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भारतीय समुदाय के स्वागत समारोह में राष्ट्रपति जी का संबोधन

नवम्बर 19, 2018

मेरे प्यारे भारतीय साथियों और वियतनाम में बसे भारतीय मित्रों,
आदरणीय थिच डुक थेईन, पद्म श्री के प्राप्त कर्ता
देवियों और सज्जनों,
जिंन चाओ, नमस्कार!


1. मुझे आपसे मिलकर बेहद ख़ुशी हुई है। मुझे ख़ुशी है कि मुझे वियतनाम के राजकीय दौरे पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। सहृदय पूर्ण तथा स्नेह सहित मेरा स्वागत करने के लिए आपका धन्यवाद। मैं वियतनाम के बौद्ध संघ के भिक्षुओं और सन्यासिनियों के प्रति अपनी तरफ से गभीर सराहना और सम्मान व्यक्त करना चाहता हूं जिन्होंने अपनी पारंपरिक ड्रम समारोह से मेरा स्वागत किया।

2. भारत-वियतनाम की मित्रता इनकी सभ्यताओं से संबंधित है। हमारे संबंध खास तौर पर घनिष्ठ और सौहार्दपूर्ण रहे हैं। सबसे कठिन समय के दौरान भी हमारे लोग एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं। हमारे संस्थापक - महात्मा गांधी और राष्ट्रपति हो ची मिन्ह ने हमें एक समान पथ पर अग्रसर किया है। मैं उन मजबूत संबंधों को अधिक गहरा बनाने के लिए यहां आया हूं। मैं कल राष्ट्रपति फु ट्रोंग के साथ अपने आधिकारिक कार्यक्रमों के इंतज़ार में हूं। मुझे वियतनाम की राष्ट्रीय सभा को संबोधित करने का सम्मान भी प्राप्त होगा। मुझे यह खास सम्मान देने के लिए मैं वियतनाम की सरकार का आभारी हूं।

3. बुद्ध धर्म का संघ एक महत्वपूर्ण संस्थान है जो हमारे दोनों देशों के बीच मित्रता को बढ़ाता है। उनके माध्यम से हमने भगवान बुद्ध जी की अनुकम्पा, दया और आशीर्वाद के साथ अपने संबंधों को गहरा किया है। बौद्ध भिक्षु प्राचीन काल में भी हमारे संबंधों को मजबूत बनाने में उतने ही सक्रिय थे जितने की वे आज हैं। बौद्ध धर्म के भिक्षुओं और व्यापारियों ने वियतनाम को भारतीय संस्कृति, दर्शन और धर्म का परिचय दिया। उसके बाद शीघ्र ही, इस देश में बौद्ध धर्म, हिंदू धर्म, ब्रह्मी लिपि और संस्कृत भाषा ने अपनी जड़ें मजबूत कर ली। मुझे कल विश्व प्रसिद्ध चाम मंदिरों का दर्शन करने और इस प्राचीन भूमि और उसके गर्वशाली लोगों पर इन आदान-प्रदानों का गहरा छाप देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। हमारे पुरातन संबंधों को श्रद्धांजलि देते हुए मैंने वहां एक बरगद का पौधा लगाया, जो हमारी साझित आध्यात्मिक यात्रा का एक प्रतीक है।

देवियों और सज्जनों,

4. एक मित्र और एक साझेदार के रूप में, हम वियतनाम की अभूतपूर्व उपलब्धियों को देख कर गर्व का अनुभव करते हैं। कई वर्षों के दौरान, इस देश ने सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र में बड़ी प्रगतियां की है। वियतनाम के नेताओं की संकल्पना तथा दूरदृष्टि के साथ आर्थिक विकासों के सतत उच्च स्तरों के सहयोग से वियतनाम में तेजी से प्रगति और समृद्धि व्यापी है। इस देश की जीडीपी 1990 में प्रति व्यक्ति 100 यूएस डॉलर से भी कम से बढ़कर आज 2500 यूएस डॉलर हो गई है जिससे आम नागरिकों के जीवन पर काफी फर्क पड़ा है। कृषि विकास इस असाधारण परिवर्तन का मुख्य संचालक रहा है। एक विकास साझेदार के रूप में, हमें वियतनाम की सांस्कृतिक क्रान्ति तथा खाद्य सुरक्षा में योगदान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। आज, वियतनाम उभरती हुई बाजारों में एक सितारा बन चुका है और वैश्विक अर्थ व्यवस्था के साथ काफी हद तक एकीकृत भी हुआ है। भारत की ही तरह, यह एक युवा जनसांख्यिकी देश है, और हमारी तरह, अपने युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने का हर संभव प्रयास कर रहा है।

देवियों और सज्जनों

5. भारत और वियतनाम कई वर्षों से एक सांस्कृतिक यात्रा में एक-दूसरे के साथ रहा है। और अब हम दोनों ही समान रचानांतरणपरक आर्थिक मार्ग पर हैं। आज भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती हुई एक प्रमुख अर्थव्यवस्था है, पिछली तिमाही में जिसका वृद्धि दर 8.2% रहा है। हमारे ज्ञान तथा नवाचार संचालित उद्योगों ने दुनिया भर में खुद की एक पहचान बनाई है। हम 2025 तक 5 ट्रिलियन की इकॉनमी और दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार बनने की दिशा में निरंतर प्रगति कर रहे हैं। वियतनाम की वृद्धि और विकास भी समान रूप से प्रभावशाली है।

6. हमने वस्तु एवं सेवा कर (जी.एस.टी) की शुरूआत सहित कुछ नवोन्मेषी आर्थिक सुधारों को अपनाया है, जिससे लम्बे समय से भारत का "एक राष्ट्र, एक कर, एक बाजार" बनने का सपना साकार हो सका है। हमारे नीतिगत उपायों के कारण हमने वर्ल्ड बैंक की ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नस में पिछले चार वर्षों में 65 स्थानों की छलांग लगाई है। और जहाँ हमने आर्थिक विकास का अनुसरण जारी रखा है, वहीं, हम अपने सामाजिक समता लक्ष्यों पर भी जागरूक रहे हैं। हमारे समस्त सामाजिक-आर्थिक कार्यक्रमों में महिला सशक्तिकरण पर ध्यान दिया गया है, फिर चाहे वह मुद्रा योजना – हमारी सूक्ष्म-ऋण देने की योजना हो या बेटी बाचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना हो।

7. सितंबर 2016 में हमारे प्रधान मंत्री के वियतनाम दौरे के दौरान, हमने अपने द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाकर व्यापक सामरिक साझेदारी तक ले जाने का फैसला किया था। सहयोग बढ़ाने के लिए रक्षा उद्योग, हाइड्रोकार्बन, ऊर्जा, कृषि, फार्मास्यूटिकल्स और हेल्थकेयर में समन्वय क्षेत्रों को पहचाना गया था। हमारे इरादों ने एक ठोस परिणाम का रूप ले लिया है। मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि आज के समय में भारत वियतनाम के शीर्ष वाणिज्यिक साझेदारों में से एक है और हमने अपने द्विपक्षीय वाणिज्य और निवेश संबंधों में एक बड़ी वृद्धि भी देखी है।

देवियों और सज्जनों,

8. वियतनाम में बसे भारतीय समुदाय के लोगों की संख्या कम है। लेकिन यह द्विपक्षीय संबंधों को गहरा बनाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था तथा समाज के लिए मौके पैदा करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वियतनाम में बसे भारतीय समुदाय ने स्वयं कई उपलब्धियां हासिल की हैं। कड़ी मेहनत और समर्पण से, आपने अपने लिए नाम और हमारे लिए सम्मान कमाया है। हमारे आईटी व्यावसायिक और प्रौद्योगिकी के उद्यमी इस देश में डिजिटल मार्ग प्रशस्त करने में मदद कर रहे हैं। इस देश के साथ हमारे प्राचीन सरोकार तथा आधुनिक संबंधों के कारण हमारे वियतनामी मित्रों को आपसे काफी उम्मीदें हैं। लेकिन मुझे कहना होगा कि आपने सम्मानपूर्वक उन सभी उम्मीदों को पूरा किया है, और इस प्रकार भारत के सर्वश्रेष्ठ गुणों को वियतनाम में लाया है, फिर चाहे वह कला, संस्कृति या हमारे पारिवारिक आचारों का क्षेत्र ही क्यों न हो। मुझे बताया गया है कि वियतनाम में योग बेहद लोकप्रिय है और यह हमारे दोनों समाजों को जोड़ती हुई एक मजबूत कड़ी है। हमारी आम संवेदन-शक्ति के कारण भी यहाँ भारतीय टेलीविजन धारावाहिकों और चलचित्रों के व्यापक और गुणानुरागी प्रसंशक बन गए हैं।

9. भारत एक परिवर्तनकारी यात्रा में है। शांति, समृद्धि और विकास की तलाश में, विदेशों में बसे भारतीय नागरिक और विदेशी भारतीय समुदाय हमारे बराबर के साझेदार बन गए हैं। भारत के साथ जुड़ने, सहयोग करने और बढ़ने के लिए नई अवसरों और संभावनाओं के मार्ग खुल रहे हैं। ज्ञान के साझेदारों, निवेशकों और सांस्कृतिक राजदूतों के रूप में आपको इस यात्रा में हमारा साथ देने के लिए प्रेरित करता हूँ।

देवियों और सज्जनों,

10. हमारी सरकार ने विदेशों में बसे हमारे भारतीय समुदाय तक पहुंच गतिविधियों को प्राथमिकता दी है। आज हमारे और हमारे प्रवासियों के मध्य एक नया और जीवंत संपर्क बना है। उनकी बेहतर सेवाओं के लिए, हमने पूर्ण-समय की सेवाएं प्रदान करने हेतु अपने दूतावासों को सशक्त बनाया है, ताकि हर जरूरतमंद को सेवा प्रदान की जा सके। हम कुशल सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और डिजिटल प्रोग्राम जैसे कि 'मदद' का उपयोग भी कर रहे हैं। हम यमन से लेकर वेनेजुएला तक हिंसा, संकट या प्राकृतिक आपदाओं में फंसे जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे हैं। और न केवल भारतीयों, बल्कि 50 से अधिक देशों के लोगों तक मदद पहुंचाई है।

11. अगले वर्ष, हम 21 से 23 जनवरी को वाराणसी में प्रवासी भारतीय दिवस मना रहे हैं। मैं आपको हमारे प्रवासियों के इस विशेष उत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूं। हमने इस वर्ष महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती समारोह की शुरुआत की है। मुझे उम्मीद है कि आप आगे बढ़कर इस देश में उनके जीवन और विरासत को उजागर करने में हमारी मदद करेंगे।

12. मैं आपको आमंत्रित करता हूँ कि कभी-भी भारत आने पर आप राष्ट्रपति भवन का दौरा अवश्य करें। यह मेरा आधिकारिक निवास है लेकिन सभी भारतीयों के लिए ये एक ऐसा स्थान है जहाँ जाकर हमें गर्व का अनुभव होता है, और ये स्थान आपका भी उतना ही है जितना कि मेरा है।

देवियों और सज्जनों,

13. इस देश में भारत की अधिक समझ को बढ़ावा देने के लिए यहां वियतनाम-भारत मैत्री सहयोग, वियतनाम मैत्री सहयोग संघ और विश्विद्यालयों के भारत अध्ययन विभाग के प्रयासों की प्रशंसा करता हूँ, जिन्होंने इस देश में भारत के बारे में एक गहरी समझ को बढ़ावा दिया है। मैं भारतीय समुदाय को अपने कार्य-कलापों में शामिल करने में एक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए वियतनाम के भारतीय व्यापार चैंबर का धन्यवाद करता हूँ। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि, मैं इस देश में रहने वाले सभी भारतीयों का स्वागत करने के लिए हमारे वियतनामी मित्रों का धन्यवाद करता हूं।

देवियों और सज्जनों,

14. भारत और वियतनाम समान अवसरों और चुनौतियों का साझा करता है। हमें गर्व और उद्देश्य सहित एक-साथ आना चाहिए और बढ़ने और समृद्ध बनने में एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए। आशा है कि मेकांग और गंगा के पुरातन विचारों और ज्ञान से हमें मार्गदर्शन प्राप्त हो।

जिंन कैमन
धन्यवाद

हनोई
नवम्बर 19, 2018



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