यात्रायें यात्रायें

सिडनी में भारतीय समुदाय के स्वागत समारोह में राष्ट्रपति का संबोधन

नवम्बर 21, 2018

मेरे प्यारे साथी भारतीयों,
प्रवासी भारतीय सदस्य
प्रवासी भारतीय सम्मान के विशिष्ट भागीदार,
देवियों एवं सज्जनों,
नमस्कार, आदाब, सत श्री अकाल, वणक्कम, गुड इवनिंग!


  • ऑस्ट्रेलिया का यह मेरा पहला दौरा है। आपसे मिलकर मैं उत्साहित हूँ। इस गर्मजोशी और स्नेह से मेरा स्वागत करने के लिए मैं आप सबको धन्यवाद अर्पित करता हूँ। नर्तन नृत्य विद्यालय की ओर से भरतनाट्यम के सुन्दर प्रदर्शन और इसके मधुर संगीत से, एक क्षण के लिए, मुझे ऐसा लगा जैसे मैं भारत के ही किसी कोने में हूँ, न कि किसी सुदूर महाद्वीप में।
  • अपने विदेश दौरों के दौरान, मैं हमेशा, प्राथमिकता के तौर पर अपने समुदाय के लोगों से मिलता हूँ। वास्तव में, प्रवासी भारतीयों के साथ मेरी मुलाकात का कार्यक्रम, निरपवाद रूप से हमेशा मेरे कार्यक्रमों में सबसे ऊपर होता है। और मैं ये अवश्य कहना चाहूँगा कि अपने लोगों से मिलना, विदेशों में रह रहे अपने दोस्तों से बातें करना और भारत में रह रहे उनके परिजनों की सोच और शुभकामनाओं को साझा करना सचमुच बहुत खास और ख़ुशी से भरा होता है।
  • आज मैंने अपने कार्यक्रम की शुरुआत ANZAC युद्ध स्मारक के दौरे से की। यह स्मारक उन लोगों को समर्पित है जिन्होंने दूसरों की स्वतंत्रता की रक्षा करने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। साथ ही यह उन भारतीय सैनिकों की बहादुरी और साहस को भी सलाम करता है जिन्होंने विश्व युद्ध में अपने ऑस्ट्रेलियाई भाइओं के साथ मिलकर गल्लीपोली और दूसरे स्थानों पर दुश्मनों का मुकाबला किया था।
  • कल, मेरे पास पुनः एक और मौका होगा जब मैं मानवता की स्वतंत्रता के लिए किये गए बलिदान को प्रणाम कर सकूंगा। प्रधानमंत्री स्कॉट मोरिसन के साथ मिलकर मैं संयुक्त रूप से परामट्टा में महात्मा गाँधी की प्रतिमा का लोकार्पण करूंगा। इस वर्ष हमने उनकी 150वीं जयंती पर दुनिया भर में उत्सव का आयोजन किया है और यह प्रतिमा उनके जीवन और विरासत के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप भी वहां हमारे साथ शामिल होंगे। मेरी गवर्नर जनरल और प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने को लेकर आधिकारिक बातचीत भी होगी, जो पहले से ही नयी रणनीतिक ऊंचाइयों को छू रही है, क्रिकेट को लेकर हमारे साझा जुनून और कॉमनवेल्थ संबंधों के परे।
  • इस देश में बड़ी संख्या में और विविधता से परिपूर्ण भारतीय समुदाय हैं जो बहुभाषी हैं और अलग-अलग आस्था के हैं। यह महीना त्योहारों का रहा है। अभी-अभी हमने दिवाली मनाई है। आज मिलाद-उन-नबी है, पैगम्बर का जन्मदिन, और मैं अपने सभी मुस्लिम भाई-बहनों को इस मौके पर मुबारकबाद देता हूँ। परसों, 23 नवम्बर को हम गुरु पर्व मनाएंगे। अपने सिख भाई-बहनों को मैं इस उपलक्ष्य में अग्रिम बधाई देता हूँ। मुझे पता है कि ऑस्ट्रेलिया के सभी हिस्सों- पर्थ, मेलबोर्न, एडिलेड, ब्रिसबन और अन्य शहरों से लोग मुझसे मिलने और मेरा अभिवादन करने आये हैं। ये बताता है कि भारत के साथ, अपने देश और पूर्वजों की भूमि के साथ आपका जुड़ाव कितना गहरा है।

    देवियों एवं सज्जनों,

  • ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय का लम्बा इतिहास रहा है। भारतीयों की पहली खेप यहाँ करीब सौ साल पहले आई थी। 20वीं शताब्दी की शुरुआत में, भारतीय यहाँ केले के खेतों और सोने की खदानों में काम करने के लिए आये थे। उनमें से ज्यादातर हमारे सिख भाई थे जो पहले वुलगूल्गा में बसे और फिर वहां से अन्यत्र चले गए। उन्होंने कड़ी मेहनत की और कठिन समय में खरे उतरे। यहाँ तक कि रोज के अपने संघर्ष के दौरान भी उन्होंने अपने पारंपरिक लंगर और जीने के तरीके को सुरक्षित रखा।
  • ये उल्लेखनीय है कि यह समुदाय अपनी संस्कृति और परंपरा को सुरक्षित रखने और उसका पोषण करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। हमने अभी-अभी उनके समर्पण की एक झलक का आनंद लिया है। और केवल इतना ही नहीं है, बल्कि आपने स्थानीय ऑस्ट्रलियाई लोगों के साथ प्यार और भाईचारा बांटा है। मुझे ये जानकर ख़ुशी हो रही है कि आप अपने त्योहारों और उत्सवों को बड़े उत्साह और गर्व के साथ मनाते हैं। बैशाखी, होली, दिवाली, ईद और क्रिसमस पर आप न केवल एक-दूसरे को बधाई देते हैं बल्कि अपने ऑस्ट्रेलियाई दोस्तों और पड़ोसियों को भी शुभकामनायें देते हैं। यह प्रशंसनीय और अनुकरणीय है। साथ ही हमारी भारतीय जीवन शैली के अनुरूप ही आपने हलोवीन के बारे में भी अपने बच्चों को बताया है।
  • हमारे लिए ये गौरव का विषय है कि ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय बहुत सम्मानित हैं। आज, भारतीय कौशल और पेशेवरों की मांग यहाँ और पूरी दुनिया में है। ऑस्ट्रेलिया बड़ी संख्या में मौजूद भारतीय छात्रों का घर भी है। वे लोग पढाई, शोध, आविष्कार और खेल में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी कड़ी मेहनत और प्रतिभा दोनों देशों के बीच के ज्ञान आधारित संबंधों की मजबूती में दिखाई देती है। परसों मैं इस विषय पर मेलबोर्न विश्वविद्यालय पर बोलूँगा।
  • आपमें से कई के लिए, ऑस्ट्रेलिया नया घर है तो कई अन्य के लिए ये उनकी कर्मभूमि है। मुझे ख़ुशी है कि इस देश में और यहाँ के पेशेवर जगत में आपका स्वागत बाँहें खोल कर किया गया है। भारत और ऑस्ट्रेलिया विविध संस्कृतियों वाले देश हैं। दोनों देशों की इस समानता के कारण यहाँ बसने, दोस्त बनाने, परिवार बसाने और संबंध विकसित करने में आपको आसानी हुई होगी। इस देश की बेहतरी में आपने उल्लेखनीय योगदान दिया है। एक उद्यमी के तौर पर, डॉक्टर, शिक्षक, बैंकर और तकनीकी विशेषज्ञ के तौर पर आप ऑस्ट्रलियाई समाज और अर्थव्यवस्था को अत्यधिक मूल्यवान बना रहे हैं। वास्तव में, हमें आपकी उपलब्धियों और सफलता पर गर्व है।

    देवियों और सज्जनों,

  • मुझे मालूम है कि आप स्वयं को भारत में हो रहे विकास से लगातार अपडेट रखते हैं। आपमें से ज्यादातर लोग अकसर भारत जाते रहते हैं। लेकिन वे लोग जो लम्बे अरसे के बाद वहां जायेंगे, एक नया भारत देखेंगे, एक नया अनुभव आपका इंतज़ार कर रहा है!
  • हमारी उन्नति और विकास हमारे भीतर के नए आत्मविश्वास को दर्शा रही है। अंतिम तिमाही में, 8.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ भारत विश्व में सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन चुका है। नए उत्पादों की लगातार रेंज और सेवा कर ने भारत को इतिहास में पहली बार एक राष्ट्र, एक कर और एक बाज़ार के रूप में तब्दील कर दिया है। ये और ऐसे ही अन्य प्रभावकारी सुधारों ने पिछले चार सालों में हमें वर्ल्ड बैंक के इज ऑफ़ डूइंग बिज़नेस इंडेक्स में 65 स्थान आगे जाने में मदद की है। हमारे देश में दुनिया भर के निवेशकों का विश्वास चरम पर है। पिछले चार वर्षों में हमने 200 बिलियन डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त किया है। हमारे कामों में अगली पीढ़ी की आधारभूत संरचनाओं का निर्माण करना है जिसमें 100 स्मार्ट सिटी, 7 हाई स्पीड ट्रेन कोरिडोर, 10 हरित एयरपोर्ट, पूरे देश को डिजिटली जोड़ना और हजारों किलोमीटर लम्बे एक्सप्रेस वे का निर्माण करना शामिल है। हम दिन-रात केवल विकास के लिए ही काम नहीं कर रहे हैं बल्कि महिलाओं, दिव्यान्गों तथा समाज के पिरामिड में सबसे निचले स्तर के लोगों को सशक्त बनाने के लिए भी काम कर रहे हैं।
  • आकाश को छूती प्रगति और परिवर्तनकारी सामाजिक-आर्थिक बदलावों पर सवार होकर देश के युवा नए सुझावों और ऊर्जा से लबरेज हैं। उनके उद्यम और आविष्कारों ने भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी स्टार्ट-अप इको प्रणाली बना दिया है।
  • आज भारत कारोबार, सामाजिक उद्यमों और सांस्कृतिक संबंधों के लिहाज से अवसरों से भरा है। मैं आप सबको हमारी इस परिवर्तन यात्रा में शामिल होने का आमंत्रण देता हूँ। आप अपने सुझावों, कारोबार के मॉडल और अपने निवेश प्रोफाइल के माध्यम से योगदान दे सकते हैं। हम अपने महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय मिशनों- मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, क्लीन इंडिया और डिजिटल इंडिया में ऑस्ट्रेलिया को मुख्य सहयोगी के रूप में पाते हैं। हम ऑस्ट्रेलिया की तकनीक को अपनाने और निवेश को देश के विकास तथा तरक्की में शामिल करने के इच्छुक हैं। आप इस जुडाव को बढाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    देवियों और सज्जनों,

  • पिछले कुछ वर्षो में, आपने देखा होगा कि कैसे सरकार के प्रवासियों तक पहुँचने तथा उनसे जुड़ने के तरीके में आमूलचूल बदलाव आया है। आज भारत और दुनिया भर में फैले भारतीय समुदाय के बीच मजबूत जुड़ाव है। हमने विदेशों में रह रहे अपने लोगों को जोड़ने के लिए ‘भारत को जानें’ कार्यक्रम चलाया है। हमारी ओसीआई स्कीम लचीली है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें।
  • हमने अपने दूतावासों को निर्देश दिया है कि वे चौबीसों घंटे उपलब्ध रहें ताकि हमारे लोगों को जरूरत के समय मदद मिल सके। और हमने अपने मानवीय सहायता कार्यक्रम को जब और जहाँ जरूरी हो वहां के लिए विस्तारित किया है। पिछले चार सालों में, हमने प्राकृतिक आपदा या मुसीबत में फंसे 90 हजार से अधिक लोगों, जिनमें भारतीय और 50 अन्य देशों के लोग भी शामिल हैं, को बचाया है।
  • अपने प्रवासियों को हम हमारे अंतर्राष्ट्रीय पहुँच को सुदृढ़ बनाने में एक महत्वपूर्ण सहयोगी के तौर पर देखते हैं। भारत के सन्देश को फैलाने में आप की अहम भूमिका है। हाँ, यहाँ हमारे उच्चायुक्त मौजूद हैं, लेकिन हम आप सबको हमारे सांस्कृतिक राजदूत के तौर पर देखते हैं। ऑस्ट्रेलिया के साथ अपने संबंधों को दृढ बनाने के लिए हम आप पर निर्भर हैं, क्योंकि इतने सालों में आपने उल्लेखनीय कार्य किये हैं। अगले वर्ष, हम 21 से 23 जनवरी तक वाराणसी में प्रवासी भारतीय दिवस मनाने जा रहे हैं। हम आपको इस उत्सव में शामिल होने का आमन्त्रण देते हैं।

    देवियों एवं सज्जनों,

  • आपके साथ अपने विचारों को बाँट कर मुझे बेहद ख़ुशी हो रही है। ऑस्ट्रेलिया को खेलों के प्रति जुनून और प्यार वाले देश के रूप में जाना जाता है। आज, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ब्रिसबेन में टी-20 खेला जाना है। क्रिकेट के खेल को इस संस्करण ने बहुत हद तक बदल डाला है। दोनों टीमों को मेरी शुभकामनाएं। मैं अपने इस दौरे को तब तक पूर्ण नहीं मान सकूंगा, जब तक खेलों से जुड़े अपने ऑस्ट्रलियाई भाइयों से मेरी मुलाकात नहीं होगी। मुझे 23 नवम्बर को एमसीजी में अवश्य जाना चाहिए ताकि मैं दोनों टीमों को अपनी शुभकामनाएं दे सकूं। आप नीली या पीली किसी भी तरफ हो सकते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। हमें खेलों का जश्न मनाना चाहिए, इसके लिए और हमारी एकजुटता के लिए। मैं आपको अगली बार भारत आने पर राष्ट्रपति भवन आने का न्योता भी दे रहा हूँ। हाँ, ये मेरा आधिकारिक निवास है, लेकिन ये सभी भारतीयों का है और आपको इसके गौरव और अतीत को जानने के लिए यहाँ अवश्य आना चाहिए।
धन्यवाद।

सिडनी
नवम्बर 21, 2018




पेज की प्रतिक्रिया

टिप्पणियाँ

टिप्पणी पोस्ट करें

  • नाम *
    ई - मेल *
  • आपकी टिप्पणी लिखें *
  • सत्यापन कोड * Verification Code