प्रवासी भारतीय युवा क्लब (ओआईवाईसी)
प्रवासी भारतीय युवा क्लब (ओआईवाईसी) मंत्रालय की एक पहल है जिसके अंतर्गत बड़ी संख्या में भारतीय मूल की जनसंख्या वाले देशों में 18 से 30 वर्ष के आयुवर्ग के भारतीय मूल के युवाओं के विभिन्न क्रियाकलापों में शामिल किया जाता है। ओआईवाईसी विदेश में स्थित भारतीय मिशनों/पोस्टों
में एक संस्थागत तंत्र प्रदान करता है जिससे युवा प्रवासी भारतीयों, छात्रों और वृत्तिकों को विभिन्न क्रियाकलापों में शामिल किया जाए जिनमें भारत में जिला स्तर पर सामाजिक क्षेत्र में उनके द्वारा किए जाने वाले कार्य को सुविधा प्रदान करना भी शामिल है। ओआईवाईसी की
केन्द्रीय सदस्यता में ऐसे प्रवासी युवा शामिल हैं जिन्होंने ‘भारत को जानें’ कार्यक्रम (केआईपी) के अंतर्गत भारत का दौरा करने की सुविधा प्राप्त की है। मंत्रालय द्वारा संचालित किए जाने वाले अन्य कार्यक्रमों जैसे भारतीय मूल के बालकों के लिए छात्रवृत्ति कार्यक्रम
(एसपीडीसी), भारत के अध्ययन कार्यक्रम (एसआईपी) आदि के प्रतिभागियों को भी इसमें शामिल करने के प्रयास किए जाते हैं। इस केन्द्रीय ग्रुप के माध्यम से, भारतीय मिशन/पोस्ट अन्य भारतीय मूल्य के युवाओं तक भी पहुंचते हैं। प्रारंभ में यह स्कीम केवल उन देशों के लिए ही
आरंभ की गई थी जहां से आज की तारीख तक भारत को जाने कार्यक्रम के लिए अच्छी प्रतिभागता प्राप्त हुई थी।
ओआईवाईसी को डर्बन, दक्षिण अफ्रीका, कुआलालम्पुर, मलेशिया, पोर्ट ऑफ स्पेन, ट्रिनिडाड एवं टोबैगो; कोलंबो, श्रीलंका, मेलबोर्न, ऑस्ट्रेलिया तथा सिंगापुर में आरंभ किया गया है। ओआईवाईसी के लिए अन्य 19 मिशनों की पहचान भी की गई है जहां भारतीय मूल के व्यक्तियों की जनसंख्या
अधिक है।