकार करेगा?" यूएनआई के रमेश मान ने पूछा - "आरसीईपी पर भारत की क्या प्रतिक्रिया है, क्या भारत इसमें शामिल होने पर विचार करेगा?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: देखिये, आरसीईपी में शामिल होने को लेकर हमारी स्थिति बिल्कुल साफ है। अपने हितों के कुछ मुद्दों के न सुलझने के कारण हमने आरसीईपी में शामिल न होने के अपने निर्णय के बारे में उन्हें अवगत कर दिया है। उस विशेष मुद्दे के बारे में, जिसके बारे में आपने पूछा है, आपको वाणिज्य मंत्रालय से पूछना चाहिए जो इस सवाल का बेहतर जवाब दे सकते हैं।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): डब्ल्यूआईओएन के सिद्धांत ने पूछा है - "ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति ने कहा, भारत स्पुतनिक वैक्सीन का उत्पादन कर सकता है। अभी तक भारत में कोविड वैक्सीन के उत्पादन के लिए कितने देशों ने नई दिल्ली से संपर्क किया है?" ट्रिब्यून से संदीप ने पूछा है - "क्या आप आरपीआर कानूनों पर रोक के लिए भारत-दक्षिण अफ्रीका के प्रस्ताव पर कोई जानकारी दे सकते हैं। क्या यूरोपीय संघ, अमेरिका और ब्राजील के विरोध को देखते हुए इसके पारित होने की कितनी संभावना है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता:
सबसे पहले मैं सिद्धांत के सवाल का जवाब देना चाहूँगा। सिद्धांत आपको यह सवाल शायद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और जैव प्रौद्योगिकी विभाग से पूछना चाहिए जो इससे संबंधित हैं और इसका विस्तार से जवाब दे सकते हैं। मेरी जानकारी के अनुसार, डॉ. रेड्डी को भारत में स्पुतनिक-V टीके का परीक्षण करने की अनुमति दे दी गई है और उनकी जांच के आधार पर कंपनी द्वारा नियामक दिशानिर्देशों के अनुसार जरुरी कदम उठाए जाएंगे। मेरी जानकारी के अनुसार, फाइजर के साथ बातचीत चल रही है, और सीरम इंस्टीट्यूट पहले से ही ऑक्सफोर्ड वैक्सीन पर काम कर रहा है। और, मैं बताना चाहूँगा हूं कि मार्च 2020 से, भारत कोविड-19 के खिलाफ दवाओं, नैदानिक​किटों और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति करके अपने सहयोगी देशों के सहयोग से इससे मिलकर लड़ रहा है। हमने टेस्टिंग और केस मैनेजमेंट के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम भी आयोजित किए हैं, और विकास कार्यक्रम में हुई प्रगति को देखते हमने स्पष्ट कर दिया है कि हम इस सहयोग कार्यक्रम में सभी इच्छुक देशों को शामिल करने हेतु तैयार हैं। अब मैं संदीप के सवाल का जवाब देना चाहूँगा। मुझे लगता है कि संदीप आप 17 नवंबर को हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री के संबोधन के बारे में बात कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने ब्रिक्स देशों से बौद्धिक संपदा समझौतों से छूट के हमारे प्रस्ताव का समर्थन करने का आह्वान किया था। यह प्रस्ताव कोविड-19 वैक्सीन, निदान और चिकित्सा तक सस्ती और न्यायसंगत पहुंच हेतु अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ काम करने की हमारी प्रतिबद्धता के अनुरुप है। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य भी यही है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप वाणिज्य मंत्रालय से पूछ सकते हैं, जो इस सवाल का विस्तार से जवाब दे सकते हैं।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): द हिंदू से सुहासिनी ने पूछा है - "भारत ने सऊदी अरब से 29 अक्टूबर को गलत नक्शे के साथ जारी किए गए जी20 करेंसी नोट को बदलने के लिए कहा था। इस बात को ध्यान में रखते हुए कि जी20 शिखर सम्मेलन इस सप्ताह के अंत में होने वाला है, क्या सऊदी अरब सरकार की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया आई है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता:
सुहासिनी, आपको याद होगा कि सीमाओं को गलत रुप में दिखाने का मामला सऊदी के अधिकारियों के समक्ष उठाया गया था और हमने इस मुद्दे को नई दिल्ली के साथ-साथ रियाद में भी उठाया है। हमें सऊदी अधिकारियों ने सूचित किया गया है कि वो इस मामले में हमारी चिंताओं से अवगत हैं।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): एशिया टाइम्स के सुमित शर्मा ने पूछा है - "भारतीय सेना को ऊंची पहाड़ी पर स्थित स्थानों से हटाने के लिए माइक्रोवेव स्टाइल के हथियारों का इस्तेमाल करने के चीन के दावों पर क्या आप कोई टिप्पणी करना चाहेंगे?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: सेना के प्रवक्ता ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे दी, और यह बताया है कि ये रिपोर्ट गलत है। यह पूरी तरह से निराधार है।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): न्यूज नेशन के मधुरेंद्र ने पूछा है - "चीन के साथ जारी बात-चीत के बीच में ऐसी ख़बर है कि चीन चीन ने सीमा पर अपने सैन्य बल को बढ़ा दिया है। भारत इस बदलाव को कैसे देख रहा है?" न्यूज़18 के शैलेन्द्र ने पूछा है - "चीने के साथ अगली कोर कमांडर स्तर की वार्ता कब होगी?" टाइम्स नाउ से श्रीजॉय ने पूछा है - "हाल के दिनों में एलएसी को लेकर कोई बदलाव हुआ है? क्या कुछ बदलाव होने की संभावना है? ”

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: मैंने पिछले सप्ताह भी बताया था कि, भारत और चीन के वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के बीच 8वें दौर की वार्ता 6 नवंबर को चुशुलोन में हुई थी। यह वार्ता स्पष्ट, गहन और रचनात्मक रही और दोनों पक्षों ने भारत-चीन सीमा क्षेत्रों के पश्चिमी क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा से जुड़े विवाद के सभी मुद्दे पर अपनी असहमति को लेकर बातचीत की। इन चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य पश्चिमी क्षेत्र में एलएसी पर पूर्ण शांति बहाल करना है।

हम सैन्य व राजनयिक चैनलों से अपनी बातचीत आगे भी जारी रखेंगे और इसके लिए जल्द ही वार्ता का एक और दौर शुरू करने पर भी सहमति बनी है।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): टाइम्स नाउ से श्रीजॉय ने पूछा - "हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ब्रिटिश के कार्यकारी उच्चायुक्त ने कहा कि, विजय माल्या के प्रत्यर्पण के रास्ते में एक कानूनी अड़चन है। यह अड़चन क्या है? क्या ब्रिटेन ने भारत को इसके बारे में बताया है और भारत अब इस संबंध में क्या कर रहा है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: श्रीजॉय, हमें बताया गया है कि यह कानूनी अड़चन गोपनीय है जिसे दूर किया जाना है और कानूनी अड़चन को दूर करने के बाद, विजय माल्या को भारत में प्रत्यर्पित किया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए कोई निर्धारित समय नहीं बताया गया है और हम इस मामले को यूके के अधिकारियों के समक्ष रखेंगे।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): न्यूज नेशन के मधुरेंद्र ने पूछा है - "भारत के विरोध के बवजूद, पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान के मौजुदा स्वरूप को बदल दिया है। वहां की चुनावी प्रक्रिया के खिलाफ सैन्य विरोध देखा जा रहा।" भारत इस बदलते घटनाक्रम को कैसे देख रहा है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: मधुरेंद्र जी, गिलगिट-बाल्टिस्तान के तथाकथित क्षेत्रों सहित जम्मू और कश्मीर पर हमारी स्थिति पहले की तरह की सुसंगत है। मैने चुनाव के पहले कुछ प्रश्नों के जवाव दिये थे। गिलगिट-बाल्टिस्तान में चुनाव सिर्फ और सिर्फ एक दिखावा और ढ़ोग से ज्यादा कुछ नहीं है, और इसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश के क्षेत्रों पर पाकिस्तान के अवैध कब्जे को केवल छुपाना मात्र है। हम लोगों ने ये भी कहा था कि इस बात को हम दोहराते हैं कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के साथ-साथ गिलगित-बाल्टिस्तान के क्षेत्र 1947 से ही भारत का अभिन्न अंग है।"

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): मधुरेंद्र ने एक और सवाल पूछा है - "कुलभूषण जाधव मामले में क्या अपडेट है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: जैसे की मैंने बताया था, पाकिस्तान सरकार ऐसा माहौल बनाने में नाकाम रही है जिसके तहत श्री जाधव पर लगाये गये आरोपों को गंभीरता और प्रभावी ढंग से चुनौती दी जा सके। हमने पाकिस्तान सरकार से श्री जाधव के लिए इंग्लैंड में क्वींस काउंसिल की अनुमति देने का अनुरोध किया है। साथ ही साथ आपको याद होगा की आईसीजे का फैसला जुलाई 2019 में सुनाया गया है लेकिन अभी तक पाकिस्तान ने इस मामले से संबंधित दस्तावेज हमें उपलब्ध नहीं कराये हैं और हम ये कहेंगे कि आईसीजे के फैसले को पूरी तरह से लागू किया जाना चाहिए और यही हमारी स्थिति है।”

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): अगले कुछ सवाल पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद पर है। न्यूज़ नेशन के मधुरेंद्र ने पूछा - "भारत के खिलाफ पाकिस्तान का आतंकी खेल लगातार जारी है। आज ही 4 पाकिस्तानी आतंकी सुरक्षबलों के हाथों ढेर हुए, वहीं एलओसी पर सीज-फायर उल्लंघन के नए रिकार्ड पाकिस्तान कायम कर रहा है। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिये भारत आगे क्या कदम उठायेगा?" न्यूज़18 के शैलेन्द्र ने पूछा है - "आज नगरोटा में 4 जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मारे गए, क्या ये वहां होने वाले चुनाव को विफ़ल करने की पाकिस्तान की साजिश हो सकती है?” आदित्य राज कौल ने पूछा है - "जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश के नगरोटा में आज तड़के भारतीय सुरक्षाबलों ने 4 आतंकवादियों को मार गिराया। रिपोर्ट में कहा गया है कि आतंकवादी कल सियालकोट पाकिस्तान से भारत में घुसपैठ करके आए थे। क्या भारत इस मुद्दे को पाकिस्तान से सामने रखेगा?”

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: शांति बनाए रखने हेतु 2003 के युद्ध विराम समझौते का पालन करने के बार-बार आह्वान के बावजूद, पाकिस्तानी सेना घुसपैठियों की मदद करने के लिए कवर फायर करती रहती है। आतंकियों की लगातार घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु हथियारों का बेरोकटोक इस्तेमाल जारी है। इस तरह की गतिविधियां एलओसी पर तैनात पाकिस्तानी बलों की मदद के बिना संभव नहीं हैं।

विदेश मंत्रालय ने 14 नवंबर को पाकिस्तान के उच्चायोग विभाग के प्रभारी को तलब किया था एवं जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के कई क्षेत्रों पर पाकिस्तानी बलों द्वारा बिना कारण के संघर्ष विराम का उल्लंघन और 13 नवंबर 2020 को हुई गोलीबारी में चार निर्दोष नागरिकों की मौत और 19 अन्य लोगों आई गंभीर चोटें के संदर्भ में मजबूत विरोध दर्ज कराया गया था।

भारत ने सीमा पार आतंकवादी घुसपैठ में पाकिस्तान के निरंतर समर्थन का भी कड़ा विरोध किया था। पाकिस्तान ने एक बार फिर से भारत के खिलाफ आतंकवाद हेतु उसके किसी भी क्षेत्र का इस्तेमाल करने न हो, इसके प्रति अपनी द्विपक्षीय प्रतिबद्धता को दोहराया।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): एवीपी से अग्नि रॉय ने पूछा है - "बांग्लादेश सरकार और जहाजरानी मंत्रालय ने संयुक्त रूप से आज 'मेक फॉर द वर्ल्ड' सेमिनार को संबोधित किया। क्या इसपर प्रेस को कोई बयान दिया जा सकता है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: अग्नि, मुझे इस बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है। आप जहाजरानी मंत्रालय से इस बारे में जानकारी ले कर सकते हैं।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): डब्ल्यूआईओएन से सिद्धांत ने पूछा है - "23, 24 नवंबर को जिनेवा में अफगानिस्तान के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानवीय सहायता सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व कौन करेगा?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: सिद्धान्त, इस सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री करेंगे और यह सम्मेलन वर्चुअल प्रारूप में होगा।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): महोदय, अब और कोई सवाल नहीं है।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: धन्यवाद यतिन, तो यह साप्ताहिक ब्रीफिंग यहीं समाप्त होती है।

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