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बेनिन के राजकीय दौरे के दौरान भारतीय समुदाय के स्वागत समारोह में राष्ट्रपति का संबोधन

जुलाई 30, 2019

भारतीय समुदाय के सम्माननीय सदस्य,
भारतीय प्रवासी सदस्य,
देवियों और सज्जनों,

नमस्कार और शुभ प्रभात !


1. सबसे पहले मैं मिस ज़ेयनाब अबीब को महात्मा गांधी जी के पसंदीदा भजन - वैष्णव जन तो तेने कहिये - के उत्कृष्ट गायन के लिए बधाई देते हुए शुरुआत करना चाहूँगा। उन्होंने उन्होंने बड़े ही सुन्दर ढंग से भारतीय आध्यात्मिकता के साथ अफ्रीकी संवेदनशीलता को जोड़ा है। क्योंकि इस भजन को इस स्थान - मदीहा हॉल- में गाया गया है और वह भी उस वर्ष में जब हम महात्मा गांधी जी की 150 वीं जयंती मना रहे हैं, इसलिए ये और भी खास बन गया है। हमें बड़ी मुश्किल से अपने प्रतिष्ठित नेताओं - महात्मा गांधी और नेल्सन मंडेला- को याद करने का मौका मिलता है, उस तरीके से जो आज हमने अपनाया है। इस विशेष स्वागत के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

2. भारत से बेनिन की पहली राजकीय यात्रा पर आकर मुझे बहुत प्रसन्नता हुई है। पश्चिम अफ्रीका की यात्रा का यह मेरा पहला अवसर है। मुझे गाम्बिया और गिनी गणराज्य भी जाना है। भारत की ओर से इन देशों में भी, राष्ट्राध्यक्ष स्तर की यह पहली यात्रा होगी। मेरी यात्राएं, अफ्रीका महाद्वीप के सभी देशों के साथ अपने सम्बन्धों को मजबुत बनाने की हमारी सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक हैं ।

3. आज सुबह आप सभी के बीच आकर मैं बहुत प्रसन्न हूं। मुझे बताया गया है कि बेनिन के अलावा नाइजीरिया से भी भारतीय समुदाय के लोग यहां आए हैं। मैं आप सभी का अभिनंदन करता हूं। अभी तक मैंने जिस भी देश की यात्रा की है, उस देश में रह रहे भारतीय समुदाय से मिलने को मैंने हमेशा प्राथमिकता दी है ताकि उन्हें भारत की विकास-गाथा के बारे में बता सकूं और उनके परिवार तथा मित्रों की शुभकामनाएं उन तक पहुंचा सकूं। दूर देश में रह रहे अपने भाइयों-बहनों से मिलना, मेरे लिएएक विशिष्ट अनुभव होता है और इसे मैं अपने हृदय में संजोकर रखता हूं।

4. कल, मैंने बेनिन के राष्ट्रपति के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया। मुझे राष्ट्रीय सभा को संबोधित करने का विशेष सम्मान भी मिला। मेरी बातचीत में, मुझे भारत-बेनिन संबंधों को और मजबूत करने के लिए पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया गया था। बेनिन के नेताओं ने आपकी, आपके कड़ी मेहनत और आप स्थानीय अर्थव्यवस्था और स्थानीय समुदाय के लिए जो मूल्य लाते हैं, उसकी बड़ी प्रशंसा की। अपनी साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए, हमने बेनिन के साथ कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। हमने देश में विकास परियोजनाओं को वित्त प्रदान करने के लिए 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर के रियायती ऋण की पेशकश की है और बेनिन को अपनी निर्यात ऋण एजेंसी स्थापित करने में मदद करने के लिए सहमत हुए हैं। हमने अपने टेली-एजुकेशन प्रोग्राम, ई-विद्या-भारती और टेली-मेडिसिन परियोजना, ई-आरोग्य-भारती की भी पेशकश की है, ताकि बेनिन में युवाओं को कुशल बनाया और प्रशिक्षित किया जा सके। इसके अलावा, एक सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं। हम इन पहलों को सफल बनाने में आपका बहुमूल्य सहयोग चाहते हैं।

देवियों और सज्जनों,

5. अफ्रीकी महाद्वीप के साथ हमारे संबंध गहरे और विविध हैं। यहाँ उपस्थित आप में से बहुत से लोग बेनिन, नाइजर और अन्य अफ्रीकी देशों में पीढ़ियों से रह रहे हैं। आज, हर अफ्रीकी देश में, एक संपन्न भारतीय समुदाय भी रहती है। लेकिन मैं बेनिन के हमारे भाइयों और बहनों की उपलब्धियों से सबसे अधिक प्रभावित हूं। आपने अपने लिए नाम कमाया है और इस प्रक्रिया में अपने देश के लिए अपार सद्भावना पैदा की है। आप वास्तव में, भारत के सच्चे सांस्कृतिक राजदूत रहे हैं।

6. जैसा कि आप जानते हैं, हमने हाल ही में भारत में अपने आम चुनाव आयोजित किए हैं। यह इस ग्रह का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अभ्यास था। हमारी नई सरकार को एक मजबूत और निर्णायक जनादेश मिला है। देश में परिवर्तनकारी परिवर्तन लाने के लिए इसकी प्रतिबद्धता - अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे के निर्माण से लेकर अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी के दोहन तक, महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने से लेकर किसानों की आय दोगुनी करने तक - निरपेक्ष बनी हुई है। जनादेश के अनुसार, सरकार ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ की दृष्टि अपनाई है, जिसका अर्थ है ‘सामूहिक प्रयास, समावेशी विकास, सभी के विश्वास के साथ’। इस आधार पर, हम एक मजबूत, समृद्ध और समावेशी भारत बनाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। हम इस यात्रा में अकेले नहीं, बल्कि दोस्तों, परिवारों और साझेदारों के साथ चलना चाहते हैं। हम अपने प्रवासियों पर भरोसा करते हैं कि वे उद्यमियों के रूप में, पेशेवरों के रूप में, परिवर्तन-निर्माताओं के रूप में या केवल भारतीय मूल्यों और संस्कृति के राजदूतों के रूप में हमारे विकास में सहायता करेंगे।

7. आज, भारत वैश्विक विकास के प्रमुख चालक के रूप में उभरा है। अगले सात वर्षों में, हमारा लक्ष्य 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है। इसलिए दुनिया के साथ हमारा जुड़ाव कई गुना बढ़ गया है। अफ्रीका के साथ हमारी साझेदारी इस श्रृंखला में एक केंद्रीय स्थान ले लेगी। हमने अफ्रीका में 18 नए दूतावास खोलने का फैसला किया है, जिनमें से 7 पश्चिम अफ्रीका में होंगे। इस संदर्भ में, बेनिन जैसे देशों के साथ हमारे संबंधों का समेकन बहुत महत्वपूर्ण है। भारत बेनिन का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। लगभग 100 भारतीय या भारतीय स्वामित्व वाली कंपनियां यहां काम कर रही हैं। आप बेनिन और भारत के बीच नए व्यापार और निवेश सहयोग बनाने में मदद कर सकते हैं और हमारी वृद्धि और विकास में सहायता कर सकते हैं।

8. आज हमारे दोनों देशों ने जो कुछ हासिल किया है, वह बेनिन की जीवंत भारतीय समुदाय के योगदान के बिना संभव नहीं था। आपने दूर-दूर तक यात्रा की और कठिन परिस्थितियों में काम किया और उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। सामान्य रूप से अफ्रीका में, और विशेष रूप से पश्चिम अफ्रीका में, आप और भी आगे बढ़ गए हैं और आर्थिक विकास के चालक बन गए हैं। और सिर्फ इतना ही नहीं, आपने स्थानीय लोगों के साथ अपनी समृद्धि के लाभों को भी साझा किया है।

9. कोटनोऊ में भारतीय संघ द्वारा किए जा रहे काम के बारे में जानकर मैं सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। बेनिन में भारतीय दूतावास की अनुपस्थिति में, ये संघ हमारे समुदाय के सदस्यों और अबूजा, नाइजीरिया में स्थित भारतीय मिशन के बीच एक महत्वपूर्ण पुल बन गया है। चाहे वह किसी भी संकटग्रस्त भारतीय की मदद करना हो, या दूतावास सेवाएं देनी हो, भारतीय संघ हमेशा सबसे आगे रहा है। भारत सरकार इस काम की और भी अधिक सराहना करती है, क्योंकि हमने विदेशों में स्थित अपने दूतावासों के लिए ये अनिवार्य कर दिया है कि जब भी हमारे लोगों को मदद की आवश्यकता हो, हम तत्काल प्रभावी कार्रवाई करें। हमने संकट में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया टूल का प्रभावी ढंग से उपयोग किया है। और सिर्फ दूतावास और पासपोर्ट सेवाओं के लिए नहीं। पिछले 5 वर्षों में, हमने 90,000 से अधिक भारतीयों को बचाया है, साथ ही 50 अन्य देशों के नागरिकों को, जो विदेशों में मानवीय संकटों और इसी तरह की परिस्थितियों में पड़े थे। हमारे प्रयासों के परिणामस्वरूप, विदेशों में रहने वाले हमारे लोगों को अपनी सुरक्षा और कल्याण का आश्वासन मिलता है। हमारे जन-केंद्रित दृष्टिकोण ने वास्तव में हमारी सरकार के प्रति उनमें एक नया विश्वास पैदा किया है।

देवियों और सज्जनों,

10. बेनिन, ऐसा घर जो आपने अपनाया है, लोकतंत्र के रूप में बड़ी प्रगति की है। इससे आपको समृद्ध और विकसित होने, अपनी संस्कृति और परंपराओं को बनाए रखने और मेला और त्यौहारों को मनाने की अनुमति दी है। और ऐसा करते हुए आपने हमेशा अपने बेनिनी दोस्तों की मदद की है, चाहे चिकित्सा उपचार और शिक्षा के लिए भारत जाने की सुविधा प्रदान करना या जरूरत के समय उनकी मदद करना हो। यही कारण है कि भारत के लिए बेनिन में बहुत सद्भावना है। मुझे यह जानकर खुशी हुई कि कोटनोऊ में हमारे समुदाय ने में सीबीएसई-पैटर्न इंडियन इंटरनेशनल स्कूल चलाने के लिए भी हाथ मिलाया है। यह आपकी प्रशंसा करता है कि ये स्कूल न केवल भारतीयों में बल्कि बेनिन के लोगों और विदेशी छात्रों में भी लोकप्रिय है।

देवियों और सज्जनों,

11. जीवन के प्रति आपका दृष्टिकोण और उपलब्धियां हमें वास्तव में गौरवान्वित करते हैं। मुझे उम्मीद है कि आप भारत की सेवा और भारत-बेनिन संबंधों की बेहतरी के लिए अपने अच्छे काम जारी रखेंगे। मैं आने वाले वर्षों में आपकी सफलता और समृद्धि की कामना करता हूं। और इसी के साथ, मैं आपको राष्ट्रपति भवन आने के लिए आमंत्रित करता हूं, जब आप अगली बार दिल्ली आएं। यह मेरा कार्यालय-सह-निवास जरूर है लेकिन सबसे पहले यह एक राष्ट्रीय स्मारक है जो सभी भारतीयों का है। और आपको इसकी विरासत और गौरव में सराबोर होने अवश्य आना चाहिए।

धन्यवाद!

कोटनोऊ
जुलाई 30, 2019



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