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राष्ट्रपति जी की ताजिकिस्तान की राजकीय यात्रा (7-9 अक्टूबर, 2018)

अक्तूबर 06, 2018

  • भारत के माननीय राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद 7 से 9 अक्टूबर, 2018 तक ताजिकिस्तान की राजकीय यात्रा पर होंगे। यात्रा के दौरान, वह ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति श्री इमोमाली रहमोन से मिलेंगे। संसद के सभापति महामहिम श्री शुकोरजोन जुहुरोव, संसद के निचले सदन के सभापति (मजलिसि नामॉयन्दगोन) और ताजिकिस्तान के प्रधान मंत्री महामहिम श्री कोहिर रसूलजोदा राष्ट्रपति जी से मुलाकात करेंगे। डॉ. सुभाष आर. भामरे, रक्षा राज्य मंत्री और श्री शमशेर सिंह मन्हास, माननीय संसद सदस्य (राज्य सभा) राष्ट्रपति जी के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे। वर्तमान यात्रा ताजिकिस्तान के लिए एकल यात्रा है।
  • राष्ट्रपति जी ताजिक नेशनल यूनिवर्सिटी का दौरा करेंगे जहां वो ‘अतिवाद का विरोध: आधुनिक समाज में चुनौतियां’ पर व्याख्यान देंगे। वह ताजिकिस्तान में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करेंगे। राष्ट्रपति जी दुशान्बे का दौरा करेंगे और महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर के स्मारकों पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।
  • राष्ट्रपति जी की यात्रा के दौरान, द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और बहुपक्षीय सहयोग के सभी क्षेत्रों पर चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों को देखते हुए, इस यात्रा से भारत-ताजिकिस्तान द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करने की उम्मीद है।
  • यह राष्ट्रपति जी श्री राम नाथ कोविंद की मध्य एशिया की पहली यात्रा होगी।


पृष्ठभूमि

मध्य एशिया एक ऐसा क्षेत्र है जिसके साथ भारत के ऐतिहासिक और निकट सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। भारत और ताजिकिस्तान के बीच सहयोग, दोस्ती और विश्वास का रिश्ता है।

भारत-ताजिकिस्तान द्विपक्षीय संबंध लगातार बढ़े हैं और कई क्षेत्रों में विविधता प्राप्त की है। 2012 से दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी के क्षेत्र में अपने रिश्ते को आगे बढ़ाया है।

दोनों देशों के बीच कई उच्च स्तरीय यात्राएं हुई हैं। प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी 2003 में ताजिकिस्तान गए थे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पांच मध्य एशियाई देशों की यात्रा के हिस्से के रूप में साल 2015 में ताजिकिस्तान का दौरा किया था। भारत के राष्ट्रपति के तौर पर ताजिकिस्तान की पिछली यात्रा श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने साल 2009 में की थी। ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति, इमोमाली रहमोन पांच बार भारत का दौरा कर चुके हैं, जिनका पिछला दौरा दिसंबर 2016 में था। दोनों देशों के नेताओं में विभिन्न बहुपक्षीय मंचों के दौरान भी लगातार बैठकें होती हैं। उच्च स्तर पर इन नियमित यात्राओं ने द्विपक्षीय संबंधों को दृढ़ किया है और साथ ही दोनों देशों के बीच संबंधों के महत्व को भी प्रदर्शित किया है।

ताजिकिस्तान रणनीतिक रूप से विश्व के महत्वपूर्ण क्षेत्र में स्थित है। भारत और ताजिकिस्तान को आतंकवाद, कट्टरपंथीकरण और अतिवाद की आम चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ताजिकिस्तान का नेतृत्व हमेशा से आधुनिक समाज में व्याप्त इन चुनौतियों के खिलाफ दृढ़ संकल्प रहा है और उन्हें मुख्य धारा में शामिल करने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। ताजिकिस्तान अपनी अर्थव्यवस्था के विकास और अपने लोगों के कल्याण के कार्य में लगा हुआ है।

रक्षा सहयोग के क्षेत्र में, दोनों देशों के सहयोग के विभिन्न कार्यक्रमों पर निर्णय लेने के लिए एक संयुक्त कार्य समूह गठित है। भारत ताजिकिस्तान रक्षा बलों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास में लगा हुआ है। भारत ने ऐनी में गिसार सैन्य हवाई अड्डे के नवीनीकरण और पुनर्निर्माण में भी सहायता की है।

भारत और ताजिकिस्तान एक साथ अपने व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए बहुआयामी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में लगे हुए हैं। पिछले वर्ष हमारे बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 74 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। इस व्यापार को विकसित करने में प्रमुख बाधा प्रत्यक्ष कनेक्टिविटी की है जिससे परिवहन की लागत बढ़ती है।

भारत ने कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, बिजली उत्पादन, आईटी शिक्षा, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और स्वास्थ्य जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहायता के लिए विकास सहायता प्रदान किया है और कई मध्यम एवं लघु परियोजनाओं को निष्पादित किया है। ताजिकिस्तान में कई भारतीय कंपनियां इलेक्ट्रिक ट्रांसमिशन परियोजनाओं के कार्य में लगी हुई हैं।

समय-समय पर, भारत ने ताजिकिस्तान को मानवीय सहायता भी प्रदान की है। ताजिकिस्तान के सशस्त्र बलों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों के लिए भारत ताजिकिस्तान में कुर्गन टेपा में 50 बिस्तर वाला भारत-ताजिक मैत्री अस्‍पताल भी चलाता है। इससे पहले, इस साल भारत ने ताजिकिस्तान के विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य देखभाल बढ़ाने हेतु 10 एम्बुलेंस उपहार में दिये थे।

भारत आईटीईसी (भारत तकनीकी और आर्थिक सहयोग) और साथ ही साथ भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आई.सी.सी.आर.) द्वारा प्रदान किए जाने वाले पाठ्यक्रमों के तहत ताजिक उम्मीदवारों के लिए विभिन्न छात्रवृत्ति स्लॉट भी प्रदान करता है। अब तक भारत ने आईटीईसी स्लॉट के तहत 1400 और आई.सी.सी.आर. छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत 360 ताजिक उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया है।

बहुपक्षीय मंचों पर भारत और ताजिकिस्तान निकट सहयोगी हैं। ताजिकिस्तान ने शंघाई सहयोग संगठन सदस्यता के लिए भारत के प्रवेश का समर्थन किया था। भारत ने 2013 में डब्ल्यू.टी.ओ. में प्रवेश के लिए ताजिकिस्तान का समर्थन किया था।

नई दिल्ली
अक्टूबर 06, 2018


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