नमस्कार,
तीन देशों की यात्रा के आखिरी पड़ाव पर, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कल, 17 दिसम्बर 2025 की दोपहर को ओमान सल्तनत पहुंचे। प्रधानमंत्री ने ओमान के सुल्तान, महामहिम सुल्तान हैथम बिन तारिक के निमंत्रण पर 17-18 दिसम्बर को ओमान का दौरा किया।
मस्कट हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री का स्वागत ओमान के उप-प्रधानमंत्री और रक्षा मामलों के मंत्री, महामहिम सैयद शिहाब बिन तारिक अल सईद ने किया। उप-प्रधानमंत्री के साथ ओमान के अन्य कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
17 दिसम्बर की शाम को रक्षा मामलों के उप-प्रधानमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री के सम्मान में एक भोज आयोजन किया गया।
प्रधानमंत्री ने 18 दिसम्बर को महामहिम सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं के बीच एकांतिक वार्ता हुई, जिसके बाद प्रतिनिधि स्तर की वार्ताएं हुईं। याद रहे कि ओमान के सुल्तान महामहिम ने दिसम्बर 2023 में भारत का दौरा किया था। यह प्रधानमंत्री का ओमान का दूसरा दौरा है, पिछली यात्रा फरवरी 2018 में हुई थी। यह दौरा विशेष महत्त्व का है क्योंकि भारत और ओमान अपने द्विपक्षीय कूटनीतिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।
आज की बातचीत के दौरान, दोनों नेताओं ने भारत और ओमान के बीच द्विपक्षीय संबंधों की उत्कृष्ट स्थिति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने महसूस किया कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी कई क्षेत्रों में मज़बूत हो रही है, जिनमें वाणिज्य, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कृषि, संस्कृति और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संबंध शामिल हैं। उन्होंने संयुक्त दृष्टि दस्तावेज़ के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की, जिसे ओमान के सुल्तान महामहिम के दिसम्बर 2023 में भारत दौरे के दौरान अपनाया गया था। दोनों नेताओं ने यह भी उल्लेख किया कि आज संबंध बहुआयामी साझेदारी में बदल चुके हैं।
भारत और ओमान के बीच दीर्घकालिक ऐतिहासिक संबंधों और सभ्यतागत जुड़ाव को देखते हुए, महामहिम सुल्तान हैथम बिन तारिक ने माननीय प्रधानमंत्री को ओमान का सर्वोच्च सम्मान प्रदान किया।
दोनों नेताओं ने आपसी हितों के क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचारों का आदान-प्रदान किया। गाज़ा में मानवीय स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए और नागरिकों तक मानवीय सहायता की सुरक्षित और समय पर पहुंच सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए, दोनों नेताओं ने गाज़ा शांति योजना के पहले चरण पर हस्ताक्षर का स्वागत किया और इसे समर्थन देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। नेताओं ने आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों की निंदा की और इस बात की पुष्टि की कि आतंकवादी कृत्यों के लिए कोई भी औचित्य कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता।
प्रधानमंत्री ने ओमान में 675,000 से ज़्यादा भारतीय समुदाय के सदस्यों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए ओमान के सुल्तान को धन्यवाद भी दिया।
इस यात्रा के दौरान भारत और ओमान ने कई समझौते और समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। इस यात्रा के दौरान भारत-ओमान समग्र आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर हस्ताक्षर द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों में एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर हैं। उम्मीद की जा रही है कि यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार के विकास के लिए अनुकूल वातावरण बनाने और नए आर्थिक अवसर खोलने में मदद करेगा। यात्रा के अंत में एक संयुक्त बयान भी जारी किया गया। ओमान के महामहिम सुल्तान ने प्रधानमंत्री के सम्मान में एक भोज का भी आयोजन किया।
आज सुबह,प्रधानमंत्री ने भारत-ओमान व्यापार मंच को संबोधित किया, जिसमें दोनों देशों के व्यापारिक नेता उपस्थित थे। इस मंच पर भारत और ओमान दोनों के व्यापार प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जो ऊर्जा, कृषि, लॉजिस्टिक्स, अवसंरचना, विनिर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य और संपर्क जैसे कई क्षेत्रों को कवर करते हैं।
व्यापार मंच में अपने संबोधन के बाद, माननीय प्रधानमंत्री ने एक सामुदायिक कार्यक्रम में शिरकत की, जहां उन्होंने ओमान में विद्यार्थियों और भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत की। इस कार्यक्रम में 3000 से अधिक लोग उपस्थित थे, जिनमें 700 से अधिक विद्यार्थी भी शामिल थे। प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम में भारतीय समुदाय को संबोधित किया।
ओमान की अपनी अत्यंत सफल यात्रा के समापन के बाद, माननीय प्रधानमंत्री 18 दिसम्बर की दोपहर को भारत के लिए रवाना हुए। धन्यवाद।
मस्कट
18 दिसम्बर 2025