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भारत परिप्रेक्ष्य

भारतीय संदर्श विदेश मंत्रालय का फ्लैगशिप प्रकाशन है। यह पत्रिका हमारे पाठकों को समकालीन भारत के बारे में जानकारी प्रदान करने के साथ ही भारत की संस्कृति एवं परंपराओं का भी बोध कराती है।

  • भारतीय परिप्रेक्ष्य जनवरी - फरवरी 2017

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    भारतीय सिनेमा के महानायक श्री अमिताभ बच्चन ने अपनी फिल्मों के अतिरिक्त अब वास्तविक जीवन में भी महिलाओं के अधिकार के लिए अपनी आवाज़ उठाई है | भारत परिप्रेक्ष्य के इस संस्करण में हमने उस महान कलाकार का साक्षात्कार प्रस्तुत किया है जो भारतीय सिनेमा में सर्वोच्च स्थान पर पदासीन रहे है |

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  • भारतीय परिप्रेक्ष्य सितंबर अक्टूबर 2016

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    इस वर्ष भारत के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की अफ्रीका महाद्वीप की यात्रा से यह सपष्ट हो गया है कि हमारा राष्ट्र अफ्रीका में अग्रसारित पुनरुत्थान में भागीदारी के लिए प्रतिबद्ध है I हम अपने साझेदारी संभाग में इस बात का पता लगा रहे हैं कि अफ्रीका में किस प्रकार से विकास प्रमुख रूप से गतिमान है और विशव की तीव्रता से विकसित होने वाली अर्थव्यवस्था अफ्रीका महाद्वीप में स्वीकार हो रही हैं I

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  • भारतीय परिप्रेक्ष्य जुलाई - अगस्त 2016

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    भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मई में की गई अमेरिका, ईरान एवं अफ़गानिस्तान की यात्रा से विदेश नीति के स्तर पर प्रगति हुई I श्री मोदी की अमेरिकी यात्रा से दोनों राष्ट्रों के आपसी संबंधों में एक नए अध्याय के आरंभ होने के संकेत प्राप्त हुए और प्रगतिशील उपलब्धि मिली जिसने भारत-अमेरिका के मध्य रणनीतिक साझेदारी में नई शक्ति एवं गति प्रदान की I प्रधानमंत्री श्री मोदी की ईरान यात्रा की अवधि में कई समझौते किये गए ।

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  • भारतीय परिप्रेक्ष्य मई - जून 2016

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    खाड़ी के आर्थिक रूप से सम्पंन रास्ट्र सऊदी अरब की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा पहली बार की गई यात्रा ने निस्चित रूप से भारत - सऊदी अरब के मध्य हुए रजनीतिक, आर्थिक एबं ऊर्जा से सम्बंधित हुए समझौते को सृद्ढता प्रदान की । श्री मोदी की यह यात्रा किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यात्रा के छः साल पश्चात गई यात्रा थी । इससे पूर्ब श्री मोदी ने नवंबर 2014 में ब्रिस्बेन में जी 20 सम्मलेन से इतर सऊदी के राजा सलमान बिन अब्दुल अजीज सउद से भेट की थी । तत्पष्चात दोनों राष्ट्रों ने आपसी सम्बन्धो को सृद्ढ करने की दिशा में सार्थक प्रयास किये जाते रहे है । हाल की यात्रा के समय पेट्रोलियम, अक्षय ऊर्जा , आधारभूत सुभिधए, रक्षा, बैंकिंग एबं कृषि के एरिया में प्राप्त होने बाले अबसरो एबं सम्भबनओ पर बिचार - बिमर्श किया गया ।

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  • भारतीय परिप्रेक्ष्य मार्च - अप्रैल 2016

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    भारत एवं फ्रांस की सभ्यता के मध्य दीर्घकालीन संबंध मुग़लकालीन शासकों से लेकर दो विश्वयुद्धों के समय से सुदृढ़ है जब सैकड़ों भारतीय सैनिकों ने फ्रांसीसी क्षेत्रों की सुरक्षा की थी । ये पारस्परिक संबंध तब और भी सुदृढ़ हुए जब संकट के समय भारत एवं उसकी सम्प्रभुत्ता से संबंधित चिंताओं के परिवेश में फ्रांस के द्विपक्षीय विषयों में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिल रहा है ।

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  • नवंबर-दिसंबर 2015, खंड 29, अंक 6

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    भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा से भारत-अमेरिका के आपसी संबंधों में एक नया अध्याय सम्मिलित हो गया है । न्यूयॉर्क में आयोजित यूनाइटीड नेशंस सस्टेनेबल डेवलेपमेंट समिट में श्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तीव्र गति से सुधर एवं प्रदान करने पर बल दिया। भारत ने दूसरे देशो से संबंधो के इतिहास में एक और उपलब्धि यह रही की प्रधानमंत्री ने यहा आयोजित फोरम फॉर इंडिया-पसिफ़िक आइलैंड कोऑपरेशन (एफआईपीआईसी) समिट में प्रशांत क्षेत्र के इन द्वीप राष्ट्रों का भविष्य एक दूसरे के साथ अंतरनिहित है । श्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक अवसरों का केंद्र इस क्षेत्र में परिवर्तित होने की बात कही । व्यापार एवं स्तिथियों में उत्थान में शीघ्र ही नई दिल्ली में एफआईपीआईसी का कार्यालय खोला जायगा ।

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  • सितम्बर-अक्टूबर 2015, खंड 29, अंक 5

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    भारत को ऊफ़ा सम्मलेन के समय शंघाई कोऑपरेशन आर्गेनाइजेशन का स्थायी सदस्य बनाना हमारे लिए किसी उपलब्धि से काम नहीं है । इससे निश्चित रूप से भारत को अपने पड़ोसियों से आपसी सम्बन्ध सुदृढ़ करने की दिशा में अधिक सहयोग मिलेगा । भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का रूस में आयोजित एससीओ में भाग लेना एवं मध्य एशिया के पांच देशों की यात्रा करना सामरिक महत्व एवं संसाधनों से समृद्ध देशों से बहुपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ बनाने का आधार सिद्ध होगा ।

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  • जुलाई - अगस्त 2015, खंड 29, अंक 4

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    भारत में मौसम बदल रहा है और मानसून आ गया है। ऐसे में हमारे पास प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की सफलता का उत्सव मनाने का पर्याप्त कारण है। पिछले वर्ष भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने २१ जून को यह विशेष दिवस मनाने की घोषणा की थी और सयुंक्त राष्ट्र संघ की महासभा में १७७ देशों ने प्रस्ताव पारित कर इसे सह प्रायोजित किया एवं सभी सदस्य देशों ने इसे अपना समर्थन दिया। इस विशेष दिवस की सफलता सर्वश्रेष्ठ प्रकार से मनायी गई। इस अवसर पर १९० देशों के २५० से अधिक शहरों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गए ।

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  • मई - जून 2015, खंड 29, अंक 3

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    द्विपक्षीय मोर्चे पर, सेशेल्स प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की हाल की यात्रा शामिल है कि सागर यात्रा, मॉरीशस और श्रीलंका हिंद महासागर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के विकास में भारत की ओर से एक और अधिक सक्रिय भूमिका की परिकल्पना की गई। परियोजना मौसम - हिंद महासागर के देशों में लंबे समय से खो संबंधों को फिर से जगाने में लग रहा है कि विचाराधीन एक और महत्वपूर्ण उपक्रम है। प्रधानमंत्री की पहल 'भारत में बना' बेंगलुरू में महत्वपूर्ण एयरो इंडिया 2015, भारतीय और विदेशी एयरोस्पेस कंपनियों के लिए एक शो के साथ एक बढ़ावा मिला। इस बीच, सीमा हाट बांग्लादेश के साथ त्रिपुरा के व्यापार संबंधों के निर्माण के लिए खोला जा रहा है।

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  • मार्च - अप्रैल 2015, खंड 29, अंक 2

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    प्रत्येक दिन व्यतीत होने के साथ ही देश को डिजिटल रूप से संपन्न बनाने के लिए भारत सरकार की पहल मूर्तरूप लेने लगी है। हम इस दिशा में हो रही प्रगति का अवलोकन कर रहे हैं जिसके अंतर्गत डिजिटल सम्बन्धी सभी नवीन योजनाओं को एकीकृत एवं समक्रमिक बनाने की प्रक्रिया आरम्भ की गई ताकि उज्जवल भविष्य के लिए यह समय पर क्रियान्वित हो सकें और इनका व्यापक प्रभाव हो सके।

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  • जनवरी-फरवरी 2015, खंड 29, अंक 1

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    ​ऑस्ट्रेलिया मे G-20, म्यांमार मे आसियान देशो और नेपाल मे सार्क देशो के सम्मेलन मे सक्रिय रूप से हिस्सा लेकर भारत ने समस्त विश्व को दिखा दिया की वह अंतराष्ट्रीय परिवेश को सुव्यवस्थित करने हेतु एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने को तैयार है। वही भारतीय तकनीक एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम ने अपने गठन के 50 वर्ष पूरे कर लिए है। इस अवधि मे विकासशील देशो के नागरिकों को प्रतिभा मे दक्ष करने का बीड़ा उठाया था।

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  • नवंबर-दिसंबर 2014, खंड 28, अंक 5

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    भारत की सुद्रढ अर्थव्यवस्था मे विश्व के दूसरे देशो का विश्वास बढ़े और वे हमारे देश की आधारभूत सुविधाओ का लाभ उठा सके, इसलिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही मे ‘मेक इन इंडिया’ अभियान आरंभ किया है। इसका मुख्य उद्देश्य अंतराष्ट्रीय कंपनियो को भारत आमंत्रित करना है ताकि वे उत्पादन इकाइयां यहा स्थापित कर सके जिससे भारत विश्व उत्पादन का केंद्र बन जाए ।

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  • सितंबर अक्टूबर 2014, खंड 28, अंक 4

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    पीएसएलवी-सी23 का प्रारंभ, जिसने इस परिक्रमा पथ में पांच विदेशी उपग्रह रखे जो इस तथ्य का प्रमाण है। इस अंक में .. इस मुद्दे पर ओर पढ़ें । इस अंक में भारत के प्रगतिशील राज्यों में से एक अरुणाचल प्रदेश पर फोकस किया है जिसने हाल ही में अपनी पहली रेलवे लाइन बनाई है और जिसका खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने का लक्ष्य है। हमने विदेश मंत्रालय,के नवीनतम पहल एक विश्व कोश शीर्षक ‘’भारत और चीन के सांस्‍कृतिक संपर्क’’ की समीक्षा की है जिसमें भारत चीन संबंधों के इतिहास को गहराई को प्रस्‍तुत किया है ।​

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  • जुलाई-अगस्‍त: खंड 28, अंक 03

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    एक नए युग की शुरूआत हो गई है क्‍योंकि भारत के 15वें प्रधानमंत्री ने शपथ ले ली है। अपने दम पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को स्‍पष्‍ट बहुमत दिलाने वाले पहले नेता नरेंद्र मोदी ने नई दिल्‍ली स्थित राष्‍ट्रपति भवन में 26 मई, 2014 को शपथ ली।

    15 अगस्‍त को भारत का 68वां स्‍वतंत्रता दिवस मनाने के लिए, हम स्‍वतंत्रता आंदोलन से जुड़े 5 प्रतिष्ठित स्‍थानों को दर्शाएंगे। यह भारत की खोज करने का उपयुक्‍त समय है। हमने हिमसागर एक्‍सप्रेस, जो भारत की सबसे लंबी एक्‍सप्रेस में से एक है, के मार्ग का अनुसरण किया है तथा मार्ग में स्थित 5 रेलवे स्‍टेशनों पर मानसून की सर्वोत्‍तम खातिरदारी को उजागर किया है। आप भारत के रंगों - जम्‍मू एवं कश्‍मीर के असली सफेद रंगों से लेकर केरल के सघन हरे अप्रवाही जल पर केंद्रित एक विशेष फोटो विशेषता में भारत की सुंदरता एवं कई अन्‍य चीजों को महसूस करेंगे। ​

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  • मई - जून, 2014 : अंक 28 संख्‍या 02

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    इस संस्‍करण में हम इस बात की चर्चा करेंगे कि भारत अफ्रीका परियोजना भागीदारी पर 10वीं सी आई आई – एग्जिम बैंक कांक्‍लेव में बढ़ रहे व्‍यापारिक अवसरों के संदर्भ में और अधिक तेजी लाने के लिए उप – सहारान अफ्रीका के साथ भारत के संबंध किस प्रकार से मज़बूत हुए हैं। यह मुद्दा श्रीलंका में भारत के प्रयासों को भी उजागर करता है, जिसमें गृह निर्माण, मानवीय सहायता, चिकित्‍सा उपस्‍करों की आपूर्ति और कृषि संबंधी कार्यान्‍वयन शामिल है। 29 मई को संयुक्‍त राष्‍ट्र पेस मेकरों के अंतर्राष्‍ट्रीय दिवस के अवसर पर हम पेस मेकिंग की दिशा में वैश्विक स्‍तर पर भारत के प्रयासों की चर्चा करेंगे।

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  • मार्च-अप्रैल, 2014 : खंड 28, अंक-1

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    भारत परिप्रेक्ष्‍य के इस अंक में, हमने अपने अवसंरचना विकास पर ध्‍यान केंद्रित किया है क्‍योंकि हमने नया टर्मिनल 2, मोनो रेल एवं बांद्रा-वर्ली समुद्री लिंक सहित मुंबई के आधुनिक प्रगति को उजागर करते हुए एक विराट दृश्‍य प्रस्‍तुत किया है। मार्च वसंत ऋतु और रंगों के त्‍यौहर होली के आगमन की भी सूचना देता है। हमारे पास भारत के शीर्ष कलाकार हैं – नीलाद्री पॉल, नरेश कपुरिया, सीमा कोहली, वेद नायर और सुदीप रॉय – जो इस पर्व के बारे में अपनी अनोखी व्‍याख्‍या प्रस्‍तुत कर रहे हैं। इसके अलावा, हमने गुड फ्राइडे, ईस्‍टर और लेंट पर भी गहराई से चिंतन किया है जो पूरे भारत में ईसाइयों के बहुत मायने रखते हैं।

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  • नवबंर – दिसंबर, 2013 : खंड 27, अंक-5

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    25 साल पहले हमने यात्रा शुरू की थी। हमारे लिए विदेश मंत्रालय में यह अधिक उपयुक्त जिम्मेदारी थी क्योंकि हमें भारत एवं इसके अनेक रंगों को पूरी दुनिया तक पहुंचाना था।

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  • सितंबर – अक्टूबर, 2013 : खंड 27, अंक-4

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    महात्मा गांधी जी के मशहूर शब्द भारत के स्वतंत्रता संग्राम के लिए इस वास्तविक दृष्टिकोण को संप्रेषित करते हैं। वास्तव में मन की आजादी ने ही लोगों की आजादी एवं भारत की आजादी का निर्माण किया।

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  • जुलाई – अगस्त, 2013 : खंड 27, अंक-3

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    इस विख्यात पद में भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को उपदेश देते हैं कि जीवन अन्‍न से पैदा होता है, अन्‍न वर्षा से पैदा होता है, वर्षा यज्ञ करने से होती है।

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  • मई – जून, 2013 : खंड 27, अंक-2

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    भारत में गर्मियों का मौसम आ गया है। पारा का स्तर ऊपर चढ़ रहा है तथा लोग इन बढ़े हुए दिनों का अधिकतम उपयोग करने में व्यस्त हैं। यह आम, तरबूज, शीतल पेय तथा कुछ मानसून पूर्व बरसात का आनंद लेने का समय है।

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