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आधिकारिक प्रवक्ता द्वारा वर्चुअल साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग की प्रतिलिपि (जुलाई 02, 2021)

जुलाई 02, 2021

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता:आप सभी को शुभ संध्या। नमस्कार। इस सप्ताह की मीडिया ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए धन्यवाद। हमेशा की तरह, हमारे पास रोचक प्रश्न है, मैं अब यतिन से कहूँगा की वे अब हमे इन प्रश्नों पर ले चले।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): कोविशील्ड को कई यूरोपीय देशों द्वारा अलग से मान्यता दी जा रही है। कोवैक्स के बारे में क्या प्रयास किए जा रहे हैं और क्या कोवैक्स किसी भी देश द्वारा मान्यता प्राप्त है?(प्रश्न हिंदी में पूछा गया) प्रिंट से नयनिमा पूछ रही हैं, "कुल कितने यूरोपीय देशों ने भारत के टीकों को स्वीकार किया है? क्या इस मामले को उच्चतम स्तर पर उठाया गया है? फाइनेंशियल एक्सप्रेस से हुमा पूछ रही हैं, लैटिन अमेरिका और कैरिबियन के कितने देश भारतीय टीकों को मान्यता प्रदान की हैं? क्या ऐसे देशों की सूची है?" और न्यूज पॉइंट से प्रवीण गौतम पूछ रहे हैं, जिन लोगों को भारत में कोवैक्सीन, कोविशील्ड खुराक लिया है, क्या उन्हें विदेश में फिर से एक और टीका प्राप्त करना होगा?(हिंदी में प्रश्न पूछा गया) मेरे पास न्यू इंडियन एक्सप्रेस से पुष्कर, गौतमलहिड़ी, विऑन से सिद्धांत, न्यूज नेशन से मधुरेंद्र और एनबीडी से नरेंद्रनाथ के भी ऐसे ही प्रश्न हैं ।

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता:हां, मुझे स्वाभाविक रूप से टीकों के मुद्दे में काफी रुचि दिखाई देता है। देखिए, हम समझते है कि यूरोपीय संघ ने ने एक तंत्र विकसित किया है जिसे आवाजाही के लिए यात्रा प्रतिबंध छूट यूरोपीय संघ का डिजिटल कोविड प्रमाण पत्र कहा जाता है। हमारी अपेक्षा है कि जिन भारतीयों को हमारे घरेलू टीकाकरण कार्यक्रम के माध्यम से टीका लगाया गया है, उनका यूरोपीय संघ में टीका लगाए गए लोगों के बराबर व्यवहार किया जाएगा। और कोविन टीकाकरण प्रमाण पत्र को यूरोपीय संघ द्वारा पारस्परिक आधार पर मान्यता दी जाएगी। जैसा कि आप जानते हैं, इस तरह के कोविन टीकाकरण प्रमाण पत्र को कोविन वेबसाइट पर ही प्रमाणित किया जा सकता है। हम पारस्परिक स्वीकृति के लिए इस संबंध में यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के संपर्क में हैं। मैं समझता हूं कि यूरोपीय संघ के कई देशों ने पहले ही इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाए हैं । लैटिन अमेरिका और कैरिबियन के बारे में एक प्रश्न था। मै यहाँ प्रमाणित शब्द का अभिप्राय नहीं समझ पा रहा हूँ। और जैसा कि आप जानते हैं, उस क्षेत्र में बड़ी संख्या में देश पहले से ही भारत निर्मित टीकों का उपयोग कर रहे हैं। और देशों की वह सूची सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है। विश्व भर के अन्य देशों द्वारा टीकाकरण मानदंडों और पुनर्टीकाकरण के मुद्दे के बारे में, मुझे डर है कि यह संबंधित देश पर निर्भर करेगा। तो मैं इसमें अभी और ज्यादा कुछ नहीं जोड़ सकता। यतिन।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर):द प्रिंट से नयनिमा पूछ रही है कि संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा वादा किए गए कोविड टीकों के आगमन की क्या स्थिति है? पीओ टीवी से मनीष गुप्ता पूछ रहे हैं, "भारत सबसे बड़ा टीका निर्माता है जिसमें आपातकालीन उपयोग, आयात और उत्पादन के लिए कई टीकों को मंजूरी दी गई है, भारतीय वैक्सीन निर्माण के लिए गति लाई जा रही है, भारत फिर से आवश्यक टीका की खुराक के साथ अन्य जरूरतमंद राष्ट्रों को टीका कब प्रदान करेगा? भारत को पहले टीका कूटनीति के लिए प्रशंसा की गई थी फिर टीका न देने के लिए दोषी ठहराया गया था, क्या इससे नीति प्रभावित हुई है? गौतमलाहड़ी पूछ रहे हैं, जैसा कि वित्त मंत्री ने पर्यटन क्षेत्र के लिए प्रोत्साहन की घोषणा की थी, क्या पर्यटक वीजा को फिर से खोलने की उम्मीद है? क्या एयर बब्ल की बहाली पर कोई अपडेट है? " सीएनएन न्यूज 18 से महा पूछ रहीं हैं, विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कॉवक्सिन की मंजूरी पर क्या प्रगति हुई है? और न्यूज़ नेशन से मधुरेंद्र का भी ऐसा ही प्रश्न है ।

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता:टीकों के मुद्दे पर जैसा कि मैंने पहले कहा है, सरकार देश में टीका की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सभी प्रयास कर रही है, चाहे वह घरेलू उत्पादन या आयात के माध्यम से हो। जहां तक विशिष्ट टीकों और भारत में उनके आयात की स्थिति का संबंध है, यह संबंधित विनियामक प्राधिकरणों के लिए एक मामला है। विदेशों में टीकों की आपूत के मुद्दे पर आगे बढ़ते हुए, मैं इस बात को दोहराता हूं कि वर्तमान में हमारी प्राथमिकता हमारे घरेलू टीकाकरण कार्यक्रम के लिए घरेलू उत्पादन को तीव्र करने पर बनी हुई है, जैसा कि आप जानते हैं कि तेजी से प्रगति हो रही है। और जहां तक भारत की यात्रा के मुद्दे का संबंध है, इन पर स्वास्थ्य मंत्रालय और गृह मंत्रालय द्वारा कार्रवाई की जा रही है । यदि इस संबंध में कोई अपडेट हुआ तो हम निश्चित रूप से आपके साथ साझा करेंगे। यतिन।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर):ट्रिब्यून से संदीप पूछ रहे हैं, क्या भारत पाकिस्तान के साथ जम्मू में संदिग्ध ड्रोन हमले की बात को उठाया है जैसा की सुरक्षा एजेंसियों को लश्कर ए तैयबा का हाथ होने का संदेह है? न्यूज नेशन से मधुरेंद्र पूछ रहे हैं, पाकिस्तान ने सीमा पार से जम्मू में हुए आतंकी ड्रोन हमले को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। भारत की क्या प्रतिक्रिया है?(प्रश्न हिंदी में पूछा गया) सीएनएन-न्यूज18 से आदित्य पूछ रहे हैं, पाकिस्तान को एक बार फिर एफएटीएफ से किसी तरह की राहत नहीं है। भारत अपनी धरती पर आतंक के वित्तपोषण के विरुद्ध कार्य करने पर एफएटीएफ को समझाने में पाकिस्तान की असमर्थता को कैसे देखता है? अरब न्यूज से संजय पूछ रहे हैं, पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में इमरान खान ने कहा कि इस्लामाबाद तब तक भारत के साथ संबंध बहाल नहीं करेगा जब तक नई दिल्ली कश्मीर पर अपने फैसले को पलट नहीं देती। इस पर कोई टिप्पणी? " न्यूज पॉइंट से प्रवीण गौतम, पीटीआई भाषा से दीपक रंजन के भी ऐसे ही प्रश्न हैं।

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता:धन्यवाद। जम्मू एयरफोर्स स्टेशन मामले के बारे में बात करें तो जांच चल रही है। जहां तक आतंकवाद और आतंक के वित्तपोषण का प्रश्न है तो हमारे पास शून्य सहिष्णुता की नीति है। हम आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की भर्तस्ना करते हैं। सभी देशों को आतंकवाद के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए, जिसमें आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही को समाप्त करना, आतंकवादी सुरक्षित क्षेत्र और बुनियादी ढांचे और उनके वित्तपोषण चैनलों को समाप्त करना शामिल है। इस संबंध में, हम पाकिस्तान से आह्वान करते हैं कि वह अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों से सक्रिय आतंकवादी नेटवर्कों और प्रोक्सीज़ के विरुद्ध विश्वसनीय, सत्यापनीय और अपरिवर्तनीय कार्रवाई करे और 26 नवंबर को हुए मुंबई हमले और पठानकोट हमले सहित आतंकवादी हमलों के दोषियों को सजा दिलाए ।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर):द प्रिंट से नयनिमा पूछ रही है, इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के अंदर ड्रोन कब दिखा था और क्या ऐसी और भी घटनाएं हैं? एनडीटीवी से उमाशंकर ने पूछा है, "क्या यह सच है कि पिछले शनिवार को भारतीय उच्चायोग, इस्लामाबाद के आवासीय ब्लॉक में एक पार्टी का आयोजन किया गया था और उस दौरान रात 10 बजे के आसपास एक ड्रोन ऊपर उड़ते हुए देखा गया था। भारत ने पाकिस्तान को जो आपत्ति दर्ज कराई है, वह किसी अन्य तारीख और समय पर देखे गए ड्रोन के बारे में है।(प्रश्न हिंदी में पूछा गया) सीएनएन-न्यूज़ 18 से आदित्य पूछ रहे हैं, क्या 26 जून की रात में भारतीय उच्चायोग के अंदर दो बार ड्रोन देखा गया था, क्या भारत जम्मू एयरफोर्स बेस ड्रोन हमले के संबंध में इस घटना की जांच कर रहा है, जो कुछ ही घंटों बाद हुआ? यूनीवार्ता से सचिन पूछ रहे हैं, (प्रश्न हिंदी में पूछा गया) शनिवार 26 जून को इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग में ड्रोन घुसपैठ की भी खबर आई है। उस घटना पर भारत सरकार ने क्या कदम उठाए हैं? हमारे पास एशियानेट से अनीश, इंडिया टीवी से विजयलक्ष्मी, पीटीआई भाषा से दीपक रंजन, विऑन से सिद्धांत, न्यूज नेशन से मधुरेंद्र, पीटीआई से मनेश, टाइम्स नाउ से श्रींजॉय और सीएनएन-न्यूज18 से महा के भी ऐसे ही प्रश्न है।

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता:इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के परिसर में इस वर्ष 26 जून को एक ड्रोन देखा गया था। इसे आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान सरकार के साथ उठाया गया है। हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान इस घटना की जांच करे और सुरक्षा के ऐसे उल्लंघन की पुनरावृत्ति को रोके। यतिन।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर):अरब न्यूज से संजय पूछ रहे हैं, पिछले सप्ताह अफगान पत्रकार सैमी यूसुफजई ने ट्वीट किया था कि भारतीय विदेश मंत्री ने तालिबान नेताओं के साथ मुलाकात की थी। यह तथ्य कितना सत्य है कि श्री जयशंकर ने हाल ही में दोहा में पारगमन पड़ाव के दौरान तालिबान नेताओं से मुलाकात की थी? भारत हमेशा यह दावा करता है कि वह अफगानिस्तान के सभी हितधारकों के संपर्क में है, नई दिल्ली तालिबान से क्या उम्मीद करता है, जो अफगानिस्तान में मुख्य हितधारकों में से एक है? विऑन से सिद्धांत पूछ रहें है, "हमने अफगानिस्तान में हमारे नागरिकों के लिए नई सुरक्षा परामर्श जारी किया है। इसके लिए कोई प्रमुख कारण? रक्षत न्यूज़ से रंजीत कुमार पूछ रहे हैं, अफगान शहरों पर तालिबानके बढ़ते नियंत्रण की खबरों को देखते हुए भारत अफगानिस्तान में मौजूदा सुरक्षा स्थिति को कैसे देखता है? नवभारत टाइम्स से नरेंद्रनाथ पूछ रहे हैं, (प्रश्न हिंदी में पूछा गया) भारत तालिबान के साथ संपर्क विकसित करने की कोशिश कर रहा है? हालांकि विदेश मंत्री ने किसी भी बैठक से इनकार कर दिया गया था, लेकिन क्या आधिकारिक स्तर पर किसी तरह की बातचीत हुई है? सीएनएन न्यूज 18 से आदित्य और पीटीआई भाषा से दीपक रंजन का भी ऐसा ही प्रश्न है।

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता:हमने कुछ पत्रकारों द्वारा विदेश मंत्री द्वारा तालिबान के साथ बैठक करने के बारे में ट्वीट के आधार पर कुछ मीडिया रिपोर्टें देखी हैं। चूंकि यह मुद्दा उठाया गया है, इसलिए मैं उन दावों से स्पष्ट रूप से इनकार करता हूं कि विदेश मंत्री ने तालिबान के किसी नेता से मुलाकात की। ऐसी कहानियां झूठी और उपद्रवी होती हैं। आपने 22 जून को विदेश मंत्री द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में दिए गए विस्तृत वक्तव्य को देखा होगा, जहां उन्होंने इन मुद्दों पर व्यापक रूप से बात की, जिसमें समावेशी, अफगान नेतृत्व, अफगान स्वामित्व वाली और अफगान नियंत्रित शांति प्रक्रिया द्वारा संचालित सतत शांति के लिए भारत का समर्थन शामिल है। हम सभी शांति पहलों का समर्थन करते हैं और विभिन्न हितधारकों के साथ वार्ता कर रहें हैं। जहां तक अफगानिस्तान में सुरक्षा स्थिति का संबंध है, हम स्पष्ट रूप से वहां बढ़ी हुई हिंसा से चिंतित हैं जिसके आधार पर हमने अफगानिस्तान में भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा परामर्श जारी किया है। यतिन।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): पीटीआई से मनाश पूछ रहे हैं, क्या मालदीव सरकार ने माले में भारतीय राजनयिकों को निशाना बनाते हुए स्थानीय मीडिया में सोशल मीडिया पोस्ट और लेखों के विरुद्ध मालदीव सरकार द्वारा कार्रवाई की मांग पर भारत को कोई प्रतीक्रिया दिया है?

श्री अरिंदबा बागची, आधिकारिक प्रवक्ता देखिए,मैं समझता हूं कि मालदीव के विदेश मंत्रालय ने आज इस मामले पर एक बयान जारी किया। मुझे लगता है मालदीव डेमोक्रेटिक पार्टी ने भी एक बयान जारी किया है; मुझे लगता है कि यहीं इस प्रश्न का उत्तर है।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): पीटीआई भाषा से दीपक रंजन ने पूछा है, ऐसी खबरें आ रही हैं कि डोमिनिका के प्रधानमंत्री ने भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी के कथित अपहरण में अपनी सरकार के शामिल होने के दावे को खारिज कर दिया है। इस पर मंत्रालय की क्या प्रतिक्रिया है और वर्तमान स्थिति क्या है? (प्रश्न हिंदी में पूछा गया) टाइम्स नाउ से श्रींजॉय पूछ रहे हैं, क्या हमारे पास चोकसी और नीरव मोदी पर अपडेट है?

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता:मेरे पास वास्तव में उन मामलों पर किसी पर भी तत्काल अपडेट नहीं है। हम निश्चित रूप से बारीकी से दोनों मामलों में चल रही कानूनी कार्यवाही की निगरानी कर रहे हैं । यदि हमारे पास कोई अपडेट होगा तो हम निश्चित रूप से आपसे साझा करेंगे। यतिन।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): मातृभूमि से बसंत पूछ रहे हैं, क्या विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने सोना तस्करी मामले में संयुक्त अरब अमीरात के पूर्व महावाणिज्य दूत और त्रिवेंद्रम में वाणिज्य दूतावास के अटासी से प्रश्न पूछने के लिए कस्टम विभाग के अनुरोध को संयुक्त अरब अमीरात को सौपा है? यदि हां, तो संयुक्त अरब अमीरात की प्रतिक्रिया क्या है?

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता:देखिए, यह एक ऐसा मामला है जिसे सीमा शुल्क प्राधिकारियों द्वारा संभाला गया है। और मैं आपको इस मुद्दे पर ब्यौरे के लिए उनसे संपर्क करने के लिए कहूँगा।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): फाइनेंशियल एक्सप्रेस से हुमा ने पूछा है, सचिव (आर्थिक संबंध) एफओसी के लिए घाना दौरे पर हैं। इस परामर्श का विषय क्या था?

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता:हां, विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) इस समय घाना सहित अफ्रीका के कुछ देशों के दौरे पर हैं, जहां वह विदेश कार्यालय परामर्श के भारतीय पक्ष की अध्यक्षता कर रहे हैं। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ती जाएगी, हम जानकारी साझा करते रहेंगे।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): गौतमलहिड़ी पूछ रहे हैं, क्या विदेश मंत्री ने दवाओं के लिए ट्रिप्स विनियमों का मुद्दा उठाया है, हम प्रतिबंधों को हटाने के लिए कितने आशावान हैं?

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता:देखिए, हम कोविड संबंधित ट्रिप्स छूट के लिए अपने प्रस्ताव को आगे बढ़ाना जारी रखे हुए हैं। और हम मूल्यशब्द आधारित वार्ताओं के लिए बड़े समर्थन के लिए आशावान हैं। हालांकि, मैं आपको इस मुद्दे पर नवीनतम अपडेट के लिए वाणिज्य मंत्रालय से संपर्क करने के लिए कहूँगा।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): एशियानेट से मनीष ने पूछा है, कोर कमांडर स्तर की बैठक का अगला दौर कब होगा? पीटीआई भाषा से दीपक रंजन पूछ रहे हैं (प्रश्न हिंदी में पूछा गया), डब्ल्यूएमसीसी स्तर की नवीनतम बैठक के बाद पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ चल रहे गतिरोध की वर्तमान स्थिति क्या है? टाइम्स नाउ से श्रींजॉय ने पूछा है, कमांडर कांफ्रेंस कब होने की संभावना है? अमर उजाला से शशिधर पाठक के भी ऐसा ही प्रश्न है।

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता:जैसा कि आप जानते हैं कि भारत चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र की 22वीं बैठक 25 जून को आयोजित की गई थी। दोनों पक्ष सभी संघर्ष बिंदुओं से पूर्ण रूप से डिसइंगेजमेंट के लिए पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान तक पहुंचने के लिए राजनयिक और सैन्य तंत्रों के माध्यम से बातचीत और संचार बनाए रखने पर सहमत हुए, ताकि शांति और सौहार्द को पूर्ण रूप से बहाल किया जा सके और द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति को सक्षम बनाया जा सके। उन्होंने इस बात पर भी सहमति व्यक्त कि अंतरिम तौर पर दोनों पक्ष जमीन पर स्थिरता सुनिश्चित करते रहेंगे और किसी भी अप्रिय घटना को रोकेंगे। दोनों पक्षों ने वरिष्ठ कमांडरों की बैठक के 12वें दौर के अगले हिस्से को शीघ्र आयोजित करने पर भी सहमति व्यक्त की । मेरे पास इस मीटिंग के लिए तारीख को लेकर कोई अपडेट नहीं है, जो अभी तय होना बाकी है। जब भी हमारे पास होगा हम आपके साथ साझा करेंगे ।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): आनंद बाजार पत्रिका से अग्नि रॉय पूछ रही हैं, क्या भारत ने सीपीसी के सौ वर्ष पूरा होने पर शी जिनपिंग सरकार को कोई बधाई या विशेष संदेश भेजा है?
श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता:मुझे नहीं लगता कि यह एक सरकारी मामला है जिसका मुझे जवाब देने की आवश्यकता है।

श्री यतिन पटेल, ओएसडी (पीआर): हमारे पास कोई और प्रश्न नहीं है ।

श्री अरिंदम बागची, आधिकारिक प्रवक्ता:धन्यवाद यतिन। हमारे साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के इस संस्करण में शामिल होने के लिए हमारे सभी दर्शकों को धन्यवाद। शुभ संध्या।

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