प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के निमंत्रण पर मैं 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए जापान की दो दिवसीय यात्रा पर जा रहा हूं।
2. इस यात्रा के दौरान हम अपनी विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के अगले चरण को आकार देने पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जिसने पिछले ग्यारह वर्षों में स्थिरता के साथ महत्त्वपूर्ण प्रगति की है। हम अपने सहयोग को नई ऊंचाई तक पहुंचाने, आर्थिक व निवेश संबंधों के दायरे और महत्वाकांक्षाओं का विस्तार करने व कृत्रिम मेधा एवं सेमीकंडक्टर सहित नई और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। इस यात्रा से हमारे सभ्यतागत बंधन और सांस्कृतिक संबंधों को और मज़बूत बनाने के लिए ऐसे अवसर प्राप्त होंगे, जो दोनों देशों के लोगों को आपस में जोड़ने का काम करेंगे।
3. जापान से मैं राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन जाऊंगा। भारत एससीओ का सक्रिय और रचनात्मक सदस्य है। अपनी अध्यक्षता के दौरान, हमने नवाचार, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में नए विचार प्रस्तुत किए हैं और सहयोग की पहल की है। भारत साझा चुनौतियों का समाधान करने और क्षेत्रीय सहयोग को प्रगाढ़ करने के लिए एससीओ सदस्यों के साथ मिल-जुलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। मैं शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग राष्ट्रपति पुतिन और अन्य नेताओं से मिलने के लिए भी उत्सुक हूं।
4. मुझे विश्वास है कि जापान और चीन की मेरी यात्राएं हमारे राष्ट्रीय हितों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाएंगी तथा क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति, सुरक्षा और सतत विकास को आगे बढ़ाने में फलदायी सहयोग के निर्माण में योगदान देंगी।
नई दिल्ली
28 अगस्त 2025