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राष्ट्रपति की बुल्गारिया की राजकीय यात्रा के दौरान भारत-बुल्गारिया संयुक्त वक्तव्य (4-6 सितंबर, 2018)

सितम्बर 06, 2018

  • बुल्गारिया गणराज्य के राष्ट्रपति श्रीमान रुमेन रादेव के निमंत्रण पर, भारत गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री रामनाथ कोविंद, 4 से 6 सितंबर, 2018 तक बुल्गारिया की राजकीय यात्रा पर गए थे। नेताओं ने व्यापक और रचनात्मक चर्चाएं की और क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर दोनों देशों के बीच बढ़ते अभिसरण को रेखांकित किया।
  • महामहिम राष्ट्रपति कोविंद के साथ उनकी पत्नी श्रीमती सविता कोविंद और कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय और पंचायती राज मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री परशुट्टरामुपला, सांसद श्री सुनील कुमार सिंह और श्री राम शाकल तथा अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी गए थे।
  • यात्रा के दौरान, महामहिम श्री रामनाथ कोविंद ने बुल्गारिया गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री रुमेन रादेव से भेंट की। उन्होंने प्रधानमंत्री महामहिम श्री बोको बोरीसोव और सोफिया विश्वविद्यालय के रेक्टर प्रोफेसर अनास्तास गर्जिकोव के साथ भी बैठकें और बातचीत की।
  • द्विपक्षीय वार्ता के दौरान, दोनों नेताओं ने बुल्गारिया और भारत के बीच पारंपरिक दोस्ती, उपयोगी सहयोग और निकट एवं गतिशील साझेदारी के संबंधों को स्वीकार किया और दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, वाणिज्यिक, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, शैक्षिक और सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करने की पारस्परिक इच्छा की पुष्टि की।
  • वैश्विक शक्ति के रूप में भारत के उद्भव को देखते हुए, राष्ट्रपति रादेव ने यूरोपीय संघ-भारत रणनीतिक साझेदारी के ढांचे के भीतर व्यापक बल्गेरियाई-भारतीय साझेदारी के निर्माण के लिए राष्ट्रपति कोविंद के साथ मिलकर काम करने की तत्परता व्यक्त की।
  • उन्होंने समकालीन वैश्विक मुद्दों पर बढ़ते अभिसरण का स्वागत किया और सभी बहुपक्षीय मंचों पर भारत-यूरोपीय संघ के बीच सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने और एक खुली और समावेशी अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की दिशा में अपनी सामान्य ज़िम्मेदारी को स्वीकार किया। दोनों नेताओं ने लोकतंत्र, स्वतंत्रता, कानून के शासन और मानवाधिकारों और राष्ट्रों की क्षेत्रीय अखंडता के प्रति साझा सिद्धांतों और मूल्यों के आधार पर सकारात्मक यूरोपीय संघ-भारत सहयोग की सराहना की।
  • दोनों राष्ट्रपतियों ने कई स्तरों पर द्विपक्षीय आदान-प्रदान की लगातार और विस्तृत श्रृंखला के माध्यम से उच्च स्तरीय संपर्क को और अधिक तीव्रता और विविधता देने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने दोनों देशों के बीच लोगों के परस्पर आदान-प्रदान की भूमिका की सराहना की और एक-दूसरे की संस्कृतियों को समझने के लिए अधिक सक्रिय आदान-प्रदान के महत्व को रेखांकित किया।
  • दोनों राष्ट्रपतियों ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में उम्मीदवारियों और पहलों सहित बहुमूल्य सहयोग और पारस्परिक समर्थन पर संतुष्टि व्यक्त की। उन्होंने विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन, शांति, सुरक्षा और टिकाऊ विकास जैसे वैश्विक मुद्दों पर इस सहयोग को तीव्र बनाने पर सहमति व्यक्त की।
  • दोनों नेताओं ने सदस्यता की दोनों श्रेणियों में विस्तार सहित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सुधार की आवश्यकता को रेखांकित किया, ताकि इसे 21वीं शताब्दी की भौगोलिक-राजनीतिक वास्तविकताओं के लिए अधिक प्रतिनिधित्व पूर्ण, उत्तरदायी, प्रभावी और ज़िम्मेदार बनाया जा सके। बुल्गारिया ने विस्तारित यूएनएससी में स्थायी सदस्यता के भारत के दावे के लिए अपना समर्थन दोहराया।
  • दोनों नेताओं ने सीमा पार आतंकवाद समेत, सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद की निंदा की और आतंकवाद के संकट को रोकने और इसका सामना करने में अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सभी देशों से आतंकवादियों के सुरक्षित आश्रयों और बुनियादी ढांचे को नष्ट करने, आतंकवादी नेटवर्कों और उनके वित्तपोषण चैनलों को बाधित करने और आतंकवादियों के सीमा पार आवागमन को रोकने के लिए काम करने को कहा। दोनों नेताओं ने यह भी पुष्टि की कि किसी भी आधार पर आतंकवाद को न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता और इसे किसी भी धर्म, पंथ, राष्ट्रीयता और जातीयता से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
  • दोनों नेता बहुपक्षीय मंच के माध्यम से आतंकवाद विरोधी पहल को मजबूत करने के लिए सहमत हुए और संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों से यूएनएससी संकल्प 1267 और आतंकवादी संस्थाओं को नामित करने के अन्य प्रासंगिक प्रस्तावों को लागू करने के लिए कहा। नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र में अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन को शीघ्र अपनाने के लिए मिलकर काम करने पर भी सहमति व्यक्त की।
  • इस यात्रा के दौरान, दोनों राष्ट्रपतियों ने निम्नलिखित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए :

    i. भारत और बुल्गारिया के बीच, 2018-2021 की अवधि के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग का एक कार्यक्रम ;

    ii. पर्यटन में सहयोग पर भारत और बुल्गारिया के बीच समझौता ज्ञापन ;

    iii. हिंदी भाषा के लिए आईसीसीआर चेयर की स्थापना पर भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) और सोफिया विश्वविद्यालय के बीच समझौता ज्ञापन ; तथा

    iv. निवेश भारत और निवेश बुल्गारिया के बीच समझौता ज्ञापन।

  • राष्ट्रपतियों ने परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग में बढ़ते द्विपक्षीय सहयोग का स्वागत किया और परस्पर लाभकारी वैज्ञानिक और प्रशिक्षण गतिविधियों में सहयोग को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। इस संबंध में, दोनों पक्षों ने भारत के परमाणु ऊर्जा (जीसीएनईपी) के वैश्विक केंद्र और बल्गेरियाई एकेडमी ऑफ साइंसेज के परमाणु अनुसंधान और परमाणु ऊर्जा संस्थान के बीच सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने का स्वागत किया।
  • दोनों नेता भारत और बुल्गारिया से व्यापार समुदाय के एक मंच को संबोधित करते हुए व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ाने के लिए सहमत हुए, इस मंच में दोनों देशों के विभिन्न प्रमुख व्यापार मंडलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। दोनों राष्ट्रपतियों ने हाल के वर्षों में, द्विपक्षीय व्यापार में हुई वृद्धि का उल्लेख किया और उन्होंने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि आईसीटी, इलेक्ट्रॉनिक्स/सॉफ्टवेयर, हल्के इंजीनियरिंग उत्पाद, ऑटो घटकों, फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र, कृषि उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, आतिथ्य और रचनात्मक उद्योग जैसे क्षेत्रों में मौजूद विशाल क्षमता का दोहन कर इस गति को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने एसएमई और मिड-कैप कंपनियों को दोनों देशों के बीच आर्थिक और वाणिज्यिक आदान-प्रदान में बढ़ती भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रासंगिक कानून के अनुपालन में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ाने के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए, नेताओं ने आर्थिक, वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग के लिए भारत-बुल्गारिया संयुक्त आयोग के माध्यम से नियमित और निरंतर आर्थिक सहयोग वार्ता के महत्व को रेखांकित किया।
  • महामहिम राष्ट्रपति कोविंद ने सोफिया विश्वविद्यालय "सेंट क्लिंटेंट ओहरिस्की" का दौरा किया और "शिक्षा और साझा समृद्धि के साधन के रूप में शिक्षा" पर एक व्याख्यान दिया।
  • दोनों राष्ट्रपतियों ने सेंट्रल सोफिया के प्रसिद्ध दक्षिण पार्क में महात्मा गांधी की मूर्ति का अनावरण किया। इस मूर्ति को बल्गेरियाई मूर्तिकार श्री इवान रुसेव ने बनाया था।
  • महामहिम राष्ट्रपति कोविंद ने संतोष व्यक्त किया कि बुल्गारिया में रहने वाला भारतीय प्रवासी समदाय बुल्गारिया के सामाजिक और आर्थिक ढांचे में अच्छी तरह से एकीकृत है और इसके लिए सकारात्मक योगदान दे रहा है।
  • इस राजकीय दौरे ने दोनों देशों के बीच सहयोग के नए युग की शुरुआत की और यह द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
  • भारत गणराज्य के राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद ने अपने और अपने प्रतिनिधिमंडल के उदार आतिथ्य के लिए बुल्गारिया गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री रुमेन रादेव की प्रशंसा की। दोनों पक्षों ने भविष्य में संबंधों के बहु-आयामी विस्तार में अपना विश्वास व्यक्त किया।


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