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चेक गणराज्य की यात्रा के दौरान राष्ट्रपति का प्रेस वक्तव्य

सितम्बर 07, 2018

चेक गणराज्य के राष्ट्रपति, महामहिम श्री मिलोस ज़ेमान,
प्रतिष्ठित प्रतिनिधि गण,
मीडिया के सदस्यों,


  • मुझे चेक गणराज्य की राजकीय यात्रा पर आकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। मैं उनके विशेष उत्साह और उदार आतिथ्य के लिए राष्ट्रपति ज़ेमान और चेक गणराज्य के लोगों का दृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
  • भारत और चेक गणराज्य के बीच ऐतिहासिक, घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। मेरी इस राजकीय यात्रा का उद्देश्य व्यापार, प्रौद्योगिकी और निवेश सहयोग पर फैले हमारे आर्थिक संबंधों को गहरा करना है। राष्ट्रपति ज़ेमान और मैंने, अपनी चर्चाओं में, हमारे द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की समीक्षा की और भविष्य के रोडमैप पर चर्चा की।
  • भारत चेक गणराज्य को एक महत्वपूर्ण व्यापार, प्रौद्योगिकी और निवेश भागीदार मानता है। विनिर्माण और उन्नत प्रौद्योगिकी में चेक की क्षमता इसे भारतीय प्रगति और अगली पीढ़ी के विकास की साझेदारी के लिए स्वाभाविक रूप से उपयुक्त बनाती है। हमें प्रसन्नता है कि प्रमुख चेक कंपनी स्कोडा ऑटो और इसकी मूल कंपनी वोक्सवैगन ने 'मेक इन इंडिया' पहल के अंतर्गत भारत में 1 अरब अमरीकी डॉलर का निवेश करने की योजना की घोषणा की है।
  • हमारा वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार 1 अरब अमेरिकी डॉलर से थोड़ा अधिक है। दोनों देशों की आर्थिक ताकत को देखते हुए, यह संभावित रूप से काफी कम है। राष्ट्रपति ज़ेमान और मैंने आज हमारे व्यापार संबंधों में एक नया अध्याय लिखने का निर्णय किया। अगले महीने भारत-चेक संयुक्त आर्थिक आयोग की बैठक, मंत्री स्तर पर आयोजित की जाएगी, यह व्यापार और निवेश सहयोग को बढ़ाने और नए क्षेत्रों में हमारी साझेदारी को विविधता देने के लिए कदम उठाएगी।
  • मुझे लगता है कि दोनों पक्षों के व्यापार समुदाय में रक्षा, उच्च तकनीक विनिर्माण, भारी इंजीनियरिंग, मोटर वाहन उद्योग और नागरिक उड्डयन जैसे क्षेत्रों में मजबूत साझेदारी और निर्माण करने के लिए काफी उत्साह है। मुझे खुशी है कि भारत और चेक गणराज्य के व्यापारी समुदाय के लोग भारत-चेक बिजनेस फोरम में बड़ी संख्या में एकत्र हुए हैं, जिसे मैं बाद में संबोधित करूंगा। मुझे पूरा भरोसा है कि इस व्यापार मंच में परस्पर संपर्क के परिणामस्वरूप नए व्यापार संपर्क बनेंगे, जो एक-दूसरे की विशेषज्ञता और आवश्यकताओं पर निर्माण करेंगे।
  • राष्ट्रपति ज़ेमान और मैंने अपने जारी रक्षा सहयोग की समीक्षा की। भारतीय रक्षा उद्योग की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने में भारत-चेक रक्षा सहयोग के लिए अत्यधिक संभावनाएं हैं। मैं चेक रक्षा कंपनियों को भारत में रक्षा विनिर्माण क्षेत्र के अवसर का लाभ उठाने और घरेलू बाजार तथा बाकी दुनिया के लिए भारत में संयुक्त उद्यम स्थापित करने के लिए आमंत्रित करता हूँ।
  • मैं भारतीय साझेदारों और छात्रों की गतिशीलता और आर्थिक साझेदारी बनाने के लिए चेक गणराज्य में गतिशीलता बढ़ाने की आवश्यकता को पहचानने के लिए, चेक पक्ष का धन्यवाद करता हूँ। हम अक्टूबर 2018 में भारत के लिए उच्च योग्य कर्मचारियों हेतु विशेष प्रक्रियाओं के शुभारंभ की उम्मीद करते हैं।
  • आज, हमने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में भारत-चेक परियोजनाओं के समर्थन के लिए कार्य योजना पर वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद, भारत और चेक अकादमी ऑफ साइंसेज के बीच समझौते सहित राजनयिक पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा छूट समझौते और लेजर प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में ईएलआई बीमलाइन और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च के बीच 5 समझौता ज्ञापनों को अंतिम रूप दिया है। इसके अलावा, हमें भारत के परमाणु ऊर्जा के वैश्विक केंद्र और चेक पक्ष की ओर से एक प्रासंगिक संस्थान के बीच परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के लिए सहयोग आरंभ करने की भी आशा है। ये समझौते हमारी चल रही अनुसंधान और नवाचार भागीदारी को आगे बढ़ाएंगे।
  • राष्ट्रपति ज़ेमान और मैंने वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों पर अपनी चिंताओं को साझा किया। हमने रक्षा और सुरक्षा पर सहयोग के महत्व पर जोर दिया। हम आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में इससे लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं संयुक्त राष्ट्र में अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन को शीघ्र अपनाने का समर्थन करने के लिए राष्ट्रपति ज़ेमान का धन्यवाद करता हूँ।
  • हमने अपनी बहु-पार्श्विक भागीदारी को और गहरा बनाने के लिए भी सहमति व्यक्त की है। मैं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह की सदस्यता के लिए भारत के दावे का समर्थन करने के लिए चेक पक्ष का धन्यवाद करता हूँ।
  • हमारी समृद्ध संस्कृतियों और समय-परीक्षित मित्रता के बंधन और हमारे लोगों के आचार और मूल्य, हमें न्यायसंगत, निष्पक्ष और स्वतंत्र वैश्विक व्यवस्था के लिए मिलकर काम करने वाले प्राकृतिक साझेदार बनाते हैं।
  • मैं एक बार फिर राष्ट्रपति जीमान को उनके उदार निमंत्रण के लिए धन्यवाद देना चाहता हूँ। मैं भारत-चेक संबंधों को उनके साथ स्टेप-अप, स्केल-अप और काफी हद तक उन्नत करने के लिए तत्पर हूँ।

दकुई वाम। धन्यवाद।


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