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कोमोरोस की यात्रा के दौरान मोरोनी में भारतीय समुदाय के स्वागत समारोह में उपराष्ट्रपति का संबोधन

अक्तूबर 10, 2019

आप सभी को नमस्कार,

मैं आपको भारत की ओर से हार्दिक बधाई देता हूं।
इतनी गर्मजोशी और स्नेह के साथ मेरा तथा मेरे प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करने हेतु मैं आप सभी का धन्यवाद करता हूं। मैं श्री संजीव कुमार बाल्यान, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन राज्य मंत्री और श्री रामविचार नेताम, संसद उच्च सदन (राज्य सभा) के सदस्य के साथ आया हुआ हूं।

हिंद महासागर के गर्म पानी पर बसे मोरोनी के इस खूबसूरत शहर की यात्रा करना मेरे लिए बहुत ही खुशी की बात है। मैं अपने तथा मेरे प्रतिनिधिमंडल को यहां मिले आतिथ्य के लिए कोमोरोस सरकार का शुक्रगुजार हूं।

कल से, मैं राष्ट्रपति अज़ाली अस्समानी और उनके कैबिनेट मंत्रियों और नेशनल असेंबली के माननीय अध्यक्ष और अन्य प्रतिष्ठित महिलाओं और सज्जनों के साथ फलदायक बातचीत के लिए तत्पर हूं।

बहनों और भाइयों,

मुझे मालूम है कि भारतीय मूल के कोमोरियन पिछले 100 वर्षों से कोमोरोस में रह रहे हैं। मुझे यह जानकर खुशी हुई कि कोमोरियन भाइयों और बहनों ने आपको बड़े गर्मजोशी व स्नेह के साथ अपने बड़े कोमोरियन परिवार के हिस्से के रूप में स्वीकार किया है, जिसके कारण आप इस देश में बस चुके हैं।

मैं यह जानकर प्रभावित हुआ कि कोमोरोस का एक छोटा लेकिन भारतीयों के सक्रिय प्रवास का देश है और मुझे यह जानकर खुशी है कि केवल संख्या में लगभग 250 होने के बावजूद, आपने सामाजिक तथा आर्थिक सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

आप में से कुछ ने अपने संबंधित व्यवसायों में उत्कृष्टता हासिल की है। मुझे यह जानकर बहुत खुशी हुई कि आप विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व कर रहे हैं।

मुझे यह जानकर खुशी हुई कि आपने भारतीय सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखा है और यहां लगभग सभी भारतीय त्योहार पूरे समुदाय द्वारा मनाए जाते हैं। मुझे खुशी है कि यहां भारतीय समुदाय को शांतिप्रिय समुदाय माना जाता है और यह समुदाय स्थानीय लोगों के साथ अच्छी तरह से आत्मसात करने में सक्षम रहा है।

प्रिय बहनों और भाइयों,

आप सभी को भारत में हो रहे आर्थिक विकास व सामाजिक परिवर्तन के साथ समान रूप से अग्रसर रहना चाहिए।

जैसा कि आप सभी जानते हैं, वैश्विक मंदी के बावजूद, भारत सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और 2024-25 तक $5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की आकांक्षा रखता है। सरकार ने आर्थिक विकास को बढ़ावा देने हेतु कई सुधारों की शुरुआत की है। हाल ही में, कॉर्पोरेट टैक्स को बहुत कम कर दिया गया है, जिससे निवेश में तेजी आने की उम्मीद है।

भारत में व्यापार करना न केवल निवेशकों को आकर्षक कर रहा है, बल्कि सरल भी हो रहा है। भारत ने वर्ल्ड बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स पर 65 स्थानों की छलांग लगाई है और 190 देशों के बीच 77वें स्थान पर पहुंच गया है। हमारी नीति अब ‘रेड टेप’ नहीं, ‘रेड कारपेट’ है, कई पुरातन नियमों को खत्म किया जा रहा है और व्यापार को निर्बाध प्रक्रियाएं शुरू की जा रही हैं।

मुझे यकीन है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज के नए भारत में हो रहे विकास तथा परिवर्तन के बारे में अवश्य ही जानते होंगे, जिन्होंने अपने दूसरे कार्यालय के लिए लोगों से स्पष्ट जनादेश प्राप्त किया है।

एडेलमैन ट्रस्ट बैरोमीटर, 2018 में कहा गया था कि ‘भारत सरकार, व्यापार, गैर सरकारी संगठनों और मीडिया की बात करें तो यह विश्व स्तर पर सबसे भरोसेमंद देशों में से एक है।’

परिवर्तनकारी कर सुधार, माल एवं सेवा कर (जीएसटी), एक देश-एक कर, एक देश-एक बाजार दृष्टिकोण का अनुपालन करने सहित कई सुधारों की शुरूआत की गई है।

कर का आधार विस्तृत हो गया है और 2017-18 में 6.85 करोड़ की तुलना में 80.5% की वृद्धि के साथ कर अनुपालन में काफी सुधार हुआ है।

"रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म (सुधार, प्रदर्शन और रूपांतरण)" के मंत्र से प्रेरित, भारत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए दुनिया की सबसे खुली अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गया है।

भारत का बुनियादी ढांचा भी अभूतपूर्व दर से बढ़ रहा है। हर दिन लगभग 27 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग और 134 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण हो रहा है।

भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा विमानन बाजार बन गया है। सस्ती हवाई यात्रा की परिकल्पना करने वाली उड़ान योजना ने पहले से मौजूद 103 हवाई अड्डों में 40 और हवाई अड्डे जोड़े हैं।

हमारे गांवों तथा शहरी क्षेत्रों को जोड़ने वाली 100 स्मार्ट सिटी, 10 ग्रीन-फील्ड एयरपोर्ट, 7 हाई-स्पीड ट्रेन कॉरिडोर, 5 प्रमुख बंदरगाह, राजमार्ग और राष्ट्रव्यापी ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी सहित अगली पीढ़ी की अवसंरचना के निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना चल रही है।

भारतमाला योजना के तहत, 60,000 किलोमीटर राष्ट्र राजमार्ग बनाए जा रहे हैं। अक्षय ऊर्जा के मोर्चे पर, हमने 2022 तक 175 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन करने का लक्ष्य रखा है।

हमने प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के तहत 2.47 करोड़ से अधिक घरों में बिजली प्रदान की है। भारत के सभी गाँव अब विद्युतीकृत हैं।

हमारे युवा डिजिटल क्रांति को आगे बढ़ा रहे हैं और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को बढ़ा रहे हैं। स्टार्ट-अप इंडिया की प्रमुख पहल देश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा दे रही है।

‘डेमोक्रेसी, डिमांड और डेमोग्राफिक डिविडेंड’ के तीन डी भारत की कहानी को उजागर कर रहे हैं। भारतीय प्रवासी इसमें चौथे डी हैं। हम चाहते हैं कि आप भी भारत की इस वृद्धि और समृद्धि की यात्रा में शामिल हों।

प्रिय भाइयों और बहनों,

अफ्रीका को भारत सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है और इसे एक ध्यान केन्द्रित किए जाने वाला महाद्वीप घोषित किया गया है। पिछले 5 वर्षों में अफ्रीका के साथ हमारे संबंध प्रगाढ़ हुए हैं। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के स्तर पर 32 निवर्तमान यात्राएं हुई हैं। भारत अफ्रीका शिखर सम्मेलन (आईएएफएस III) के लिए 41 सहित लगभग 100 अफ्रीकी नेताओं ने भारत का दौरा किया है।

हमने अफ्रीका में भारतीय मिशनों की कुल संख्या को 47 तक पहुंचाते हुए 18 नए दूतावास खोलने का फैसला किया है। हमारे व्यापार में पिछले वर्ष की तुलना में 12% वृद्धि हुई है और यह 69 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है। भारत अब 54 बिलियन अमेरिकी डॉलर के संचयी निवेश के साथ अफ्रीका में 5वां सबसे बड़ा निवेशकर्ता है।

भारत-अफ्रीका शिखर सम्मेलन III के दौरान, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अफ्रीका के लिए 5 वर्षों में 10 बिलियन डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट, 600 मिलियन का अनुदान और 50,000 छात्रवृत्तियाँ देने की घोषणा की थी। हमने पहले ही 6.5 बिलियन डॉलर के लाइन ऑफ क्रेडिट को अनुमोदित/कार्यान्वित कर दिया है। 700 मिलियन अनुदान लक्ष्य से अधिक है और 40000 से अधिक छात्रवृत्ति दी गई।

हमारी सहायता मांग से प्रेरित है और यह उन नियमों एवं शर्तों पर आधारित है जो उचित तथा सुविधाजनक हैं और ऋणग्रस्तता पैदा नहीं करते हैं।

आप पहले से ही उन विभिन्न कदमों से अवगत हैं जो भारत सरकार कोमोरोस के साथ हमारे संबंधों को मजबुत करने की दिशा में उठा रही है।

कल, जब मैं कोमोरोस के माननीय राष्ट्रपति से मिलूंगा और हम कुछ महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे। इस दिशा में एक महत्वपूर्ण विकास यहां पर व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र (वीटीसी) की स्थापना है।

कई क्षेत्रों में कोमोरियन युवाओं के कौशल को उन्नत करने में वीटीसी बहुत प्रोत्साहन प्रदान करेगा।

कोमोरोस प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है और हमें कोमोरियन अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने हेतु उनके समृद्ध संसाधनों के मूल्यवर्धन में सहायता करके खुशी है।

बहनों और भाइयों,

वास्तव में अफ्रीका आना मेरे लिए एक बड़ी खुशी की बात है, जहां महात्मा गांधी 20 साल से अधिक समय तक रहे और सत्य और अहिंसा के हथियारों के साथ भेदभाव व औपनिवेशिक वर्चस्व के खिलाफ अपनी लड़ाई को आगे बढ़ाया।

गांधीजी पूरी मानव जाति के लिए प्रेरणा थे। दक्षिण अफ्रीका में ही महात्मा गांधी ने दो दशक से अधिक समय बिताया। दक्षिण अफ्रीका में ही उन्होंने भेदभाव, रंगभेद और मानव के साथ घोर अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई।

क्योंकि, हम उनकी 150वीं जयंती पर महान महात्मा को श्रद्धांजलि दे रहे हैं, इसलिए हमें इस बात को कभी भी नहीं भूलना चाहिए कि अफ्रीका की मिट्टी ने ही उन्हें पोषण और प्रेरणा दी तथा महात्मा गांधी को वह बनाया, जो वो थे। अफ्रीका ने ही उनकी दृष्टि को बदला और उनके जीवन के लक्ष्य को अधिक स्पष्टता दी।

इससे पहले, मैं अपना व्यक्तव्य खत्म करूं, मैं आप सभी के साथ 2021 के आगामी प्रवासी भारतीय दिवस के बारे में कुछ बातें साझा करना चाहता हूं। आप सभी प्रवासी भारतीय दिवस में भाग लेने हेतु आमंत्रित हैं।

मैं आप सभी को और कोमोरोस में फैले हुए विशाल भारतीय समुदाय को धन्यवाद देना चाहता हूं। कृपया कोमोरोस में भारत और कोमोरोस के झंडे को ऊंचा रखते रहें, जिस तरह से आप कई दशकों से करते आ रहे हैं।

अपने कोमोरियन भाइयों और बहनों के साथ अपनी समृद्धि साझा करें तथा उन्हें प्रगति में भागीदार बनाएं। आप सभी बहुत अच्छा काम करने हेतु तैयार हैं। कोमोरोस को अधिक समृद्ध बनाएं, भारत के विकास में योगदान करें और दुनिया को अधिक समृद्ध, सामंजस्यपूर्ण, स्थायी बनाने में मदद करें।

जय हिन्द।

अस्वीकरण: यह भाषण का तैयार किया हुआ पाठ है और यह दिए गए मूल संस्करण से थोड़ा भिन्न हो सकता है।



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