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आधिकारिक प्रवक्ता द्वारा वर्चुअल साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग की प्रतिलिपि (24 दिसंबर, 2020)

दिसम्बर 25, 2020

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: दोस्तों! नमस्कार और शुभ संध्या। इस आभासी साप्ताहिक ब्रीफिंग में आपका स्वागत है। मैं दो घोषणाओं के साथ शुरूआत करूंगा। सबसे पहले वंदे भारत मिशन पर एक अपडेट है। आपको ज्ञात होगा कि इस मिशन का चरण 8+ वर्तमान में 1 दिसंबर से परिचालित है और इस चरण के तहत 27 देशों से 1005 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें संचालित की गई हैं, जिसमें अनुमानित 1.8 लाख लोगों को लाया जाएगा। इस वंदे भारत मिशन के तहत 22 दिसंबर तक 40 लाख से अधिक लोगों को सुविधा दी गई है और आपको यह भी ज्ञात होगा कि कोविड -19 की उभरती स्थिति और यूके में चल रहे यात्रा प्रतिबंधों के कारण वंदे भारत की उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है। मंत्रालय स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है। मैं यह भी घोषणा करूंगा कि विदेश मंत्रालय कल अटल बिहारी वाजपेयी के 96 वें जन्मदिन पर विदेश नीति पर अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल व्याख्यान शुरू करेगा। यह व्याख्यान यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल की अध्यक्ष सुश्री निशा बिसवाल देंगी और इस कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय विदेश मंत्री करेंगे। इस समारोह में विदेश सचिव भी मौजूद रहेंगे, जो पूर्व प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री की स्मृति में आयोजित किया जाएगा। व्याख्यान कल यानि 25 दिसंबर को सुबह 10 बजे मंत्रालय के सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा। मैं आप सभी को इससे जुड़ने के लिए आमंत्रित करता हूं। तो आगे बढ़ते हुए। चलिए आपके सवालों की ओर बढ़ते हैं। यतिन कृपया आप कमान संभालेंगे?

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): तो प्रश्नों का पहला सेट नाविकों से संबंधित है। डब्ल्यूआईओएन से सिद्धांत ने पूछा है। कई महीनों से चीन के जिंगतांग बंदरगाह के पास जहाज फंसे हुए हैं जिनमें भारतीय नागरिक सवार हैं । ऐसा प्रतीत होता है कि चीनी अधिकारी मानवीय आधार पर भी उन्हें जहाज से उतरने की अनुमति नहीं दे रहे हैं। आपकी क्या प्रतिक्रिया है? पीटीआई भाषा से दीपक रंजन पूछ रहे हैं कि "पिछले कुछ महीनों से चीन के बंदरगाह के बाहर फंसे भारतीय जहाज और चालक दल के सदस्यों को लेकर जारी गतिरोध की क्या स्थिति है?”

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता:
मैंने पिछले सप्ताह भी इस बारे में बात की थी और आपको ज्ञात होगा कि मैंने उल्लेख किया था कि मालवाहक जहाज एमवी जग आनंद 13 जून से जिंगतांग बंदरगाह के पास एंकरेज पर है और इसमें 23 भारतीय नागरिक सवार हैं। एक अन्य पोत एमवी अनस्तासिया, जिसमें 16 भारतीय नागरिक हैं, 20 सितंबर से चीन में कॉफिडियन बंदरगाह के पास एंकरेज पर है और ये दोनों जहाज कार्गो के निर्वहन के लिए प्रतीक्षारत हैं। इस अभूतपूर्व स्थिति ने चालक दल में काफी तनाव पैदा कर दिया है। बीजिंग में हमारा दूतावास चीन की प्रांतीय और केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। वे अनुरोध कर रहे हैं कि जहाजों को अपने कार्गो का निर्वहन करने की अनुमति दी जाए और साथ ही चालक दल के सदस्यों में भी परिवर्तन करने की अनुमति दी जाए। चीनी अधिकारियों ने बताया है कि स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा कोविड -19 से संबंधित विभिन्न प्रतिबंध लगाए जाने के कारण इन बंदरगाहों से चालक दल के परिवर्तन की अनुमति नहीं है। हम यह भी समझते हैं कि भारतीय जहाज के आने के बाद कुछ अन्य जहाज वास्तव में कार्गो का निर्वहन करने और जाने में कामयाब रहे हैं। इसके कारण स्पष्ट नहीं हैं। हमने आवश्यक सुविधा और सहायता के प्रावधान के बारे में कल चीनी विदेश मंत्रालय के वक्तव्य पर भी ध्यान दिया है और बीजिंग में हमारा मिशन उनकी सुविधा और सहायता लेने के लिए चीनी अधिकारियों के साथ संपर्क में है, जिससे समस्या का जल्दी समाधान हो सकता है और चालक दल की स्थिति को सुधारने में मदद मिलेगी।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): ईटी से संध्या शर्मा ने पूछा है कि "क्या भारत ने दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70 वीं वर्षगांठ मनाने के लि चीन के साथ सभी 70 राजनयिक कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है, जिनकी योजना बनाई गई थी?"।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता:
संध्या, मैंने पहले इसका जवाब दिया था, मेरा विचार है कि पिछले सप्ताह। देखिए, भारत और चीन के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना का यह 70 वां वर्ष है। हालाँकि, जिन गतिविधियों पर सहमति बनी थी, उन्हें अभी तक शुरू नहीं किया गया है।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): टाइम्स नाउ से श्रींजॉय ने पूछा है कि "क्या ब्रिटेन में कोविड संकट से ब्रिटिश प्रधानमंत्री की यात्रा प्रभावित होने की संभावना है?" द प्रिंट से नैनिमा ने पूछा है कि "क्या गणतंत्र दिवस पर ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को दिए गए आमंत्रण पर अभी भी विचार किया जा रहा है जबकि हालही में कोविड -19 म्यूटेंट स्ट्रेन का पता चला है? द वायर से देवीरुपा ने पूछा है "क्या यूके में कोविड -19 के नए रूप की पहचान के कारण प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद जनवरी में ब्रिटिश प्रधानमंत्री भारत की यात्रा करेंगे? आजतक से कमलजीत, सीएनएन न्यूज़ 18 से महा, डब्ल्यूआईओएन से सिद्धांत, ट्रिब्यून से संदीप और ईटी से संध्या के भी यही सवाल हैं ।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: इसके उत्तर में, मैं कहूंगा कि आपको ज्ञात है कि हमने यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री को 2021 में गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था। और जब ब्रिटेन के विदेश सचिव डोमिनिक राब यहां थे, तब उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी स्वीकृति की पुष्टि की ही। इसलिए हम यहां प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): नवभारत से नरेंद्रनाथ ने पूछा है कि "बलूच नेता करीमा बलोच की मौत के बाद, पाकिस्तान मीडिया ने भारत पर ही दोष लगाने की कोशिश की है। हाल के दिनों में इस तरह का यह दूसरा मामला है। ऐसी संदिग्ध मौत पर भारत की क्या प्रतिक्रिया है? क्या भारत कनाडा से अनुरोध करेगा?” द प्रिंट से नैनिमा ने पूछा है कि कनाडा में प्रमुख बलूच कार्यकर्ता करीमा बलोच की मौत पर विदेश मंत्रालय की क्या प्रतिक्रिया है।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता:
हमने सुश्री करीमा बलोच जो एक प्रतिष्ठित बलूच कार्यकर्ता थीं, की मृत्यु की खबरें भी देखी हैं। हम परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हैं। इस मामले पर टिप्पणी करना हमारे लिए ठीक नहीं है, लेकिन मैं समझता हूं कि उसके परिवार ने जांच की मांग की है।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): सीएनएन न्यूज 18 से महा ने पूछा है कि संसद भंग होने के बाद नेपाल में राजनीतिक स्थिति पर भारत की प्रतिक्रिया क्या है जिसे प्रधान मंत्री ओली ने संवैधानिक तख्तापलट कहा है। हिंदू से कलोल पूछ रहे हैं कि "नेपाल के राष्ट्रपति ने प्रधान मंत्री ओली की सिफारिश के बाद संसद भंग की है। यह नेपाल के संविधान के खिलाफ है और फैसले की वैधता पर नेपाल का सर्वोच्च न्यायालय विचार कर रहा है। क्या आप कृपया इस मुद्दे पर भारत कि स्थिति बताएंगे?" इसी तरह के सवाल , डब्ल्यूआईओएन से सिद्धांत, द वायर से देवीरुपा और द प्रिंट से नैनिमा के भी हैं।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: हमने नेपाल के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम पर ध्यान दिया है। ये नेपाल आंतरिक मामले हैं जिनपर उसे अपनी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के अनुसार निर्णय लेना होगा। एक पड़ोसी और शुभचिंतक के रूप में भारत शांति, समृद्धि और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ने में नेपाल और उसके लोगों का साथ देता रहेगा।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): टाइम्स नाउ से श्रींजॉय ने एलएसी के मुद्दे पर पूछा है कि "पूर्वी लद्दाख में कमांडर स्तर की वार्ता कब हो रही है? क्या दोनों पक्ष संपर्क में हैं?"। पीटीआई भाषा से दीपक रंजन ने पूछा है कि "लद्दाख गतिरोध के मुद्दे पर चीन के साथ बातचीत की ताजा स्थिति क्या है? क्या गतिरोध खत्म करने के लिए आगे की बातचीत के लिए कोई तारीख तय की गई है?

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: श्रींजॉय और दीपक आपने इस संबंध में मेरी पिछली प्रतिक्रिया देखी होगी और जैसा कि अवगत कराया गया था, भारत और चीन राजनयिक और सैन्य माध्यमों से संचार बनाए रखना चाहते हैं। इन चर्चाओं ने दोनों पक्षों को एक-दूसरे की स्थिति के बारे में अधिक समझने में सहायता की है। जैसा कि आप जानते हैं कि भारत-चीन सीमा मामलों पर डब्ल्यूएमसीसी की एक बैठक 18 दिसंबर को हुई थी और दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए हैं कि अगला दौर जो वरिष्ठ कमांडरों की बैठक का 9 वां दौर है, उसे जल्दी ही आयोजित किया जाना चाहिए ताकि दोनों पक्ष मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों और नवचार के अनुसार एलएसी पर जल्दी ही और पूर्णत: सेना हटाने की दिशा में काम कर सकें और पूरी तरह से शांति बहाल कर सकें ।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर)
: गौतम लहिरी का प्रश्न है "दोनों प्रधानमंत्रियों के निर्णय के अनुसार" क्या भारत बांग्लादेश संयुक्त नदी आयोग कि बैठक 4 जनवरी को होगी।

. श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: गौतमजी, आपको याद होगा कि हाल ही में आयोजित वर्चुअल समिट में दोनों नेताओं ने संयुक्त नदी आयोग के सकारात्मक योगदान को याद किया और सचिवालय स्तर पर इस जेआरसी के अगले दौर की बैठक की आशा करते हैं। इसलिए दोनों पक्ष इस बैठक को आयोजित करने के लिए चर्चा कर रहे हैं और तारीख निश्चित होना बाकी है।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): ट्रिब्यून से संदीप ने पूछा है कि "यह देखते हुए कि विदेशी गणमान्य व्यक्तियों के साथ कई उच्च स्तरीय बैठकें हुई हैं। क्या मोदी-पुतिन शिखर सम्मेलन स्थगित कर दिया गया क्योंकि तैयारी संबंधी बैठकें नहीं हो सकी थीं?" रक्षक न्यूज से रंजीत कुमार ने पूछा है कि "क्या 2020 के भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन की तारीखों पर चर्चा हो रही है और क्या इसके आगामी जनवरी में होने की संभावना है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: आपने इस संबंध में कल की मेरी प्रतिक्रिया देखी होगी। देखिये भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन 2020 में कोविड -19 महामारी के कारण नहीं हुआ था और यह दोनों सरकारों के बीच पारस्परिक रूप से सहमत निर्णय था। तो इसके विपरीत किसी भी अटकल को नज़रंदाज़ करना चाहिए और रंजीत जी आपका जवाब यह है कि जब भी तारीखें निश्चित होंगी, हम आपको बताएंगे।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): ट्रिब्यून से संदीप ने पूछा है। क्या आप बता सकते हैं कि चाबहार पोर्ट पर भारत-ईरान-उजबेकिस्तान त्रिपक्षीय वार्ता का अगला दौर कब आयोजित होगा? क्या अफगानिस्तान को भी शामिल करने की योजना है?

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: संदीप, आपने अंतिम दौर के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति देखी होगी। यह वास्तव में चाबहार पोर्ट पर तीन देशों के बीच पहली त्रिपक्षीय कार्य समूह की बैठक थी जिसे वर्चुअल रूप से 14 दिसंबर को आयोजित किया गया था। यह बैठक उप मंत्री स्तर पर आयोजित की गई थी। अब अगली बैठक के बारे में मैं आपको यह बता सकता हूं कि भारत इस बैठक की मेजबानी करेगा। तारीख निश्चित की जानी बाकी है और अफगानिस्तान को इस बैठक के लिए एक प्रमुख हितधारक के रूप में आमंत्रित किया जाएगा।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): पीटीआई भाषा के दीपक रंजन का प्रश्न है पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व ने हाल के दिनों में फ्लैग ऑपरेशन की संभावना का आरोप लगाया है। पाकिस्तान के इस प्रोपेगेंडा पर मंत्रालय की क्या प्रतिक्रिया है?

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: दीपक जी, इस तरह के झूठे और हास्यास्पद बयान देना पाकिस्तान की आदत बन गई है। हमने ऐसे भारत विरोधी बयानों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। ये बयान बेबुनियाद हैं। इसलिए, उन्हें नज़रंदाज़ करना चाहिए।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: यतिन और कोई प्रश्न हैं?

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): नहीं सर!।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: धन्यवाद। इसके साथ ही यह साप्ताहिक ब्रीफिंग समाप्त होती है।

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