आज मैं हैशमाइट किंगडम ऑफ जॉर्डन, फेडरल डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ इथियोपिया और सल्तनत ऑफ ओमान, तीन देशों की यात्रा पर जा रहा हूं। ये तीनों ऐसे देश हैं जिनके साथ भारत के व्यापक समकालीन द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ पुराने सभ्यतागत संबंध हैं।
2. सबसे पहले, मैं महामहिम किंग अब्दुल्ला II इब्न अल हुसैन के निमंत्रण पर जॉर्डन जाऊंगा। यह ऐतिहासिक यात्रा हमारे दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 साल पूरे होने का प्रतीक होगी। अपनी यात्रा के दौरान, मैं महामहिम किंग अब्दुल्ला II इब्न अल हुसैन, जॉर्डन के प्रधानमंत्री महामहिम श्री जाफर हसन के साथ विस्तृत चर्चा करूंगा और महामहिम क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्ला II के साथ भी मुलाकात करूंगा। अम्मान में, मैं जीवंत भारतीय समुदाय से भी मिलूंगा, जिन्होंने भारत-जॉर्डन संबंधों में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है।
3. अम्मान से, इथियोपिया के प्रधानमंत्री महामहिम डॉ. अबी अहमद अली के निमंत्रण पर मैं फेडरल डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ इथियोपिया की अपनी पहली यात्रा पर रहूंगा। अदीस अबाबा अफ्रीकी संघ का मुख्यालय भी है। 2023 में भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को जी-20 के स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किया गया था। अदीस अबाबा में, मैं महामहिम डॉ. अबी अहमद अली के साथ विस्तार से बातचीत करूंगा और वहां रहने वाले भारतीय समुदाय से मिलने का भी अवसर मिलेगा। मुझे संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने का भी सौभाग्य मिलेगा, जहां मैं "लोकतंत्र की जननी” के रूप में भारत की यात्रा और भारत-इथियोपिया साझेदारी ग्लोबल साउथ के लिए क्या मायने रखती है, इस पर अपने विचार साझा करने के लिए उत्सुक हूं।
4. अपनी यात्रा के आखिरी पड़ाव में मैं ओमान सल्तनत का दौरा करूंगा। मेरी यह यात्रा भारत और ओमान के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 70 साल पूरे होने का प्रतीक होगी। मस्कट में, मैं ओमान के महामहिम सुल्तान के साथ वार्ता करने के लिए अत्यधिक उत्सुक हूं और आशा करता हूं कि इससे हमारी रणनीतिक साझेदारी के साथ-साथ वाणिज्यिक और आर्थिक संबंध और भी मज़बूत होंगे। मैं ओमान में भारतीय समुदाय की एक सभा को भी संबोधित करूंगा, जिसने देश के विकास और हमारी साझेदारी को बढ़ाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है।
नई दिल्ली
15 दिसम्बर 2025