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आधिकारिक प्रवक्ता द्वारा वर्चुअल साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग की प्रतिलिपि (03 दिसंबर, 2020)

दिसम्बर 04, 2020

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: दोस्तों, नमस्कार और शुभ संध्या। वर्चुअल प्रारूप में आयोजित इस साप्ताहिक ब्रीफिंग में आप सभी का स्वागत है। सबसे पहले मैं वंदे भारत मिशन पर कुछ जानकारी देते हुए आज की शुरुआत करूंगा। आपको पता होगा कि 1 नवंबर से इस मिशन का आठवां चरण शुरु हो गया है और इस चरण को अब 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। इस आठवें चरण के इस बढाये गए समय में, जिसे चरण-8+ कहा जा रहा है, 15 देशों से 897 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को संचालित करना तय किया गया है, जिनसे लगभग 1.5 लाख लोगों को वापस लाया जा सकता है। इसके अलावा, 18 देशों के साथ द्विपक्षीय एयर बबल व्यवस्था के तहत संचालित उड़ानें भी सुचारू रूप से चल रही हैं। और 3 दिसंबर तक, 34.1 लाख भारतीयों को इस मिशन के विभिन्न तरीकों से प्रत्यावर्तित किया जा चुका है। अब हम आपके प्रश्नों पर आगे बढ़ेंगे। गरिमा, अब आप आएं।

सुश्री गरिमा पॉल, यूएस (डीडी): पहले कुछ सवालों में, सबसे पहला गौतम लाहिड़ी का है, जिन्होंने पूछा है - "चीन की राष्ट्र प्रायोजित मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, चीन ब्रह्मपुत्र नदी पर एक मेगा जल विद्युत परियोजना बनाने की योजना बना रहा है, क्या भारत सरकार इसे लेकर चिंतित है और भारत और बांग्लादेश दोनों की चिंताओं को दूर करने हेतु विदेश मंत्रालय क्या कदम उठायेगा?" आईवीडी से शंकर ने पूछा है - "क्या भारत ने ब्रह्मपुत्र नदी पर इस बड़े बांध के नियोजित विकास पर चीन के सामने अपनी चिंता व्यक्त की है?" इसी तरह से सवाल एएफपी से ऐश्वर्या, न्यूज नेशन से मधुरेंद्र, इंडिया टुडे से गीता मोहन और द ट्रिब्यून से संदीप ने भी पूछे हैं।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: हम इस संबंध में मीडिया रिपोर्ट से अवगत हैं और सरकार ब्रह्मपुत्र नदी पर होने वाले सभी विकास कार्यों पर नजर रखे हुए हैं। निचले राज्यों के रुप में, सीमा पार नदियों के पानी को लेकर बनाए गये उपयोगकर्ता अधिकारों के तहत, हमने चीनी अधिकारियों को अपने विचार व चिंताओं से अवगत कराया है। हमने उनसे यह तय करने का अनुरोध किया है कि अपस्ट्रीम क्षेत्रों में होने वाली किसी भी गतिविधि से डाउनस्ट्रीम राज्यों के हितों को नुकसान न पहुंचे। चीन की तरफ से भी कहा गया है कि वे केवल रन ऑफ द रिवर हाइड्रोपॉवर परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं, जिससे ब्रह्मपुत्र नदी के पानी में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा। ट्रांस-बॉर्डर नदियों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चीन के साथ 2006 में स्थापित संस्थागत विशेषज्ञ-स्तरीय तंत्र के तहत और साथ ही राजनयिक माध्यमों से भी चर्चा हुई है। हम अपने हितों की रक्षा हेतु ट्रांस-बॉर्डर नदियों के मुद्दे को चीन के साथ मिलकर निपटाना चाहते हैं।

सुश्री गरिमा पॉल, यूएस (डीडी): महोदय, अगला सवाल डब्ल्यूआईओएन से सिद्धांत ने पूछा है - "विदेश मंत्री और ऑस्ट्रेलियाई वित्त मंत्री के बीच 1 दिसंबर को टेलीफोन पर बातचीत हुई थी, क्या दोनों के बीच हाल के चीन-ऑस्ट्रेलिया विवाद पर भी चर्चा हुई?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: सिद्धांत, हमारे देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंध हैं और हम लोकतांत्रिक देश हैं जो साझा नियमों के आधार पर नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था हेतु प्रतिबद्ध हैं। हाल ही में 4 जून को दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच एक आभासी शिखर सम्मेलन हुआ था और इसमें हमारे द्विपक्षीय संबंधों में व्यापक रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाने पर अमल किया गया था। हमारे द्विपक्षीय संबंध विभिन्न क्षेत्रों में हैं, इनमें कृषि, खनन, शिक्षा, कौशल विकास, बुनियादी ढाँचा, समुद्री सहयोग, आतंकवाद का मुकाबला, साइबर सुरक्षा शामिल हैं। आपको मालूम होगा कि ऑस्ट्रेलिया ने हाल ही में मालाबार अभ्यास में भाग लिया था और यह भारत द्वारा समर्थित हमारी इंडो-पैसिफिक महासागर पहल और साथ ही कोविड के बाद अधिक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला बनाकर अर्थव्यवस्था को संतुलित करने में महत्वपूर्ण साझेदार भी है। इसलिए, हमारे द्विपक्षीय संबंधों की गहराई व महत्व को देखते हुए, हमने क्षेत्रीय और वैश्विक विकास के साथ-साथ मौजूदा मुद्दों पर भी अपने-अपने विचार साझा किए।

सुश्री गरिमा पॉल, यूएस (डीडी): इसके बाद, अगला सवाल एनडीटीवी इंडिया से उमा शंकर ने पूछा हैं - "क्या भारत के प्रधानमंत्री ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को गणतंत्र दिवस की परेड का मुख्य आतिथि बनने का न्योता दिया है, अगर हां, तो क्या यूके के प्रधानमंत्री ने निमंत्रण काबुल कर लिया है?" एशियन एज से श्रीधर ने पूछा है - "क्या ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को गणतंत्र दिवस के परेड के मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है? क्या उन्होंने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है?" इसी तरह के सवाल न्यूज़18 से शैलेंद्र, न्यूज़18 से नीरज, आईवीडी से शंकर, द हिंदू से सुहासिनी हैदर और टाइम्स नाउ से श्रीजॉय ने भी पूछे हैं।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: देखिए, जैसा कि आप सभी जानते हैं, हमारे गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि की घोषणा इसके आयोजन से कुछ समय पहले होती है। इसलिए, इस संबंध में कोई ऐसी जानकारी मिलने पर मैं आपसे अवश्य साझा करूंगा।

सुश्री गरिमा पॉल, यूएस (डीडी): अगला सवाल, इंडिया टुडे से गीता ने पूछा है - "पाकिस्तान जाधव के मामले के साथ एक अन्य भारतीय नागरिक के मामले को जोड़ने की कोशिश कर रहा है। सुनवाई के दौरान अदालत के आदेश में भी केवल जाधव का जिक्र और इसमें इंडियन नेशनल-वार सुनवाई का जिक्र नहीं है। क्या आप जाधव मामले में जो कुछ हो रहा है, उस पर कोई जानकारी दे सकते हैं और इसमें दूसरा भारतीय नागरिक कौन है? पाकिस्तान दोनों मामलों को कैसे जोड़कर देख रहा है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: गीता, पाकिस्तान श्री कुलभूषण जाधव के मामले को एक अन्य मामले से जोड़ने की कोशिश कर रहा है। आपको बता दूं कि, एक नियमित कांसुलर प्रेक्टिस में श्री मोहम्मद इस्माइल नाम के एक भारतीय कैदी की रिहाई और प्रत्यावर्तन हेतु, इस मामले में हमारे उच्चायोग का प्रतिनिधित्व करने के लिए श्री शाहनवाज़ नून को चुना गया था, जिनकी सजा पूरी हो चुकी है लेकिन वो अभी भी पाकिस्तान की जेल में बंद है। इसलिए, श्री शाहनवाज़ नून को श्री मोहम्मद इस्माइल के मामले का प्रतिनिधित्व करने हेतु चुना गया था। हालांकि, श्री इस्माइल के मामले की कार्यवाही के दौरान, पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल ने श्री जाधव से संबंधित मामले को भी उठाया, हालांकि ये दोनों मामले किसी भी तरह से जुड़े हुए नहीं हैं और श्री नून ने हमारे सीडीए के बारे में वो बातें बताई जो सच नहीं हैं और वे इस मामले में हमारे रुख के विपरीत हैं। ऐसा मालूम होता है कि उन्होंने पाकिस्तान के दबाव में आकर ऐसा बयान दिया जिसके लिए उनको कोई अधिकार नहीं है। इसलिए श्री नून ने हमारे उच्चायोग के पक्ष को गलत तरीके से पेश किया है। उन्हें उच्चायोग द्वारा साफ बता दिया गया था कि उन्हें भारत सरकार या श्री कुलभूषण जाधव का प्रतिनिधित्व करने का कोई अधिकार नहीं है। और इस्लामाबाद में हमारे शिष्टमंडल ने श्री नून को यह दोहराते हुए एक पत्र लिखा है कि उन्हें श्री जाधव का प्रतिनिधित्व करने और यह सुझाव देने का कोई आधार नहीं है कि भारतीय सीडीए अदालत में पेश होगा। श्री कुलभूषण जाधव पर हमारी स्थिति के संबंध में, जैसा कि मैंने पहले भी साफ कहा है, पाकिस्तान इस मामले से संबंधित मुख्य मुद्दों पर प्रतिक्रिया करने और सभी संबंधित दस्तावेजों को उपलब्ध करने, श्री जाधव तक बिना रोकटोक, मुक्त और बिना शर्त कांसुलर पहुंच देने में विफल रहा है, जो कि आईसीजे के आदेशानुसार इस मामले की समीक्षा और पुनर्विचार का आधार बन सकता है।

सुश्री गरिमा पॉल, यूएस (डीडी): अगला सवाल, न्यूज़18 से शैलेन्द्र ने पूछा है - "क्या पाकिस्तान ने भारत के अगले सीडीए के तौर पर सुरेश कुमार को मंजूरी दे दी है?" इसी तरह का सवाल एनडीटीवी इंडिया से उमा शंकर ने भी पूछा है।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: देखिए, जहां तक मेरी जानकारी है, इस नियुक्ति की प्रक्रिया अभी जारी है।"

सुश्री गरिमा पॉल, यूएस (डीडी): महोदय, अगला सवाल, रक्षक न्यूज से रंजीत कुमार ने पूछा है - "लद्दाख सीमा पर चीन के साथ डी-एस्केलेशन पर हो रही वार्ता की क्या स्थिति है?" टाइम्स नाउ से श्रीजॉय ने पूछा है - "क्या भारत और चीन सैन्य स्तर के अगले दौर की वार्ता की दिशा में काम कर रहे हैं? क्या अनौपचारिक चर्चा चल रही है?" इसी तरह के सवाल न्यूज नेशन के मधुरेंद्र, एबीपी के प्रणय और द हिंदू के सुहासिनी ने भी पूछे हैं।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: जैसा कि हमने पहले भी बताया है, दोनों पक्ष राजनयिक और सैन्य माध्यम से बातचीत को जारी रखना चाहते हैं, जिसका उद्देश्य पश्चिमी क्षेत्र में एलएसी के साथ-साथ विवाद के सभी मुद्दों को हल करते हुए पूर्ण विघटन और शांति की पूर्ण बहाली है। दोनों पक्षों ने उचित समय पर वरिष्ठ कमांडरों की अगली बैठक शुरु करने पर सहमति जताई है, और जब भी कोई जानकारी आयेगी, तो हम आपसे जरुर साझा करेंगे।

सुश्री गरिमा पॉल, यूएस (डीडी): महोदय, अगला सवाल, आदित्य राज कौल ने पूछा है - "यूएस-चाइना इकोनॉमिक एवं सिक्योरिटी रिव्यू कमीशन ने अमेरिकी कांग्रेस को बताया है कि बीजिंग ने पूर्वी लद्दाख में स्थित गलवान घाटी में हिंसक झड़प करने की पहले से ही योजना बना रखी थी। इसपर भारत की प्रतिक्रिया क्या है?" न्यूज़ नेशन से मधुरेंद्र पूछते हैं - "अमेरीकी रिपोर्ट मे गलवान हिंसा को लेकर जो तथ्य सामने आये हैं उससे भारत कितना सहमत है?" न्यूज18 से शैलेन्द्र ने पूछा है - "अमेरिका के एक आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि गलवान की हिंसा की योजना चीन के सीसीपी ने की थी, क्या भारत इस रिपोर्ट से सहमत है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: देखिए, मैं आप सभी से उस प्रेस विज्ञप्ति को देखने का अनुरोध करता हूं जो 15 जून को गालवान घाटी में हिंसक झड़प के तुरंत बाद मंत्रालय द्वारा विदेश मंत्री और राज्य काउंसलर एवं चीन के विदेश मंत्री श्री वांग यी के बीच 17 जून, 2020 को हुई बातचीत के बाद जारी की गई थी, जिसमें 20 भारतीय सैनिकों ने भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की बाजी लगा दी। मैं विशेष रुप से यह कहना चाहूंगा कि 1993 और 1996 में सीमावर्ती क्षेत्रों में एलएसी पर शांति बहाल करने के समझौते सहित, दोनों पक्षों को पूरी तरह से विभिन्न द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉलों का सख्ती से पालन करना चाहिए, जिसके तहत सीमा पर सैनिकों को एकत्र नहीं करने, प्रत्येक पक्षों को एलएसी का कड़ाई से पालन करना चाहिए और स्थास्थिति को बदलने हेतु एकतरफा कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।

सुश्री गरिमा पॉल, यूएस (डीडी): महोदय, अगला सवाल डब्ल्यूआईओएन से सिद्धांत ने पूछा हैं - "भारत में स्थित कोविड वैक्सीन केंद्र का दौरा कितने विदेशी प्रतिनिधि करेंगे? क्या उनका दौरा विदेश सचिव के साथ नवंबर की बैठक के परिणामस्वरूप हो रहा है?" न्यूज18 से शैलेन्द्र ने पूछा है - "एमईए कितने प्रतिनिधि को 9 नवंबर को हैदराबाद ले जा रहा है, और इस दौरे में डिप्लोमेट्स को क्या जानकारी दी जायेगी?" न्यूज़ नेशन से मधुरेंद्र ने पूछा है - "यूके में अप्रुव हुई कोविड वैक्सीन भारत में भी लोगों को मिल सके, क्या इस संबंध में भारत और यूके के बीच कोई बातचीत चल रही है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: सिद्धांत और शैलेन्द्र, इस दौरे की योजना अभी बनाई जा रही है और अंतिम रूप दिए जाने के बाद हम आपको अधिक जानकारी दे सकेंगे। मधुरेंद्र जी, आपके सवाल के लिए मैं यह कहूंगा कि वैक्सीन को लेकर जो भी डेवलपमेंट है, किससे क्या बातचीत है, किसके साथ क्या हो रहा है, किस स्टेज पर है, इसकी विस्तृत जानकारी आपको स्वास्थ्य मंत्रालय से लेनी पड़ेगी।”

सुश्री गरिमा पॉल, यूएस (डीडी): महोदय, अगला सवाल आदित्य राज कौल ने पूछा है - "ऐसी खबरें हैं कि भारतीय और रूसी नौसेना के बीच जल्द ही नौसेना अभ्यास होने वाले, क्या आप इसपर कोई जानकारी दे सकते हैं?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: हाँ, भारतीय नौसेना और रूसी संघ की नौसेना के बीच पैसेज एक्सरसाइज या पासेक्स का संचालन होगा। यह अभ्यास 3 और 4 दिसंबर को होना है और इसे बंगाल की खाड़ी में आयोजित किया जाएगा। जैसा कि आप जानते हैं, भारत और रूस काफी समय से रणनीतिक साझेदार हैं और हमारी साझेदारी विशेष व विशेषाधिकार प्राप्त हैं। प्रस्तावित पासेक्स अभ्यास से दोनों पक्षों के बीच समुद्री परिचालन की निरंतरता बनी रहेगी और कोविड-19 से संबंधित प्रतिबंधों को ध्यान में रखते हुए, रूसी संघ की नौसेना के साथ पासेक्स अभ्यास का संचालन केवल समुद्र में बिना संपर्क के रूप में आयोजित किया जाएगा।

सुश्री गरिमा पॉल, यूएस (डीडी): महोदय, अगला सवाल मलायला मनोरमा से जोमी थॉमस ने पूछा है, क्या संयुक्त अरब अमीरात में ईएएम ने अपनी चर्चा के दौरान वहां भारतीयों के नौकरी के मुद्दों पर जो कहा, उसपर कुछ जानकारी मिल सकती है?

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: जोमी, आपने ईएएम की यात्रा और पिछले सप्ताह यूएई में हुई बैठकों पर हमारी प्रेस विज्ञप्ति देखी होगी। विदेश मंत्री को 25 नवंबर को अबू धाबी के क्राउन प्रिंस ने आमंत्रित किया था। उन्हें सेशेल्स से वापस जाने के दौरान दुबई में उनके रुकने के दौरान 29 नवंबर को दुबई के शासक और संयुक्त अरब अमीरात के प्रधानमंत्री व उपराष्ट्रपति ने भी आमंत्रित किया था। उन्होंने 26 नवंबर को अपने समकक्ष, संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री के साथ बातचीत की और इन सभी बैठकों में दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही घनिष्ठ मित्रता दिखाई दी। अब यात्रा के दौरान, द्विपक्षीय, क्षेत्रीय व बहुपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की गई, जिसमें भारतीय समुदाय के कल्याण से जुड़े मुद्दे भी शामिल थे और विदेश मंत्री ने महामारी के दौरान भारतीय समुदाय की अच्छी देखभाल के लिए संयुक्त अरब अमीरात के नेताओं को धन्यवाद दिया। यूएई की ओर ने भी भारतीय समुदाय की सराहना की और उन्होंने विदेश मंत्री को आश्वासन दिया कि यूएई में स्थिति सामान्य होने पर, वे भारत के अनुरोध पर विचार करेंगे। आपको यह भी मालूम होगा कि भारत और यूएई के बीच एयर बबल की व्यवस्था है और दोनों देशों ने इस बात पर संतुष्टि व्यक्त की है कि कोविड-19 प्रतिबंधों और इसके कारण होने वाली आर्थिक समस्याओं के बावजूद, बड़ी संख्या में भारतीय यूएई वापस जा सके।

सुश्री गरिमा पॉल, यूएस (डीडी): सर, अगला सवाल डब्ल्यूआईओएन से सिद्धांत ने पूछा है - "क्या नेपाल के वित्त मंत्री के भारत आने की उम्मीद है?" आईवीडी से शंकर ने पूछा है - "नेपाल के विदेश मंत्री भारत कब आ रहे हैं?" इसी तरह का सवाल द प्रिंट से नैनीमा ने भी पूछा है।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: विदेश सचिव ने पिछले सप्ताह अपनी नेपाल की यात्रा के दौरान नेपाल के विदेश मंत्री को संयुक्त आयोग की अगली बैठक हेतु एमईए की ओर से भारत आने का निमंत्रण दिया था। यह यात्रा कब होगी, इसपर अभी विचार किया जा रहा है।

सुश्री गरिमा पॉल, यूएस (डीडी):
महोदय, अगला सवाल, एबीपी से प्रणय ने पूछा है - "हाल ही में चीन के रक्षा मंत्री जनरल वी फेंगे नेपाल और फ़िर पाकिस्तान के दौरे पर थे। उनकी पाकिस्तान यात्रा के दौरान, दोनो देशे के बीच पीओके के इलाके से गुजरने वाली सीपीईसी परियोजनाओं पर भी बात हुई जिनको लेकर भारत विरोध जताता रहा है। साथ ही पाक सरकार के मुताबिक दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने के समझौते पर भी हस्ताक्षर हुए हैं। क्षेत्रीय संतुलन और दक्षिण एशिया में शांति स्थापना की कोशिश के मद्देनजर आप पाकिस्तान और चीन के बीच सैन्य साझेदारी को कैसे देखते हैं, इसको लेकर भारत की ताजा चिंताएँ क्या हैं?

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: प्रणय, जहां तक सीपीईसी परियोजनाओं का सवाल है, मैंने इसपर पहले भी बयान दिया है। हमारी स्थिति जो है, स्पष्ट और सुसंगत है और इससे दोनों देश अवगत हैं। सीपीईसी परियोजना भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करती है। और हमने दोनों देशों को अपना विरोध और चिंताएँ जता चुके हैं। मैं इस यात्रा पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा क्योंकि यह दो देशों के द्विपक्षीय संबंधों से संबंधित है, लेकिन जहां तक​राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है, मैं यह कहू्ंगा कि इनसे जुड़े मुद्दों पर सरकार हमेशा नजर रखती है और इसको सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाये जाते हैं।

सुश्री गरिमा पॉल, यूएस (डीडी): महोदय, अगला सवाल, न्यूज18 से नीरज ने पूछा है - "चुनाव आयोग ने अगले साल होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के लिए एनआरआई को पोस्टल बैलट के जरिए मतदान का अधिकार देने का प्रस्ताव दिया है। क्या विदेश मंत्रालय इसके लिए तैयार है?”

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता:
नीरज जी, चुनाव अयोग के जिस प्रस्ताव की आप बात कर रहे हैं, जब भी इसको लेकर कोई भी निर्णय होगा, मैं ये कहूंगा विदेश मंत्रालय इस निर्णय का कार्यान्वयन करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।"

सुश्री गरिमा पॉल, यूएस (डीडी): महोयद, अगला सवाल, एबीपी के प्रणय ने पूछा है - "विश्व पर्यावरण संस्थान की कृषि संबंधित समिति की बीते दिनों हुई बैठक में कुछ विकसित देशों ने भारत में कृषि सब्सिडी और किसान बीमा जैसी परियोजनाओं को लेकर सवाल उठाए थे। वे कौन से देश हैं जो भारत में कृषि सब्सिडी दिये जाने को लेकर अंतराष्ट्रीय व्यापार संगठन में सवाल उठा रहे हैं? और ऐसे मौकों पर भारत की तरफ से क्या जवाब दिया जाता है? और ऐसे दबाव से निपटने के लिए भारत क्या कदम उठा रहा है?

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: प्रणय, "डब्ल्यूटीओ से संबंधित जो मामला है, वो वाणिज्य मंत्रालय से संबंधित है और आपको उनसे संपर्क करना पड़ेगा।"

सुश्री गरिमा पॉल, यूएस (डीडी): महोदय, अगला सवाल न्यूज18 से शैलेन्द्र ने पूछा है - "कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने किसान प्रदर्शन पर टिप्पणी की है। क्या ये भारत के अंदरुनी मामलों में दखल नहीं है?

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: शैलेन्द्र जी, "कनाडा के नेताओं ने किसानों के प्रदर्शन से संबंधित टिप्पणी के बारे में जो बयान दिया गया है, वो आपने देखा होगा और उन बयान में कहा गया है कि इस तरह की टिप्पणी अनुचित है, खासकर जब बात एक लोकतांत्रिक देश के आंतरिक मामलों से संबंधित हो। बेहतर है कि कुटनीतिक बातचीत राजनैतिक उद्देश्यों के लिए गलत तरीके से प्रस्तुत न की जाये।”

सुश्री गरिमा पॉल, यूएस (डीडी): महोदय, अगला सवाल ट्रिब्यून से संदीप ने पूछा है, विदेश मंत्री की सेशेल्स यात्रा के दौरान, पूर्वानुमानित समझौते को लेकर क्या उम्मीदें हैं, जिसे सेशेल्स की संसद ने मंजूरी नहीं दी है? क्या भारत उन पर्यावरणीय चिंताओं पर विचार कर रहा है जो मौजूदा राष्ट्रपति द्वारा विपक्ष में होने पर उठाए गए थे?

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: संदीप आपने वह प्रेस विज्ञप्ति देखी होगी जो हमने यात्रा के बाद जारी की थी। विदेश मंत्री 27 और 28 नवंबर को आधिकारिक यात्रा पर थे और अपनी यात्रा के दौरान उन्हें महामहिम सेशेल्स के राष्ट्रपति द्वारा आमंत्रित किया गया था और साथ ही साथ उन्होंने अपने समकक्ष, विदेश मामलों और पर्यटन मंत्री के साथ भी बातचीत की। इस बातचीत के दौरान हमारे द्विपक्षीय संबंधों में पारस्परिक हित के सभी मुद्दों, जिसमें विकास साझेदारी, क्षमता निर्माण, रक्षा सहयोग, लोगों से लोगों और सांस्कृतिक संबंधों, व्यापार, पर्यटन, वाणिज्य के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई।

सुश्री गरिमा पॉल, यूएस (डीडी)
: महोदय, द ट्रिब्यून से संदीप ने पूछा है, पीओके में झेलम नदी पर 700 मेगावॉट बांध परियोजना की रिपोर्ट पर विदेश मंत्रालय का क्या रुख है?

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता:
संदीप, आप आज़ाद पट्टन जल विद्युत परियोजना के बारे में बात कर रहे हैं, हमने इस परियोजना से संबंधित समझौतों को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स देखी है, और आपने पहले भी ऐसी परियोजनाओं पर हमारी प्रतिक्रिया देखी होगी। हमने इस परियोजना जैसी जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण सहित अवैध व जबरन कब्जे से भारतीय क्षेत्रों में बदलाव लाने के अपने प्रयासों पर पाकिस्तान से समक्ष लगातार अपना मजबूत विरोध व्यक्त किया है। हमारी स्थिति सुसंगत और स्पष्ट है कि जम्मू और कश्मीर व लद्दाख के भारतीय केंद्र शासित प्रदेशों का पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है और हमेशा रहेगा।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: गरिमा क्या और भी सवाल हैं?

सुश्री गरिमा पॉल, यूएस (डीडी):महोदय, अब और कोई सवाल नहीं है।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: धन्यवाद, तो यह साप्ताहिक ब्रीफिंग यहीं समाप्त होती है।

 

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