प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी आज चतुर्थ भूटान नरेश महामहिम जिग्मे सिंग्ये वांगचुक की 70वीं जयंती के अवसर पर थिम्पू के चांगलिमथांग स्टेडियम में आयोजित समारोह में भूटान नरेश, शाही परिवार, सरकार और भूटान के लोगों के साथ शामिल हुए। इस अवसर पर, भूटान नरेश महामहिम जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने दिल्ली विस्फोट के पीड़ितों की स्मृति में सामूहिक प्रार्थना का नेतृत्त्व किया।
2. प्रधानमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया और भूटान के चतुर्थ नरेश तथा वहां की जनता को भारत ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने चतुर्थ नरेश के परिवर्तनकारी कार्यकाल पर प्रकाश डाला, जिसके दौरान भूटान एक आधुनिक राष्ट्र तथा संवैधानिक लोकतांत्रिक राजतंत्र के रूप में उभरा। चतुर्थ नरेश के नेतृत्त्व में भूटान ने आर्थिक विकास और स्थिरता को मिलाकर सकल राष्ट्रीय प्रसन्नता की अनूठी अवधारणा पेश की।
3. प्रधानमंत्री ने भारत और भूटान के बीच विशेष मैत्री में उनके अमूल्य योगदान के लिए भूटान के चतुर्थ नरेश को धन्यवाद दिया। महामहिम चतुर्थ नरेश ने वर्षों से द्विपक्षीय सहयोग के सभी क्षेत्रों में भारत-भूटान साझेदारी को व्यक्तिगत रूप से आकार दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के संबंध महामहिम की बुद्धिमानी भरे परामर्श और मार्गदर्शन से लाभान्वित होते रहेंगे।
4. प्रधानमंत्री ने भूटान के चतुर्थ नरेश के रूप में देश की शानदार विरासत को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने में महामहिम की दूरदर्शिता और दृढ़ प्रयासों की सराहना की। उन्होंने महामहिम के नेतृत्त्व में भूटान की उल्लेखनीय प्रगति तथा भारत और भूटान के बीच स्थायी मैत्री और घनिष्ठ साझेदारी को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री के संपूर्ण संबोधन को आप यहां देख सकते हैं (Link)
थिम्पू
11 नवम्बर, 2025