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भारत-बांग्लादेश वर्चुअल शिखर सम्मेलन के बाद जेएस (बीएम) द्वारा विशेष वर्चुअल ब्रीफिंग की प्रतिलिपि (दिसम्बर 17, 2020)

दिसम्बर 18, 2020

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: मित्रों! नमस्कार और शुभ संध्या। विशेष ब्रीफिंग में आपका स्वागत है। इससे पहले आज हमने प्रधानमंत्री और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के बीच भारत-बांग्लादेश वर्चुअल शिखर सम्मेलन का समापन किया और शिखर सम्मेलन के बारे में हमें संक्षिप्त जानकारी देने के लिए, मेरे साथ हैं इस मंत्रालय में संयुक्त सचिव (बांग्लादेश और म्यांमार) सुश्री स्मिता पंत। स्मिता अपनी शुरुआती टिप्पणी देंगी और उसके बाद हम आपके सवालों पर आगे बढ़ेंगे। स्मिता, अब आपकी बारी।

सुश्री स्मिता पंत, जेएस (बीएम): धन्यवाद अनुराग। आप सभी को गुड इवनिंग। हमारे प्रधानमंत्री और प्रधानमंत्री शेख हसीना ने आज एक वर्चुअल शिखर सम्मेलन का आयोजन किया। विजय दिवस के स्मारक समारोह के एक दिन बाद शिखर सम्मेलन के आयोजन ने उनकी बातचीत को एक विशेष महत्ता प्रदान कर दी। चर्चाओं का दायरा व्यापक था और सभी क्षेत्रों को शामिल किया गया था, जिसमें कनेक्टिविटी और व्यापार, विकास सहयोग, सीमा प्रबंधन, नदियाँ एवं जल बंटवारे, संरक्षण और मत्स्य पालन, ऊर्जा और सूचना प्रौद्योगिकी तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित सहयोग के नए और उभरते क्षेत्र पर चर्चा हुई। कुल मिलाकर, सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए जिनमें हाइड्रोकार्बन, संस्कृति, कृषि, उच्च प्रभाव वाली सामुदायिक विकास परियोजनाओं, वन्यजीवों के संरक्षण, बांग्लादेश के बारिशाल शहर में जल निपटान और भारत-बांग्लादेश सीईओ फोरम के गठन के लिए टीओआर शामिल थे। खुलना में लड़कियों के स्कूल में बुनियादी ढांचे के विकास और राजशाही शहर में विकास परियोजना से संबंधित दो एचआईसीडीपी परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया गया। चूंकि यह वर्ष शेख मुजीब का ऐतिहासिक वर्ष है, इसलिए दोनों प्रधानमंत्रियों ने उनके सम्मान में इंडिया पोस्ट द्वारा जारी एक स्मारक डाक टिकट का अनावरण किया तथा बंगबंधु बापू पर डिजिटल प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। यह प्रदर्शनी परस्पर संवादात्मक है और दो महान नेताओं के संघर्ष तथा उत्पीड़न और अत्याचार के खिलाफ उनकी लड़ाई को उजागर करती है। कुल मिलाकर इस बात की व्यापक प्रशंसा हुई कि वर्तमान की कोविड महामारी के बावजूद द्विपक्षीय संबंधों में काफी प्रगति हुई है, विशेष रूप से कनेक्टिविटी के क्षेत्र में जिसने इस वर्ष उल्लेखनीय प्रगति की है, जिसमें अंतर्देशीय जल के माध्यम से बांग्लादेश के ज़रिये त्रिपुरा को जोड़ते हुए कोलकाता से चात्तोग्राम बंदरगाह से अगरतला तक भारतीय कार्गो की आवाजाही भी शामिल है। साथ ही, रेल मार्ग के माध्यम से व्यापार में भी वृद्धि हुई है, जो मूल रूप से यह सुनिश्चित करता है कि कोविड महामारी के दौरान जब ज़मीनी व्यापार रुक गए थे, तब भी बांग्लादेश को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित नहीं हुई। इसलिए, चिलाहाटी-हल्दीबाड़ी रेल लिंक का संयुक्त उद्घाटन आज विशेष रूप से महत्वपूर्ण है और हम इस रेल मार्ग के माध्यम से माल की आवाजाही जल्द शुरू होने की उम्मीद करते हैं। और जहां तक यात्रियों की आवाजाही का संबंध है, उसके तौर-तरीकों पर भी चर्चा चल रही है। दोस्तों, बांग्लादेश इस क्षेत्र में हमारा सबसे बड़ा व्यापार साझेदार है। इस संदर्भ में व्यापार सुगमता से संबंधित मामलों पर भी चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने व्यापार को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए बंदरगाह प्रतिबंधों एवं अन्य प्रक्रियाओं जैसे मुद्दों को हल करने पर सहमति व्यक्त की है। दोनों पक्षों के बीच कंटेनर रेल सेवा शुरू हो गई है और हमने बांग्लादेश के व्यवसायियों के लिए अपने समुद्री बंदरगाहों के इस्तेमाल की पेशकश की है जो इस कंटेनर रेल सेवा का उपयोग कर तीसरे देशों को निर्यात कर रहे हैं। कोविड सहयोग पर भी चर्चा की गई। बांग्लादेश इस तथ्य की सराहना करता रहा है कि भारत टीकों के क्षेत्र में बांग्लादेश को उच्च प्राथमिकता देता है। बांग्लादेशी स्वास्थ्य पेशेवरों को बंगला भाषा में प्रशिक्षित करने से संबंधित हमारे हाल के क्षमता-निर्माण प्रयासों को भी बांग्लादेश सरकार द्वारा सराहा गया। विकास सहयोग एक और क्षेत्र था जिस पर चर्चा हुई। बांग्लादेश भारत का सबसे बड़ा विकास साझेदार है जिसमें 26% से अधिक एलओसी सहायता उन्हें विशिष्ट रियायती शर्तों पर दी जा रही है। हमने वर्तमान में चल रही कुछ परियोजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए उनसे सहूलियत मांगी है। सीमा प्रबंधन के क्षेत्र में समन्वित सीमा प्रबंधन योजना के कार्यान्वयन को और मजबूत बनाने तथा दोनों पक्षों के हताहतों की संख्या को शून्य पर कैसे लाया जाए, इस पर भी चर्चा हुई। चूँकि हम अपने सीमावर्ती क्षेत्रों को अपराधमुक्त बनाने का प्रयास कर रहे हैं, इसलिए कमजोर क्षेत्रों में शीघ्र बाड़ लगाने पर सहमति हुई। इस बात पर भी चर्चा हुई कि बॉर्डर हाट के विस्तार और सीमा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों से हमें इस मुद्दे को व्यापक रूप से हल करने में कैसे मदद मिलेगी। नदी जल बंटवारे और मत्स्य पालन सहित जल संसाधनों में सहयोग पर भी चर्चा की गई। इन चर्चाओं को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त नदी आयोग के ढांचे के तहत एक सचिव स्तर की बैठक बुलाने पर सहमति हुई है। जैसा कि देखा जा सकता है कि यह शिखर सम्मेलन बहुत ही फलदायी रहा, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन, व्यावहारिक रूप से सहयोग के सभी क्षेत्रों में विस्तृत चर्चा और दूरंदेशी संयुक्त वक्तव्य शामिल थे। इसलिए इसने हमारी बहुपक्षीय और अपरिवर्तनीय साझेदारी को और मजबूत तरीके से उच्चतम स्तर पर पहुंचाने में मदद की। दोनों प्रधानमंत्री नियमित संपर्क में बने हुए हैं। पिछले पांच वर्षों में, वे बहुपक्षीय बैठकों सहित 10 बार मिल चुके हैं। यह स्पष्ट रूप से इस संबंध को और अधिक ऊंचाई तक ले जाने की दोनों पक्षों की राजनीतिक इच्छाशक्ति को प्रदर्शित करता है। अगला वर्ष भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा, बहुत उल्लेखनीय रहेगा। हमारे प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश की मुक्ति के 50 वर्षों और दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के स्मारक समारोह के लिए 26 मार्च को बांग्लादेश की यात्रा के प्रधानमंत्री शेख हसीना के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है, उसी दिन उनका स्वतंत्रता दिवस भी है। कई अन्य संयुक्त गतिविधियों की योजना भी बनाई जा रही है, जिनमें चुनिंदा तीसरे देशों में कार्यक्रम आयोजित करने, भारत और बांग्लादेश के विभिन्न शहरों तथा संयुक्त राष्ट्र के सेमिनार आदि में बंगबंधु-बापू डिजिटल प्रदर्शनी का प्रदर्शन करना शामिल हैं। ये विवरण नियत समय पर साझा किए जाएंगे। मैं आपसे बातचीत करने के लिए उत्सुक हूं। धन्यवाद।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: धन्यवाद स्मिता। मैं सवालों पर आगे बढ़ता हूँ। मैं गौतम लाहिड़ी के टीकों से जुड़े एक सवाल के साथ शुरू करूंगा "क्या बांग्लादेश को कोविड वैक्सीन के वितरण को लेकर कोई निर्णय लिया गया?"

सुश्री स्मिता पंत, जेएस (बीएम): जैसा कि मैंने अभी-अभी उल्लेख किया है कि बांग्लादेश को कोविड टीका वितरण के क्षेत्र में उच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: कनेक्टिविटी पर मेरे पास दो प्रश्न हैं। मैं उन्हें एक साथ लूँगा। डब्ल्यूआईओएन से सिद्धांत का सवाल है, "क्या बांग्लादेश के लिए म्यांमार में भारत द्वारा निर्मित सिटवे पोर्ट का उपयोग करने की कोई योजना है?" और गौतम लाहिड़ी ने पूछा है, "चिलाहाटी-हल्दीबाड़ी मार्ग पर यात्री सेवा कब शुरू होगी? क्या यह मार्ग कोलकाता और ढाका को भी जोड़ेगा?"

सुश्री स्मिता पंत, जेएस (बीएम): जैसा कि मैंने अभी उल्लेख किया है कि इस मार्ग पर मालों की आवाजाही बहुत जल्द शुरू हो जाएगी। जहां तक यात्रियों के आवागमन का सवाल है, तो उसके तौर-तरीकों पर सक्रिय बात चल रही है। और जहां तक सिटवे बंदरगाह के उपयोग का संबंध है, हमने अब तक बांग्लादेश के साथ इस प्रस्ताव पर चर्चा नहीं की है।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: मेरे पास एमओयू के विवरण से जुड़ा एक प्रश्न है। गौतम लाहिड़ी जानना चाहते हैं कि क्या आप एमओयू का विवरण दे सकती हैं, विशेष रूप से टेक्सटाइल पर?

सुश्री स्मिता पंत, जेएस (बीएम): टेक्सटाइल पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होना बाकी है। संभवतः वे आज राष्ट्रीय संग्रहालय और बंगबंधु संग्रहालय के बीच किए गए एमओयू का उल्लेख कर रहे थे। तो उस एमओयू के सहयोग के तत्वों में से एक विशेषज्ञों के आदान-प्रदान के माध्यम से वस्त्रों का संरक्षण करना है।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: रक्षा सहयोग को लेकर भी कुछ प्रश्न हैं। रक्षक न्यूज से रंजीत कुमार ने पूछा है, "बांग्लादेश और भारत की सशस्त्र सेनाओं के बीच रक्षा संबंधों और द्विपक्षीय संबंधों के विस्तार पर क्या कोई नया समझौता हुआ है?" गौतम लाहिड़ी का भी ऐसा ही सवाल है।

सुश्री स्मिता पंत, जेएस (बीएम): भारत और बांग्लादेश के बीच एक मजबूत रक्षा सहयोग है और इसमें दोनों देशों के सेवा प्रमुखों के बीच लगातार आदान-प्रदान शामिल है। रक्षा सचिव और उनके समकक्ष के बीच एक संस्थागत संवाद बना हुआ है। रक्षा कर्मियों के बीच नियमित आदान-प्रदान होते हैं और दोनों के बीच एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण घटक मौजूद है और कल भारत ने विजय दिवस के अवसर पर बांग्लादेश सशस्त्र बलों के उपयोग के लिए 18 "120 मिमी मोर्टार" सौंपे हैं। इसलिए रक्षा क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच बहुत मजबूत सहयोग है।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: अब मेरे पास तीस्ता परियोजना को लेकर कई प्रश्न हैं। डब्ल्यूआईओएन से सिद्धांत, वर्तमान से स्मृति दत्त और प्रिंट से नैनीमा का एक जैसा सवाल है। उनका प्रश्न है "क्या तीस्ता नदी जल बंटवारा परियोजना के मुद्दे को उठाया गया था? क्या इसकी चर्चा की गई थी?"

सुश्री स्मिता पंत, जेएस (बीएम): तीस्ता जल बंटवारा और अन्य नदियों पर पानी के बंटवारे तथा मत्स्य पालन और संरक्षण से संबंधित मुद्दों पर इस बैठक में चर्चा की गई।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: डब्ल्यूआईओएन से सिद्धांत का सवाल है, "1971 के पाकिस्तान के अत्याचारों को संयुक्त राष्ट्र में नरसंहार घोषित करने के लिए भारत-बांग्लादेश की कोई संयुक्त योजना है?" बीबीसी से सुभजीत घोष का भी ऐसा ही सवाल है। पीएम हसीना ने हाल ही में कहा है कि 1971 में पाकिस्तान ने जो किया उसके लिए बांग्लादेश उसे कभी माफ़ नहीं कर सकता है और न ही उसे भूल सकता है। 1971 के युद्ध अपराधों के लिए पाकिस्तान से माफी मांगने की मांग पर भारत का क्या रुख है?

सुश्री स्मिता पंत, जेएस (बीएम): खैर, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि बांग्लादेश की आज़ादी की लड़ाई के खिलाफ राज्य द्वारा प्रायोजित अत्याचार के कारण 3 मिलियन से अधिक लोगों की मौत हुई, 200,000 से अधिक महिलाओं का बलात्कार और अत्याचार हुआ। हम प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा व्यक्त भावनाओं को समझते हैं और उनका सम्मान करते हैं।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: स्ट्रेटेजिक न्यूज़ ग्लोबल से पारुल चंद्रा का सवाल है, "क्या बांग्लादेश ने म्यांमार को रोहिंग्याओं के प्रत्यावर्तन के मुद्दे को उठाया था? और बांग्लादेश द्वारा हाल ही में उनमें से लगभग 1,600 लोगों को भशान चार में स्थानांतरित करने पर भारत की क्या प्रतिक्रिया है।"

सुश्री स्मिता पंत, जेएस (बीएम): इस द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में दोनों पक्ष विस्थापितों के राखीन राज्य से वापस म्यांमार तक सुरक्षित, शीघ्र और स्थायी प्रत्यावर्तन पर सहमत हुए। और हम 1 मिलियन से अधिक विस्थापितों की मेजबानी करते हुए बांग्लादेश द्वारा सामना किए जा रहे मानवीय भार को समझते हैं और उसकी सराहना करते हैं।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: मुजीब बोरशो पर दो प्रश्न हैं। बीएसएस के अमीनुल इस्लाम का कहना है कि "बांग्लादेश और भारत ने बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की सौवीं वर्षगांठ मनाने के लिए पूरे साल संयुक्त कार्यक्रम के आयोजन की योजना तैयार की है, कृपया विस्तार से बताएं कि किस प्रकार के कार्यक्रम किए जा रहे हैं?" अनिवार्य रूप से यही प्रश्न गौतम लाहिड़ी का भी है। आप चाहें तो उन्हें एक साथ ले सकती हैं।

सुश्री स्मिता पंत, जेएस (बीएम): जैसा कि मैंने उल्लेख किया है कि हम इन विवरणों और गतिविधियों की योजना को उचित समय पर साझा करेंगे। फिलहाल, मैं कह सकती हूं कि, संयुक्त गतिविधियों का आयोजन भारत, बांग्लादेश और चुने हुए तीसरे देशों में किया जाएगा।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: अमीनुल इस्लाम का एक प्रश्न है। "बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने आज अपने संबोधन में कहा कि बांग्लादेश में विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में अच्छी संख्या में भारतीय कार्यरत हैं। क्या आपके पास कोई विशिष्ट आंकड़ा है कि कितने भारतीय वहां काम कर रहे हैं और अपनी कमाई से कितना धन स्वदेश भेज रहे हैं?”

सुश्री स्मिता पंत, जेएस (बीएम): फिलहाल मेरे पास इस पर कोई जानकारी नहीं है। मैं बाद में आपके पास आ सकती हूं।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, सरकारी प्रवक्‍ता: और मैं अंतिम प्रश्‍न तक पहुँच गया हूं। बिज़नेस वर्ल्ड से मनीष झा का सवाल है, "यह प्रस्तावित था कि बांग्लादेश और भारत संयुक्त जहाज निर्माण परियोजनाओं पर सहयोग करेंगे। क्या इस पर कोई अपडेट है?"

सुश्री स्मिता पंत, जेएस (बीएम): दोनों पक्ष इस पर बात कर रहे हैं और इस मुद्दे पर पिछले वार्षिक रक्षा संवाद के दौरान भी चर्चा हुई थी जो बांग्लादेश की ओर से सशस्त्र बल प्रभाग के प्रिंसिपल स्टाफ ऑफिसर, तथा हमारे रक्षा सचिव के बीच हुई थी और हम इस क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाएंगे। सहयोग के इस क्षेत्र को और मजबूत करने में दोनों पक्षों की रुचि है।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: धन्यवाद। अब कोई और सवाल नहीं है। हमसे जुड़ने के लिए मैं स्मिता को धन्यवाद देता हूं और यह विशेष ब्रीफिंग यहीं समाप्त होती है। हम अपने साप्ताहिक ब्रीफिंग के साथ बहुत जल्द फिर मिलेंगे। धन्यवाद।

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