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साइप्रस की राजकीय यात्रा के समय राष्ट्रपति का प्रेस वक्तव्य

सितम्बर 03, 2018

महामहिम राष्ट्रपति अनास्तासियादेस,
मीडिया के सदस्यों,
देवियों और सज्जनों,

कालीमेरा और सुप्रभात,


  • राष्ट्रपति महोदय, साइप्रस की राजकीय यात्रा पर आना निश्चित रूप से मेरे लिए सम्मान की बात है। हम पिछले वर्ष भारत की आपकी राजकीय यात्रा को प्रेम सहित याद करते हैं। मेरा स्वागत बहुत ही उत्साह और स्नेह के साथ किया गया है। मैं आपके भ्रातृत्व के आलिंगन और शालीन आतिथ्य के लिए आपका आभारी हूँ।
  • भारत-साइप्रस की विशेष मित्रता हमारे साझा ऐतिहासिक अनुभवों और भविष्य की हमारी साझा आकांक्षाओं पर आधारित है। हमने आजादी के संघर्ष में एक-दूसरे का समर्थन किया है। और उसके बाद, अपने लोगों की प्रगति और समृद्धि प्राप्त करने में एक दूसरे की मदद की है। हमारे संस्थापक फादर, आर्कबिशप मैकारिऑस और महात्मा गांधी ने हमारी साझेदारी को कालातीत मूल्य, ज्ञान और दूरदर्शिता का आशीर्वाद दिया है। भारत में आर्कबिशप मैकारिऑस का अत्यधिक सम्मान किया जाता है।
  • मैं अत्यंत सम्मानित अनुभव कर रहा हूँ कि साइप्रस मे आज संसद का एक असाधारण सत्र आयोजित किया है जिसे मैं संबोधित करने जा रहा हूँ। यह विशेष भाव हमारे द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने में विशेष दूरी तय करेगा। मैं संसद के पास स्थित महात्मा गांधी की मूर्ति पर श्रद्धांजलि अर्पित करने जा रहा हूँ। एक महीने से भी कम समय में, 2 अक्टूबर को, हम महात्मा गांधी के जन्म का विश्वव्यापी उत्सव आरंभ करेंगे। मैं इन उत्सवों में साइप्रस के जुड़ने की आशा करता हूँ।
  • राष्ट्रपति अनास्तासियादेस और मैंने अपने दीर्घकालिक और उत्कृष्ट संबंधों को आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की। मैंने साइप्रस की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को कायम रखने के भारत के दृढ़ संकल्प की पुष्टि की।
  • हमने अपनी द्विपक्षीय और बहु-पार्श्विक संलग्नताओं की समीक्षा की और क्षेत्रीय और वैश्विक चिंता के मुद्दों पर चर्चा की। हमने आगे आने वाली चुनौतियों पर बातचीत करने के लिए अपने साझा उद्देश्यों को रेखांकित किया। हमने विशेष रूप से आर्थिक क्षेत्र में अपने पारस्परिक लाभप्रद संबंधों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
  • हमने आर्थिक सहयोग पर विचार विनिमय किया। पिछले तिमाही की, 8.2% की वृद्धि दर के साथ, भारत आज दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ रही प्रमुख अर्थव्यवस्था है। इस संदर्भ में तथा वित्तीय सेवाओं ओर निवेश बैंकिंग में साइप्रस की विशेषज्ञता को देखते हुए, हम दोनों इस बात पर सहमत हुए कि हमारी निवेश साझेदारी को गहरा बनाने की अत्यधिक संभावना है। हमने भारत की वित्तीय खुफिया इकाई और साइप्रस की धन शोधन का मुकाबला करने वाली इकाई के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन का स्वागत किया। यह समझौता निवेश पार-प्रवाह को सुविधाजनक बनाने के लिए संस्थागत ढांचे को और मजबूत करेगा। हमने इस पर भी जोर दिया कि दोहरे कराधान परिहार करार में 2016 में किए गए संशोधन ने हमारी निवेश साझेदारी के बढ़ने के और अधिक अवसर प्रदान किए।
  • राष्ट्रपति अनास्तासियादेस और मैंने आईटी और आईटी सक्षम सेवाओं, पर्यटन, नौवहन और अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में व्यापार सहयोग बढ़ाने भी बात की। हमने भारत के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और साइप्रस के कृषि ग्रामीण विकास और पर्यावरण मंत्रालय के बीच, पर्यावरण के क्षेत्रों में सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने की सराहना की और इसका स्वागत किया ताकि स्थायी विकास को बढ़ावा देने मे जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद के लिए संयुक्त सहयोग की दिशा में समय पर कदम उठाया जा सके।
  • हमने आतंकवाद द्वारा मानवता पर थोपे गए गंभीर संकट पर गहरी चिंता व्यक्त की और इस बुराई को हराने और नष्ट करने के लिए एक मजबूत वैश्विक प्रतिक्रिया विकसित करने का आह्वान किया है। संयुक्त राष्ट्र में अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन को शीघ्र अपनाने का समर्थन करने के लिए मैंने राष्ट्रपति अनास्तासियादेस का धन्यवाद किया।
  • हमने वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों से परे जाकर अपने बहु-पार्श्विक सहयोग की भी समीक्षा की। मैंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करने के लिए साइप्रस को धन्यवाद दिया। मैंने भारत की परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह की सदस्यता को निरंतर और दृढ़ समर्थन देने और हमें स्वच्छ ऊर्जा मार्ग पर जाने में मदद करने के लिए साइप्रस के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की की।
  • हमने दोनों देशों के लोगों के बीच के उत्कृष्ट आपसी संबंधों पर संतुष्टि व्यक्त की। हमने ध्यान दिया कि साइप्रस के विश्वविद्यालयों में आने वाले भारतीय छात्र और भारत से बढ़ते पर्यटन इन बंधनों को मजबूत करने में मदद कर रहे हैं।
  • मैं राष्ट्रपति अनास्तासियादेस को उनकी उदारता और आतिथ्य के लिए पुनः धन्यवाद देता हूँ। मैं आशा करता हूँ कि भारत-साइप्रस संबंधों को अधिक ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए हम मिलकर काम करेंगे ।
ऎफखरिस्तो ! धन्यवाद।


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