सबसे पहले मैं यह कहना चाहूंगा हूं कि आपसे दोबारा मिलकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है, और हम कुछ महीने पहले ही क्वाड के दौरान वॉशिंगटन में मिले थे, यहां तक कि पिछले कुछ महीनों से मुझे यह महसूस हो रहा है कि हमारे संबंधों में काफी अच्छी प्रगति हुई है।
2. हमारे प्रधानमंत्रियों- प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री इशिबा को पिछले महीने, कनाडा में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान बातचीत करने का मौका मिला था, और अब हम जापान में होने वाले अपने वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारी कर रहे हैं, और हमें पूरा विश्वास है कि हम अपने संबंधों की गतिशीलता और गुणवत्ता को बढ़ा सकते हैं।
3. महामहिम, हमारी खास, रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी पिछले कुछ वर्षों में प्रगाढ़ हुई है। यह परस्पर विश्वास और एक-दूसरे के प्रति सम्मान, तथा एक मुक्त व खुले हिंद-प्रशांत और नियम-आधारित व्यवस्था की प्रतिबद्धता पर आधारित है, और हमारे द्विपक्षीय संबंध भी एक ही साथ में बढ़े हैं, जो ताकत से ताकत की ओर बढे हैं। मेरा मानना है कि आज हम इसकी समीक्षा करेंगे। हमारे राजनीतिक, सुरक्षा और रक्षा संबंधों, बढ़ते आर्थिक, बुनियादी ढांचे तथा निवेश संबंधों और भारतीय राज्यों और जापानी प्राथमिकताओं के बीच संबंधों में कुछ सकारात्मक प्रगति हुई है।
4. इसलिए, मैं आज सुबह आपके साथ हमारी साझेदारी को और आगे बढ़ाने के बारे में बहुत उपयोगी विचार-विमर्श करने की उम्मीद करता हूं, और एक बार फिर, आपका बहुत ही गर्मजोशी से हार्दिक स्वागत है।
वॉशिंगटन डी. सी।
जुलाई 01, 2025