भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू अपनी पहली राजकीय यात्रा पर कल लिस्बन (6 अप्रैल, 2025) पहुंचीं, उनकी इस यात्रा में पुर्तगाल और स्लोवाक गणराज प्रथम गंतव्य स्थल हैं। यह 27 वर्षों में किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली पुर्तगाल यात्रा है।
2. आज सुबह (07 अप्रैल, 2025) पुर्तगाल के राष्ट्रपति महामहिम श्री मार्सेलो रेबेलो डी सूसा ने ऐतिहासिक प्राका डो इम्पीरियो में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का गर्मजोशी भरा स्वागत किया। इसके अलावा, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ औपचारिक रूप से उनकी अगवानी की गई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सांता मारिया चर्च का भी दौरा किया और पुर्तगाल के राष्ट्रीय कवि लुइस वाज़ डी कैमोस की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने 16वीं सदी की भव्य वास्तुकला का प्रतीक माने जाने वाले जेरोनिमोस मठ की भी यात्रा की।
3. अगले कार्यक्रम में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पुर्तगाल के राष्ट्रपति मार्सेलो रेबेलो डी सूसा ने दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में डाक टिकट जारी किए। ये डाक टिकट भारत और पुर्तगाल की समृद्ध कलात्मक और सांस्कृतिक विरासत दर्शाते हैं। इन डाक टिकटों पर दोनों देशों के जीवंत लोक पोशाक चित्रित हैं, जिसमें राजस्थान की विशेष कालबेलिया पोशाक और पुर्तगाल की पारंपरिक वियाना डो कास्टेलो पोशाक की झलक देखने मिलती है।
4. इसके बाद, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति मार्सेलो रेबेलो डी सूसा के साथ एकांतिक वार्तालाप और प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय बातचीत की, जिसमें उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं और आपसी हितों के क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत-पुर्तगाल के संबंध ऐतिहासिक हैं और इनमें निरंतर मज़बूती आ रही है। बीतते समय के साथ ये आधुनिक, बहुआयामी और गतिशील साझेदारी के रूप में विकसित हुए हैं। उन्होंने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर ज़ोर देते हुए कहा कि व्यापार और निवेश, विज्ञान व प्रौद्योगिकी, आईटी तथा डिजिटल प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, संपर्क एवं गतिशीलता के क्षेत्रों को और मज़बूत बनाने की आवश्यकता है।
5. बैठक के बाद दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने प्रेस वक्तव्य जारी किए।
लिस्बन
07 अप्रैल 2025