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भारत के उपराष्ट्रपति की पैराग्वे यात्रा पर संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति

मार्च 06, 2019

भारत गणराज्य के उपराष्ट्रपति, श्री एम वेंकैया नायडू 5 मार्च से 7 मार्च 2019 तक पैराग्वे की राजकीय यात्रा पर हैं। वे 13 सितंबर 1961 को दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से पैराग्वे का दौरा करने वाले भारतीय गणराज्य के उच्चतम स्तर के प्रतिनिधि हैं। उपराष्ट्रपति के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी गया है जिसमें पर्यटन राज्य मंत्री के. जे. अल्फोंस, संसद सदस्य, श्री आर. के. कश्यप और सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

उपराष्ट्रपति ने यात्रा के दौरान, पैराग्वे गणराज्य के राष्ट्रपति, महामहिम मारियो एब्दो बेनिटेज़, उपराष्ट्रपति श्री ह्यूगो वेलज़कज़ और राष्ट्रीय कांग्रेस (सीनेट) के अध्यक्ष, सिल्वियो ओवलर से भेंट की। उपराष्ट्रपति के कार्यक्रम में पैराग्वे में भारतीय समुदाय के साथ वार्ता और पैराग्यन औद्योगिक संघ के मुख्यालय का दौरा शामिल है, जहां दोनों देशों के बीच निवेश और व्यापार के अवसरों पर एक बैठक आयोजित की जाएगी। इस व्यापर मंच बैठक में, पैराग्वे के उपराष्ट्रपति व उद्योग और वाणिज्य मंत्री महामहिम लिज़ क्रेमर भाग लेंगे।

दोनों पक्षों ने सौहार्दपूर्ण परिवेश में पारस्परिक हित के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की।

प्रतिनिधियों ने द्विपक्षीय व्यापार की प्रगतिशील वृद्धि पर प्रकाश डाला, जोकि पिछले पांच वर्षों में, औसतन लगभग 376 मिलियन अमरीकी डॉलर राशि का है और इसकी क्षमता बेहतर करने के उपायों पर सहमति हुई । इसी प्रकार, दोनों अपने देशों में विद्यमान अत्यधिक अनुकूल व्यापारिक वातावरण को देखते हुए, द्विपक्षीय निवेश को बढ़ावा देने के लिए आपसी हित के क्षेत्रों को चिन्हित करने पर सहमत हुए। दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं की स्थिरता का लाभ उठाने के लिए उन्होंने गठजोड़ को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करने की अपनी मंशा भी व्यक्त की।

दोनों पक्षों ने जल और सौर ऊर्जा , स्वास्थ्य सहित पारंपरिक चिकित्सा, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी, खेती और कृषि मशीनरी, अंतरिक्ष और जैव प्रौद्योगिकी, रेलवे और पर्यटन संबंधी बुनियादी ढांचे सहित सहयोग के नए क्षेत्रों के चिन्हीकरण पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने अपने दलों को शिक्षाविदों और विश्वविद्यालयों के बीच और पर्यटन में पेशेवरों और हितधारकों के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की सुविधा प्रदान की। पैराग्वे ने उच्च शिक्षा और इसके आईटीईसी (भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग) कार्यक्रम के लिए संवर्धित छात्रवृत्ति के माध्यम से क्षमता निर्माण के भारत के प्रस्ताव का स्वागत किया।

दोनों पक्षों ने, राजनयिक और कांसुलर अकादमी, पैराग्वे गणराज्य के विदेश मामलों के मंत्रालय और विदेशी सेवा संस्थान, भारत गणराज्य के विदेश मंत्रालय के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने का स्वागत किया। उन्होंने लंबित विषयों पर बातचीत को अंतिम रूप देने में अपनी मंशा व्यक्त की।

दोनों पक्ष, संयुक्त रूप से महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती आयोजित करने पर सहमत हुए और भारत ने असुनसियन में पैराग्वे द्वारा आज एक स्मारक डाक टिकट जारी करने का स्वागत किया।

दोनों पक्षों ने संसदीय संबंधों को सुदृढ़ करने के महत्व पर सहमति व्यक्त की।

दोनों पक्षों ने 1 जून 2009 को लागू मेरकोसुर और भारत गणराज्य के बीच अधिमान्य व्यापार करार पर विचारों का आदान-प्रदान किया और तुलनात्मक हित और आर्थिक ब्लॉक और भारत के बीच पूरकता का पता लगाने और व्यापार का विस्तार करने और विविधता लाने के लिए अपनी रुचि व्यक्त की।

भारत और फ्रांस द्वारा संयुक्त रूप से 2015 में शुरू की गई अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) पहल पर भी चर्चा की गई। वे इस बात पर सहमत हुए कि आईएसए स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग की सुविधा प्रदान करेगा और सौर ऊर्जा के प्रचुर स्रोत की तलाश करेगा और पारंपरिक से नवीकरणीय स्रोतों को संक्रमण करेगा। पैराग्यन पक्ष ने बताया कि आईएसए में शामिल होने के लिए प्रासंगिक आंतरिक परामर्शों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

पैराग्वे ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में 14 फरवरी, 2019 को हुए क्रूर आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की। दोनों प्रतिनिधिमंडल इस बात पर सहमत हुए कि आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध विश्व शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाने के महत्व पर जोर दिया और इस संकट से निपटने के लिए बहुपक्षीय सहयोग मजबूत करने का संकल्प लिया, जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों में सूचीबद्ध समूहों से आतंकवादी खतरों के खिलाफ सहयोग और अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर संयुक्त राष्ट्र संघ के संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रस्ताव का अपनाने की दिशा में काम करना शामिल है।

दोनों देशों के बीच कई सहयोगी प्रस्तावों पर चर्चा और संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए, उपराष्ट्रपतियों ने सहमति व्यक्त की कि दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच परामर्श की तीसरी बैठक शीघ्र ही आयोजित की जाएगी। परामर्श में, अन्य बातों के अलावा, दोनों देशों के बीच व्यापक सहयोग को सुविधाजनक बनाने के लिए संस्थागत संयोजकता का पता लगाया जा सकता है।

उपराष्ट्रपति ने अपनी यात्रा के दौरान आतिथ्य के लिए, पैराग्वे के लोगों और सरकार का धन्यवाद किया ।

पैराग्वे गणराज्य के राष्ट्रपति अब्दो बेनिटेज़ ने उपराष्ट्रपति द्वारा दिए गए दोनों पक्षों के लिए सुविधाजनक अवसर पर भारत का दौरा करने का निमंत्रण को स्वीकार किया।

असंसियन, परागुए
06 मार्च 2019



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