भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को कल (7 अप्रैल, 2025) पुर्तगाल के लिस्बन के सिटी हॉल में आयोजित एक समारोह में लिस्बन के मेयर ने ‘सिटी की ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया गया।
2. इस अवसर पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने इस सद्भावनापूर्ण कार्य के लिए लिस्बन के मेयर और वहां के लोगों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि लिस्बन अपने खुले विचारों, लोगों की गर्मजोशी और संस्कृति के साथ सहिष्णुता तथा विविधता के प्रति सम्मान के लिए जाना जाता है। उन्हें यह कहते हुए बेहद खुशी हुई कि लिस्बन एक ऐसा वैश्विक शहर है, जो तकनीकी परिवर्तन, नवाचार, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और डिजिटल परिवर्तन के मामले में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि भारत और पुर्तगाल इन क्षेत्रों में आगे भी सहयोग कर सकते हैं।
3. राष्ट्रपति कल शाम (7 अप्रैल, 2025) पुर्तगाल गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री मार्सेलो रेबेलो डी सूसा द्वारा अपने सम्मान में पलासियो दा अजुदा में आयोजित एक भोज समारोह में शामिल हुईं।
4. भोज में राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे लोगों के बीच सांस्कृतिक संबंध सदियों पुराने हैं और इन संबंधों ने हमारी सामूहिक सोच पर अमिट छाप छोड़ी है। इनमें हमारा साझा अतीत शामिल है, जो वास्तुकला, ऐतिहासिक स्थलों और भाषाओं के साथ-साथ हमारे व्यंजनों में भी प्रतिबिंबित होता है।
5. राष्ट्रपति ने कहा कि यह वर्ष खास अहमियत रखता है, क्योंकि हम भारत-पुर्तगाल द्विपक्षीय संबंधों की 50वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। हमारे स्वाभाविक तालमेल और विविध क्षेत्रों में सहयोग की क्षमता के साथ, हमारे ऐतिहासिक संबंध एक गतिशील और दूरदर्शी साझेदारी बनने की दिशा में मज़बूती से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी, रक्षा, आईटी, स्टार्ट-अप, अनुसंधान, शैक्षिक और सांस्कृतिक सहयोग सहित विविध क्षेत्रों में भारत-पुर्तगाल सहयोग में निरंतर और प्रगतिशील वृद्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की।
6. राष्ट्रपति ने कहा कि ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में भारत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, डिजिटल जन बुनियादी ढांचा, स्टार्ट-अप और नवाचार जैसे क्षेत्रों में अपनी शक्तियों का उपयोग कर एक समावेशी और सतत विकास मॉडल तैयार कर रहा है, ताकि सभी लाभान्वित हों। उन्होंने कहा कि भारत इन प्रयासों में पुर्तगाल को अपना सहयोगी मानता है।
7. राष्ट्रपति ने यूरोपीय संघ के साथ भारत के संबंधों को बढ़ावा देने में पुर्तगाल की भूमिका की सराहना की। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पुर्तगाल की यूरोपीय संघ की अध्यक्षता के दौरान ही वर्ष 2000 में पहले भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन का आयोजन हुआ था और मई 2021 में एक बार फिर पुर्तगाली अध्यक्षता के तहत पुर्तगाल में ऐतिहासिक "भारत-यूरोपीय संघ प्लस 27" नेतृत्व शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया।
8. राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भारत और पुर्तगाल के द्विपक्षीय संबंध और भी घनिष्ठ तथा व्यापक होंगे, यह न केवल हमारे लोगों के लिए, बल्कि पूरे विश्व के लिए लाभकारी होगा।
लिस्बन
08 अप्रैल 2025